दांतो तले दबा कर होंठ-डोली १९६९
नहीं होते इसलिए सेमी-रैप सरीखे कुछ ही गीत बने.
लीक से हट कर, मीटर से बाहर और अटपटी लाइनों
वाले गीत बनाना काफी रिस्की होता था. आज के युग
में नहीं है. गीत जिन्हें गुनगुनाने में आसानी हो वही
जनता को ज्यादा लुभाते हैं.
आज सुनते हैं ऐसा ही एक गीत जिसे रफ़ी ने गाया है.
हालांकि गीत तुकबंदी में बंधा है मगर रूटीन गीतों से
अलग है. बोल एक बार फिर से राजेंद्र कृष्ण के हैं और
संगीत रवि का.
गीत के बोल:
दांतों तले दबा कर होंठ आँखें कर के बड़ी बड़ी
खा जायेगी मुझको ऐसे देख रही है खड़ी खड़ी
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना
दांतों तले दबा कर होंठ आँखें कर के बड़ी बड़ी
खा जायेगी मुझको ऐसे देख रही है खड़ी खड़ी
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना
फूलों का रस पी पी कर हुस्न पे रंगत आई है
आँख में फितने चाल क़यामत शोख तबीयत पाई है
नागिन जैसी बलखाती बिजली जैसी लहराती
नागिन जैसी बलखाती बिजली जैसी लहराती
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना
दांतों तले दबा कर होंठ आँखें कर के बड़ी बड़ी
खा जायेगी मुझको ऐसे देख रही है खड़ी खड़ी
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना
हंस हंस के ठुकराती जा तड़पेंगे तड़पाती जा
लेकिन ऐ ईमान की दुश्मन इतना तो समझाती जा
हंस हंस के ठुकराती जा तड़पेंगे तड़पाती जा
लेकिन ऐ ईमान की दुश्मन इतना तो समझाती जा
प्यार खड़ा है राहों में कब आयेगी बाहों में
प्यार खड़ा है राहों में कब आयेगी बाहों में
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना
दांतों तले दबा कर होंठ आँखें कर के बड़ी बड़ी
खा जायेगी मुझको ऐसे देख रही है खड़ी खड़ी
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना
उन्नीस ऊपर एक महीना उन्नीस ऊपर एक महीना
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Daanton tale daba kar-Doli 1969
Artist: Rajesh Khanna, Babita

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