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Sep 16, 2019

डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली-डोली १९६९

संगीतकार रवि के बहुत से गाने शादी-ब्याह के अवसर
पर बजाये जाते हैं: उदाहरण के लिए-

बाबुल की दुआएं लेती जा-नीलकमल
मेरा यार बना है दूल्हा-चौदहवीं का चाँद
आज मेरे यार की शादी है-आदमी सड़क का

आपको १९६९ की फिल्म डोली से एक गीत सुनवाते
हैं जिसे महेंद्र कपूर ने गाया है. ये गाना फिल्म का
टाईटल सॉंग भी है. राजेंद्र कृष्ण के बोल है और
इसे अभिनेत्री बबीता पर फिल्माया गया है. गीत
की एक पंक्ति सुहाग रात को भी समर्पित है और
बड़े सोबर तरीके से इस बात को कहा गया है.


   

गीत के बोल:

डोली चढ के दुल्हन ससुराल चली डोली चढ़ के
ओ डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली डोली चढ़ के
कैसी हसरत से बाबुल की देखे गली
डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली डोली चढ़ के

दिल ना माने मगर आज जाना भी है
अपने साजन से वादा निभाना भी है
दिल ना माने मगर आज जाना भी है
अपने साजन से वादा निभाना भी है
सामने एक नई जिंदगी है मगर
सामने एक नई जिंदगी है मगर
पीछे गुज़रा हुआ इक ज़माना भी है

डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली डोली चढ़ के
ओ कैसी हसरत से बाबुल की देखे गली
डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली डोली चढ़ के

डोलियाँ खुशनसीबों की सजती रहें
मेंहदियाँ सबके हाथों में रचती रहें
डोलियाँ खुशनसीबों की सजती रहें
मेंहदियाँ सबके हाथों में रचती रहें
फूल चेहरों के भी मुस्कुराते रहें
फूल चेहरों के भी मुस्कुराते रहें
चूडियाँ दुल्हनों की खनकती रहे

डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली डोली चढ़ के
ओ कैसी हसरत से बाबुल की देखे गली
डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली डोली चढ़ के

कोई घूंघट हटा देगा जब रात को
भूल जायेगी मैके की हर बात को
कोई घूंघट हटा देगा जब रात को
भूल जायेगी मैके की हर बात को
अपने राजा की बाहों में सो जायेगी
अपने राजा की बाहों में सो जायेगी
ले के पलकों में खुशियों की बारात को
डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली डोली चढ़ के
कैसे हसरत से बाबुल की देखे गली
डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली डोली चढ़ के
…………………………………………….
Doli chadh ke dulhan sasural chali-Doli 1969

Artists:

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Sep 14, 2019

आज मै देखूँ जिधर जिधर-डोली १९६९

सावन के अंधे को हरा हरा ही सूझता है. प्यार अंधा
होता है. अन्धों का हाथी बहुत बड़ा होता है. एक शब्द
है एबरेशन.

प्यार में मूली के पत्ता भी पालक नज़र आते हैं इसलिए
इस बात में कहानी की नायिका का कोई दोष नहीं कि
उसे दो दो चंद क्यूँ नज़र आने लगे.

प्यार के बुखार का का कन्फर्मेशन करने के लिए गाने
के बोल भी ऐसे होना चाहिए जो इस बात की पुष्टि करें.

गीत राजेंद्र कृष्ण का है और संगीत रवि का. इसे गा
रही हैं आशा भोंसले.



गीत के बोल:

आज मैं देखूं जिधर जिधर ना जाने क्यूँ उधर उधर
मुझे दो दो चाँद नज़र आयें मेहताब दर मेहताब
आज मैं देखूं जिधर जिधर ना जाने क्यूँ उधर उधर
मुझे दो दो चाँद नज़र आयें मेहताब दर मेहताब

मत छेड़ पवन मेरे गेसू अब और किसी की है ये खुशबू
मत छेड़ पवन मेरे गेसू अब और किसी की है ये खुशबू
देखा है कभी तूने भी उसे जो कर गया मुझपे जादू

आज मैं देखूं जिधर जिधर ना जाने क्यूँ उधर उधर
मुझे दो दो चाँद नज़र आयें मेहताब दर मेहताब

आज मैं देखूं जिधर जिधर ना जाने क्यूँ उधर उधर
मुझे दो दो चाँद नज़र आयें मेहताब दर मेहताब

बदला बदला है ज़माना हर साथ है एक तराना
बदला बदला है ज़माना हर साथ है एक तराना
क्यूँ मुझको यकीं आता ही नहीं ये सच है या ख्वाब सुहाना

आज मैं देखूं जिधर जिधर ना जाने क्यूँ उधर उधर
मुझे दो दो चाँद नज़र आयें मेहताब दर मेहताब

आँखों में कटेंगी न रातें अब होंगी किसी से बातें
आँखों में कटेंगी न रातें अब होंगी किसी से बातें
आयेगा कोई लायेगा कोई अब रंग भरी बरसातें
आज मैं देखूं जिधर जिधर ना जाने क्यूँ उधर उधर
मुझे दो दो चाँद नज़र आयें मेहताब दर मेहताब
……………………………………………………….
Aaj main dekhoon jidhar-Doli 1969

Artist: Babita

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Sep 11, 2019

दांतो तले दबा कर होंठ-डोली १९६९

प्योर रैप गाने साठ के दशक में शायद किसी को हजम
नहीं होते इसलिए सेमी-रैप सरीखे कुछ ही गीत बने.
लीक से हट कर, मीटर से बाहर और अटपटी लाइनों
वाले गीत बनाना काफी रिस्की होता था. आज के युग
में नहीं है. गीत जिन्हें गुनगुनाने में आसानी हो वही
जनता को ज्यादा लुभाते हैं.

आज सुनते हैं ऐसा ही एक गीत जिसे रफ़ी ने गाया है.
हालांकि गीत तुकबंदी में बंधा है मगर रूटीन गीतों से
अलग है. बोल एक बार फिर से राजेंद्र कृष्ण के हैं और
संगीत रवि का.



गीत के बोल:

दांतों तले दबा कर होंठ आँखें कर के बड़ी बड़ी
खा जायेगी मुझको ऐसे देख रही है खड़ी खड़ी
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना
दांतों तले दबा कर होंठ आँखें कर के बड़ी बड़ी
खा जायेगी मुझको ऐसे देख रही है खड़ी खड़ी
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना

फूलों का रस पी पी कर हुस्न पे रंगत आई है
आँख में फितने चाल क़यामत शोख तबीयत पाई है
नागिन जैसी बलखाती बिजली जैसी लहराती
नागिन जैसी बलखाती बिजली जैसी लहराती
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना

दांतों तले दबा कर होंठ आँखें कर के बड़ी बड़ी
खा जायेगी मुझको ऐसे देख रही है खड़ी खड़ी
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना

हंस हंस के ठुकराती जा तड़पेंगे तड़पाती जा
लेकिन ऐ ईमान की दुश्मन इतना तो समझाती जा
हंस हंस के ठुकराती जा तड़पेंगे तड़पाती जा
लेकिन ऐ ईमान की दुश्मन इतना तो समझाती जा
प्यार खड़ा है राहों में कब आयेगी बाहों में
प्यार खड़ा है राहों में कब आयेगी बाहों में
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना

दांतों तले दबा कर होंठ आँखें कर के बड़ी बड़ी
खा जायेगी मुझको ऐसे देख रही है खड़ी खड़ी
एक हसीना लगा है जिसको उन्नीस ऊपर एक महीना
उन्नीस ऊपर एक महीना उन्नीस ऊपर एक महीना
…………………………………………………….
Daanton tale daba kar-Doli 1969

Artist: Rajesh Khanna, Babita

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Sep 9, 2019

आज पिला दे साकी-डोली १९६९

फिल्मों के शराबी गीतों में भी अलग अलग फ्लेवर होता है.
कोई देसी ठर्रे वाली किक देता है तो कोई बीयर वाला हल्का
सुरूर. अब हर गाना तो वाईन और शेम्पेन वाला मज़ा नहीं
दे पायेगा. वैसे अधिकांश में आपको व्हिस्की या राम वाला
आनंद मिलेगा.

अब ब्रांड मत पूछने लग जाईयेगा मुझसे. और भी किस्में
पायी जाती है असव की मगर वो सब जानकारी अंग्रेजी वाले
महंगे ब्लॉग पर ढूँढें.

सुनते हैं राजेंद्र कृष्ण का लिखा गीत जिसे महेंद्र कपूर और
आशा भोंसले ने गाया है संगीतकार रवि की धुन पर.

प्रेम चोपड़ा पर फिल्माए गए कुछ रेयर गानों में से एक
है ये.




गीत के बोल:

आज पिला दे साकी अपनी आँखों के मयखाने से
होंठों के पैमाने से
आज पिला दे साकी अपनी आँखों के मयखाने से
होंठों के पैमाने से

आज है रात मुरादों की कुछ रंगीन इरादों की
कर भी दे तस्वीर मुकम्मिल चंद अधूरे वादों की
आज है रात मुरादों की कुछ रंगीन इरादों की
कर भी दे तस्वीर मुकम्मिल चंद अधूरे वादों की

आज पिला दे साकी अपनी आँखों के मयखाने से
होंठों के पैमाने से
आज पिला दे साकी अपनी आँखों के मयखाने से
होंठों के पैमाने से

सर्द है मौसम जोश में आ लहरा कर आगोश में आ
छेड़ के नगमा बेशोशी का ये मत कहना होश में आ
सर्द है मौसम जोश में आ लहरा कर आगोश में आ
छेड़ के नगमा बेशोशी का ये मत कहना होश में आ

आज पिला दे साकी अपनी आँखों के मयखाने से
होंठों के पैमाने से
आज पिला दे साकी अपनी आँखों के मयखाने से
होंठों के पैमाने से

गेसू खुले खुले से हैं मगर रंगत उड़ी उड़ी सी है
ए मेरी हमराज़ बता ये शोख शरारत किसकी है
गेसू खुले खुले से हैं मगर रंगत उड़ी उड़ी सी है
ए मेरी हमराज़ बता ये शोख शरारत किसकी है
टकराई है आँखें तेरी रात किसी बेगाने से
या अपने परवाने से
टकराई है आँखें तेरी रात किसी बेगाने से
या अपने परवाने से
……………………………………………
Aaj pila de saaki-Doli 1969

Artists: Prem Chopda, Nazima, Babita

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Sep 6, 2019

पहले झुक कर करो सलाम-डोली १९६९

हिंदी सिनेमा काफी समय तक पुरुष प्रधान सोच को
ही परदे पर दर्शाता रहा. त्याग, समर्पण, स्नेह, प्रेम
जैसे भाव नारियों के ही लिए हैं ये बतलाता रहा. कुछ
गिनी चुनी ही फ़िल्में आईं जिनमें वो प्रगतिशील दिखलाई
दी.

अनेक फिल्मों में सामाजिक कुरीतियों जैसे दहेज प्रथा
को दिखलाया जाता रहा मगर समस्या पूर्ती के अभाव
के साथ. विधवा विवाह पर भी कुछ सार्थक फ़िल्में बनी
मगर उनमें भी अभिव्यक्ति की हिचक कायम रही. फिल्म
का कमर्शियल पहलू कई बार विद्रोह और समाज सुधार
को दबे शब्दों में और प्रतीकात्मक तरीके से समझाता
है. इस डर से कि फिल्म की लागत निकालना मुश्किल
ना हो जाये.

इस फिल्म की नायिका समय के हिसाब से थोडा आगे
है और वो नौकरी भी करती है. घुट घुट के जीने और
रो कर जिंदगी गुज़ारने में उसका विश्वास नहीं है.

सुनते हैं आशा भोंसले की आवाज़ में ये मनोरंजक गीत



गीत के बोल:

हा हा हा हा
ना ना ना

पहले झुक कर करो सलाम फिर बतलाओ अपना नाम
अदब से बोलो क्या है नाम ओ मिस्टर गुलफ़ाम
याल्ला लू
पहले झुक कर करो सलाम फिर बतलाओ अपना नाम
अदब से बोलो क्या है नाम ओ मिस्टर गुलफ़ाम
याल्ला लू
पहले झुक कर करो सलाम

शाम सवेरे मेरी गली के सौ सौ फेरे क्या मतलब
अच्छी सूरत जहाँ भी देखी डाले डेरे क्या मतलब
शाम सवेरे मेरी गली के सौ सौ फेरे क्या मतलब
अच्छी सूरत जहाँ भी देखी डाले डेरे क्या मतलब
दिल भी देख लिया होता और फिर प्यार किया होता
तुम जैसे ही नाम वफ़ा का करते हैं बदनाम
याल्ला लू

पहले झुक कर करो सलाम फिर बतलाओ अपना नाम
अदब से बोलो क्या है नाम ओ मिस्टर गुलफ़ाम
याल्ला लू
पहले झुक कर करो सलाम

दिल के दरिया कितने गहरे नया खिलाड़ी क्या जाने
क्या होता है प्यार का जज़्बा कोई अनाड़ी क्या जाने
दिल के दरिया कितने गहरे नया खिलाड़ी क्या जाने
क्या होता है प्यार का जज़्बा कोई अनाड़ी क्या जाने
दिल घायल जब होता है प्यार जवां तब होता है
बहा बहा के फूल के आंसू भरता है ये जाम
याल्ला लू

पहले झुक कर करो सलाम फिर बतलाओ अपना नाम
अदब से बोलो क्या है नाम ओ मिस्टर गुलफ़ाम
याल्ला लू
पहले झुक कर करो सलाम
……………………………………………………..
Pehle jhuk kar karo salam-Doli 1969

Artist: Rajesh Khanna, Babita

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Jul 29, 2019

अंगना बोले काग रे-डोली १९४७

सुनते हैं सन १९४७ की फिल्म डोली से एक गीत शमशाद बेगम का
गाया हुआ. नाजिम पानीपती के बोल हैं और गुलाम मोहम्मद ने इसका
संगीत तैयार किया है. गुलाम मोहम्मद के संगीत से सजी अधिकाँश
फ़िल्में ओब्स्क्योर की केटेगरी में आती हैं. हिंदी का शब्द दुर्लभ थोडा
बेहतर है.

तुकबंदी की प्रेक्टिस करनी हो तो अपने इमेजिनेशन की किवडिया को
खोलना पड़ता है. जैसे इस गीत में ही अगर तीन पंक्तियाँ होती मुखड़े
में तो तीसरी पंक्ति में काग, बाग के बाद शायद साग आता. हो सकता
है भाग भी आता.





गीत के बोल:

अंगना बोले काग रे
उजड़ा मन का बाग रे
अंगना बोले काग रे
उजड़ा मन का बाग रे

सावन आया खिले बगीचे
सावन आया खिले बगीचे
देख रही हूँ आँख मीचे
देख रही हूँ आँख मीचे
आये मेरे भाग रे
आये मेरे भाग रे

अंगना बोले काग रे
उजड़ा मन का बाग रे

उन बिन सब कुछ सूना लागे
उन बिन सब कुछ सूना लागे
बिरहा का दुःख सूना लागे
बिरहा का दुःख सूना लागे
पड़ गए दिल में दाग रे
पड़ गए दिल में दाग रे

अंगना बोले काग रे
उजड़ा मन का बाग रे
…………………………………………………………….
Angna bole kaag re-Doli 1947

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Feb 24, 2018

सजना साथ निभाना- डोली १९६९

आपको समय समय पर लोकप्रिय गाने सुनवाए जाते हैं इधर
लोकप्रिय गीत सुनवाओ तो पब्लिक कहती है सारे कॉमन गाने
हैं. रेयर सुनवाओ तो बाकी की जनता उबासी और अंगडाईयां
लेने लगती है. इसलिए बैलेंस बनाना पढता है.

आज सुनते हैं फिल्म डोली से रफ़ी और आशा का गाया एक
अत्यधिक लोकप्रिय युगल गीत. राजेंद्र कृष्ण के बोलों को रवि
ने धुन पर तैराया है. गीत फिल्माया गया है राजेश खन्ना और
बबीता पर.



गीत के बोल:

सजना साथ निभाना
सजना साथ निभाना
साथी मेरी बहारों के
राह में छोड़ न जाना
सजना साथ निभाना
सजना साथ निभाना
साथी मेरी बहारों के
राह में छोड़ न जाना
सजना साथ निभाना

आ के चला जाए ज़माना जो बहार का
फूल मुरझाये ना तेरे-मेरे प्यार का
आ के चला जाए ज़माना जो बहार का
फूल मुरझाये ना तेरे मेरे प्यार का
आज के वादे सजना
आज की बातें सजना भूल न जाना
भूल न जाना

सजना साथ निभाना
सजना साथ निभाना
साथी मेरी बहारों के
राह में छोड़ न जाना
सजना साथ निभाना

वैसे तो हजारों नज़ारे मेरी राह में
एक बस तू ही समाया है निगाह में
वैसे तो हजारों नज़ारे मेरी राह में
एक बस तू ही समाया है निगाह में
प्यार की रस्में सजना
प्यार की कसमें सजना भूल न जाना
भूल न जाना

सजना साथ निभाना
सजना साथ निभाना
साथी मेरी बहारों के
राह में छोड़ न जाना

किसने साथ निभाया
किसने साथ निभाया
दिल को एक खिलौना समझा
खेला और ठुकराया
किसने साथ निभाया

कहां के ये वादे ये कसमें कहां की
कहां है वो दुनिया ये बातें हैं जहां की
कहां के ये वादे ये कसमें कहां की
कहां है वो दुनिया ये बातें हैं जहां की
झूठी नगरी झूठे जोगी
प्रीत भी बच्ची कैसे होगी अच्छा ढोंग रचाया
अच्छा ढोंग रचाया

किसने साथ निभाया
किसने साथ निभाया
दिल को एक खिलौना समझा
खेला और ठुकराया
किसने साथ निभाया
.......................................................................
Sajna saath nibhana-Doli 1969

Artists: Rajesh Khanna, Babita, Prem Chopra

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