तुम जो हुए मेरे हमसफ़र-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८
ट्वेल्व ओ क्लॉक से. फिल्म के साथ जी पी सिप्पी
और प्रमोद चक्रवर्ती जैसे नाम जुड़े हैं. सिप्पी ने इस
फिल्म का निर्माण किया है.
फिल्म की कथा का ताना बाना एक मर्डर मिस्ट्री और
उसकी गुत्थी सुलझाने के इर्द गिर्द बुना गया है. इस
फिल्म में नायिका पर आरोप लगता है और नायक
उसे बचने कि जद्दोजहद करता है. इसमें वो कितना
सफल होता है जानने के लिए देखें इस फिल्म को.
फिल्म में जॉनी वॉकर ने नायक के सहायक का रोल
किया है. सहायक अभिनेता जिसे अंग्रेजी वेबसाइटों
पर आपने साइड-किक पढ़ा होगा, वही.
गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसकी तर्ज़
तैयार कि है ओ पी नैयर ने. गीता दत्त संग रफ़ी ने
इसे गाया है.
गीत के बोल:
तुम जो हुए मेरे हमसफ़र रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये
तुम जो हुए मेरे हमसफ़र रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये
आया मज़ा लाया नशा
तेरे लबों की बहारों का रंग
मौसम जवाँ साथी हसीं
उस पे नज़र के इशारों का रंग
जितने भी रंग थे सब तेरी आँखों में ढल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये
क्या मंज़िलें क्या कारवाँ
बाहों में तेरी है सारा जहाँ
आ जाने जाँ चल दे वहाँ
मिल रहा जहाँ पे ज़मीं आसमाँ
मंज़िल से भी कहीं दूर हम आगे निकल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये
तुम जो हुए मेरे हमसफ़र रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये
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Tum jo hue mere hamsafar-12 O clock 1958
Artists: Guru Dutt, Waheeda Rehman

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