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Dec 7, 2019

अरे तौबा ये तेरी अदा-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

१९५८ की फिल्म ट्वेल्व ओ क्लॉक से अगला गीत पेश है
जिसके मुखड़े में हँसती बिजली और गाता शोला का जिक्र
है. सटीक बात है. हेलन के नृत्य और गीता दत्त की आवाज़
का कोई जोड़ हमें नहीं मिला आज तक.

मजरूह सुल्तानपुरी की रचना है जिसे ओ पी नैयर ने संगीत
से संवारा है. इस गीत में आपको मेरा नाम चिन चिन चू
की परछाई मिल जायेगी. दोनों फ़िल्में १९५८ की हैं. दोनों
गीतों की गायिका गीता दत्त हैं. संगीतकार भी वही हैं बस
गीतकार बदल गए हैं.






गीत के बोल:

अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा

मिलती झुकती सी आँखें रुकता चलता सा जादू
जिसके पहलू में दिल हो पाए वो कैसे काबू
उफ़ ये निगाहें लहराती बाहें उफ़ ये निगाहें लहराती बाहें
कहता है दिल आज के कुछ ऐसा वैसा होगा

अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा

थोडा सा आँखें डाले थोडा सा मुखडा खोले
ऐसी अदाओं पे तो दिल मेर यूँ यूँ डोले
तड़पे है घायल महफ़िल की महफ़िल
तड़पे है घायल महफ़िल की महफ़िल
कहता है दिल आज के कुछ ऐसा वैसा होगा

अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा

सॉरी सॉरी महफ़िल से नज़रें उल्फा ना देखो
आधी आधी रातों को जुल्फें बिखरा ना देखो
छाई सियाही आई तबाही छाई सियाही आई तबाही
कहता है दिल आज के कुछ ऐसा वैसा होगा

अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा
………………………………………………….
Are tauba-12 O clock 1958

Artists: Helen, Rehman

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Dec 5, 2019

देख इधर ए हसीना-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

जुल्फें ना हुई गोया कोई पेड़ की शाखें या झाडी हो
गई जो छाया भी देती हैं. जुल्फों की छांव पर हमारे
कवियों और गीतकारों के काफी तारीफ और उल्लेख
भरी कवितायेँ और गीत रच दिये.

नायक ने टोपी पहन राखी है फिर भी उसे गर्मी लग
रही है और वो जुल्फों के साये की डिमांड कर रह है.
ऐसे में तो उसे पुदीने वाला जलजीरा पीना चाहिए.
हाफ कट जुल्फों से भला कितनी छांव हो सकेगी?

हास्य गीत में हास्य के अलावा और क्या छुपा हो
सकता है ये समझना पड़ता है. कभी कभी ये व्यंग्य
हो सकता है तो कभी सहज बुद्धूपना. निपट मूर्खता
शब्द मेरे दिमाग में आये थे क्यूंकि कई गीतों में
बेतुकी सी सिचुएशंस होती हैं जिन्हें इनसे बढ़िया
शब्दों से नहीं बखाना जा सकता है. गीतकार एक
सेंसिटिव पर्सन होता है अतः आप सटीक टिप्पणी
तभी कर सकते हैं जब आपके पास भी वैसा ही
फर्टाइल दिमाग हो सोचने वाला.

रफ़ी और गीता दत्ता का गाया गीत सुनते हैं जिसे
लिखा है साहिर लुधियानवी ने और धुन बनाने वाले
संगीतकार का नाम है ओ पी नैयर. शफ़ा शब्द का
मतलब है दवाई.



गीत के बोल:

देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
देख इधर ए हसीना

सुन ले कभी दिल की सदा
ओ नाजनीन जी न जला
सुन ले कभी दिल की सदा
ओ नाजनीन जी न जला
बीमार-ए-गम हूँ शफ़ा मुझको दे
दामन से अपने हवा मुझको दे
बीमार-ए-गम हूँ शफ़ा मुझको दे
दामन से अपने हवा मुझको दे

हॉय मैं हूँ मैडम मरीना ओ रे फटफट पसीना
दूर से बात करना पास आना कभी ना
मैं हूँ मैडम मरीना

लाखों ही जब आहें भरें
तुम ही कहो हम क्या करें
लाखों ही जब आहें भरें
तुम ही कहो हम क्या करें
किस किस के दिल की खबर कोई ले
किस किस के गम का असर कोई ले
किस किस के दिल की खबर कोई ले
किस किस के गम का असर कोई ले

हाय  देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
देख इधर ए हसीना

मुद्दत से हूँ बर्बाद मैं
शीरी है तू फ़रहाद मैं
मुद्दत से हूँ बर्बाद मैं
शीरी है तू फ़रहाद मैं
ये न समझना के घर जाऊँगा
मैं तेरी चौखट पे मर जाऊँगा
हो ये न समझना के घर जाऊँगा
मैं तेरी चौखट पे मर जाऊँगा

हाय मैं हूँ मैडम मरीना ओ रे फटफट पसीना
दूर से बात करना पास आना कभी ना
हाय देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
ओ देख इधर ए हसीना
……………………………………………………………..
Dekh idhar ae haseena-12 O clock 1958

Artists: Johny Walker, Ashita Majumdar

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Dec 4, 2019

अजी ओ सुनो तो- ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

हिंदी सिनेमा में सस्पेंस वाली फिल्मों को बनाना और
ऐसे बनाना कि वो सिनेमा हॉल में चल पायें आसान
काम नहीं है. बिना गानों के तो केवल डॉक्यूमेंट्री ही
बना करती है. भूत वाली पिक्चरों में भी ठुमके चाहिए
पब्लिक को. अब समोसे के साथ चटनी की आदत
लगाई है तो वो तो धीरे धीरे ही जायेगी. जैसे मौसंबी
के जूस के साथ गुल्लू-कोज़ होना ज़रूरी है वैसे ही
फिल्मों में गाने ज़रूरी हैं.

सुनते हैं फिल्म से अगला गीत गीता दत्त की आवाज़
में. बोल एक बार फिर से मजरूह सुल्तानपुरी के हैं
और संगीत ओ पी नैयर का.





गीत के बोल:

अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
दिया था तुम्हें दिल यही दिन थे यही था ज़माना
अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना

अच्छी नहीं ये दिल्लगी खामोश क्यूँ बैठे हो जी
अच्छी नहीं ये दिल्लगी खामोश क्यूँ बैठे हो जी
दिल से मेरे क्यूँ दूर हो यूँ दूर हो कुछ तो कहो

अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
दिया था तुम्हें दिल यही दिन थे यही था ज़माना

सोचो ज़रा याद आयेगी जादू भरी वो चांदनी
सोचो ज़रा याद आयेगी जादू भरी वो चांदनी
चन्दा पे वो वो सोई सोई घटा खोई हवा

अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
दिया था तुम्हें दिल यही दिन थे यही था ज़माना

जब से लगी तेरी नज़र ज़ख़्मी पड़े हैं दिल जिगर
जब से लगी तेरी नज़र ज़ख़्मी पड़े हैं दिल जिगर
बैठे हो तुम सब जान के सब जान के पहचान के

अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
दिया था तुम्हें दिल यही दिन थे यही था ज़माना
अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
....................................................................
Aji o suno to-12 O clock 1958

Artists: Shashikala, Guru Dutt, Rehman

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Dec 3, 2019

सैयां तेरी अंखियो में दिल-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

गुरु दत्त और वहीदा रहमान की प्रमुख भूमिकाओं वाली
फिल्म ट्वेल्व ओ क्लॉक से अगला गीत पेश है. इसे
शमशाद बेगम ने गाया है.

फिल्म में इसे नायक के साइड किक और एक सहायक
अभिनेत्री पर इसे फिल्माया गया है. जॉनी वॉकर को तो
मैं पहचान गया हूँ, नायिका को आप पहचानें. कभी तो
कंट्रोल सी और कंट्रोल एस के अलावा के काम भी कर
लेने चाहिए, नहीं ?

गीत साहिर लुधियानवी का है और संगीत ओ पी नैयर का.




गीत के बोल:

सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
दिल खो गया जी मेरा दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया

हाय रे मैं काहे तुझे तक के हंसी
तक के हंसी तो तेरे जाल में फँसी
नज़रें चुराना मुश्किल हो गया
नज़रें चुराना मुश्किल हो गया
दिल खो गया जी मेरा दिल खो गया

सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया

तीर तूने फेंका ऐसा चलते हुए
रह गई मैं तो हाथ मलते हुए
तीर तूने फेंका ऐसा चलते हुए
रह गई मैं तो हाथ मलते हुए
खुद को बचाना मुश्किल हो गया
खुद को बचाना मुश्किल हो गया
दिल खो गया जी मेरा दिल खो गया

सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया

निंदिया ना आये मोहे कल ना पड़े
जब से ये नैना तेरे नैनों से लड़े
निंदिया ना आये मोहे कल ना पड़े
जब से ये नैना तेरे नैनों से लड़े
रतियाँ बिताना मुश्किल हो गया
रतियाँ बिताना मुश्किल हो गया
दिल खो गया जी मेरा दिल खो गया

सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
…………………………………………….
Saiyan teri ankhiyon mein-12 O’ clock 1958

Artists: Johny Walker, ?????

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Nov 24, 2019

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

एक मधुर युगल गीत पेश है सन १९५८ की फिल्म
ट्वेल्व ओ क्लॉक से. फिल्म के साथ जी पी सिप्पी
और प्रमोद चक्रवर्ती जैसे नाम जुड़े हैं. सिप्पी ने इस
फिल्म का निर्माण किया है.

फिल्म की कथा का ताना बाना एक मर्डर मिस्ट्री और
उसकी गुत्थी सुलझाने के इर्द गिर्द बुना गया है. इस
फिल्म में नायिका पर आरोप लगता है और नायक
उसे बचने कि जद्दोजहद करता है. इसमें वो कितना
सफल होता है जानने के लिए देखें इस फिल्म को.
फिल्म में जॉनी वॉकर ने नायक के सहायक का रोल
किया है. सहायक अभिनेता जिसे अंग्रेजी वेबसाइटों
पर आपने साइड-किक पढ़ा होगा, वही.

गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसकी तर्ज़
तैयार कि है ओ पी नैयर ने. गीता दत्त संग रफ़ी ने
इसे गाया है.



गीत के बोल:

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये
तुम जो हुए मेरे हमसफ़र रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये

आया मज़ा लाया नशा
तेरे लबों की बहारों का रंग
मौसम जवाँ साथी हसीं
उस पे नज़र के इशारों का रंग
जितने भी रंग थे सब तेरी आँखों में ढल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये

क्या मंज़िलें क्या कारवाँ
बाहों में तेरी है सारा जहाँ
आ जाने जाँ चल दे वहाँ
मिल रहा जहाँ पे ज़मीं आसमाँ
मंज़िल से भी कहीं दूर हम आगे निकल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये
………………………………………………..
Tum jo hue mere hamsafar-12 O clock 1958

Artists: Guru Dutt, Waheeda Rehman

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Nov 23, 2019

मैं खो गया यहीं कहीं-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

समय कैसे तेजी से गुज़रता है इसका आभास भी नहीं
होता और कभी तो कुछ पल भी महीनों जैसे लंबे लगने
लगते हैं.

सन १९५८ की फिल्म ट्वेल्व ओ क्लॉक से हमने आपको
एक गाना सन २००९ में सुनवाया था. आज दूसरे का नंबर
लगा रहे हैं, वो भी इसलिए कि इस गाने को आज ही सुना
है.

शब्द कभी बूढ़े नहीं होते तो सदाबाहर आवाज़ भी कभी बूढी
नहीं होती. रफ़ी की आवाज़ भी ऐसी आवाजों में से एक है,
सदा जवान, सदाबहार.

सुनते है मजरूह का लिखा गीत जिसकी धुन रिदम किंग
ओ पी नैयर ने बनाई है. गुरु दत्त पर फिल्माया गया ये
गीत हल्का फुल्का है और इसमें आप गुरु दत्त को दाढ़ी
बनाते हुए भी देख सकते हैं. वहीदा रहमान की मोहक
मुस्कान और अंगडाई साथ में फ्री है. आगे का हाल गीत
में देख लें तो बेहतर है.




गीत के बोल:

मैं खो गया यहीं कहीं
जवाँ है रुत समाँ हसीं
कहाँ है दिल किसे पता
कहाँ हूँ मैं ख़बर नहीं
मैं खो गया यहीं कहीं
जवाँ है रुत समाँ हसीं
कहाँ है दिल किसे पता
कहाँ हूँ मैं ख़बर नहीं
मैं खो गया मैं खो गया मैं खो गया

यूँ किसी से हुआ सामना
दिल ने आवाज़ दी थामना
यूँ किसी से हुआ सामना
दिल ने आवाज़ दी थामना
जाने क्या कह गई वो निगाह-ए-नाज़नीं
जाने क्या कह गई वो निगाह-ए-नाज़नीं

मैं खो गया यहीं कहीं
जवाँ है रुत समाँ हसीं
कहाँ है दिल किसे पता
कहाँ हूँ मैं ख़बर नहीं
मैं खो गया मैं खो गया

हाल-ए-दिल कह तो दूँ झूम के
प्यार से ज़ुल्फ़ को चूम के
हाल-ए-दिल कह तो दूँ झूम के
प्यार से ज़ुल्फ़ को चूम के
सोचता हूँ मगर वो ख़फ़ा न हो कहीं
सोचता हूँ मगर वो ख़फ़ा न हो कहीं

मैं खो गया यहीं कहीं
जवाँ है रुत समाँ हसीं
कहाँ है दिल किसे पता
कहाँ हूँ मैं ख़बर नहीं
मैं खो गया मैं खो गया

धुन यही जो रही प्यार की
हो रहेगी मेरी वो कभी
धुन यही जो रही प्यार की
हो रहेगी मेरी वो कभी
मेरे दिल मेरे दिल ठहर जा मचल नहीं
मेरे दिल मेरे दिल ठहर जा मचल नहीं

मैं खो गया यहीं कहीं
जवाँ है रुत समाँ हसीं
कहाँ है दिल किसे पता
कहाँ हूँ मैं ख़बर नहीं
मैं खो गया यहीं कहीं
जवाँ है रुत समाँ हसीं
कहाँ है दिल किसे पता
कहाँ हूँ मैं ख़बर नहीं
मैं खो गया मैं खो गया
मैं खो गया मैं खो गया
....................................................................
Main kho gaya-12 O clock 1958

Artists: Guru Dutt, Waheeda Rehman

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Jul 7, 2009

कैसा जादू बलम तूने डाला-१२ ओ क्लोंक १९५८

गीता दत्त के सबसे लोकप्रिय गीतों में से एक आज पेश है
आपके लिए। फ़िल्म १२ ओ क्लोंक सन १९५८ की फ़िल्म
से ये गीत है। मजरूह के बोल हैं और धुन ओ पी
नय्यर की। वहीदा रहमान की मनमोहक मुस्कान और
"नन्हा सा दिल" से बोल जादू हो तो कर रहे हैं सुनने
वाले पर।



गाने के बोल:

कैसा जादू बलम तूने डारा
हो कैसा जादू बलम तूने डारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा
कैसा जादू बलम तूने डारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा
कैसा जादू

कोई तेरी तरह दिल न छीने
हो गई मैं पसीने-पसीने
कोई तेरी तरह दिल न छीने
हो गई मैं पसीने-पसीने

तौबा तौबा,तौबा तौबा
तौबा तौबा नज़र का इशारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा

कैसा जादू बलम तूने डारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा

कैसा जादू...

डगमगाये क़दम चलते-चलते
तुमने छेड़ा तो हम क्या सम्भलते
डगमगाये क़दम चलते-चलते
तुमने छेड़ा तो हम क्या सम्भलते

लो चले ,लो चले
लो चले नाम ले कर तुम्हारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा

कैसा जादू बलम तूने डारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा

कैसा जादू...

होश भी थोड़ा-थोड़ा नशा भी
दर्द भी थोड़ा-थोड़ा मज़ा भी
होश भी थोड़ा-थोड़ा नशा भी
दर्द भी थोड़ा-थोड़ा मज़ा भी

तीर सैंयाँ ,तीर सैंयाँ
तीर सैंयाँ अजब तूने मारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा

कैसा जादू बलम तूने डारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा

कैसा जादू....
.........................................................
Kaisa jadoo balam toone daara-12 O clock

Artist: Waheeda Rehman

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