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Mar 4, 2017

करते थे वो सलाम-महबूब मेरे एल्बम १९९५

आपको एक गैर फ़िल्मी गीत सुनवाते हैं गायक अनवर की
आवाज़ में. ये एक गज़ल है अनवर फर्रुखाबादी की लिखी
हुई जिसका संगीत भी अनवर(गायक) ने तैयार किया है.

अनवर फर्रुखाबादी ने कुछ गीत ही लिखे हैं फिल्मों के लिए.
आपको एक उल्लेखनीय गीत सुनवाया था बैंक मैनेजर फिल्म
से मन्ना डे का गाया हुआ. सन १९८२ की एक फिल्म
दिल ही दिल में जिसका संगीत मंधीर जतिन का तैयार किया
हुआ है उसमें आप अनवर के लिखे गीत सुन सकते हैं.
   



गीत के बोल:


करते थे वो सलाम अभी कल की बात है
मिलते थे सुबह-ओ-शाम अभी कल की बात है
करते थे वो सलाम अभी कल की बात है
मिलते थे सुबह-ओ-शाम अभी कल की बात है
करते थे वो सलाम अभी कल की बात है

तन्हाईयों में मुझको बुलाते थे रात दिन
तन्हाईयों में मुझको बुलाते थे रात दिन
बुलाते थे रात दिन
लिखते थे वो पयाम अभी कल की बात है
लिखते थे वो पयाम अभी कल की बात है
मिलते थे सुबह-ओ-शाम अभी कल की बात है
करते थे वो सलाम अभी कल की बात है

दौलत की राह पाते ही मगरूर हो गए
दौलत की राह पाते ही मगरूर हो गए
लेते थे मेरा नाम अभी कल की बात है
लेते थे मेरा नाम अभी कल की बात है
मिलते थे सुबह-ओ-शाम अभी कल की बात है
करते थे वो सलाम अभी कल की बात है
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Karte the o salaam-Mere mehboob non film song

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जब दिल में नहीं है खोट-बैंक मैनेजर १९५९

एक फिलोसोफिकल गीत सुनते हैं फिल्म बैंक मैनेजर से. ये
बात सभी पर लागो है चाहे ओ आम आदमी हो या बैंक का
कोई कर्मचारी.

अनवर फर्रुखाबादी की रचना है और मदन मोहन का संगीत.
गीत में दो ही अंतरे हैं. तीसरा अन्तर शायद आपको फिल्म
वर्ज़न में सुनने को मिल जाए.



गीत के बोल:

जब दिल में नहीं है खोट तो फिर क्यूँ डरता है
नादान यहाँ पे करता है वो भरता है
जब दिल में नहीं है खोट तो फिर क्यूँ डरता है
नादान यहाँ पे करता है वो भरता है
हो ओ ओ जब दिल में नहीं है खोट तो फिर क्यूँ डरता है

कहाँ चला है ठोकर खाने ये रस्ते हैं अनजाने
एक पाप छुपाने की खातिर सौ पाप ना कर दीवाने
एक पाप छुपाने की खातिर सौ पाप ना कर दीवाने
क्यूँ जीते जी तू मौत का सौदा करता है
नादान यहाँ पे करता है वो भरता है
हो ओ ओ ओ जब दिल में नहीं है खोट तो फिर क्यूँ डरता है

तेरा मालिक है रखवाला तुझे तुझे मिल जायेगा उजाला
कहते हैं मिटाने वाले से बढ़ कर है बचाने वाला
कहते हैं मिटाने वाले से बढ़ कर है बचाने वाला
फिर मूरख अपने हाथों क्यूँ मरता है
नादान यहाँ पे करता है वो भरता है
जब दिल में नहीं है खोट तो फिर क्यूँ डरता हैउझे

जब साफ़ तेरा दिल है किस बात की फिर मुश्किल है
भगवान है तेरी रक्षा को इन्साफ तेरी मंजिल है
भगवान है तेरी रक्षा को इन्साफ तेरी मंजिल है
इस राह में तू डर डर के कदम क्यूँ धरता है
नादान यहाँ पे करता है वो भरता है
जब दिल में नहीं है खोट तो फिर क्यूँ डरता है
नादान यहाँ पे करता है वो भरता है
जब दिल में नहीं है खोट तो फिर क्यूँ डरता है
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Jab dil mein nahin hai khot-Bank Manager 1959

Artist: Pata nahin kaun

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