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Nov 15, 2019

दिल उनको उठा के दे दिया-बाप बेटे १९५९

आज सुनते हैं लता मंगेशकर का गाया एक गीत फिल्म
बाप बेटे से. राजेंद्र कृष्ण की लिखी रचना को संगीत में
जकडा है मदन मोहन ने.

सालों से ये गाना सुनते आ रहे हैं फिल्म बाप बेटे का
मगर एक बात अभी भी खटकती है-उठा के दे दिया.
दिल ना हुआ कुर्सी हो गयी जो कोने में पड़ी थी उठा
के दे दी.

शकीला ने तो हॉरर और सस्पेंस फिल्मों में काम किया है
मेरे ख्याल से श्यामा को भी कुछ फ़िल्में करना चाहिए
थीं. इस गीत में उनके चेहरे पर जिस प्रकार के भाव
आये हैं और जिस गति से वो बदलते हैं, डरावनी फिल्मों
के लिए उपयुक्त हैं. मैं एक किलो मुस्कुराहट के अलावा
वाले भावों की बात कर रहा हूँ. 




गीत के बोल:

दिल उनको उठा के दे दिया
कुछ घबरा के कुछ शरमा के
अब सोचती हूँ ये क्या किया
कुछ घबरा के कुछ शरमा के
दिल उनको उठा के दे दिया

ये किससे हुआ सामना
दिल पुकारा मुझे थामना
ये किससे हुआ सामना
दिल पुकारा मुझे थामना
मिल चुकी थी नज़र हो चुका था असर
नाम उनका ज़ुबाँ ने ले लिया
दिल उनको उठा के दे दिया
कुछ घबरा के कुछ शरमा के
दिल उनको उठा के दे दिया

ज़िंदगी में कोई आ गया
प्यार का राग समझा गया
ज़िंदगी में कोई आ गया
प्यार का राग समझा गया
उनके हो ही गये हम तो खो ही गये
जाने जादू ये कैसा किया
दिल उनको उठा के दे दिया
कुछ घबरा के कुछ शरमा के
अब सोचती हूँ ये क्या किया
कुछ घबरा के कुछ शरमा के
दिल उनको उठा के दे दिया
………………………………………….
Dil uno utha ke de diya-Baap bete 1959

Artist: Shyama

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Dec 4, 2009

मोरी पायल गीत सुनाये- बाप बेटे १९५९

मदन मोहन भक्त आपको तीन प्रकार के मिल जायेंगे इन्टरनेट की दुनिय में
एक तो वे जिनका कलेंडर १९५८ से चालू होता है यानि फ़िल्म अदालत से
और ख़त्म हो जाता है फ़िल्म हीर राँझा पर जो कि १९७० की फ़िल्म थी।
इसके अलावा इनकी जानकारी कुछ ही फिल्मों तक सीमित है जैसे
मेरा साया, वो कौन थी, मौसम, हीरा राँझा, लैला मजनू । दूसरे श्रेणी के
भक्त वे जो दूसरों कि पोस्ट पढ़ कर वाह वाह किया करते हैं और केवल
श्रेणी एक के संगीत प्रेमियों के लिखे अगड़म बगड़म को आधार मान के
अपनी धारणा बनाते हैं। तीसरे किस्म के संगीत प्रेमी वे हैं जिन्होंने
मदन मोहन को काफ़ी सुना है और लगभग उनकी सभी फिल्मों के गीतों
से परिचित है। एक ५७-७० वाले संगीत प्रेमी को मैंने ये गीत सुनाया तो
वे पूछने लगे-किसका संगीत है-रोशन का ??

इस गीत के गीतकार राजेंद्र कृष्ण हैं जिनके लिखे लगभग सभी गाने मैंने
सुन रखे हैं । ये गीत भी पहली बार मुझे एक लता प्रेमी के खजाने में ही मिला।
पहली बार ही सुनकर में तबियत खुश हो गई। फ़िल्म का नाम है-बाप बेटे।
फ़िल्म कहीं भी देखने के लिए उपलब्ध नहीं है।



गाने के बोल:

मोरी पायल गीत सुनाये
दिन पी से मिलन के आए
ये मन मोरा झूम रहा मतवाला

मोरी पायल गीत सुनाये
दिन पी से मिलन के आए
ये मन मोरा झूम रहा मतवारा
मोरी पायल गीत सुनाये

प्रीत की बगिया महकी महकी
प्रीत की बगिया महकी महकी
चाल चलूँ मैं बहकी बहकी
चाल चलूँ मैं बहकी बहकी
जिया लहराए कभी
नज़र शरमाये कभी
ये मन मेरा झूमे झूमे, मतवारा
मोरी पायल गीत सुनाये
मोरी पायल गीत सुनाये

साजन आए मोरे द्वारे
आ आ आ आ आ आ आ आ
साजन आए मोरे द्वारे
झुक गए नैना लाज के मारे
झुक गए नैना लाज के मारे
कभी घबराऊं सखी
कभी मुस्काऊं सखी
ये मन मोरा झूमे झूमे, मतवारा

मोरी पायल गीत सुनाये
दिन पी से मिलन के आए
ये मन मोरा झूम रहा मतवारा
मोरी पायल गीत सुनाये
.......................................................
Artists: Shyama, Ashok Kumar

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