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Jan 22, 2020

सुनो रे सुनो एक बात-बैराग १९७६

खेत खलिहान हिट्स की ओर लौटते हैं एक बार फिर.
मस्ती भरा गीत है ये जिसमें छेड़ छाड़ भी है. १९७६
की हिट फिल्म बैराग का यह गीत है.

कैटेगरी बनाने वाले सयाने ऐसे गीतों को मियां-बीबी
हिट्स भी कहते हैं. ऐसे गीत जिसमें मियां बीबी हों.
दिलीप कुमार, सायरा बानो और ढेर सारे सहायक
कलाकारों पर फिल्माया गया गीत रफ़ी और लता ने
गाया है. आनंद बक्षी इसके रचनाकार हैं और इसका
संगीत कल्याणजी आनंदजी की देन है.




गीत के बोल:

अरे सुनो रे सुनो एक बात सुनाऊँ
ओए सुनो रे सुनो एक बात सुनाऊँ
झूठ है या सच है ये तुम जानो
अरे झूठ है या सच है ये तुम जानो
मैं बैरागी मैं बैरागी नाचूँ गाऊँ
मैं बैरागी नाचूँ गाऊँ

सुनो रे सुनो एक बात सुनाऊँ
अरे सुनो रे सुनो एक बात सुनाऊँ
झूठ है या सच है ये तुम जानो
झूठ है या सच है ये तुम जानो
मैं बैरागन मैं बैरागन नाचूँ गाऊँ
मैं बैरागन नाचूँ गाऊँ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ


ओ ओ ओ ओ ओ देखो इन बेदर्दों को छोड़ के लाज के पर्दों को
इन बेदर्दों को छोड़ के लाज के पर्दों को
गली-गली में औरतें छेड़ती फिरती हैं इन मर्दों को
आपने सच फ़रमाया है सच्चा शोर मचाया है
आपने सच फ़रमाया है सच्चा शोर मचाया है
मर्दों के दिन बीत गए औरत का ज़माना आया है
औरत का ज़माना आया है
मैं ना मानूं
तुम ना मानो
मैं क्या जानूँ
तुम क्या जानो
मैं तो सबका दिल बहलाऊँ

मैं बैरागी मैं बैरागी नाचूँ गाऊँ
मैं बैरागी नाचूँ गाऊँ

हो ओ ओ ओ लिखने वाला लिखता है इक ऐसा चश्मा बिकता है
लिखने वाला लिखता है इक ऐसा चश्मा बिकता है
जिस चश्मे के अन्दर से भई अंधों को भी दिखता है
अंधों को भी दिखता है
जग में ऐसे बंदे हैं बंदों के ऐसे धंधे हैं
जग में ऐसे बंदे हैं बंदों के ऐसे धंधे हैं
क्या करना है देख के जग को अच्छे हैं जो अंधे हैं
तू अनजाना
तू अनजानी
तू दीवाना
तू दीवानी
दीवाने को क्या समझाऊँ

मैं बैरागन मैं बैरागन नाचूँ गाऊँ
मैं बैरागन नाचूँ गाऊँ
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Suno re suno ek baat sunaoon-Bairaag 1976

Artists: Dilip Kumar, Saira Bano

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Jan 14, 2018

पीते पीते कभी-कभी यूं जाम-बैराग १९७६

हिंदी फिल्म सिनेमा इतिहास में ऐसी फ़िल्में कम हैं जिनमें किसी
नायक का ट्रिपल रोल हो. सबसे पहले मुझे बैराग फिल्म ही ध्यान
आती है जिसमें दिलीप कुमार का ट्रिपल रोल है. उसके अलावा एक
और फिल्म याद आती है अमिताभ की महान जिसमें अमिताभ ने
तीन किरदार निभाए थे.

बैराग फिल्म अपने ज़माने की सुपरहिट फिल्म है और इसके गाने
भी खूब बजे. फिल्म से आपको एक रफ़ी का गीत सुनवाते हैं जिसे
आनंद बक्षी ने लिखा है. कल्याणजी आनंदजी ने इसका संगीत तैयार
किया है.



गीत के बोल:

पीते-पीते कभी-कभी यूं जाम बदल जाते हैं
पीते-पीते कभी-कभी यूं जाम बदल जाते हैं
जाम बदल जाते हैं
जाम बदल जाते हैं अरे काम बदल जाते हैं
लोगों के नाम बदल जाते हैं
लोगों के नाम बदल जाते हैं
पीते-पीते कभी-कभी यूं जाम बदल जाते हैं

ये परवाना ए शमा मेहमां है इक रात का
ये परवाना ए शमा मेहमां है इक रात का
दिल की बातें छेड़ दूं डर है बस इस बात का
यहाँ से वहाँ तक जाने में
वहाँ से यहाँ तक आने में
लोग ये कहते हैं जी लोग ये कहते हैं जी
बंद लिफ़ाफ़े में भी दिल के पैग़ाम बदल जाते हैं

पीते पीते
पीते-पीते कभी-कभी यूं जाम बदल जाते हैं

दो रुख हर तस्वीर के हैरां हूँ मैं देख के
हैरां हूँ मैं देख के
है इक चेहरा और भी चेहरे पे हर एक के
चेहरे पे हर एक के
नजर को नजर जो आता है फ़रेबी नज़र कहलाता है
नींद के इक झोंके से आँख के इस धोखे से
आँख के इस धोखे से
राम और श्याम बदल जाते हैं

पीते पीते
पीते-पीते कभी-कभी यूं जाम बदल जाते हैं
पीते-पीते कभी-कभी यूं जाम बदल जाते हैं
पीते-पीते कभी-कभी यूं जाम बदल जाते हैं
पीते-पीते कभी-कभी यूं जाम बदल जाते हैं
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Peete peete kabhi kabhi yun jaam-Bairaag 1976

Artists: Dilip Kumar, Leena Chandavarkar, Saira Bano

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Aug 23, 2017

छोटी सी उमर में लग गया रोग-बैराग १९७६

फिल्म बैराग का ये गीत काफी एनर्जी वाला है. उसके अलावा ये
मनोरंजक भी है. २३ अगस्त १९४४ को जन्मी सायरा बानो ने
दिलीप कुमार से शादी की सन १९६६ में.

आज सायरा बानो के जन्मदिन पर सुनते हैं लता मंगेशकर का
गाया ये गीत. गीत के बोल हैं आनंद बक्षी के और इसका संगीत
तैयार किया कल्याणजी आनंदजी की जोड़ी ने.



गीत के बोल:

छोटी सी उमर में लग गया रोग
छोटी सी उमर में लग गया रोग
कहते हैं लोग मैं मर जाउँगी
हो ओ ओ मैं मर जाउँगी
छोटी सी उमर में लग गया रोग
कहते हैं लोग मैं मर जाउँगी
हो मैं मर जाउँगी
पर मरने से पहले कुछ करने से पहले
ले के तेरा नाम तुझे बदनाम
मैं कर जाऊँगी हो मैं मर जाऊँगी

हो ओ ओ ओ ओ ओ
ये किसी सहरी छोरी की
प्रीत नहीं है बाबू
ये किसी सहरी छोरी की
प्रीत नहीं है बाबू
एक बंजारन के मतवारे
नैनों का है जादू
तू न जा मेरी मुसकान पे
खेल जाऊँगी मैं जी जान पे
छोड़ूँगी ना साथ
ऐसी क्या है बात के मैं डर जाऊँगी

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

कब तलक रोकेगा मेरा
रस्ता लाज का पहरा
कब तलक रोकेगा मेरा
रस्ता लाज का पहरा
याद ये रखना तू सजना
ये मेरा वादा ठहरा
बाबुल की गलियाँ छोड़ के
आऊँगी चुनरिया ओढ़ के
लइके उमंग लइके उमंग
सैंयाँ तेरे संग तेरे घर जाऊँगी
हो मैं मर जाऊँगी

छोटी सी उमर में लग गया रोग
कहते हैं लोग मैं मर जाउँगी
हो मैं मर जाउँगी
……………………………………………………….
Chhoti si umar mein-Bairag 1976

Artists: Saira Bano, Dilip Kumar

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