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May 3, 2017

एक हो गये हम और तुम-बॉम्बे १९९५

हम्मा हम्मा वाला गीत. इसे गोवा के प्रसिद्ध गायक ने गाया है,
वही-पियार तो होना ही ता वाला.

फिल्म: बॉम्बे
वर्ष: १९९५
गीतकार:महबूब
गायक: रेमो फर्नांडिस
संगीत: ए आर रहमान



गीत के बोल:

एक हो गये हम और तुम
तू उड़ गई नींदें रे
और खनकी पायल मस्ती में तो
कंगन खनके रे

हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा हम्मा
है पहली बार मिले
तुम पे दम ये निकले
तुम पे ये जवानी धीरे-धीरे
मातम मचले रे

हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा खम्भा
हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा खम्भा

खिली चाँदनी जैसा ये बदन
जनाब मिला तुमको
मन में सोचता जैसा रूप तेरा
आया नज़र हमको
सितम खुली-खुली ये  सनम गोरी-गोरी ये
बाहें करती है यूँ
हमें तुमने जब गले लगाया तो
खो ही गये हम तो

हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा हम्मा

एक हो गये हम और तुम
तू उड़ गई नींदें रे
और खनकी पायल मस्ती में तो
कंगन खनके रे

हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा हम्मा

है पहली बार मिले
तुम पे दम ये निकले
तुम पे ये जवानी धीरे-धीरे
मातम मचले रे

खुली ज़ुल्फ़ में  तेरी आँखों में
मदहोश हो गये
गोरे गाल पे  भीगे होंठ पे
यारा फ़िदा हो गये
सनम प्यार में  भीगी रात में
प्यास जगाते रहें
खतम न हो सनम  प्यार का मौसम
चाहत बढ़ती रहे

हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा
हम्मा हम्मा हम्मा
…………………………………………………………………
Ek ho gaye ham aur tum-Bombay 1995

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Feb 21, 2016

तू ही रे-बॉम्बे १९९५

एक समय एक संगीत प्रेमी मिला जो हर गीत को लगभग
‘gem’ बोला करता. उसके बार बार ये बोलने पर हमें खाने
वाला “जैम” दिखाई देने लगता. एक दिन आखिर को हमने
पूछ ही लिया. तुम्हारे स्टॉक में खाली जैम ही है, अचार,
चटनी और मुरब्बा नहीं है ?

आपको आज रीयल जैम खिलवाते .... अर रा सुनवाते हैं .
ये है फिल्म बॉम्बे का गीत. इसे फिल्माया गया है दक्षिण
के नायक अरविन्द स्वामी और उत्तर की मनीषा कोइराला
पर.  विरह के भावों से शुरू होता ये गीत मिलन पर समाप्त
होता है. महबूब कोतवाल के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है
रहमान ने. इसे गाया है चित्रा और हरिहरन ने.



गीत के बोल:

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँ ही तड़पा न तू मुझको
जान रे जान रे इन साँसों में बस जा तू
चाँद रे चाँद रे आ जा दिल की ज़मीन पे तू
चाहत है अगर आ के मुहसे मिल जा तू
या फिर ऐसा कर धरती से मिला दे मुझको

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँ ही तड़पा न तू मुझको
इन साँसों का देखो तुम पागलपन के
आये नहीं इन्हें चैन
मुझसे ये बोलती मैं राहों में तेरी
अपने बिछा दूं ये नैन
इन ऊंचे पहाड़ों से जान दे दूंगा मैं
गर तुम ना आई कहीं
तुम उधर जान उम्मीद मेरी जो तोड़ो
इधर ये जहाँ छोड़ दूं मैं
मौत और जिंदगी तेरे हाथ में दे दिया रे

आई रे आई रे ले मैं आई हूँ तेरे लिए
तोड़ा रे तोड़ा रे हर बंधन को प्यार के लिए
जान रे जान रे आ जा तुझमें समां जाऊं मैं
दिल रे दिल रे तेरी साँसों में बस जाऊं मैं
चाहत है अगर आ के मुझसे मिल जा तू
या फिर ऐसा कर धरती से मिला दे मुझको

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँ ही तड़पा न तू मुझको
आ  आ
सौ बार बुलाए मैं सौ बार आऊँ
एक बार जो दिल दिया
एक आँख रोये तो दूजी बोलो
सोयेगी कैसे भला
इन प्यार की राहों में पत्थर हैं कितने
उन सब को ही पार किया
एक नदी हूँ मैं चाहत भरी
आज मिलने सागर को आई यहाँ
सजना सजना आज आंसू भी मीठे लगे

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँही तड़पा न तू मुझको
जान रे जान रे इन साँसों में बस जा तू
चाँद रे चाँद रे आ जा दिल की ज़मीन पे तू

पल पल पल पल वक्त तो बीता जाए रे
ज़रा बोल ज़रा बोल वक्त से के वो थम जाए रे

आई रे आई रे ले मैं आई हूँ तेरे लिए
जान रे जान रे आ जा तुझमें समां जाऊं मैं
……………………………………………………
Tu hi re-Bombay 1995

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Jul 8, 2009

कहना ही क्या-बॉम्बे १९९५

इस गाने के बोल सुनकर लिखना टेडी खीर है, तब भी
मैं कोशिश करूंगा एक बार जरूर। हम लोगों ने हारमोनियम
की बात की थी. इस गाने में भी सुंदर प्रयोग हुआ है इस
वाद्य यन्त्र का। १९९५ में आई इस लीक से हट कर बनी
फ़िल्म में संगीत है ऐ. आर. रहमान का । इस गाने को
गाया है चित्रा ने जो दक्षिण भारत की प्रसिद्ध गायिका हैं ।
चित्रा ने बॉम्बे फ़िल्म के पहले भी कई हिन्दी गीत गाये हैं
लेकिन सबसे ज्यादा लोकप्रियता उनके इस गाने को ही
प्राप्त हुई है। फ़िल्म में मुख्य भूमिका में अरविन्द स्वामी
और मनीषा कोइराला हैं। ऐ. आर. रहमान इस फ़िल्म तक
दक्षिण भारतीय प्रभाव से मुक्त नहीं हुए हैं। आगे जब हम
ताल फ़िल्म के गाने पर चर्चा करेंगे तब इस पहलू पर गौर
करेंगे। फिलहाल इस गाने का आनंद उठायें।






गीत के बोल:



गुमसुम गुमसुम गुप चुप गुमसुम गुप चुप

गुमसुम गुमसुम गुप चुप गुमसुम गुप चुप

गुमसुम गुमसुम गुप चुप गुमसुम गुप चुप
हलचल हलचल हो गयी तेरी होंठ हैं क्यूँ चुप
हलचल हलचल हो गयी तेरी बैठे हैं गुप चुप
प्यारे प्यारे चेहरे ने करते हैं इशारा
देखा तेरी आँखों ने है सपना कोई प्यारा
हमसे गोरी न तू शर्मा कह दे हमसे ज़रा
हमसे गोरी न तू शर्मा कह दे हमसे ज़रा
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमान नए ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं न जानूं
वो हमसे हम उनसे कभी न मिले
कैसे मिले दिल न जानूं
अब क्या करें क्या नाम लें
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमान नए ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं न जानूं
वो हमसे हम उनसे कभी न मिले
कैसे मिले दिल न जानूं
अब क्या करें क्या नाम लें
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ
पहली ही नज़र में कुछ हम कुछ हम
हो जाते हैं यूँ गुम
नैनों से बरसे रिमझिम रिमझिम
हमपे प्यार का सावन
शर्म थोड़ी थोड़ी हमको आये तो नज़रें झुक जाएँ
सितम थोडा थोडा हमपे शोख हवा भी कर जाएँ
ऐसी चले आँचल उठे दिल में एक तूफ़ान उठे.
हम तो लुट गए खड़े ही खड़े
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमान नए ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं न जानूं
वो हमसे हम उनसे कभी न मिले
कैसे मिले दिल न जानूं
अब क्या करें क्या नाम लें
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ
गुमसुम गुमसुम गुप चुप गुमसुम गुप चुप
गुमसुम गुमसुम गुप चुप गुमसुम गुप चुप
हलचल हलचल हो गयी, तेरी होंठ हैं क्यूँ चुप
हलचल हलचल हो गयी, तेरी बैठे हैं गुप चुप
प्यारे प्यारे चेहरे ने करते हैं इशारा
देखा तेरी आँखों ने है सपना कोई प्यारा
हमसे गोरी न तू शर्मा कह दे हमसे ज़रा
हमसे गोरी न तू शर्मा कह दे हमसे ज़रा
इन होंठों ने माँगा सरगम सरगम
तू और तेरा ही प्यार है
आज ढूंढें है जिसको हरदम हरदम
तू और तेरा ही प्यार है
महफ़िल में भी तनहा है दिल ऐसे दिल ऐसे
तुझको खो न दे डरता है ये ऐसे ये ऐसे
आज मिली ऐसी खुशी झूम उठी दुनिया ये मेरी
तुमको पाया तो पायी जिंदगी
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमान नए ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं न जानूं
वो हमसे हम उनसे कभी न मिले
कैसे मिले दिल न जानूं
अब क्या करें क्या नाम लें
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
कहना ही क्या
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Kehna hi kya-Bombay 1995

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