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Apr 30, 2020

बांसुरी ये बांसुरी-साहिबां १९९३

बॉलीवुड के लिए ये दो दिन में लगातार दूसरा झटका
है. आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रिय चॉकलेटी हीरो चिंटू
उर्फ ऋषि कपूर भी इस नश्वर संसार से कूच कर गये.

सालों के उल्लेखनीय कैरियर में फ़िल्मी  परदे पर रोमांस
के अलावा अपने अभिनय की धाक ज़माने वाले अभिनेता
की ढेर सारी यादें ही अब दर्शकों के लिए बाकी हैं. कपूर
परिवार के सभी कलाकारों में से वही हैं जिन्होंने सॉफ्ट
किस्म के और खुशनुमा रोल ज्यादा किये और दर्शकों के
बीच अपनी अलग पहचान बनाई.

परदे पर ऋषि कपूर ने कई वाद्य यन्त्र बजाये हैं. इस
बारे में उन्होंने रजत शर्मा के कार्यक्रम आप की अदालत
में कुछ जिक्र किया था. वो कार्यक्रम एक बार आपको ज़रूर
देखना चाहिए.

सुनते हैं फिल्म साहिबां से एक गीत हरिहरन की आवाज़
में जिसे आनंद बक्षी ने लिखा है. इसकी धुन तैयार की है
शिव हरि ने.



गीत के बोल:

बांसुरी ये बांसुरी नहीं बांसुरी ये है मेरी जिंदगी
बांसुरी ये बांसुरी नहीं बांसुरी ये है मेरी जिंदगी
ये है मेरी जिंदगी

कभी रूठ जाये ना ये कभी छूट जाये न ये
कभी रूठ जाये ना ये कभी छूट जाये न ये
बस टूट जाये ना ये
परवाह नहीं मुझे और किसी बात की ये है मेरी जिंदगी
ये है मेरी जिंदगी

गांव में मेला बढ़ा लोगों का रेला बढ़ा
पर मैं अकेला बढ़ा
आई नहीं कभी कोई चिट्ठी मेरे नाम की ये है मेरी जिंदगी
ये है मेरी जिंदगी

दिल है ना अरमान हैं घर है ना सामान है
दिल है ना अरमान हैं घर है ना सामान है
ये मेरी पहचान है
पागल कहती हैं मुझे लड़कियां गांव की ये है मेरी जिंदगी
ये है मेरी जिंदगी

बांसुरी ये बांसुरी नहीं बांसुरी
…………………………………………
Bansuri ye bansuri-Saahiban 1993

Artist: Rishi Kapoor

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Aug 20, 2019

दर्द दिल में उठा सोचते सोचते-आबशार-ए-ग़ज़ल

नक्श लायलपुरी की एक रचना सुनते हैं आशा भोंसले की
आवाज़ में. हरिहरन ने एक एल्बम निकाला था जिसमें
आशा भोंसले की गायीं ग़ज़लें और रचनाएँ हैं. इनमें से
जो आज प्रस्तुत है वो काफी लोकप्रिय रही थी रिलीज़ के
बाद.




गीत के बोल:

दर्द दिल में उठा सोचते सोचते
याद क्या आ गया सोचते सोचते

कौन था क्या था वो याद आता नहीं
याद आ जायेगा सोचते सोचते

राह में रह गई आने वाली सहर
बुझ गया हर दिया सोचते सोचते

अजनबी लोग हैं अजनबी रास्ते
मैं कहाँ आ गया सोचते सोचते

दूर हो कर न हम तुम क़रीब आ सके
बढ़ गया फ़ासला सोचते सोचते
..................................................................
Datd dil mein utha sochte sochte-Asha Bhosle Non film song

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Dec 4, 2018

ए बी सी डी ई एफ-हम साथ साथ हैं १९९९

म्हारे हिवड़ा में नाचे मोर निस्संदेह सन १९९९ की फिल्म
हम साथ साथ हैं का सबसे लोकप्रिय गीत है. लोक गीतों
पर आधारित गाने अधिकाँश लोकप्रिय हो जाते हैं. कुछ
अपवाद रह जाते हैं जैसे बप्पी लहरी के संगीत में बरसों
पहले एक गीत आया था-लौंडा बदनाम हुआ वो गुमनाम
सा रह गया मगर वही कंसेप्ट मुन्नी के साथ आया झंडू
बाम ले कर तो हिट हो गया.

सुनते हैं अंग्रेजी अल्फाबेट याद करवाने वाला गीत जिसे
देख कर आपको पक्का यकीन हो जायेगा कि ये सब
गिनती में ७-७ ही हैं. ३ भाई, ३ बीबियाँ/गर्लफ्रेंड और
एक बहन.

गीत मिताली शशांक ने लिखा है और इसकी धुन तैयार
की है राम लक्ष्मण ने. इसे उदित नारायण, हेमा सरदेसाई,
हरिहरन और शंकर महादेवन ने गाया है.



गीत के बोल:

हे हे
ए बी सी डी ई एफ़ जी एच आई जे के एल एम एन ओ पी क्यू
आर एस टी यू वी डब्लू एक्स वाई ज़ेड
आई लव यू

छुट्टियों के ये दिन हैं सुहाने
साथी तेरा यूं साथ रहे
बच्चों के संग बच्चे फिर बन जाएं
मौज में झूमें ज़रा मस्ती करें
बन के बादल हाय
बन के पंछी हाय हाय
उड़ते रहे
………………………………………………………………..
ABCDEFGH-Hum saath saath hain 1999

Artists:

Lyrics: Mitali Shashank

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May 23, 2018

लोग कहते हैं अजनबी तुम हो-आबशार-ए-ग़ज़ल

शब्दों की जमावट हर किसी के बस की बात होती तो कोई
भी नामचीन शायर और कवि हो जाता. सरल शब्दों वाली
बशीर बद्र की एक रचना सुनिए आशा भोंसले की आवाज़ में.
इसकी धुन उम्दा है. 

आबशार-ए-ग़ज़ल नाम के एल्बम के लिए इसका संगीत
तैयार किया है हरिहरन ने. वही हरिहरन जो प्रसिद्ध गायक
हैं. शास्त्रीय संगीत की में शिक्षित हरिहरन काफी समर्थवान
हैं और मुझे लगता है वे कुछ और सेवा भी दे सकते हैं
संगीत के क्षेत्र को. बहरहाल उन्होंने अपना शौक इस एल्बम
के ज़रिये पूरा किया जो सराहनीय है.




गीत के बोल:

लोग कहते हैं अजनबी तुम हो
अजनबी मेरी ज़िंदगी तुम हो

दिल किसी और का न हो पाया
आरज़ू मेरी आज भी तुम हो

मुझको अपना शरीक-ए-ग़म कर लो
यूँ अकेले बहुत दुखी तुम हो

दोस्तों से वफ़ा की उम्मीदें
किस ज़माने के आदमी तुम हो
.....................................................................
Log kehte hain ajnabi tum ho-Non film song

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Sep 12, 2017

अजीब सानेहा-गमन १९७९

जो लीक पर चला करते हैं उन्हें धन ज्यादा मिलता है और जो
अलग हट के कुछ करने की कोशिश करते हैं उन्हें वाह वाह ही
ज्यादा मिला करती है. संगीतकार जयदेव के साथ भी ऐसा ही
कुछ था. उन्होंने कई प्रतिभाओं को मौके दिए. एक नाम उनमें
है-हरिहरन.

सुनते हैं शहरयार का लिखा एक गीत फिल्म गमन से. इसे सुन
कर आपको फिल्म हम दोनों का एक गीत याद आएगा-कभी खुद
पे कभी हालत पे रोना आया.




गीत के बोल:

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो
मैं अपने साये से
मैं अपने साये से कल रात डर गया यारो
मैं अपने साये से कल रात डर गया यारो
अजीब सानेहा

हर एक नक़्श तमन्ना का हो गया धुंधला
हर एक नक़्श तमन्ना का हो गया धुंधला
हर एक ज़ख़्म मेरे दिल का भर गया यारो
हर एक ज़ख़्म मेरे दिल का भर गया यारो
अजीब सानेहा

भटक रही थी जो
भटक रही थी जो कश्ती वो ग़क़र-ए-आब हुई
चढ़ा हुआ था जो दरिया उतर गया यारो
चढ़ा हुआ था जो दरिया उतर गया यारो
अजीब सानेहा

वो कौन था
वो कौन था वो कहाँ का था क्या हुआ था उसे
सुना है आज कोई शख़्स मर गया यारो
सुना है आज कोई शख़्स मर गया यारो

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो
मैं अपने साये से कल रात डर गया यारो
अजीब सानेहा
……………………………………………………….
Ajeeb saneha-Gaman 1979

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Aug 30, 2017

फूलों में जो खुशबू है-जींस १९९८

हरिहरन और साधना सरगम का गाया एक युगल गीत सुनते
हैं दक्षिण भारत में निर्मित फिल्म जींस से.

फिल्म का नाम जींस हो ये बीन्स, कहानी का शीर्षक से ताल्लुक
हो या न हो, फ़िल्में चल जाती हैं ये किसी अजूबे से कम नहीं
है.





गीत के बोल:

फूलों में जो खुशबू है कैसे वो आती है अजूबा
तितली कहाँ से ये सारे रंग लाती है अजूबा
हवा को बाँसुरी बनाती है संगीत कैसे अजूबा
कोयल ने सीखे हैं इतने प्यारे गीत कैसे अजूबा
हैं ये अजूबे लेकिन इक और अजूबा है
धरती से अम्बर से परबत से सागर से
हमने सुना प्यार अजूबा है

पहली नज़र में ही जो दो दिलों में हो
हर वो क़रार अजूबा है ओ
फूलों से जो खुशबू आये अजूबा है
तितली जो सारे रंग लाये अजूबा है
बाँसुरी का ये संगीत अजूबा है
कोयल जो गाती है गीत अजूबा है
ये भी हैराँ हैं ऐसा भी एक अजूबा है

डाली में महक होती ही नहीं कलियों में महक आ जाती है
ये भी अजूबा ही है
सागर से घटा जो उठती है मीठा पानी बरसाती है
ये भी अजूबा ही है
जंगल में जुगनू को देखो तो ये सोचो
ये रोशनी इस में आई कैसे
तन में जो है जाँ वो किस तरह है
मन में हैं अरमाँ वो किस तरह हैं
कह भी दो ये भी तो कोई अजूबा है
धरती से अम्बर से परबत से सागर से
हमने सुना प्यार अजूबा है
पहली नज़र में ही जो दो दिलों में हो
हर वो क़रार अजूबा है ओ

फूलों से जो खुशबू आये अजूबा है
तितली जो सारे रंग लाये अजूबा है
बाँसुरी का ये संगीत अजूबा है
कोयल जो गाती है गीत अजूबा है
ये भी हैराँ हैं ऐसा भी एक अजूबा है
अजूबा अजूबा अजूबा अजूबा अजूबा अजूबा

कहने को सात अजूबे हैं पर शायद लोग ये भूले हैं
एक और अजूबा भी है
रेशम रेशम चंदन चंदन तेरा महका महका ये बदन
कोई अजूबा ही है
आँखों के नीले दर्पन होंठों का ये भीगापन
ये रूप तेरा अजूबा ही तो है
बाँहों की गर्मी ये भी अजूबा है
हाथों की नर्मी ये भी अजूबा है
ये चमन सा बदन कोई अजूबा है
धरती से अम्बर से परबत से सागर से
हमने सुना प्यार अजूबा है
पहली नज़र में ही जो दो दिलों में हो
हर वो क़रार अजूबा है ओ

फूलों से जो खुशबू आये अजूबा है
तितली जो सारे रंग लाये अजूबा है
बाँसुरी का ये संगीत अजूबा है
कोयल जो गाती है गीत अजूबा है
ये भी हैराँ हैं ऐसा भी एक अजूबा है
..........................................................................
Phoolon mein jo khushboo-Jeans 1998

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Jul 30, 2017

कभी चाँद की तरह टपकी-जहाँ तुम ले चलो १९९९

चाँद की तरह कुछ टपक रहा है इस गीत में. वो क्या है जानने के
लिए सुनें पूरा गीत. कंट्रोल+सी या कंट्रोल+एस दबाने से मालूम नहीं
पड़ेगा जो इधर आने वाले अधिकांश जंतु करते हैं.

हरिहरन का गाया, गुलज़ार का लिखा और विशाल भारद्वाज का संगीत
से संवारा गीत सुनिए फिल्म जहाँ तुम ले चलो से. अट्ठनी सी जिंदगी
सुनाई दे रहा है और एक रूपये सी चमकती कायायें गीत में दिखाई दे
रही हैं, है ना अनोखा गीत. गीत में नायक हैं निर्मल पांडे.

आटे चक्की सी, मूंगफली की चिक्की सी, भौंचक्की सी और उचक्की सी
ना जाने कितनी चीज़ें आती हैं जीवन में.   




गीत के बोल:

कभी चाँद की तरह टपकी  कभी राह में पड़ी पाई
कभी चाँद की तरह टपकी  कभी राह में पड़ी पाई
अट्ठन्नी सी ज़िंदगी  ये ज़िंदगी
कभी छींक की तरह खनकी  कभी जेब से निकल आई
कभी छींक की तरह खनकी  कभी जेब से निकल आई
अट्ठन्नी सी ज़िंदगी  ये ज़िंदगी

तारा रप परपर रे तारा रप परपर रे

कभी चेहरे पे जड़ी देखी  कहीं मोड़ पे खड़ी देखी
कभी चेहरे पे जड़ी देखी  कहीं मोड़ पे खड़ी देखी
शीशे के मर्तबानों में  दुकान पे पड़ी देखी
चौकन्नी सी ज़िंदगी  ये ज़िंदगी

तमगे लगा के मिलती है  मासूमियत से खिलती है
तमगे लगा के मिलती है  मासूमियत से खिलती है
कभी फूल हाथ में लेकर  शाख़ों पे बैठी हिलती है
अट्ठन्नी सी ज़िंदगी  ये ज़िंदगी

कभी चाँद की तरह टपकी  कभी राह में पड़ी पाई
कभी छींक की तरह खनकी  कभी जेब से निकल आई
अट्ठन्नी सी ज़िंदगी  ये ज़िंदगी
………………………………………………………..
Kabhi chand ki tarah tapki-Jahan tum le chalo 1999

Artist: Nirmal Pandey

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Mar 29, 2017

दिल ने दिल से इकरार किया-हकीकत १९९५

सुनते हैं सन १९९५ की फिल्म हकीकत से एक गीत.
वैसे तो हिंदी फिल्मों में हकीकत कम और सपने
ज्यादा होते हैं मगर इस नाम से फ़िल्में बनती रहती
हैं.

इस गीत को सुनते हैं जिसे अजय देवगन और तब्बू पर
फिल्माया गया है. हरिहरन और अलका याग्निक इस
गीत के गायक हैं. नवाब आरजू ने बोल हैं और इसका
संगीत तैयार किया है दिलीप सेन समीर सेन ने.



गीत के बोल:

हे हे हे हे ला ला ला ला ला आ
ला ला ला ला ला ला ला ला ला आ

दिल ने दिल से इकरार किया
हमने हमने तुमसे तुमसे हाँ प्यार किया
जानेमन जाने बहार आ कर लें जी भर के प्यार
दिल ने दिल से इकरार किया
हमने हमने तुमसे तुमसे हाँ प्यार किया

बढ़ता ही जाए नशा प्यार का धीरे धीरे
तुम बिन हम हैं अधूरे
दिल में रहे एक चुभन प्यार की तेरे मेरे
ऐसे ही सांझ सवेरे
वादा वादा हमने हमने दिलदार किया
हमने हमने तुमसे तुमसे हाँ प्यार किया

दुनिया चले ना चले तुम मेरे साथ चलना
ऐसे ही हँसते रहना
यूँ ही रहे साथ हाथों में ये हाथ अपना
टूटे ना प्यारा सपना
दिल का दिल का सौदा एक बार किया
हमने हमने तुमसे तुमसे हाँ प्यार किया
जानेमन जाने बहार आ कर लें जी भर के प्यार
दिल ने दिल से इकरार किया
हमने हमने तुमसे तुमसे हाँ प्यार किया

ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
……………………………………………….
Dil ne dil se ikraar kiya-Haqeeqat 1995

Artists: Ajay Devgan, Tabu

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Dec 1, 2016

दिल की कलम से-इतिहास १९९७

व्हेन मेलोडी वाज़ क्वीन- इस विषय पर एक वार्तालाप हुआ काफी लंबा.
उस वार्तालाप में इस गीत का भी जिक्र हुआ जिसे अपने फेवरेट चोटी
वाले गायक ने गाया है. फिल्म हकीकत में उनका गाया एक युगल गीत
हैं जो इस गीत का बिछुड़ा भाई सा लगता है. वार्तालाप में अंतहीन अंत
में एक जुमला ज़रूर सुनने को मिला-क्वीन रिटायर हो गई हैं. आजकल
कभी कभार ही मुखडा दिखलाती हैं.

आज सुनते हैं पहला गीत जिसे हरिहरन संग अनुराधा पौडवाल ने गाया
है. समीर के बोल हैं और इसके संगीतकार हैं दिलीप सेन समीर सेन.

अजय देवगन और ट्विंकल खन्ना की जोड़ी वाला ये गीत लुभावनी
लोकेशंस पर फिल्माया गया है और देखने में भी सुन्दर है.




गीत के बोल:

ला रे ला ला ला ला ला ला ला ला
ला रे ला ला ला ला ला ला ला ला
दिल की कलम से चाहत का हम
पहला एहसास लिखेंगे लिखेंगे
हम अपनी मोहब्बत का
हम अपनी मोहब्बत का
नया इतिहास लिखेंगे,
नया इतिहास लिखेंगे
दिल की कलम से चाहत का हम
पहला एहसास लिखेंगे लिखेंगे
हम अपनी मोहब्बत का
हम अपनी मोहब्बत का
नया इतिहास लिखेंगे
नया इतिहास लिखेंगे

हो ख्वाबों में रहते हैं पलकों में घर है हमारा
अम्बर पे चमकेगा अपनी वफ़ा का सितारा
इन आसमानों से ऊंची अपनी तो परवाज़ है
रोके कभी ना रुकेगी धडकन की आवाज़ है
इस प्रेम ग्रन्थ में हे हे
हम नाम अपना हे हे
धरती आकाश लिखेंगे लिखेंगे
हम अपनी मोहब्बत का
हम अपनी मोहब्बत का
नया इतिहास लिखेंगे
नया इतिहास लिखेंगे

सीने पर सर रख कर सोने को जी चाहता है
ना जाने क्यों मिल के रोने को जी चाहता है हाँ
हम दोनों आशिकी में हद से गुजरने लगे हैं
साँसों की गलियों से हो के जान में उतरने लगे हैं
लब पे सनम के हे
महके शबनम से हे ए
होंठों की प्यास लिखेंगे लिखेंगे
हम अपनी मोहब्बत का
हम अपनी मोहब्बत का
नया इतिहास लिखेंगे
नया इतिहास लिखेंगे
नया इतिहास लिखेंगे
...............................................................................................
Dil ki kalam se-Itihaas 1997

Artists: Ajay Devgan, Twinkle Khanna

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Nov 7, 2016

हम तुमसे ना कुछ कह पाए-ज़िद्दी १९९७

“तब और अब” श्रृंखला के तहत गीत सुनवाए काफी अरसा हो
गया. पहले आपने सुना सन १९४८ की ज़िद्दी से एक गीत अब
सुनते हैं सन १९९७ की ज़िद्दी से एक मधुर गीत.

अपने फेवरेट चोटीवाले सिंगर का गाना हमने बहुत दिन से नहीं
सुना है. इस गीत में उनका साथ दिया है चित्रा ने. समीर के
लिखे गीत की धुन बनाई है दिलीप सेन समीर सेन की जोड़ी ने.

गीत सनी देवल और रवीना टंडन पर फिल्माया गया है. फिल्म
का निर्देशन गुड्डू धनोवा ने किया है. ऐसे सोफ्ट गीत शायद
सनी ने फिल्म सवेरे वाली गाडी में गाये थे इसके पहले.

एक बात ज़रूर है जब भी मैं “:साँसों को महकाने” वाली कुछ
चीज़ सुनता हूँ किसी गीत में, मुझे टूथपेस्ट याद आ जाता है.




गीत के बोल:

हम तुमसे ना कुछ कह पाए
तुम हमसे ना कुछ कह पाए
हम तुमसे ना कुछ कह पाए
तुम हमसे ना कुछ कह पाए
लगता है डर ये बात ये दिल की
दिल में ना रह जाए
हम तुमसे ना कुछ कह पाए
तुम हमसे ना कुछ कह पाए
लगता है डर ये बात ये दिल की
दिल में ना रह जाए
हम तुमसे ना कुछ कह पाए
तुम हमसे ना कुछ कह पाए

तुम सुनो गौर से क्या कह रहा है समां
हमनशीं छेड़ दो चाहत भरी दास्तां
कितने दिनों तक कुछ ना बताए तुम हमको तड़पाए
हम तुमसे ना कुछ कह पाए
तुम हमसे ना कुछ कह पाए

प्यार क्या है सनम तुम हमको समझा गए
फासले ना रहें इतने करीब आ गए
देखो हमारी खुशबू तुम्हारी साँसों को महकाए
हम तुमसे ना कुछ कह पाए
तुम हमसे ना कुछ कह पाए

रात भर जाग कर करवट बदलते थे हम
क्या कहें किस तरह दिलवर मचलते थे हम
कैसे बताएं तन्हा अकेले हम कितना घबराए

हम तुमसे ना कुछ कह पाए
तुम हमसे ना कुछ कह पाए
हम तुमसे ना कुछ कह पाए
तुम हमसे ना कुछ कह पाए
लगता है डर ये बात ये दिल की
दिल में ना रह जाए
हम तुमसे ना कुछ कह पाए
तुम हमसे ना कुछ कह पाए
.............................................................
Ham tumse na kuchh keh paaye-Ziddi 1997

Artists: Sunny Deol, Raveena Tandon

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Jul 23, 2016

हाय रामा ये क्या हुआ-रंगीला १९९६

इश्क प्यार मोहब्बत में कई तरह की कसरतें हो जाया करती हैं.
कभी दिल की, कभी दिमाग की अरूर कभी शरीर की. गायकी
भी इस मामले में कभी कभी काफ़ी कसरती होती है. उतार चढाव
वाली गायकी के साथ अपने भाव प्रदर्शित करना कोई आसान
काम नहीं है.

सन १९९६ की फिल्म रंगीला के सभी गाने हिट हैं. इसी फिल्म से
आपको आज एक उतार चढाव वाला गीत सुनवाते हैं हरिहरन और
स्वर्णलता का गया हुआ. महबूब के लिखे बोलों को सुरों में पिरोया
है रहमान ने.

निर्देशक रामगोपाल वर्मा की कुछ सुपर हिट फिल्मों में से एक है
रंगीला जिसमें जैकी श्रॉफ, आमिर खान और उर्मिला मातोंडकर की
प्रमुख भूमिकाएं हैं. गीत जैकी और उर्मिला पर फिल्माया गया है.




गीत के बोल:

हाय रामा ये क्या हुआ
क्यों ऐसे हमें सताने लगे
तुम इतनी प्यारी हो सामने
हम क़ाबू में कैसे रहें
जाओ हमको तो आती शर्म है
तेरी ऐसी अदा पे तो फ़िदा हम हैं

हो तौबा मेरी तौबा ये भी क्या सितम है
ऐसी ज़िद करने लगे
जाने तुमने क्या-क्या सोचा आगे-आगे
हम तो अब डरने लगे
अरे सोचा है ये कि रात और दिन
तुझे प्यार करेंगे हम
डरते हो क्यूँ ओ जान-ए-मन
मेरे प्यार से

हाय रामा ये क्या हुआ
क्यों ऐसे हमें सताने लगे
तुम इतनी प्यारी हो सामने
हम क़ाबू में कैसे रहें
जाओ हमको तो आती शर्म है
तेरी ऐसी अदा पे तो फ़िदा हम हैं

काली-काली ज़ुल्फ़ें गोरी-गोरी बाँहें
मुझको तड़पाने लगी
होँठ भीगे-भीगे नशीली ये आँखें
प्यास को जगाने लगी
छोड़ो जी ऐसी बातों को रोको ना राहों को
हो मोड़ो ना मेरी बाँहों को
जाने दो ना

हाय रामा ये क्या हुआ
क्यों ऐसे हमें सताने लगे
तुम इतनी प्यारी हो सामने
हम क़ाबू में कैसे रहें
जाओ हमको तो आती शर्म है
तेरी ऐसी अदा पे तो फ़िदा हम हैं
............................................................................
Haye rama ye kya kya hua-Rangeela 1996

Artists-jackie Shroff, Urmila Matondkar

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Jul 5, 2016

यादें याद आती हैं-यादें २००१

वाकई आती हैं, सन २००१ की फिल्म ‘यादें’ की यादें. अब तो
गीत ही मिल जाते हैं सुनने को कभी कभी. सुनने की एक वजह
आनंद बक्षी के लिखे बोल भी हैं. आखिर कोहम भी ब्रांड-काँशस
हैं थोड़े से. पुराने ज़माने के सामान के शौक़ीन.

सन २००० के बाद शो-मेन इत्यादि शब्द कहीं खोना शुरू हो
गए. बड़े बड़े निर्देशकों के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट बॉक्स ऑफिस
पर धराशायी होते देखे गए. एक बात अच्छी रही नयी पीढ़ी
को आगे कर के निर्माता निर्देशकों ने समय की मांग के साथ
समझौता कर लिया. परिवर्तन तीव्र गति से हुआ और २००५
यानि कि दशक के आधा होने तक कई नए चेहरे अभिनय,
निर्देशन, निर्माण, संगीत, गायन के क्षेत्र में दिखलाई देने लगे.

गानों की रिपीट वैल्यू को शायद दरकिनार कर दिया गया.
तुरत फुरत संगीत के कॉपीराईट बेचो, मुनाफा कमाओ और
भूल जाओ. गुणवत्ता के नए पैमाने बन गए. इसे यूँ ही कहना
उचित होगा क्यूंकि हर पीढ़ी की अपनी पसंद होती है. आज
का नन्हा बच्चा भी लूप और बीट वाले संगीत पर थिरकता है.

हाँ, २००० से २०१० के बीच गानों की कालर ट्यून का क्रेज
कुछ ज्यादा था. कम्प्यूटर नाम के उपकरण से काफी मदद
मिली जनता को. धीरे धीरे म्युज़िक सिस्टम लोगों के घर
से गायब होना शुरू हो गए. सब कुछ मोबाइल नामक यन्त्र
के अंदर समाने लगा.



गीत के बोल:

नगमे हैं शिकवे हैं किस्से हैं बातें हैं
बातें भूल जाती हैं यादें याद आती हैं
ये यादें किसी दिल-ओ-जानम के
चले जाने के बाद आती हैं
यादें यादें यादें

सा ग रे ग सा रे नि सा सा सा
सा ग रे ग सा रे नि सा सा सा
सा प म प म प ग म ग
सा प म प म प ग म म प
सा ग रे ग सा रे नि सा सा सा

ये जीवन दिल जानी दरिया का है पानी
पानी तो बह जाए बाकी क्या रह जाए
यादें यादें यादें

दुनिया में यूं आना दुनिया से यूं जाना
आओ तो ले आना जाओ तो दे जाना
यादें यादें यादें
……………………………………………………….
Yadein aati hain-Yadein 2001

Artist: Hritik Roshan

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Jun 2, 2016

भारत हमको जान से प्यारा है-रोजा १९९३

रोजा फिल्म से एक देश भक्ति गीत सुनते हैं आज. हरिहरन
के गाये इस गीत को पी के मिश्रा ने लिखा है. संगीतकार
रहमान ने दोनों संस्करणों में संगीत दिया है-मूल तमिल और
प्रस्तुत हिंदी में डब की हुई फिल्म में भी.

सन्देश गीत का एक बार फिर वही है-एकता और भाईचारा.
रहमान की शुरूआती हिंदी फिल्मों के गीत पी के मिश्रा और
महबूब ने काफी लिखे हैं. फिल्म ताल के बाद से समीकरण
बदले और उन्होंने उत्तर भारत के दुसरे गीतकारों के साथ भी
काम करना शुरू कर दिया.




गीत के बोल:

भारत हमको जान से प्यारा है
सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है
भारत हमको जान से प्यारा है
सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है

सदियों से भारत भूमि दुनिया की शान है
भारत माँ की रक्षा में जीवन कुर्बान है

भारत हमको जान से प्यारा है
सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है

उजड़े नहीं अपना चमन
टूटे नहीं अपना वतन
गुमराह ना कर दे कोई
बरबाद ना कर दे कोई
मंदिर यहाँ, मस्जिद वहाँ
हिन्दू यहाँ, मुस्लिम यहाँ
मिलते रहें हम प्यार से, जागो..

हिन्दुस्तानी नाम हमारा है
सबसे प्यारा देश हमारा है
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है
सबसे प्यारा देश हमारा है

जन्मभूमि है हमारी शान से कहेंगे हम
सभी ही तो भाई-भाई प्यार से रहेंगे हम
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है
सबसे प्यारा देश हमारा है

आसाम से गुजरात तक
बंगाल से महाराष्ट्र तक
जाति कई, धुन एक है
भाषा कई, सुर एक है
कश्मीर से मद्रास तक
कह दो सभी हम एक हैं
आवाज़ दो हम एक हैं, जागो
.....................................................................
Bharat hamko jaan se pyara hai-Roja 1993

Artists- Arvind Swamy, Madhu

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Mar 19, 2016

दिल में क्या है तेरा प्यार-जीना मरना तेरे संग १९९२

फिल्म जीना मरना तेरे संग से चौथा गीत सुनते हैं आज.
विवरण नीचे दिया हुआ है.

फिल्म: जीना मरना तेरे संग
बोल:समीर
संगीत:दिलीप सेन समीर सेन
गायक-अनुराधा पौडवाल, हरिहरन



गीत के बोल:


दिल में क्या है तेरा प्यार
ओ आँखों में क्या है इंतज़ार
दिल में क्या है तेरा प्यार
ओ आँखों में क्या है इंतज़ार
मेरा प्यार है तू दिलदार है तू
मेरा प्यार है तू दिलदार है तू
तेरे दम से है ये बहार
दिल में क्या है तेरा प्यार
ओ आँखों में क्या है इंतज़ार

पहले भी फूल खिलते थे
आती थी बहारें गुलशन में
फूलों की है ये ना तो बहार की है
ये खुशबू तो हमारे प्यार की है
मेरी जान है तू अरमान है तू
मेरी जान है तू अरमान है तू
मेरे दिल का तू करार है
दिल में क्या है तेरा प्यार
ओ आँखों में क्या है इंतज़ार

ठंडी हवाओं में सनम गर्मी है प्यार की
शामिल है मेरे प्यार में दिलदार तेरा प्यार भी
ठंडी हवाओं में सनम गर्मी है प्यार की
शामिल है मेरे प्यार में दिलदार तेरा प्यार भी
कहे दिल मेरा पिया प्यार तेरा
कहे दिल मेरा पिया प्यार तेरा  पाऊँ मैं बार बार

दिल में क्या है तेरा प्यार
ओ आँखों में क्या है इंतज़ार
दिल में क्या है तेरा प्यार
ओ आँखों में क्या है इंतज़ार
......................................................................
Dil mein kya hai-Jeena marna tere sang 1992

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Feb 21, 2016

तू ही रे-बॉम्बे १९९५

एक समय एक संगीत प्रेमी मिला जो हर गीत को लगभग
‘gem’ बोला करता. उसके बार बार ये बोलने पर हमें खाने
वाला “जैम” दिखाई देने लगता. एक दिन आखिर को हमने
पूछ ही लिया. तुम्हारे स्टॉक में खाली जैम ही है, अचार,
चटनी और मुरब्बा नहीं है ?

आपको आज रीयल जैम खिलवाते .... अर रा सुनवाते हैं .
ये है फिल्म बॉम्बे का गीत. इसे फिल्माया गया है दक्षिण
के नायक अरविन्द स्वामी और उत्तर की मनीषा कोइराला
पर.  विरह के भावों से शुरू होता ये गीत मिलन पर समाप्त
होता है. महबूब कोतवाल के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है
रहमान ने. इसे गाया है चित्रा और हरिहरन ने.



गीत के बोल:

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँ ही तड़पा न तू मुझको
जान रे जान रे इन साँसों में बस जा तू
चाँद रे चाँद रे आ जा दिल की ज़मीन पे तू
चाहत है अगर आ के मुहसे मिल जा तू
या फिर ऐसा कर धरती से मिला दे मुझको

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँ ही तड़पा न तू मुझको
इन साँसों का देखो तुम पागलपन के
आये नहीं इन्हें चैन
मुझसे ये बोलती मैं राहों में तेरी
अपने बिछा दूं ये नैन
इन ऊंचे पहाड़ों से जान दे दूंगा मैं
गर तुम ना आई कहीं
तुम उधर जान उम्मीद मेरी जो तोड़ो
इधर ये जहाँ छोड़ दूं मैं
मौत और जिंदगी तेरे हाथ में दे दिया रे

आई रे आई रे ले मैं आई हूँ तेरे लिए
तोड़ा रे तोड़ा रे हर बंधन को प्यार के लिए
जान रे जान रे आ जा तुझमें समां जाऊं मैं
दिल रे दिल रे तेरी साँसों में बस जाऊं मैं
चाहत है अगर आ के मुझसे मिल जा तू
या फिर ऐसा कर धरती से मिला दे मुझको

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँ ही तड़पा न तू मुझको
आ  आ
सौ बार बुलाए मैं सौ बार आऊँ
एक बार जो दिल दिया
एक आँख रोये तो दूजी बोलो
सोयेगी कैसे भला
इन प्यार की राहों में पत्थर हैं कितने
उन सब को ही पार किया
एक नदी हूँ मैं चाहत भरी
आज मिलने सागर को आई यहाँ
सजना सजना आज आंसू भी मीठे लगे

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँही तड़पा न तू मुझको
जान रे जान रे इन साँसों में बस जा तू
चाँद रे चाँद रे आ जा दिल की ज़मीन पे तू

पल पल पल पल वक्त तो बीता जाए रे
ज़रा बोल ज़रा बोल वक्त से के वो थम जाए रे

आई रे आई रे ले मैं आई हूँ तेरे लिए
जान रे जान रे आ जा तुझमें समां जाऊं मैं
……………………………………………………
Tu hi re-Bombay 1995

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Jan 6, 2016

नही सामने ये अलग बात है-ताल १९९९

सुभाष घई की ताल फिल्म जो सन १९९९ की फिल्म है एक
बड़ी हिट फिल्म मानी जाती है. इस फिल्म में अनिल कपूर
एक अलग तरह की भूमिका में नज़र आये. फिल्म का संगीत
रहमान ने तैयार किया है. फिल्म के गाने कुछ अलग श्रेणी
के हैं. रहमान के संगीत की दक्षिण वाली छाप से कुछ हद
तक ये गीत मुक्त हैं. फिल्म के गीत आनंद बक्षी द्वारा लिखे
गए हैं. रहमान के बॉलीवुड कैरियर में ये फिल्म एक बड़ा
मुकाम साबित हुई. फिल्म के संगीत के लिए घई ने उनसे
काफी मेहनत करवा ली.

आज सुनते हैं इस फिल्म से हरिहरन का गाया एक कर्णप्रिय
गीत.



गीत के बोल:

देखो छोड़ के किस रस्ते वो जाते हैं
सारे रस्ते वापस मेरे दिल को आते हैं

नही सामने ये अलग बात है
नही सामने ये अलग बात है
मेरे पास है
मेरे पास है तू मेरे पास है
मेरे पास है तू मेरे पास है
मेरे साथ है तू मेरे साथ है

तेरा नाम मैंने लिया है यहाँ
मुझे याद तूने किया है वहाँ
तेरा नाम मैंने लिया है यहाँ
मुझे याद तूने किया है वहाँ
बड़े जोर की आज बरसात है
बड़े जोर की आज बरसात है
मेरे पास है तू मेरे पास है
मेरे पास है तू मेरे पास है
मेरे साथ है तू मेरे साथ है

बिछड़ के भी मुझ से जुदा तू नहीं
खफ़ा है मगर बेवफ़ा तू नही
बिछड़ के भी मुझ से जुदा तू नहीं
खफ़ा है मगर बेवफ़ा तू नही
मेरे हाथ में ही तेरा हाथ है
मेरे हाथ में ही तेरा हाथ है
मेरे पास है तू मेरे पास है
मेरे पास है तू मेरे पास है
मेरे साथ है तू मेरे साथ है
मेरे पास है तू मेरे पास है
मेरे साथ है तू मेरे साथ है
………………………………………………………………
Nahin samne ye-Taal 1999

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Nov 13, 2015

झोंका हवा का आज भी-हम दिल दे चुके सनम १९९९

हरिहरन दक्षिण मूल के होने के बावजूद उत्तर भारत के
संगीत जगत में काफी योगदान दे चुके हैं. उन्हें दूसरे
थोक भाव में गाने वाले फ़िल्मी गायकों की तरह मौके
नहीं मिले मगर जितने भी अवसर उन्हें प्राप्त हुए उन
सब में उन्होंने अपनी अलग छाप ज़रूर छोड़ी है. एक
और दक्षिण मूल की गायिका हैं-कविता कृष्णमूर्ति जो
अपने साफ़ उच्चारण और पक्के सुर के लिए जानी जाती
हैं. इन दोनों गायकों की गायकी सुन कर आपको लगेगा
ही नहीं कि इनकी मातृभाषा हिंदी नहीं है.

फिल्म हम दिल दे चुके सनम से एक गीत सुनते हैं आज
जो रिफ्रेश करने वाला गीत है. महबूब के लिखे गीत की
तर्ज़ बनाई है ईस्माइल दरबार ने. गौरतलब है इस फिल्म
के गीत बेहद लोकप्रिय हुए थे.

गीत के बोल, इसका संगीत और इसका फिल्मांकन बढ़िया
है. अजय देवगन और ऐश्वर्य राय पर इसे फिल्माया गया है
गीत एक पूरे चैप्टर की तरह सा दिखता है.




गीत के बोल:

झोंका हवा का आज भी
ज़ुल्फ़ें उड़ाता होगा ना
तेरा दुपट्टा आज भी तेरे
सर से सरकता होगा ना
बालों में तेरे आज भी
फूल कोई सजता होगा ना

ठण्डी हवाएं रातों में तुझको
थपकियाँ देती होंगी ना
चाँद की ठण्डक ख़्वाबों में
तुझको ले के तो जाती होगी ना
सूरज की किरणें सुबह को तेरी
नींदें उड़ाती होंगी ना
मेरे ख़यालों में सनम खुद से
ही बातें करती होगी ना
मैं देखता हूँ छुप-छुप के तुमको
महसूस करती होगी ना
झोंका हवा का आज भी
ज़ुल्फ़ें उड़ाता होगा ना

काग़ज़ पे मेरी तसवीर जैसी
कुछ तो बनाती होगी ना
उलट-पलट के  देख के उसको
जी भर के हँसती होगी ना
हँसते-हँसते आँखें तुम्हारी
भर-भर आती होंगी ना
मुझको ढका था धूप में जिससे
वो आँचल भीगोती होगी ना
सावन की रिमझिम मेरा
तराना याद दिलाती होगी ना
इक इक मेरी बातें तुमको
याद तो आती होगी ना
क्या तुम मेरे इन सब सवालों का
कुछ तो जवाब दोगी ना

झोंका हवा का आज भी
ज़ुल्फ़ें उड़ाता होगा ना
..................................................................
Jhonka hawa ka-Ham dil de chuke sanam 1999

Artists: Aishwarya Rai, Ajay Devgan

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Aug 2, 2015

चन्दा रे चंदा रे-सपने १९९७

उत्तर भारतीयों के लिए सन १९९७ की फिल्म सपने देखने की
एक मुख्य वजह इसमें अभिनेत्री काजोल का होना था. फिल्म
कैसी है, ये अलग बात है, इसके लिए किसी सयाने का फिल्म
रिव्यू पढ़ लीजियेगा.

गीत की बात करते हैं, ‘चंदा रे’ के बोलों से गीत लोरीनुमा सुनाई
देता है. दो तीन बार लगातार सुन लिया तो नींद शर्तिया आयेगी.
धुन ही ऐसी है गीत की, सोफ्ट और शांत सी. वीडियो को देख
कर आप उँगलियों तले दांतों को दबा लेंगे.

कंट्रास्ट है हर चीज़ का एक दूसरे से गीत में. बोल कहीं धुन कहीं.
बस एक रिदम उसको बाँध के रखे हुए है. वैसे मैं बता दूं इसके
लिए जबरन वाह-वाह कई जगह पढ़ चुका हूँ मैं. ऐसे लोगों से भी
सुनी है जिहोने ये गीत पूरा एक बार भी नहीं सुना है. वैसे ये गीत
सुपरहिट की श्रेणी में आता है.

गीत के शुरू के नोट्स से एक पुराने गीत की याद आती है-दिल में
प्यार का तूफ़ान, न समझे कोई नादान जो लता का गाया हुआ है
और फिल्म यहूदी का गीत है, जी हाँ वही दिलीप कुमार वाली .
बस एक आभास के बाद फिल्म सपने का गीत कहीं और पहुँच जाता
है.

नायक नायिका को रिझाने के लिए उछल कूद करता है गीत गाता
है, विकट प्रयासों और पहाड़ी पे चढ के ऊंचे सुर में गाने के बाद वो
सम्मोहन का सहारा लेता है, उसके बाद तो फिर घास हरी ही हरी है,
नायिका भी गीत गाना शुरू कर देती है. गीत यमक अलंकारों से
भरपूर है. जावेद अख्तर के कुछ गीत सुननेवालों को भौंचक्का करते
हैं.




गीत के बोल:

चंदा रे चंदा रे
कभी तो ज़मीं पर आ
बैठेंगे, बातें करेंगे
तुझको आते इधर, लाज आये अगर
ओढ़ के आ जा, तू बादल घने

गुलशन-गुलशन, वादी-वादी
बहती है रेशम जैसी हवा
जंगल-जंगल, पर्वत-पर्वत
हैं नींद में सब इक मेरे सिवा
चंदा, चंदा
आजा सपनों की नीली नदिया में नहायें
आजा ये तारे चुन के हम, घार बनाएँ
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे चंदा रे

चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
झरने क्यों गाते हैं, पंछी क्यों मतवाले
क्यों है सावन महीना घटाओं का
चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
चंदा, चंदा
तितली के पर क्यों इतने रंगीं होते हैं
जुगनू रातों में जागे, तो कब सोते हैं
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं

चंदा रे चंदा रे
कभी तो ज़मीं पर आ
बैठेंगे, बातें करेंगे
..................................................
Chanda Re Chanda Re –Sapnay 1997

Artists: Kajol, Prabhudeva,

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May 5, 2015

खुशियों की बारात है-हेरा फेरी २०००

ऊपर वाला देता है तो छप्पर फाड के देता है-पुरानी कहावत है.
इसका सुन्दर प्रयोग हम फंटूश के गाने में सुन चुके हैं पहले. 
अब सुनते हैं इसका आधुनिक वर्ज़न जो फिल्म हेरा फेरी में
है. हेरा फेरी एक हास्य मनोरंजक फिल्म है. परेश रावल ने जो
अभिनय किया है इस फिल्म में वो उनके पहले के रोल से बहुत
अलग है और समय के साथ साथ वे इतने मंजे हुए कलाकार
नज़र आते हैं कि उनके समकालीन अभिनेता भी आश्चर्यचकित
हो जाते हैं देख कर. वे अभिनय की बुलंदियोंओं को छू चुके हैं
और फिल्म के हीरो और हीरोईनों पर हमेशा भारी पढते दिखाई
देते हैं. एक एसेट हैं वे फिल्म उद्योग के लिए. विविधतापूर्ण रोल
उनके खाते हैं इतने हो गए हैं कि अब तक शायद ही किसी
अभिनेता को ये मौका मिला हो.





गीत के बोल:


खुशियों की बारात है पैसों की बरसात है
खुशियों की बारात है पैसों की बरसात है
सच्चे हो गए सारे सपने खुले नसीबा यार के
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
खुशियों की बारात है पैसों की बरसात है
सच्चे हो गए सारे सपने खुले नसीबा यार के
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना

सब कहते हैं हेलो हेलो साथ हमारे चलो चलो
सबको मुझसे काम है दुनिया भर में नाम है
बंगला भी है, गाडी भी है महकी महकी वादी भी है
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना

मीठा है जल जोग का खाना छप्पन भोग का
साकी मीना जाम है पस्त है बादाम है
सेज सजी है फूलों वाली आने वाली है नखरे वाली
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना

पेरिस वाला सूट है ये लन्दन का बूट है
हाँ अपना भी स्टाइल है अरे हाथों में मोबाइल है
मुझको पकडे अरे मुझको चूमे आगे पीछे परियां घूमें
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना

खुशियों की बारात है पैसों की बरसात है
सच्चे हो गए सारे सपने खुले नसीबा यार के
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड के
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना
किटी किटी कितना किटी किटी कितना
धिक् ताना धिक् ताना तिकना तिकना
…………………………………………..
Khushiyon ki baraat hai-Hera Pheri 2000

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Jan 27, 2015

ये कन्या कुंवारी है-आग १९९४

प्रकृति और उसके मूल तत्वों से मुझे बड़ा लगाव है अतः
आग, पानी, जैसे शब्दों के नाम वाली फिल्मों ने मुझे सदा
आकृष्ट किया. फिल्म आग से आपको कुछ गीत सुनवा चुके
हैं. आइये उन मशहूर गीतों में से एक बचा है, लगे हाथ
उसे भी सुनवाए देते हैं.

गांव की नौटंकी का मज़ा आधुनिक बोलिवुडीये अंदाज़ में.
शिल्प शेट्टी, कदर खान और सदाशिव अमरापुरकर के
अलावा मैं किसी को नहीं पहचान पा रहा हूँ. गीत में
नायिका की शान में खाने पीने की बहुत सी चीज़ों के
नाम ले लिए गए हैं. गौरतलब है सन १९९४ में ही एक
और फिल्म आई थी जिसमें लड़की के लिए तरह तरह
के उपमाएं, इडली, दोसे इत्यादि प्रयोग में लाये गए थे.
उस गीत को जनता ने सोबर गीत कहा था. गीत तो
ये भी सोबर है, आज के गीत देख लीजिए उस लिहाज
से ये सीधा साधा लगेगा. गीत में आठ-दस लड़कों का
जिक्र है और अधेड़ों/बुड्ढों को नहीं गिना गया है. गीत
सुदेश भोंसले, हरिहरन और अलका याग्निक ने गाया है.




गीत के बोल:


ये कन्या कुंवारी है ये तीखी कटारी है
ये कन्या कुंवारी है
हाँ हाँ हाँ
ये तीखी कटारी है
हाँ हाँ हाँ
ये मीठी सुपारी है
हाँ हाँ हाँ
ये हम सबको प्यारी है
हाय क्या माल है
वाह क्या चाल है
इसका जवाब नहीं ये बेमिसाल है
ये कन्या कुंवारी है
हाँ हाँ हाँ
ये तीखी कटारी है
हाय हाय हाय

दरोगा जी दरोगा जी
दरोगा जी तू हमारी रपट लिखा दे
मेरे पीछे पढ़े है आठ दस लड़के
मेरे पीछे पढ़े है आठ दस लड़के
दरोगा जी तू हमारी रपट लिखा दे
मेरे पीछे पढ़े है आठ दस लड़के
मेरे पीछे पढ़े है आठ दस लड़के

हो सबके सब हरजाई बड़े हो
काहे को मेरे पीछे पड़े हो
लड़की अकेली है सूनी डगरिया
काहे पकड़ के खींचे चुनरिया
डर लागे रे
हो डर लागे रे
हो डर लागे रे धक् धक् जिया धडके
मेरे पीछे पढ़े है आठ दस लड़के
मेरे पीछे पढ़े है आठ दस लड़के

मैं चूड़ी पहनाऊंगा
ना ना ना
मैं चोली सिलवाऊंगा
ना ना ना
मैं लहंगा मंगवाऊंगा
ना ना ना
मैं दुल्हन बनाऊंगा
चल हट, उफ़ क्या बाल हैं
हो ये क्या गाल है
देखा है जबसे इसे
हम बेहाल हैं
ये कन्या कुंवारी है, हाँ हाँ हाँ
ये तीखी कटारी है, हाय हाय हाय 

हाय ये कोरी जवानी भीगा बदन है
बस अब नहीं अब मेरा जोबन है
जागी नयी कोई मन में अगन है
मुझपे लगा ये कैसा ग्रहण है
करूं क्या मैं
रे करूं क्या मैं
हो करूं क्या मैं मेरी दायीं आँख फडके
मेरे पीछे पढ़े है आठ दस लड़के
मेरे पीछे पढ़े है आठ दस लड़के
ये नदिया नहाई है
ये जन्नत से आई है
ये रबड़ी मलाई है
ये दिल से शमायी है
ये कन्या कुंवारी है
हाय हाय हाय
ये तीखी कटारी है
हाय रे हाय हाय
ये रबड़ी मलाई है
हाय हाय हाय
ये मीठी सुपारी है
हाय हाय हाय
....................................................................
Ye kanya kunwari hai-Aag 1994

Artists: Kadar Khan, Shilpa Shetty

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