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Feb 21, 2016

तू ही रे-बॉम्बे १९९५

एक समय एक संगीत प्रेमी मिला जो हर गीत को लगभग
‘gem’ बोला करता. उसके बार बार ये बोलने पर हमें खाने
वाला “जैम” दिखाई देने लगता. एक दिन आखिर को हमने
पूछ ही लिया. तुम्हारे स्टॉक में खाली जैम ही है, अचार,
चटनी और मुरब्बा नहीं है ?

आपको आज रीयल जैम खिलवाते .... अर रा सुनवाते हैं .
ये है फिल्म बॉम्बे का गीत. इसे फिल्माया गया है दक्षिण
के नायक अरविन्द स्वामी और उत्तर की मनीषा कोइराला
पर.  विरह के भावों से शुरू होता ये गीत मिलन पर समाप्त
होता है. महबूब कोतवाल के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है
रहमान ने. इसे गाया है चित्रा और हरिहरन ने.



गीत के बोल:

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँ ही तड़पा न तू मुझको
जान रे जान रे इन साँसों में बस जा तू
चाँद रे चाँद रे आ जा दिल की ज़मीन पे तू
चाहत है अगर आ के मुहसे मिल जा तू
या फिर ऐसा कर धरती से मिला दे मुझको

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँ ही तड़पा न तू मुझको
इन साँसों का देखो तुम पागलपन के
आये नहीं इन्हें चैन
मुझसे ये बोलती मैं राहों में तेरी
अपने बिछा दूं ये नैन
इन ऊंचे पहाड़ों से जान दे दूंगा मैं
गर तुम ना आई कहीं
तुम उधर जान उम्मीद मेरी जो तोड़ो
इधर ये जहाँ छोड़ दूं मैं
मौत और जिंदगी तेरे हाथ में दे दिया रे

आई रे आई रे ले मैं आई हूँ तेरे लिए
तोड़ा रे तोड़ा रे हर बंधन को प्यार के लिए
जान रे जान रे आ जा तुझमें समां जाऊं मैं
दिल रे दिल रे तेरी साँसों में बस जाऊं मैं
चाहत है अगर आ के मुझसे मिल जा तू
या फिर ऐसा कर धरती से मिला दे मुझको

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँ ही तड़पा न तू मुझको
आ  आ
सौ बार बुलाए मैं सौ बार आऊँ
एक बार जो दिल दिया
एक आँख रोये तो दूजी बोलो
सोयेगी कैसे भला
इन प्यार की राहों में पत्थर हैं कितने
उन सब को ही पार किया
एक नदी हूँ मैं चाहत भरी
आज मिलने सागर को आई यहाँ
सजना सजना आज आंसू भी मीठे लगे

तू ही रे, तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जियूं
आ जा रे आ जा रे यूँही तड़पा न तू मुझको
जान रे जान रे इन साँसों में बस जा तू
चाँद रे चाँद रे आ जा दिल की ज़मीन पे तू

पल पल पल पल वक्त तो बीता जाए रे
ज़रा बोल ज़रा बोल वक्त से के वो थम जाए रे

आई रे आई रे ले मैं आई हूँ तेरे लिए
जान रे जान रे आ जा तुझमें समां जाऊं मैं
……………………………………………………
Tu hi re-Bombay 1995

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Dec 15, 2010

रोजा जानेमन-रोजा १९९२

लगता है ए. आर. रहमान के हाथ कोई चुम्बक लग गया
है। एक बार फिर से वे गोल्डन ग्लोब पुरस्कार के लिए
नामांकित
किये गए हैं, फिर से डैनी बोयल की फिल्म के
लिए, इस बार है-"१२७ आवर्स" के लिए। फिल्म स्लमडॉग
मिलेनियर के लिए उनको पहली बार सन २००९ में यह
पुरस्कार मिला था। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए चलताऊ सा
का गीत बना के श्रोताओं को निराश कर चुके रहमान से अब
उनके प्रशंसकों को काफी उम्मीदें होंगी। ऑस्कार पुरस्कार
भी प्राप्त कर चुके रहमान समय समय पर कुछ हैरतंगेज़
करने वाला संगीत रचने के लिए विख्यात हैं। एयरटेल
मोबाइल की प्रसिद्ध धुन उन्हीं की ईजाद है ।

आइये एक गीत सुनें फिल्म रोजा से जिसने बहुत धूम मचाई
थी। फिल्म ने भी और उसके संगीत ने भी। आज जो गीत आपको
सुनवा रहे हैं वो फिल्म का शीर्षक गीत है और इसे दो गायकों ने
अलग अलग गाया है, ऐ. हरिहरन और एस. पी. बालसुब्रमण्यम ने।
पहले सुन लीजिये हरिहरन का गाया गीत। ये फिल्म मणि रत्नम
की हिंदी सिनेमा क्षेत्र में चर्चित होने वाली पहली फिल्म है। इससे
पहले तमिल में बनाया गया फिर हिंदी में डब किया गया।

गीत के बोल पी के मिश्रा साहब ने लिखे हैं और उनका नाम मैंने
इस फिल्म के आगमन के समय ही पहली बार सुना था।

मणि रत्नम ने गीत का फिल्मांकन बहुत ज़ोरदार किया है और
इसमें आप जितने भी दृश्य संयोजन के तत्वों और प्रभावों के बारे
में सोच सकते हैं, अधिकांश मौजूद हैं।



गीत के बोल:

आ आ आ आ आ आ, आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ, आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ, आ आ आ आ आ

रोजा जान-ए-मन तू ही मेरा दिल
तुझ बिन तरसे नैना
दिल से ना जाती है यादें तुम्हारी
कैसे तुम बिन जीना
आँखों में तू है, आंसुओं में तू है
आँखें बाद कर लूं तो, मन में भी तू है
ख्वाबो में तू ,साँसों में तू, रोजा

ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

छू के यूँ चली हवा, जैसे छू गए हो तुम
फूल जो खिले थे वो, शूल बन गए हैं क्यों
जी रहा हूँ इसलिए, दिल में प्यार है तेरा
ज़ुल्म सह रहा हूँ क्यों, इंतजार है तेरा
तुमसे मिले बिना जान भी ना जाएगी
क़यामत से पहले सामने तू आएगी
कहाँ है तू कैसी है तू, रोजा ?

ठंडी ठंडी ऐ हवा, तेरा काम क्या यहाँ
मीत नहीं पास में, चांदनी तू लौट जा
फूल क्यों खिले हो तुम, ज़ुल्फ़ नहीं वो यहाँ
झुके झुके आसमान, मेरी हंसी ना उड़ा
प्यार के बिना मेरी ज़िन्दगी उदास है
कोई नहीं है मेरा सिर्फ तेरी आस है
ख़्वाबों में तू, साँसों में तू, रोजा

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