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Jan 21, 2016

ले के पहला पहला प्यार-सी आई डी १९५६

पहला पहला प्यार-इन शब्दों को सुनते हुए ज़माना बीत गया
मगर कभी इनके अर्थ पर गौर नहीं किया. पहला पहला प्यार
लिए, आँखों में खुमार लिए एक जादूगर जादू नगरी से आया है.
यही गीत का मजमून है.

कैची धुन पर बना गीत बेहद लोकप्रिय रहा है अपने ज़माने में
और बाद में भी. इस गीत को आज की जनता भले ही डुकर
डुकरिया के ज़माने का गीत बोले, ये सदाबहार है. गुलज़ार ने
कहा है-गीत बूढ़े नहीं होते.

इसे लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और धुन बनाई ओ पी नय्यर
ने.




गीत के बोल:

ले के  पहला पहला प्यार
भर के आँखों में खुमार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
ले के  पहला पहला प्यार
भर के आँखों में खुमार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर

उसकी दीवानी हाय कहूँ कैसे हो गई
जादूगर चला गया मैं तो यहाँ खो गई
नैना जैसे हुए चार
गया दिल का क़रार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
ले के  पहला पहला प्यार

तुमने तो देखा होगा उसको सितारों
आओ ज़रा मेरे संग मिलके पुकारो
दोनों हो के बेक़रार
ढूँढे तुझको मेरा प्यार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
ले के पहला पहला प्यार

जब से लगाया तेरे प्यार का काजल
काली काली बिरहा की रतियां हैं बेकल
आजा मन के श्रृंगार
करे बिन्दिया पुकार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
ले के पहला पहला प्यार

मुखड़े पे डाले हुए ज़ुल्फ़ों की बदली
चली बलखाती कहाँ रुक जा ओ पगली
नैनों वाली तेरे द्वार
ले के सपने हज़ार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
ले के पहला पहला प्यार

चाहे कोई चमके जी चाहे कोई बरसे
बचना है मुश्किल पिया जादूगर से
देगा ऐसा मन्तर मार
आखिर होगी तेरी हार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
ले के पहला पहला प्यार.

सुन सुन बातें तेरी गोरी मुस्काई रे
आई आई देखो देखो आई हँसी आई रे
खेले होठों पे बहार
निकला गुस्से से भी प्यार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
ले के पहला पहला प्यार
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Le ke pehla pehla pyar-CID 1956

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Jul 28, 2009

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया-सी.आई .डी.

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया -ये बहुत ही प्रसिद्ध गीत है।
मोहम्मद रफी और गीता दत्त का गाया ये युगल गीत फ़िल्म
सी.आई .डी. से है जो सन १९५६ में रिलीज़ हुई थी। देव आनंद और
शकीला इस फ़िल्म में मुख्य कलाकार हैं जिन पर ये फिल्माया गया है ।
राज खोसला एक नामचीन डाइरेक्टर रहे हैं जिन्होंने इस फ़िल्म को
निर्देशित किया था। नारी सुलभ अदाओं से परिपूर्ण इस गाने को देखना
भी एक सुखद अनुभव है। आप भी आनंद उठाइए । अंतरे गीता दत्त ने
गाये हैं और मुखड़ा रफी ने। केवल अंत में एक बार गीता ने मुखड़ा
दोहराया है। संगीतकार ओ पी नय्यर की सबसे सफल फिल्मों में
से एक है ये ।



गाने के बोल:

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में..........

गाते हो गीत क्यूँ, दिल पे क्यूँ हाथ है
खोये हो किसलिए, ऐसी क्या बात है

ये हाल कबसे तुम्हारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे बैठे जीने का सहारा हो गया

चलते हो झूमके, बदली है चाल भी
नैनों में रंग हैं, बिखरे हैं बाल भी

किस दिलरुबा का नज़ारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में..........

अपना वो ज़ोर है, अपना वो शोर है
हमको है सब पता, दिल में जो चोर है

ये चोर कैसे गवारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में..........

कैसा ये प्यार है, कैसा ये नाज़ है
हम भी तो कुछ सुनें, हमसे क्या राज़ है

अच्छा तो ये दिल हमारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में..........

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May 16, 2009

ऐ दिल है मुशकिल जीना यहाँ-सी आई डी १९५६

निर्देशक अक्सर हास्य कलाकारों का इस्तेमाल करते जब कोई सन्देश
देना होता गीत के माध्यम से। बम्बई(आज की मुंबई) में गुज़ारा कितना
मुश्किल है यही इस गीत में बतलाया गया है. जॉनी वॉकर ने इस गीत
को फिल्म सी आई डी के लिए गाया है। ये अपने ज़माने का सुपर हिट गीत
है जिसे लिखा मजरूह ने और धुन बनायीं ओ पी नैयर ने। गीत के
अंत में कुमकुम आ के बताती हैं कि बॉम्बे में रहना आसान है।





गीत के बोल:

ऐ दिल है मुशकिल जीना यहाँ
ज़रा हट के ज़रा बच के
ये है बम्बई मेरी जाँ

कहीं बिल्डिंग कहीं ट्रामे, कहीं मोटर कहीं मिल
मिलता है यहाँ सब कुछ इक मिलता नहीं दिल
इन्साँ का नहीं कहीं नाम-ओ-निशाँ

कहीं सत्ता, कहीं पत्ता कहीं चोरी कहीं रेस
कहीं डाका, कहीं फाका कहीं ठोकर कहीं ठेस
कहीं सत्ता, कहीं पत्ता कहीं चोरी कहीं रेस
कहीं डाका, कहीं फाका कहीं ठोकर कहीं ठेस
बेकारो के हैं कई काम यहाँ
ज़रा हट के ज़रा बच के
ये है बम्बई मेरी जाँ

ऐ दिल है मुशकिल जीना यहाँ
ज़रा हट के ज़रा बच के
ये है बम्बई मेरी जाँ

बेघर को आवारा यहाँ कहते हँस हँस
खुद काटे गले सबके कहे इसको बिजनस
बेघर को आवारा यहाँ कहते हँस हँस
खुद काटे गले सबके कहे इसको बिजनस
इक चीज़ के हैं कई नाम यहाँ
ज़रा हट के ज़रा बच के
ये है बम्बई मेरी जाँ

ऐ दिल है मुशकिल जीना यहाँ
ज़रा हट के ज़रा बच के
ये है बम्बई मेरी जाँ

बुरा दुनिया जो है कहता ऐसा भोला तू न बन
जो है करता वो है भरता ये जहाँ का है चलन
दादागीरी नहीं चलने की यहाँ
ये है बम्बई ये है बम्बई
ये है बम्बई मेरी जाँ

ऐ दिल है मुशकिल जीना यहाँ
ज़रा हट के ज़रा बच के
ये है बम्बई मेरी जाँ

ऐ दिल है आसाँ जीना यहाँ
सुनो मिस्टर , सुनो बन्धु
ये है बम्बई मेरी जाँ

ऐ दिल है मुशकिल जीना यहाँ
ज़रा हट के ज़रा बच के
ये है बम्बई मेरी जाँ
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Ae dil hai mushkil jeena yahan-C.I.D. 1956

Artist: Johny Walker, 

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