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Nov 24, 2010

तेरी मेरी यारी बड़ी पुरानी-चरित्रहीन १९७४

आइये ७० के दशक से एक गीत और सुना जाए। अबकी बार
आशा भोंसले का गाया गीत सुनवा रहे हैं आपको ।

ओ पी नय्यर साहब आशा की आवाज़ को निखारने के लिए
बहुत हद तक जिम्मेदार माने जाते हैं। आशा की सफलता
की पहली पारी नय्यर साहब के खेमे में थी तो दूसरी पारी
आर डी बर्मन के साथ जिनसे उन्होंने विवाह भी कर लिया।
संगीतकार आर डी बर्मन और आशा भोंसले के बीच ज़बरदस्त
म्यूजिकल केमिस्ट्री थी। ये बात उनके गीत सुने बिना नहीं समझ
आ सकता है। प्रतीकरूपात्मक "पंचम स्टाम्प" वाला गीत और
ख़ास आशा की आवाज़ ध्यान में रख के बनाई गई धुन।

आज के ज़ुबी ज़ुबी डूबी डूबी सब गीतों का पिता लगता है ये गीत।
१९७४ में बने इस गीत का भी शायद रीमिक्स बन चुका है। रीमिक्स
बनाओ मार्केट में सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाले संगीतकार
राहुल देव बर्मन ही हैं।

कभी कभी आज की अभिनेत्रियों को इसे सुनकर रश्क अवश्य होता
होगा कि ऐसे गीत उन्हें परदे पर क्यूँ नहीं मिले। जिसने भी इस गीत
का विडियो डाला है उसकी पसंद की दाद देनी पड़ेगी कि उसने सही
चुनाव किया और बिपाशा बासु की तस्वीरों का स्लाइड शो बना डाला।






गीत के बोल:

तेरी मेरी मेरी तेरी
यारी बड़ी पुरानी
तेरी मेरी यारी बड़ी पुरानी

तूने मुझे पहचाना
मैं हूँ वही तेरी दीवानी
हो हो जानी, ओ जानी, जानी जानी, ओ जानी

तेरी मेरी मेरी तेरी, हा
तेरी मेरी यारी बड़ी पुरानी

हूँ हूँ ऊ ऊ ऊ ऊ
ऐ हे हे हे हे

आँखों ने देखा जो मचल गए
उफ़ हम दोनों कितने बदल गए
कितने मौसम आये निकल गए
उफ़ हम दोनों कितने बदल गए

तूने मुझे पहचाना
मैं हूँ वही भूली कहानी
हो हो जानी, ओ जानी, जानी जानी, ओ जानी

तेरी मेरी मेरी तेरी
तेरी मेरी यारी बड़ी पुरानी

सूरत वो लेकिन वो नज़र नहीं
दोनों पे क्या गुजरी खबर नहीं
कोई शिकवा कर लूं मगर नहीं
दोनों पे क्या मुजरी खबर नहीं

तूने मुझे पहचाना
मैं हूँ वही सपनों की रानी
हो हो जानी, ओ जानी, जानी जानी, ओ जानी

तेरी मेरी मेरी तेरी, हा
तेरी मेरी यारी बड़ी पुरानी

हूँ हूँ ऊ ऊ ऊ ऊ
....................................................................
Teri meri yaari badi purani-Charitraheen 1974

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Feb 22, 2010

दिल से दिल मिलने का-चरित्रहीन १९७४

७० के दशक, संजीव कुमार, शर्मिला टेगोर और नए स्वेटर की डिजाईन ,
पहाड़ियां और वादियाँ। ऐसे दृश्य कई फिल्मों में आपको मिलेंगे । धुन
भी पहाड़ी हो तो सुनने का मज़ा दुगना हो जाता है। फिल्म का निर्माता
थोडा अमीर था अतः संजीव कुमार कोट पहने नज़र आ रहे हैं।

लता मंगेशकर और किशोर कुमार का गाया फिल्म चरित्रहीन का ये गीत
सन १९७४ से ही, जब फिल्म आई थी और ये रडुआ पर बजना शुरू हुआ था,
मुझे पसंद है। इस गीत से मुझे देव आनंद की फिल्म वारंट का एक गीत भी
याद आ जाता है। गीत आनंद बक्षी का है और धुन राहुल देव बर्मन की।



गीत के बोल:

हो हो हो, हो हो हो, हो हो हो

दिल से दिल मिलने का, हाँ, कोई कारण होगा
बीना कारण कोई बात नहीं होती
दिल से दिल मिलने का ,कोई कारण होगा
बिना कारण कोई बात नहीं होती

दिल से दिल मिलने का कोई कारण होगा

वैसे तो हम दोनों एक दूजे से हैं अभी अनजाने
वैसे तो हम दोनों एक दूजे से हैं अभी अनजाने
कोई अगर देखे तो कहे बरसों के हैं मीत पुराने

हो हो, हो हो

कुछ है तुम में हम में
वरना इस मौसम में
फूलों की ऐसी बारात नहीं होती

दिल से दिल मिलने का कोई कारण होगा

हो ना हो हम तुम में प्यार है शक इसमें नहीं है कोई
हो ना हो हम तुम में प्यार है शक इसमें नहीं है कोई
अरे दो ही मुलाकातों में निगोड़े नैनो ने निंदिया खोई

हो हो, हो हो

ऐसे दिन बीतेंगे, कैसे दिन बीतेंगे
अब तो बसर एक रात नहीं होती

दिल से दिल मिलने का कोई कारण होगा

हो हो हो, हो हो हो, हो हो हो, हो हो हो

जाने कहाँ से आये हो तुम हम आये कहाँ से जाने
अजी तुमको खबर ना हमको पटा दिल कैसे मिले दीवाने
जाने कहाँ से आये हो तुम हम आये कहाँ से जाने

हो हो, हो हो
शायद हम दोनों का
हाँ एक ही रास्ता होगा
वरना हमारी मुलाक़ात नहीं होती

दिल से दिल मिलने का कोई कारन होगा
बीना कारन कोई बात नहीं होती

दिल से दिल मिलने का कोई कारन होगा

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