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Dec 2, 2017

जाने क्यूँ लोग प्यार करते हैं-दिल चाहता है २००१

सदियों से ये प्रश्न ज्वलंत रहा है-लोग प्यार क्यूँ करते हैं. इस गीत
में शायद उसका जवाब तलाशने की कोशिश की गई है. सुनते हैं
फिल्म दिल चाहता है से गीत उदित नारायण और अलका याग्निक
का गाया हुआ.

गीत जावेद अख्तर का है और शंकर एहसान लॉय ने इसकी तर्ज़
बनाई है. इस फिल्म के निर्देशक हैं फरहान अख्तर.





गीत के बोल:

जाने क्यूँ लोग प्यार करते हैं
जाने क्यूँ वो किसी पे मरते हैं
जाने क्यूँ लोग प्यार करते हैं
जाने क्यूँ वो किसी पे मरते हैं
जाने क्यूँ जाने क्यूँ
जाने क्यूँ जाने क्यूँ जाने क्यूँ

प्यार में सोचिये तो बस गम है
प्यार में जो सितम भी हो कम है
प्यार में सर झुकाना पड़ता है
दर्द में मुस्कुराना पड़ता है
जहर क्यूँ जिंदगी में भरते हैं
जाने क्यूँ लोग प्यार करते हैं
जाने क्यूँ जाने क्यूँ
जाने क्यूँ जाने क्यूँ जाने क्यूँ

प्यार बिन जीने में रखा क्या है
प्यार जिसको नहीं वो तनहा है
प्यार बिन जीने में रखा क्या है
प्यार जिसको नहीं वो तनहा है
प्यार सौ रंग ले के आता है
प्यार ही जिंदगी सजाता है
लोग छुप छुप के प्यार करते हैं
जाने क्यूँ साफ़ कहते डरते हैं
जाने क्यूँ जाने क्यूँ
जाने क्यूँ जाने क्यूँ जाने क्यूँ

प्यार बेकार की मुसीबत है
प्यार हर तरह खूबसूरत है
प्यार से हम दूर ही अच्छे
अरे प्यार के सब रूप हैं सच्चे
हो प्यार के घाट जो उतारते हैं
डूबते हैं ना वो उबरते हैं
जाने क्यूँ जाने क्यूँ
प्यार तो खैर सभी करते हैं
जाने क्यूँ आप ही मुकरते हैं
जाने क्यूँ जाने क्यूँ
जाने क्यूँ जाने क्यूँ जाने क्यूँ
...................................................................................
Jaane kyun log pyar karte hain-Dil chahta hai 2001

Artists: Aamir Khan, Preity Zinta

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Jul 30, 2017

दिल चाहता है-शीर्षक गीत २००१

सन २००१ की फिल्म दिल चाहता है से शीर्षक गीत सुनते हैं. गीत
थोडा लंबा है और जैसा कि फिल्म का नाम है उस लिहाज़ से गीत
की लम्बाई सही है. लंबे समय तक दिल चाहता है पुकारने से दिल
ना चाहे तो भी चाहने लग जाता है. विज्ञापनों में इसी ट्रिक का प्रयोग
किया जाता है जिससे चीज़ें दर्शक के दिमाग में अंदर तक घुस
जाती हैं.

गीत लिखा है जावेद अख्तर ने और इसे गाया है शंकर महादेवन ने.
संगीतकार हैं शंकर-एहसान-लॉय गीत के गायक संगीतकार तिकड़ी
का हिस्सा हैं.



गीत के बोल:

दिल चाहता है दिल चाहता है
चाहता है कभी ना बीतें चमकीले दिन
दिल चाहता है हम ना रहें कभी यारों के बिन
दिन दिन भर हों प्यारी बातें
झूमें शामें गायें रातें
मस्ती में रहे डूबा डूबा हमेशा समाँ
हम को राहों में यूँ ही मिलती रहें खुशियाँ
दिल चाहता है कभी ना बीतें चमकीले दिन
ओ ओ ओ ओ
दिल चाहता है ओ हम ना रहें कभी यारों के बिन

जगमगाते हैं झिलमिलाते हैं अपने रास्ते
जगमगाते हैं झिलमिलाते हैं अपने रास्ते
ये खुशी रहे रोशनी रहे अपने वास्ते
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
जहाँ रुकें हम जहाँ भी जाएं
जो हम चाहें वो हम पाएं
मस्ती में रहे डूबा डूबा हमेशा समाँ
हम को राहों में यूँ ही मिलती रहें खुशियाँ
दिल चाहता है दिल चाहता है
दिल चाहता है दिल चाहता है

कैसा अजब ये सफ़र है सोचो तो हर इक ही बेखबर है
उस को जाना किधर है जो वक़्त आए जाने क्या दिखाए
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दिल चाहता है दिल चाहता है
दिल चाहता है कभी ना बीतें चमकीले दिन
दिल चाहता है हम ना रहें कभी यारों के बिन
दिन दिन भर हों प्यारी बातें
झूमें शामें गायें रातें
मस्ती में रहे डूबा डूबा हमेशा समाँ
हमको राहों में यूँ ही मिलती रहें खुशियां
दिल चाहता है कभी ना बीतें चमकीले दिन
दिल चाहता है ओ हम ना रहें कभी यारों के बिन

जगमगाते हैं झिलमिलाते हैं अपने रास्ते
ये खुशी रहे रोशनी रहे अपने वास्ते
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
रंग बिरंगे मौसम आएँ नए नए वो सपने लाएँ
महकी रहें ख्वाबों की हसीं वादियाँ
खिलते रहें यूँ ही प्यार के ये गुलसिताँ
दिल चाहता है कभी ना बीतें चमकीले दिन
फिर से मिलें जो हम दीवाने तो ये समझें ये जानें
हम भी रहें यार हमारे जहाँ
आए नहीं कभी हम में कोई दूरियाँ
दिल चाहता है ओ हम ना रहें कभी यारों के बिन
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Dil chahta hai-Title song 2001

Artists: Aamir Khan, Saif Ali Khan, Akshay Khanna

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Jul 12, 2017

कैसी है ये रुत के-दिल चाहता है २००१

शंकर एहसान लॉय के संगीत वाला एक गीत सुनते हैं फिल्म
दिल चाहता है से. जावेद अख्तर के लिखे गीत को गाया है
श्रीनिवास ने.

इस फिल्म से एक फेमस गीत आपको पहले सुनवा चुके हैं इधर.



गीत के बोल:

कैसी है ये रुत के जिस में फूल बन के दिल खिले
घुल रहे हैं रंग सारे घुल रही हैं खुशबुएँ
चाँदनी झरने घटायें गीत बारिश तितलियाँ
हम पे हो गये हैं सब मेहरबान

देखो नदी के किनारे पंछी पुकारे किसी पंछी को
देखो ये जो नदी है मिलने चली है सागर ही को
ये प्यार का ही साअरा है कारवान
कैसी है ये रुत के जिस में फूल बन के दिल खिले
घुल रहे हैं रंग सारे घुल रही हैं खुशबुएँ

हो, कैसे किसी को बतायें कैसे ये समझायें क्या प्यार है
इस में बंधन नहीं है और ना कोई भी दीवार है
सुनो प्यार की निराली है दास्ताँ
कैसी है ये रुत के जिस में फूल बन के दिल खिले
घुल रहे हैं रंग सारे घुल रही हैं खुशबुएँ
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Kaisi hai ye rut-Dil chahta hai 2001

Artists: Akshay Khanna, Dimple Kapadia

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May 8, 2017

कोई कहे कहता रहे-दिल चाहता है २००१

मेलोडी कब क्वीन थी और कब किंग ये अनुमान लगाना कठिन
काम है. हर दौर में सुनने लायक गीत तो बनेंगे ही, चाहे कम बनें
या ज्यादा. चलन वाला संगीत उसी नई पीढ़ी को ज्यादा भाता
है जो इसे सुन रही होती है उस समय. बाकी की पीढियां बस
तुलना करने और गुणवत्ता पर ध्यान लगाती हैं. इस गुणवत्ता का
सबका अलग अलग पैमाना होता है.

सुनते हैं सन २००१ की फिल्म दिल चाहता है से एक गीत जिसे
शंकर महादेवन, के के और शान ने गाया है. जावेद अख्तर के बोल
हैं और संगीत शंकर एहसान लॉय का.




गीत के बोल:

कोई कहे कहता रहे कितना भी हमको दीवाना
हम लोगों की ठोकर में है ये ज़माना
जब साज़ है आवाज़ है फिर किसलिए हिचकिचाना
हो गायेंगे हम अपने दिलों का तराना
बिगड़े दुनिया बिगड़ने भी दो
झगड़े दुनिया झगड़ने भी दो
लड़े जो दुनिया लड़ने भी दो
तुम अपनी धुन में गाओ
दुनिया रूठे रूठने दो
बंधन टूटे टूटने दो
कोई छूटे छूटने दो
ना घबराओ
हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना

आँखों में हैं बिजलियाँ साँसों में तूफ़ान हैं
डर क्या है और हार क्या हम इस से अनजान हैं
हमारे लिए ही तो हैं आसमान और ज़मीन
सितारे भी हम तोड़ लेंगे हमें है यकीन
अम्बर से है आगे हमारा ठिकाना
हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना

सपनों का जो देस है हाँ हम वहीं हैं पले
थोड़े से दिलफेंक हैं थोड़े से हैं मनचले
जहाँ भी गए अपना जादू दिखाते रहे
मोहब्बत हसीनों को अक्सर सिखाते रहे
आए हमें दिल और नींदें चुराना
हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना

कोई कहे कहता रहे कितना भी हमको दीवाना
कोई कहता रहे कितना भी हमको दीवाना
हो हम लोगों की ठोकर में है ये ज़माना
हो जब साज़ है आवाज़ है फिर किसलिए हिचकिचाना
हूँ जब साज़ है आवाज़ है फिर किसलिए हिचकिचाना
हो गायेंगे हम अपने दिलों का तराना

हो हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना
हाँ हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना
.............................................................
Koi kahe kehta rahe-Dil chahta hai 2001

Artists: Aamir Khan, Saif Ali Khan, Akshay Khanna

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