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May 21, 2017

खुशियाँ ही खुशियाँ हो-दुल्हन वही जो पिया मन भाये १९७७

एक थोडा तेज गति वाला गीत सुनते हैं रवींद्र जैन के
संगीत वाला.

फिल्म: दुल्हन वही जो पिया मन भये
वर्ष: १९७७
गीतकार: रवींद्र जैन
गायक:येसुदास, हेमलता
संगीत: रवींद्र जैन



गीत के बोल:

खुशियाँ ही खुशियाँ हो दामन में जिसके
खुशियाँ ही खुशियाँ हो दामन में जिसके
क्यों न खुशी से वो दीवाना हो जाये
ऐसे मुबारक मौके पे साथी
ऐसे मुबारक मौके पे साथी
पेश दुआओं का नज़राना हो जाये
खुशियाँ ही खुशियाँ हो दामन में जिसके
क्यों न खुशी से वो दीवाना हो जाये

देर से समझा हमको ज़माना
शुक्र करो कि समझ तो गया
संग रहने का ख़्वाब सुहाना
बन के हक़ीकत सज तो गया
तुम जो कहो तो महफ़िल से कह दे
तुम जो कहो तो सारी महफ़िल से कह दे
पल भर में मशहूर अफ़साना हो जाये

खुशियाँ ही खुशियाँ हो दामन में जिसके
क्यों न खुशी से वो दीवाना हो जाये

कोई क्या जाने हम ने क्या क्या
खेल रचाये तुम्हारे लिये
हम भी कैसी कैसी मंज़िल
छोड़ के आये तुम्हारे लिये
कलियाँ ही कलियाँ महका दो ऐसे
के आबाद दिल का ये वीराना हो जाये

खुशियाँ ही खुशियाँ हो दामन में जिसके
क्यों न खुशी से वो दीवाना हो जाये

हँस के हमरी हर भूल भुला देना
हम हैं तुम्हरे जब चाहो बुला लेना
अपनों की इस महफ़िल में अब
काम नहीं है बेगानों का
ये दुनिया क्या मोल करेगी
इक मुफ़लिस के अरमानों का
इतनी सी है बस अपनी तमन्ना
इतनी सी है बस अपनी तमन्ना
तेरी खुशी से दिल परवाना हो जाये

खुशियाँ ही खुशियाँ हो दामन में जिसके
क्यों न खुशी से वो दीवाना हो जाये
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Khushiyan hi khushiyan ho-Dulhan wahi jo piya man bhaye 1977

Artists: Prem Kishan, Rameshwari, Madan Puri, Iftekhar, Leela Mishra

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Nov 1, 2014

जहाँ प्रेम का पावन- दुल्हन वही जो पिया मन भाये १९७७

आपको फिल्म-दुल्हन वही जो पिया मन भाये से एक गीत सुनवाया
था कुछ साल पहले. फिल्म मेंआधुनिक पोता घरेलू लड़की को नकली
बहू बनाले आता है उसके बाद सिलसिला शुरू होता है घरके सदस्यों के
मोहित होने का. इसी कड़ी में फिल्ममें एक भजन है जिसे हेमलता ने
गाया है औररामेश्वरी पर फिल्माया गया है.

आइये सुनते हैं एक कर्णप्रिय गीत जिसके बोल औरसंगीत दोनों ही
रवींद्र जैन के है. पुरानी धार्मिकफिल्मों के संगीतकार एस एन त्रिपाठी
की कमी कोरवींद्र जैन ने काफी हद तक पूरा कर दिया है. उन्होंने भक्ति
संगीत में काफी योगदान दिया है. 




गीत के बोल:

जहाँ प्रेम का पावन दियारा जले
जहाँ बोले वचन तब नीर भरे
उसी अंगना में उसी द्वारे पे
बीते हमारा भी जीवन राम करे
जहाँ प्रेम का पावन दियारा जले

कौन नदी की हम हैं लहर
कहो आ के मिला रे किनारा
जोग लिखे बिन हम नाहीं ऐसा मिलन हमारा
किन चरणों में न घर न पड़े
जहाँ प्रेम का पावन दियारा जले

जिस दिन नाही अपना कोई जो कह दे उसे अपना ले
उस की करुना उस की दया का उतरे न मर्ज़ उतारे
जिया जहाँ है वहीं जी मरें
जहाँ प्रेम का पवन दियारा जले
जहाँ बोले वचन तब नीर भरे
उसी अंगना में उसी द्वारे पे
बीते हमारा भी जीवन राम करे

जहाँ प्रेम का पावन दियारा जले
..........................................
Jahan prem ka-Dulhan wahi jo piya man bhaye 1977

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Mar 12, 2009

ले तो आए हो हमें-दुल्हन वही जो पिया मन भाये १९७७

राजश्री प्रोडकशंस और ताराचंद बडजात्या साफ़ सुथरी पारिवारिक
फिल्मों के पर्याय हैं। उनकी कई सफल फ़िल्में दर्शकों को ७० के दशक
में देखने को मिलीं। उनमे से एक थी नए चेहरों को लाकर बनाई गई
"दुल्हन वही जो पिया मन भाये"। इसमे रामेश्वरी और प्रेम किशन
(प्रेम किशन प्रसिद्ध अभिनेता प्रेमनाथ के सुपुत्र हैं) मुख्य कलाकार थे।

अपने दादा के लिए एक लड़की को बहू बना के ले आता है आधुनिक
परिवेश में ढला पोता। एक घरेलू लड़की जल्दी ही सबका मन मोह लेती
है और इस गीत में वो कल्पनाओं में खो गई है। ये गीत बहुत बजा और
आज भी अपनी ताजगी का एहसास कराता है। इसके बोल और धुन दोनों
रवीन्द्र जैन की है, गायक स्वर हेमलता का है।



गीत के बोल:

ले तो आए हो हमें सपनो के गाँव में
ले तो आए हो हमें सपनो के गाँव में
प्यार की छाओं में बिठाये रखना
सजना ओ सजना
सजना ओ सजना

तुमने छुआ तो तार बज उठे मन के
तुम जैसा चाहो रहें वैसे ही बन के
तुम से शुरू, तुम्ही पे कहानी ख़तम करें
तुम से शुरू, तुम्ही पे कहानी ख़तम करें
दूजा न आए कोई नैनों के गाँव में

ले तो आए हो हमें सपनो के गाँव में
प्यार की छाओं में बिठाये रखना
सजना ओ सजना
सजना ओ सजना

छोटा सा घर हो अपना, प्यारा सा जग हो
कोई किसी से पल भर न अलग हो
इसके सिवा अब दूजी कोई चाह नही
इसके सिवा अब दूजी कोई चाह नही
हँसते रहें हम दोनों फूलों के गाँव में

ले तो आए हो हमें सपनो के गाँव में
प्यार की छाओं में बिठाये रखना
सजना ओ सजना
सजना ओ सजना
...............................................................
Le to aaye ho hamen-Dulhan wahi jo piya man bhaye  1977

Artist: Rameshwari

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