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Mar 3, 2017

अपुन तो यारी में-हरफनमौला १९७६

आपको फिल्म डाकू से एक बेहद लोकप्रिय गीत सुनवाया
था कुछ समय पहले श्यामजी घनश्यामजी के संगीत वाला.
कभी गम से दिल लगाया जिसे आप सब ने बेहद पसंद
लिया था. आज सुनते हैं उन्हीं के संगीत से सजा एक मस्त
गीत फिल्म हरफनमौला से जो सन १९७६ में रिलीज़ हुई थी.

फिल्म के निर्माता और निर्देशक एस एम् सागर हैं. फिल्म में
अशोक कुमार, कबीर बेदी और आशा सचदेव. परदे पर इस
गीत को गा रहे हैं अशोक कुमार डोकरों की महफ़िल में.
महफ़िल की शोभा बढ़ाने के लिए इसमें बिंदु मौजूद हैं.



गीत के बोल:

महफ़िल भी हम सजाएँ हे गाना भी हम सुनाएँ हे 
अपना तो ये ही धरम है यारों के काम आयें
अपुन तो यारी में
अपुन तो यारी में यारों के लिए मरता
अपुन तो यारी में यारों के लिए मरता
तेरे किये क्या क्या हम डींग डांग करता
कौन है अपना पूछने वाला
यार ही जोरू यार ही साला कुक कुक कुक
अपुन तो यारी में यारों के लिए मरता
तेरे किये क्या क्या हम डींग डांग करता

मैं हूँ अनोखा मेरा दिल है नगीना
ले कर के आया देखो कैसी हसीना
ताल टटोटी हे गुलगुल पोटी
चाल है के जैसे चले दिल पे कैंची
चाल है के जैसे चले दिल पे कैंची
जिधर जाए जालिम क़यामत गुज़रता

अपुन तो यारी में यारों के लिए मरता
तेरे किये क्या क्या हम डींग डांग करता

थोडा सा तुम भी अभी मस्ती में आओ
हे आओ नी बाबा
ऐसा क्या यार खाली हमको नचाओ
हे बाकड़ बागुम आ बा बागुम आ बा बागुम आ
हम भी नचाएगा ऐसा मज़े में
हम भी नचाएगा ऐसा मज़े में
तुमको भूल जायेगा रास्ता भी घर का

अपुन तो यारी में यारों के लिए मरता
तेरे किये क्या क्या हम डींग डांग करता
कौन है अपना पूछने वाला यार ही जोरू यार ही साला
अपुन तो यारी में यारों के लिए मरता
तेरे किये क्या क्या हम डींग डांग करता
डींग डांग करता
………………………………………………………
Apun to yaari mein-Harfanmaula 1976

Artists: Ashok Kumar, Bindu, Anwar Hussain

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Apr 5, 2012

डोरी प्यार की ना टूटे-हरफ़नमौला १९७६

प्यार को कायम रखने के लिए बहुत आत्मबल
और बहुबल की ज़रूरत होती है. धनबल भी काम
आता है. दुनिया से लड़ना कोई बच्चों का खेल
नहीं है. जान हथेली पर ले कर चलने वाले ही
प्यार के फील्ड में सक्सेसफुल हो पाते हैं.

प्यार की डोर टूट जाये तो प्यार door से बाहर
निकल जाता है चाहे वो घर का door या दिल
का door.

सुनते हैं मजरूह सुल्तानपुरी की लवली रचना
जिसे रफ़ी और आशा भोंसले ने गाया है. हॉट
सोंग जैसे अंदाज़ में गाना शुरू होता है. ये उस
ज़माने के हिसाब से हमने कहा है. किसी पार्क
के पोखर में नायक नायिका डुबकी जो लगा रहे
हैं. श्यामजी घनश्यामजी ने इसकी धुन तैयार
की है.





गीत के बोल:

डोरी प्यार की ना टूटे
चाहे जितना जोर लगा ले दुनिया
अब तेरा मेरा साथ ना छूटे
अच्छा जी
अब तेरा मेरा साथ ना छूटे
जी चाहे जितना आजमा ले दुनिया
डोरी प्यार की ना टूटे

वो तो कहो के हम पे मुकद्दर था मेहरबान
वो तो कहो के हम पे मुकद्दर था मेहरबान
तुम आज डूब जाते तो क्या कहता ये जहान
कहता के जान दे दी मोहब्बत में आपकी
दुनिया को मिलती प्यार की एक और दास्तान
यही बोल सच्चे झूठे यही बोल सच्चे झूठे
सुन ले तो दिल में बसा ले दुनिया

ओ डोरी प्यार की ना टूटे
चाहे जितना जोर लगा ले दुनिया
अब तेरा मेरा साथ ना छूटे

देखे कोई कमाल दिल-ए-बेकरार के
देखे कोई कमाल दिल-ए-बेकरार के
यूँ दी सज़ा के आ ही गये दिन बहार के
गेसू उड़े निगाह झुकी दिल धड़क गया
चेहरे पे आने जाने लगे रंग प्यार के
खिले प्यार के गुल बूटे
ओये ओये
खिले प्यार के गुल बूटे
अब हम पे आँख ना डाले दुनिया

डोरी प्यार की ना टूटे
डोरी प्यार की ना टूटे
चाहे जितना जोर लगा ले दुनिया
अब तेरा मेरा साथ ना छूटे
अब तेरा मेरा साथ ना छूटे
जी चाहे जितना आजमा ले दुनिया
डोरी प्यार की ना टूटे
……………………………………..
Dori pyar ki na toote-Harfanmaula 1976

Artist: Satish Kaul, Asha Sachdev

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