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Dec 15, 2009

ये रात ये चांदनी फ़िर कहाँ-जाल १९५२

शानदार युगल गीतों की श्रृंखला में अगला गीत प्रस्तुत है
सन १९५२ की फिल्म जाल से। देव आनंद और गीता बाली पर
फिल्माए गए इस गीत के असंख्य मुरीद हैं। इसकी 'पंच लाइन'
"सीने मे बल खा रहा है धुआं, सुन जा दिल की दास्तां" आज भी
दिमाग में वैसे ही जमी है। गीत का फिल्मांकन भी अच्छा है।
लता मंगेशकर और हेमंत कुमार के गाये युगल गीत को लिखा
साहिर ने और धुन बनाई सचिन देव बर्मन ने।
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गाने के बोल:

ये रात ये चाँदनी फिर कहाँ, सुन जा दिल की दास्तां
चाँदनी रातें प्यार की बातें खो गयी जाने कहाँ
चाँदनी रातें प्यार की बातें खो गयी जाने कहाँ

ये रात ये चाँदनी फिर कहाँ, सुन जा दिल की दास्तां

आती है सदा तेरी टूटे हुए तारों से
आहट तेरी सुनती हूँ खामोश नज़ारों से
भीगी हवा, डूबी घटा कहती है तेरी कहानी
तेरे लिये बेचैन है, शोलों मे लिपटी जवानी
सीने मे बल खा रहा है धुआं, सुन जा दिल की दास्तां
ये रात ये चाँदनी फिर कहाँ, सुन जा दिल की दास्तां

लहरों के लबों पर हैं खोये हुए अफ़साने
गुलज़ार उम्मीदों के सब खो गये वीराने
तेरा पता पाऊं कहाँ सूने हैं सारे ठिकाने
जाने कहाँ गुम हो गये, जा के वो अगले ज़माने
बरबाद है आरज़ू का जहाँ, सुन जा दिल की दास्तां
सुन जा दिल की दास्तां
सुन जा दिल की दास्तां

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Oct 26, 2009

चोरी चोरी मेरी गली आना है बुरा-जाल १९५२

चोरी चोरी मेरी गली आना है बुरा । ये एक हल्का फुल्का गीत है।
गोवा के संगीत की झलक इसमे आपको मिल जायेगी। आनंद उठाइए
सुनहरे युग के एक मस्त गीत का । अभिनेत्री हैं गीता बाली जो
अपने मनमोहक अंदाज़ में नृत्य कर रही हैं। हीरो हैं अपने देसी
ग्रेगोरी पैक यानि देव आनंद । गीत है साहिर का और धुन है
एस डी बर्मन की । गुरु दत्त ने फ़िल्म का निर्देशन किया था।




गाने के बोल:

चोरी चोरी मेरी गली आना है बुरा
आए जा
आके बिना बात किए जाना है बुरा
आए जा

अच्छे नहीं ये इशारे
पेडों तले छुप छुपा के
आओ न दो बातें कर लें
नज़रों से नज़रें मिला के

दिन है बहार के , मौज बहार के
दिन है बहार के , मौज बहार के
देखो भोले भले जी को तरसाना है बुरा

चोरी चोरी मेरी गली आना है बुरा
आए जा
आके बिना बात किए जाना है बुरा
आए जा

दिल आ गया है तो प्यारे
बदनाम होने का डर क्या
इश्क और वफ़ा की गली में
दुनिया के गम का गुज़र क्या

दिन है बहार के , मौज बहार के
दिन है बहार के , मौज बहार के
देखो भोले भले जी को तरसाना है बुरा

चोरी चोरी मेरी गली आना है बुरा
आए जा
आके बिना बात किए जाना है बुरा
आए जा

दिन है बहार के , मौज बहार के
दिन है बहार के , मौज बहार के
देखो भोले भले जी को तरसाना है बुरा

चोरी चोरी मेरी गली आना है बुरा
आए जा
आके बिना बात किए जाना है बुरा
आए जा
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Chori chori meri gali aana hai bura-Jaal 1952

Artist: Geeta Bali, Dev Anand

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Mar 27, 2009

ये रात ये चाँदनी फिर कहाँ १ -जाल १९५२

देव आनंद पर फिल्माया गया हेमंत कुमार का गाया एक गीत।
ऐसे गीत सिर्फ पचास के दशक में ही आये। ६० के दशक में
देव आनंद को रफ़ी की आवाज़ वाले गीत मिले। उसके बाद
किशोर या रफ़ी की आवाज़ वाले गीतों पर ही वे परदे पर
होंठ हिलाते मिले। गीत में गीता बाली नाम की नायिका
दिखाई देती हैं। बोल साहिर के हैं और धुन बड़े बर्मन साहब की ।
समय के हिसाब से देव आनंद बढ़िया डिजाईन का स्वेटर पहने हुए
हैं।


गीत के बोल:

आ, हा हा हा हा हा हा हा हा
ये रात ये चाँदनी फिर कहाँ
सुन जा दिल की दास्ताँ
ये रात ये चाँदनी फिर कहाँ
सुन जा दिल की दास्ताँ

हे,पेड़ों की शाखों पे
पेड़ों की शाखों पे सोई सोई चाँदनी
पेड़ों की शाखों पे
तेरे खयालों में खोई खोई चाँदनी
और थोड़ी देर में थक के लौट जाएगी
रात ये बहार की, फिर कभी न आएगी
दो एक पल और है ये समा,
सुन जा दिल की दास्ताँ

हे, लहरों के होंठों पे
लहरों के होंठों पे धीमा धीमा राग है
लहरों के होंठों पे
भीगी हवाओं में ठंडी ठंडी आग है
इस हसीन आग में तू भी जल के देख ले
ज़िंदगी के गीत की धुन बदल के देख ले
खुलने दे अब धड़कनों की ज़ुबाँ,
सुन जा दिल की दास्ताँ

हे, जाती बहारें हैं
जाती बहारें हैं उठती जवानियाँ
जाती बहारें हैं
तारों के छाँव में पहले कहानियाँ
एक बार चल दिये गर तुझे पुकार के
लौटकर न आएंगे क़ाफ़िले बहार के
एक बार चल दिये गर तुझे पुकार के
लौटकर न आएंगे क़ाफ़िले बहार के
आ जा अभी ज़िंदगी है जवाँ,
सुन जा दिल की दास्ताँ

ये रात ये चाँदनी फिर कहाँ
सुन जा दिल की दास्ताँ
दास्ताँ......, दास्ताँ.....
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Ye raat ye chandni phir kahan 1-Jaal 1952

Artist: Dev Anand

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