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Aug 9, 2016

हम नहीं झूमते हैं-जानी दोस्त १९८३

बहुत दिन हुए कोई जीतेंद्र-श्रीदेवी क्लासिक गीत सुने हुए.
आज सुनते हैं जानी दोस्त से एक गीत. इन्दीवर की
खूबसूरत रचना को आकर्षक धुन में बाँधा है बप्पी लहरी
ने.

कोई भी चीज़ हो समय गुजरने के बाद क्लासिक कहलाई
जाती है. रेट्रो या विंटेज जैसे शब्द भी प्रयोग होते हैं ऐसे
सामान को बयान करने के लिए.

प्रस्तुत गीत आशा भोंसले और किशोर कुमार ने गाया है.
ब्लॉग पर ये फिल्म का तीसरा गीत है.




गीत के बोल:

हम नहीं झूमते हैं झूमता है सारा जहां
आ हा ओ आ हा ओ आ हा
अरे हम नहीं झूमते हैं झूमता है सारा जहां
हम नहीं झूमते हैं झूमता है सारा जहां
आ हा ओ आ हा ओ आ हा
झूमते झूमते घर आ जाएगा तो हम चले जाएंगे
कैसे जाएंगे
तू रु ता रा तू रु ता रा तू रु ता रा

हम नहीं झूमते हैं झूमता है सारा जहां
आ हा ओ आ हा ओ आ हा

झूम के तुम मुझको अजी देख रहे हो क्यूँ
कभी तू ज़ीनत कभी तू रेखा
कभी तू ज़ीनत कभी तू रेखा
मैने तुझमें क्या क्या देखा
रंग बदले कैसा कैसा
देखे बहुत से जवां तुझसा कोई कहाँ
तरह तरह के तुझमें हैं फन
नाचे जब तू है कमल हासन
गुस्से में अमिताभ जैसा
लड़ाई बन्द करो घर चलो
घर अरे किधर है घर
झूमते झूमते घर आ जाएगा तो हम चले जाएंगे
कैसे जाएंगे
तू रु ता रा तू रु ता रा तू रु ता रा

हम नहीं झूमते हैं झूमता है सारा जहां
आ हा ओ आ हा ओ आ हा


घर को हम भूले या हमें घर भूला
रात कहां पर हम काटेंगे क्या खाएंगे क्या पियेंगे
सोयेंगे हम कहां जा कर
बाहों का तकिया बना
ज़ुल्फ़ों की चादर बिछा
आओ हम तुम प्यार निभाने
प्यार ही पी लें प्यार ही खा लें
सपनें देखें मिल कर
यहीं ये सड़क पर
नहीं नहीं नहीं
झूमते झूमते घर आ जाएगा तो हम चले जाएंगे
कैसे जाएंगे
तू रु ता रा तू रु ता रा तू रु ता रा

हम नहीं झूमते हैं झूमता है सारा जहां
आ हा ओ आ हा ओ आ हा
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Ham nahin jhoomte hain-Jaani dost 1983


Artists-Jeetendra, Sridevi

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May 12, 2016

जवानी जवानी जलती जवानी-जानी दोस्त १९८३

सन १९७९ में अवतरित हुई फिल्म जानी दुश्मन के ठीक
चार साल के अंदर एक फिल्म आ गयी जिसका नाम है
जानी दोस्त. दक्षिण भारतीय फिल्मों की बौछार का सबसे
ज्यादा फायदा किसी नायक को हुआ तो वो हैं-जीतेंद्र. उनके
साथ दक्षिण की कई नायिकाओं ने अभिनय किया.

ऐसी फिल्मों के आगमन के साथ शुरू हुयी इन्दीवर और बप्पी
की जुगलबंदी जो काफी समय तक सफलतापूर्वक चली. हलके
फुल्के गीत लिखते लिखते इन्दीवर पंक्तियों के बीच में अपना
साहित्यिक झटका मारना ना भूलते. गीत में एक पंक्ति है-
‘आया उड़ाने बालों को तेरे’. ८० के दशक में जनता गंजेपन की
समस्या से उतना परेशान नहीं थी जितनी आज है. तमाम
बाल उगाने वाले सामान ९० के दशक में आना शुरू हुए. अब
वो कितना बाल उगाते हैं ये तो कहा नहीं जा सकता मगर
ऐसे उत्पाद विक्रेता कंपनियों के लिए पैसे ज़रूर उगाह देते हैं.
बाल भी एक ऐसी चीज़ है जो तलाक ले के जाने के बाद गई
दुल्हन की तरह शायद ही कभी वापस आते हों.

गीत आशा भोंसले और किशोर कुमार का गाया हुआ है. गीत में
आपको जीतू और सिल्क स्मिता नाचते दिखाई देंगे.




गीत के बोल:

जवानी जवानी जलती जवानी
होंठों पे आई है आग प्यार की
जवानी जवानी जलती जवानी
होंठों पे आई है आग प्यार की
जल जाए जो मुझे छू ले
पिघल जाए जो मुझे देखे
लग जाए आग प्यार की

आया चुराने गलों को तेरे
आया उड़ाने बालों को तेरे
तेरे मैं हूँ दिल का चोर
चाहे उड़ा लो चाहे चुरा लो
चाहे उड़ा लो चाहे चुरा लो
पहले मुझसे आँख मिला लो
आ हा देखो ज़रा मेरी ओर

जवानी जवानी जलती जवानी
होंठों पे आई है आग प्यार की
जवानी जवानी जलती जवानी
होंठों पे आई है आग प्यार की
जल जाए जो मुझे छू ले
पिघल जाए जो मुझे देखे
लग जाए आग प्यार की

मोती ना लूँगा हीरे ना लूँगा
दिल देने आया हूँ दिल ले के रहूँगा
आया मैं आया दिल का खरीदार
मैं जो बोलूं ऐसा लुटेरा
लूट ले जाए वो दिल मेरा
तेरा ही इंतज़ार था

जवानी जवानी जलती जवानी
होंठों पे आई है आग प्यार की
जवानी जवानी जलती जवानी
होंठों पे आई है आग प्यार की
जल जाए जो मुझे छू ले
पिघल जाए जो मुझे देखे
लग जाए आग प्यार की
......................................................................
Jawani jawani jalti jawani-Jaani  dost 1983

Artists-Silk Smita, Jeetendra

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Jan 30, 2010

आई आई मैं तो आई -जानी दोस्त १९८३

कुछ जोड़ियाँ देख कर दर्शक चौंक जाया करते थे। हम भी चौंके
जब हमने परवीन बौबी को धर्मेन्द्र के साथ नाचते देखा। हमें लगा
शायद निर्माता भूल गया था कि परवीन की जोड़ी सबसे ज्यादा
अमिताभ के साथ पसंद की गयी।

आपके लिए पेश है फिल्म जानी दोस्त का गीत जिसमे प्लास्टिक
की उछलती कूदती गेंदों के बीच नायक नायिका उछलने की कोशिश
कर रहे हैं। शायद ८० के दशक में दक्षिण के निर्माता निर्देशकों ने
प्लास्टिक के समान बनाने की फैक्ट्रियां भी खोल ली थीं। लगभग
हर फिल्म में प्लास्टिक का समान, बर्तन या फल सब्जी दिखाई
देते थे। नायिका को 'बूटी-क्वीन' बना दिया गया है। गायक हैं किशोर
और आशा। गीत का संगीत तैयार किया है बप्पी लहरी ने। दूसरे
अंतरे के पहले के संगीत से आपको गलत फ़हमी हो सकती है कि
राहुल देव बर्मन के साजिंदों ने छुट्टी के दिन बप्पी लहरी के साथ काम
किया हो। वायलिन बजने का अंदाज़ ऐसा ही है जैसा कि बर्मन के कई
गीतों में आपको मिलेगा।



गीत के बोल:

आई आई मैं तो आई
जन्नत से छुपा के लायी, आई
मैं तो आई ।

लायी लायी तू तो आई
रब के नज़ारे लायी , छाई
दिल पे छाई

आई आई मैं तो आई
जन्नत से छुपा के लायी, आई
मैं तो आई ।

लायी लायी तू तो आई
रब के नज़ारे लायी , छाई
दिल पे छाई
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन

आ हा हा हा, हं हं हं

जिससे ऑंखें मिला दूं
दिल के परदे उठा दूं
दो जहाँ में बिठा दूं
आ हा आ हा
कितनी प्यारी हसीना
जिसको मिली कभी ना
उसका जीना क्या जीना बिन तेरे
या या या या या
दुनिया को देख आया
तुझसा ना कोई पाया
आ हा हा हा , हं हं हं हं हं

आई आई मैं तो आई
जन्नत से छुपा के लायी, आई
मैं तो आई ।

लायी लायी तू तो आई
रब के नज़ारे लायी , छाई
दिल पे छाई
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
आ हा हा हा , हं हं हं हं हं

गालों के ये अंगारे
आँखों के ये शरारे
कब बनेंगे हमारे

ओ हो ओ हो

अंग मेरे निराले
जैसे सांचे में ढाले
कर दूं तेरे हवाले
तू जो चाहे
या या या या या
तू ऐसा भाया
हर दिल ठुकराया
आ हा हा हा , हं हं हं हं हं

आई आई मैं तो आई
जन्नत से छुपा के लायी, आई
मैं तो आई ।

लायी लायी तू तो आई
रब के नज़ारे लायी , छाई
दिल पे छाई
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
la la la la la
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
la la la
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Aayi aayi main to aayi-Jaani Dost 1983

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