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Dec 31, 2015

नये पुराने साल में-रक्षा १९८१

फिर से एक बार वो घडी आ गयी जिसका सबको बड़ी बेसब्री
से इंतज़ार रहता है. ये है नए साल के पहले का वक्त. अंग्रेजी
नए साल शुरू होने के पहले का समय. रंगीन बुद्धू बक्से के
पहले के आगमन तक ऐसा कुछ हंगामा नहीं होता था. वही
रूटीन होता था आम आदमी का-३१ दिसम्बर को खाया और
१ जनवरी को लोटा ले के दिशा मैदान हो आये. आम दिनों
और इस दिन कोई विशेष अंतर नहीं पढता था.

टी वी ने सब बदल दिया क्यूँ की बदलाव समय की मांग है.
कुछ समय पहले तक जो काम एस एम् एस से होता था वो
अब फेसबुक और वाट-लगा-एप की मदद से हो रहा है-संदेशों
का आदान प्रदान. भले ही आपकी और दिनों में खैर-खबर न
पूछे मगर इस दिन यकायक ही कोई कब्र में से प्रकट हुआ
सा आपको नए वर्ष का सन्देश दे देता है.

आइये सुनें फिल्म रक्षा से एक गीत जिसे आशा भोंसले और
किशोर कुमार ने गाया है. आनंद बक्षी और आर डी बर्मन इसके
क्रमशः गीतकार और संगीतकार हैं. जीतेंद्र और परवीन बॉबी
आपको विशेष अंदाज़ में हिलते डुलते नज़र आयेंगे गीत में.
इस हिलने डुलने के अंदाज़ को हम नृत्य भी कहते हैं.



गीत के बोल:


नये पुराने साल में एक रात बाकी है
बाकी बातें हो चुकी, एक बात बाकी है
नये पुराने साल में

कहीं है कोई अपना, कहीं कोई बेगाना
कैसे अपनी बात कहें आखिर दिल दीवाना
जल्दी क्या है, कह लेना मुलाकात बाकी है
नये पुराने साल में

रात बनी है दुल्हन, खुश है चाँद सितारे
महफिल में आ बैठे, दुश्मन-दोस्त हमारे
अरे आने वाले दूल्हा की बारात बाकी है
नये पुराने साल में

सबका दिल धड़काये, साल का आना जाना
हमसे बिछड़ रहा है, साथी एक पुराना
बस अब थोड़ी देर का, ये साथ बाकी है
नये पुराने साल में
..........................................................................................
Naye purane saal mein-Raksha 1981

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Jul 14, 2011

मारा ठुमका बदल गयी चाल -क्रांति १९८१

आपको ठुमकेदार गीत सुनवाते हैं एक. फिल्म का नाम है क्रांति.
अपने समय की बड़ी हिट फिल्म थी ये. गीत भी इसके सुपर हिट
थे. गीत फिल्माया गया है परवीन बोबी पर. गीत लिखा है प्रसिद्द
गीतकार संतोष आनंद ने जिनकी पहचान देश भक्ति गीतों के लिए
ज्यादा है. उन्होंने मनोज कुमार की फिल्मों में ही गीत ज्यादा लिखे
हैं.

गीत में दिखने वाले कुछ और कलाकारों के नाम इस प्रकार से हैं-
प्रदीप कुमार, धीरज कुमार, शशिकला और टॉम आल्टर. बाकी के
अगर मैं पहचान पाता तो फिल्म जगत वाले मुझे ऑनररी पी एच डी
दे देते ना.




गीत के बोल:

पिला दे साकी मिला के हमको
शराब आधी गुलाब आधा, हिक
मिलेगा रोज ये हश्र तुम्हें भी
हजाब आधा सबाब आधा

मारा ठुमका, आ
मारा ठुमका बदल गयी चाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा

मारा ठुमका बदल गयी चाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल, हिक
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा

मैं चिड़ी रे चिड़ी देख मैं तो उडी
मैं चिड़ी रे चिड़ी देख मैं तो उडी
अपने बाबुल की मैं तो अकेली कुडी
आशियाना बना ले मुझे घर में बसा ले
आशियाना बना ले मुझे घर में बसा ले
मेरा क्या है मैं जा के मुडी न मुडी
मुडी न मुडी, मुडी न मुडी
मार डालूंगी खुद को संभाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा

मारा ठुमका, आ
मारा ठुमका बदल गयी चाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा

कोई आये भी न कोई जाए भी ना
कोई आये भी न कोई जाए भी ना
आज से अपना नाटक शुरू हो गया
पहले लैला मरेगी फिर मजनू मरेगा
पहले लैला मरेगी फिर मजनू मरेगा
फिर दोनों को जिंदा किया जायेगा,
किया जायेगा, किया जायेगा
नीला अम्बर मैं कर दूँगी लाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा
............................................
Maara thumka-Kranti 1981

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Jun 6, 2011

जहाँ तेरी ये नज़र है-कालिया १९८१

फिल्म कालिया सन १९८१ की फिल्म है। उस दौर में अमिताभ को किशोर
कुमार के गीत बहुत मिले परदे पर होंठ हिलाने के लिए। ये जोड़ी जनता को
पसंद थी तो अधिकतर निर्देशक किशोर कुमार से ही अमिताभ वाले गाने
गवाते।

फिल्म कालिया का ये गीत सबसे ज्यादा लोकप्रिय गीत है। एक पार्टी में
ये गीत गाया जा रहा है और किसी जमेस बोंड की फिल्म माफिक सुरंग
आपको इस गीत में दिखाई देगी। फिल्म के निर्देशक टीनू आनंद हैं। फिल्म
व्यावसायिक दृष्टि से बहुत सफल नहीं हुयी। गीत मजरूह सुल्तानपुरी की
कलम से निकला है तो संगीत राहुल देव बर्मन की सांगीतिक घुड्शाला से।

अब तो आप समझ ही गये होंगे कि नज़र किधर है-उन मोहतरमा के हार
पर जिनका हाथ पकड़ कर खलनायक अमजद खान नृत्य शुरू करते हैं।



गीत के बोल:

हे हे
धीम फटा फट धिन्गरी पका
पका का का का का का का
धीम फटा फट धिन्गरी पका
पका का का का का का का

जहाँ तेरी ये नज़र है मेरी जान मुझे खबर है
जहाँ तेरी ये नज़र है मेरी जान मुझे खबर है
बच ना सका कोई आये कितने
लम्बे हैं मेरे हाथ इतने
देख इधर यार ध्यान किधर है
अरे देख इधर यार ध्यान किधर है
जहाँ तेरी ये नज़र है मेरी जान मुझे खबर है

क्यूँ नहीं जानी तू ये समझता
काम नहीं ये है तेरे बस का
कुक डू कू कू

क्यूँ नहीं जानी तू ये समझता
काम नहीं ये है तेरे बस का
होश में आ जा ध्यान किधर है
अरे, होश में आ जा ध्यान किधर है

जहाँ तेरी ये नज़र है मेरी जान मुझे खबर है

मेरी तरफ जो उठा है तन के
कट के वही हाथ गिरा बदन से
अरे मेरी तरफ जो उठा है तन के
कट के वही हाथ गिरा बदन से
सामने आये किस का जिगर है
हाँ, सामने आये किस का जिगर है

जहाँ तेरी ये नज़र है मेरी जान मुझे खबर है

चाल ये बंदा ऐसी भी चल जाये
बंद हो मुट्ठी अरे चीज़ निकल जाये
गिली गिली गिली गिली

अरे चाल ये बंदा ऐसी भी चल जाये
बंद हो मुट्ठी अरे चीज़ निकल जाये
ये भी करिश्मा देख इधर है
हाँ, ये भी करिश्मा देख इधर है

जहाँ तेरी ये नज़र है मेरी जान मुझे खबर है
जहाँ तेरी ये नज़र है मेरी जान मुझे खबर है
बच ना सका कोई आये कितने
लम्बे हैं मेरे हाथ इतने
देख इधर यार ध्यान किधर है
अरे देख इधर यार ध्यान किधर है
............................................
Jahan teri ye nazar hai-Kaalia 1981

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Jun 13, 2010

एक बार जाने-जाना -काला सोना १९७५

सन १९७५ से एक गीत पेश है जो आशा भोंसले की आवाज़ में है ।
फिल्म काला सोना जो ज्यादा तो नहीं चमकी बॉक्स ऑफिस पर मगर
अपने गीतों के लिए ज़रूर संगीत प्रेमियों को याद रह गाई। प्रस्तुत गीत
अपने अनूठे वाद्य यंत्रों की आवाजों के लिए चर्चित हुआ। गीत में परवीन
बोबी के नृत्य से ज्यादा उनकी पोषाक लुभावनी है।



गीत के बोल:

एक बार जाने जाना
इकरार करते जाना
झूठ ही कह दो,
मेरा दिल रख लो
चाहे फिर तुम ना आना

एक बार जाने जाना
इकरार करते जाना
झूठ ही कह दो,
मेरा दिल रख लो
चाहे फिर तुम ना आना

एक बार जाने जाना

झूठी बातें भी यार की
लगती हैं बातें प्यार की
आहा आहा आहा आहा
झूठी बातें भी यार की
लगती हैं बातें प्यार की

हम भी क्या करें, तुम भी क्या करो
देखो ना सनम

एक बार जाने जाना
इकरार करते जाना
झूठ ही कह दो,
मेरा दिल रख लो
चाहे फिर तुम ना आना

एक बार जाने जाना

तुम जो मिल जाओ एक बार
मैं भी दिखला दूं वो बहार
आहा आहा आहा आहा
तुम जो मिल जाओ एक बार
मैं भी दिखला दूं वो बहार

भूले ना कभी सारी ज़िन्दगी
अल्लाह की कसम, अरे हाँ

एक बार जाने जाना
इकरार करते जाना
झूठ ही कह दो,
मेरा दिल रख लो
चाहे फिर तुम ना आना

एक बार जाने जाना
इकरार करते जाना
झूठ ही कह दो,
मेरा दिल रख लो
चाहे फिर तुम ना आना

एक बार जाने जाना

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Feb 8, 2010

सनम तुम जहाँ -कालिया १९८१

कुछ गीत आपको सोने में मदद करते हैं। इस गीत की धुन भी ऐसी
ही है। इसको आप चाहे देखते हुए सुनें या फिर केवल सुनें तो भी ये
आपकी सोने में मदद करेगा। फिल्म कालिया में ये गीत परदे पर
गा रही हैं परवीन बोबी । आशा भोंसले के स्वर तैर रहे हैं पंचम अर्थात
राहुल देव बर्मन की धुन पर। गाने के अंत में नायक भी सो जाता है।
ऐसी बढ़िया लोरी सुनाई दे और नींद ना आये......



गीत के बोल:

हे हे हे हे , हे हे हे हे
हे हे हे हे , हे हे हे हे
हे, जानी जाना,
हा जानी जाना
हे जानी जाना
सनम तुम जहाँ
मेरा दिल वहां
सनम तुम जहाँ
मेरा दिल वहां
बनते हो अनजान
काहे दिलवर जान
बनते हो अनजान
काहे दिलवर जान

कुछ तो है तुम्हारे पास
आई जो लगा के आस, अर रा
मेरी जान

हे हे हे हे , हे हे हे हे

सनम तुम जहाँ
मेरा दिल वहां
बनते हो अनजान
काहे दिलवर जान
बनते हो अनजान
काहे दिलवर जान

कुछ तो है तुम्हारे पास
आई जो लगा के आस, अरे हाँ
मेरी जान

हे हे हे हे , हाँ हाँ हाँ हाँ
सनम तुम जहाँ
मेरा दिल वहां

यार भी यहीं है
प्यार भी यहीं है
यार भी यहीं है
प्यार भी यहीं है
आ गया मज़ा,
छ गया नशा
रंग लायी बेक़रारी
अब ये रात है हमारी, अरे हाँ
मेरी जान
हे हे हे हे , हे हे हे हे
सनम तुम जहाँ
मेरा दिल वहां
हे, जानी जाना
हे, ना ना ना ना

अब कहीं ना जाना
छोड़ दो बहाना
अब कहीं ना जाना
छोड़ दो बहाना
ढल ना जाए रात
रह ना जाए बात
है गज़ब कि शाम आज
बढ़ के ले लो जाम आज, अरे हाँ
मेरी जान

हे हे हे हे , हे हे हे हे
सनम तुम जहाँ
मेरा दिल वहां
हे, जानी जाना
हे, जानी जाना

देख क्या रहे हो
मुस्कुरा रहे हो
देख क्या रहे हो
मुस्कुरा रहे हो
दिल कि ये लगी
दिल्लगी नहीं
तुम जो चाहो समझो यार
हमने तो किया है प्यार, अरे हाँ
मेरी जान

हे हे हे हे , हे हे हे हे
सनम तुम जहाँ
मेरा दिल वहां
बनते हो अनजान
काहे दिलवर जान
बनते हो अनजान
काहे दिलवर जान
कुछ तो है तुम्हारे पास
आई जो लगा के आस, अर रा
मेरी जान

हे हे हे हे , हे हे हे हे
हे हे हे हे , हे हे हे हे
हे
............................
Sanma tum jahan-Kaalia 1981

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Jan 30, 2010

आई आई मैं तो आई -जानी दोस्त १९८३

कुछ जोड़ियाँ देख कर दर्शक चौंक जाया करते थे। हम भी चौंके
जब हमने परवीन बौबी को धर्मेन्द्र के साथ नाचते देखा। हमें लगा
शायद निर्माता भूल गया था कि परवीन की जोड़ी सबसे ज्यादा
अमिताभ के साथ पसंद की गयी।

आपके लिए पेश है फिल्म जानी दोस्त का गीत जिसमे प्लास्टिक
की उछलती कूदती गेंदों के बीच नायक नायिका उछलने की कोशिश
कर रहे हैं। शायद ८० के दशक में दक्षिण के निर्माता निर्देशकों ने
प्लास्टिक के समान बनाने की फैक्ट्रियां भी खोल ली थीं। लगभग
हर फिल्म में प्लास्टिक का समान, बर्तन या फल सब्जी दिखाई
देते थे। नायिका को 'बूटी-क्वीन' बना दिया गया है। गायक हैं किशोर
और आशा। गीत का संगीत तैयार किया है बप्पी लहरी ने। दूसरे
अंतरे के पहले के संगीत से आपको गलत फ़हमी हो सकती है कि
राहुल देव बर्मन के साजिंदों ने छुट्टी के दिन बप्पी लहरी के साथ काम
किया हो। वायलिन बजने का अंदाज़ ऐसा ही है जैसा कि बर्मन के कई
गीतों में आपको मिलेगा।



गीत के बोल:

आई आई मैं तो आई
जन्नत से छुपा के लायी, आई
मैं तो आई ।

लायी लायी तू तो आई
रब के नज़ारे लायी , छाई
दिल पे छाई

आई आई मैं तो आई
जन्नत से छुपा के लायी, आई
मैं तो आई ।

लायी लायी तू तो आई
रब के नज़ारे लायी , छाई
दिल पे छाई
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन

आ हा हा हा, हं हं हं

जिससे ऑंखें मिला दूं
दिल के परदे उठा दूं
दो जहाँ में बिठा दूं
आ हा आ हा
कितनी प्यारी हसीना
जिसको मिली कभी ना
उसका जीना क्या जीना बिन तेरे
या या या या या
दुनिया को देख आया
तुझसा ना कोई पाया
आ हा हा हा , हं हं हं हं हं

आई आई मैं तो आई
जन्नत से छुपा के लायी, आई
मैं तो आई ।

लायी लायी तू तो आई
रब के नज़ारे लायी , छाई
दिल पे छाई
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
आ हा हा हा , हं हं हं हं हं

गालों के ये अंगारे
आँखों के ये शरारे
कब बनेंगे हमारे

ओ हो ओ हो

अंग मेरे निराले
जैसे सांचे में ढाले
कर दूं तेरे हवाले
तू जो चाहे
या या या या या
तू ऐसा भाया
हर दिल ठुकराया
आ हा हा हा , हं हं हं हं हं

आई आई मैं तो आई
जन्नत से छुपा के लायी, आई
मैं तो आई ।

लायी लायी तू तो आई
रब के नज़ारे लायी , छाई
दिल पे छाई
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
la la la la la
ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन
la la la
.....................................................................
Aayi aayi main to aayi-Jaani Dost 1983

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Jan 29, 2010

जवानी से जहाँ मिले जवानी-करमयुद्ध १९८५

करमयुद्ध फिल्म सन १९८५ में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म में
ढेर सारे नामी गिरामी कलाकार हैं । स्वरुप कुमार द्वारा निर्देशित
इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कोई करिश्मा नहीं किया था।
इसी वजह से इसके गाने भी ना के बराबर सुने गए। फिल्म में
मिथुन चक्रवर्ती, परवीन बाबी , अनीता राज और अमरीश पुरी
जैसे कलाकार हैं। ये गीत परवीन बाबी पर फिल्माया गया है और
इसको गा रही हैं आशा भोंसले। संगीत बप्पी लहरी का है। इस
फिल्म का एक गीत बहुत बजा था जिसका जिक्र आगे होगा।



गीत के बोल:

हा हा, हा हा, हा हा हा हा

जवानी से मिले जहाँ जवानी
शुरू हो दिलों की नई कहानी

कहीं ना होगा जवाब जिसका
जवाब वो है मेरा
रुको तो, सुनो तो,
क्या हूँ मैं, देखो तो
हा हा, हा हा, हा हा हा हा, हा हा हा हा

जवानी से मिले जहाँ जवानी
शुरू हो दिलों की नई कहानी

रात को सज के जो आऊँ
हो जाये समा आशिकाना
ऐसा है फिर कहाँ कोई
जो ना हो मेरा दीवाना
कोई मुझे जाने कहाँ
दीदा ?? थी जो दिलों पे छाई
ये हुस्न है वो नशा

रुको तो, सुनो तो,
क्या हूँ मैं, देखो तो
हा हा, हा हा, हा हा ,हा हा

जवानी से मिले जहाँ जवानी
शुरू हो दिलों की नई कहानी

चेहरे पे चहरे लगा के
लोगों के दिल बहलाऊँ
सीने में शोले दबा के
प्यार के रंग उड़ूँ
यहाँ वहां कहाँ कहाँ
बादल के सूरत दिलों से खेलूँ
मैं ये खेल प्यार का

रुको तो, सुनो तो,
क्या हूँ मैं, देखो तो
हा हा, हा हा, हा हा ,हा हा

जवानी से मिले जहाँ जवानी
शुरू हो दिलों की नई कहानी

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