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Sep 23, 2016

इनसानों ने पैसे के लिए-पैसा या प्यार १९६९

हेमंत कुमार की आवाज़ धीर गंभीर आवाजों में गिनी जाती है.
उनके रोमांटिक गीतों में भी कोमलता का लेप चढा सा महसूस
होता है.

आज सुनते हैं उनकी रौबदार आवाज़ में एक सन्देश देने वाला
गीत. साहिर लुधियानवी के लिखे बोलों को धुन पर तैराया
है संगीतकार रवि ने हेमंत कुमार की आवाज़ के साथ. रवि
हेमंत कुमार के सहायक रहे अपने शुरूआती दिनों में और ये
गीत हेमंत कुमार को सम्मान देने जैसा है.

गीत के बोल आज भी प्रासंगिक हैं जबकि ये १९६९ में या एक
आध साल पहले लिखा गया होगा. हेमंत कुमार की आवाज़ में
एक प्रेरणादायी गीत आपको थोड़े दिन पहले ही सुनवाया था जो
उन्हीं के संगीत निर्देशन वाला था.



गीत के बोल:

इनसानों ने पैसे के लिए
आपस का प्यार मिटा डाला
इनसानों ने पैसे के लिए
आपस का प्यार मिटा डाला
हँसते बसते घर फूँक दिए
धरती को नर्क बना डाला

मिट्टी से निकाला सोने को
सोने से बनाए महल मगर
मिट्टी से निकाला सोने को
सोने से बनाए महल मगर
जज़्बातों के नाज़ुक रिश्ते को
मिट्टी के तले दफ़ना डाला ...

दीन और धरम को हार दिया
नेकी को बदी पर वार दिया
दीन और धरम को हार दिया
नेकी को बदी पर वार दिया
मंदिर मस्जिद और गिरजों को
बैंकों की भेंट चढ़ा डाला

प्यार अपनी जगह ख़ुद दौलत है
ये बात न समझी इनसान ने
प्यार अपनी जगह ख़ुद दौलत है
ये बात न समझी इनसान ने
कुदरत की बनाई दौलत का
सिक्कों में मोल लगा डाला

इनसानों ने पैसे के लिए
आपस का प्यार मिटा डाला
...................................................................
Insanon ne paise ke liye-Paisa ya pyaar 1969

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Dec 12, 2009

बेर लेयो -पैसा या प्यार १९६९

हमने एक विषय पर ज्यादा प्रकाश नहीं डाला अभी तक-वो है
सब्जी फलों के ऊपर बने गीत। यू ट्यूब पर एक गीत में हीरो
हिरोइन को फलों के ढेर के इर्द गिर्द गाते देख मुझे ये गीत याद आया।
इसमे अभिनेत्री तनूजा चौपाटी पर बेर बेच रही हैं। फ़िर वही कहानी-
चौपाटी पर ऊँट। लगता है ये १९६९ से यहीं बैठे थे और १९७२ की
फ़िल्म सीता और गीता में भी इन्हीं ऊंटों ने अभिनय किया है।
गायिका हैं आशा भोंसले और संगीतकार हैं रवि। बेर बेचते बेचते
दूसरे शहरों की सैर भी हो गई। गरीबों का मेवा-ये नाम बेर का
कब से है ? मुझे इस प्रश्न के जवाब की तलाश है। इस गीत में
बम्बैया (मुम्बैया) भाषा का इस्तेमाल किया गया है -खाली पीली ।



गीत के बोल:

बेर ले लो बेर
बेर लेयो बेर लेयो बेर लेयो
हाँ

मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का
मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का

ये खट्टे खट्टे भी हैं
ये मीठे मीठे भी हैं
अरे इनके मज़ा है कई जात का

मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का

कच्चा भी काम है, पक्का भी काम का
इत्ता बड़ा साइज़ और इत्ते कम दाम का
कच्चा भी काम है, पक्का भी काम का
इत्ता बड़ा साइज़ और इत्ते कम दाम का

माल यहाँ रख प्यारे
इसे देख नहीं चख प्यारे
झिझक न, ओ राजा ले ले ले ले
झिझक न

बेर लेयो बेर लेयो बेर लेयो
हाँ

मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का
मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का

सात पैसे मोल कहूं इत्ते बड़े ढेर का
ले ले मेरे साब यहाँ काम नहीं देर का

सात पैसे मोल कहूं इत्ते बड़े ढेर का
ले ले मेरे साब यहाँ काम नहीं देर का

तू जो ले तो सत्त पैसा,
अरे मैं तुझको अत्थ पैसा
झिझक न ओ बाबू धीरे धीरे खिसक न

बेर लेयो बेर लेयो बेर लेयो
हाँ

मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का
मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का

रख मेरे बेर अरे तू तो बड़ा तेज़ है
ऐसे ले चला है जैसे जोरू का दहेज़ है
रख मेरे बेर अरे तू तो बड़ा तेज़ है
ऐसे ले चला है जैसे जोरू का दहेज़ है

आगे से हट जा रे, मार दूँगी पलट जा रे
चिपक न ओ यूँ ही खाली पीली चिपक न

बेर लेयो बेर लेयो बेर लेयो
हाँ

मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का
मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का

ये खट्टे खट्टे भी हैं
ये मीठे मीठे भी हैं
अरे इनके मज़ा है कई जात का

मेवा गरीबों का
ओ,तेरे मेरे नसीबों का

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