Showing posts with label Ram tere kitne naam. Show all posts
Showing posts with label Ram tere kitne naam. Show all posts

Dec 8, 2018

मंजिल थी कहीं जाना था कहीं-राम तेरे कितने नाम १९८५

अभिनेत्री रेखा ने जितना उतार चढ़ाव भरा जीवन जिया है
उतना शायद किसी अभिनेत्री ने नहीं. ये संयोग ही है कि
जितने भावों के रंग और उतार चढ़ाव उनके अभिनय में
दिखाई देते हैं वो अधिकाँश जिंदगी में भी उतर आये. ये
ज़रूर है उन्होंने वाटर या फायर जैसी किसी फिल्म में काम
नहीं किया.

एक गीत है ज़मीन आसमान का जिसमें वो एक दुधमुंहे
बच्चे को ले कर एक करुण स्वर वाला गीत गा रही हैं. ये
उनके जीवन का अभाव उस गीत में भी झलकता है.

राम तेरे कितने नाम फिल्म में उनके साथ संजीव कुमार
प्रमुख नायक हैं. फिल्म में विनोद मेहरा भी मौजूद हैं जो
कहानी के अनुसार फिल्म में उनके पति बने हैं. दोनों के
संबंधों में खटास है. फिल्म का प्रमुख नायक कहानी के
अंत तक अपने त्याग और समर्पण से इस खटास को दूर
कर देता है. 




गीत के बोल:

मंजिल थी कहीं जाना था कहीं
तकदीर कहाँ ले आई है
.
.
.
.
....................................................
Manzil thi kahin jaana tha kahin-Ram tere kitne naam 1985


Artist: Rekha

Read more...

Nov 8, 2010

मचल मचल जाता है दिल-राम तेरे कितने नाम १९८५

आइये आपको एक गीत सुनवाएं एक ऐसी अभिनेत्री पर फिल्माया गया
जिसपर हमने बहुत दिनों से चर्चा नहीं की है। इनका नाम है रेखा । मटके
पर पतली डंडियों को टपटपाने से जो आवाज़ निकलती है वैसी ही कुछ
ताल से ये गीत चालू होता है।

रेखा के साथ इस गीत में में हैं सूटेड-बूटेड संजीव कुमार। रेखा के अभिनय
में ८० के दशक में बहुत निखर आया। हिंदी सिनेमा के एक महानायक के
संपर्क में आने के बाद उनके लुक्स में भी बदलाव आया। आमूलचूल परिवर्तन
तब हुआ जब उन्होंने योग करना शुरू किया। इससे उनके चेहरे की कांति
भी कई गुना बढ़ गई। गीत लिखा है गुलशन बावरा ने, इनका भी गीत सुने
हमें काफी अरसा हो गया। संगीत है छोटे बर्मन साहब का।




गीत के बोल:

मचल मचल जाता है दिल
हो ओ, मचल मचल जाता है दिल
सोच कल की बातें
मचल मचल जाता है दिल
सोच कल की बातें
अब तो अपने ही दिन होंगे
होंगी अपनी रातें
हो रातें

मचल मचल जाता है दिल

तू क्या जाने तेरे बिन वो
दिन कैसे बीते
हो ओ ओ ,तू क्या जाने तेरे बिन वो
दिन कैसे बीते
एक तेरी आस थी वरना
हम नहीं जीते

मैं हूँ रानी तू है राज्जा
हो, मैं हूँ रानी तू है राजा
तारों की बारातें
अब तो अपने ही दिन होंगे
होंगी अपनी रातें
हो रातें

मचल मचल जाता है दिल

कहीं अपना छोटा सा घर
होगा प्यारा प्यारा
हो ओ ओ, कहीं अपना छोटा सा घर
होगा प्यारा प्यारा
बाँट लेंगे हम जीवन का
दुःख सुख सारा
होंगी अपने आँगन में फिर
हो ओ ओ, होंगी अपने आँगन में फिर
प्यार की सौगातें
अब तो अपने ही दिन होंगे
होंगी अपनी रातें
हो रातें

मचल मचल जाता है दिल

एक पल जुदा ना हो हम
मिल जाएँ ऐसे
हो ओ ओ, एक पल जुदा ना हो हम
मिल जाएँ ऐसे
दो लहरें एक दूजे से
मिल जाएँ जैसे
रह रह के याद आएगी
हो ओ ओ, रह रह के याद आएगी
पहली मुलाकातें
रह रह के याद आएगी
पहली मुलाकातें
अब तो अपने ही दिन होंगे
होंगी अपनी रातें
हो रातें

मचल मचल जाता है दिल
सोच कल की बातें
अब तो अपने ही दिन होंगे
होंगी अपनी रातें
हो रातें

मचल मचल जाता है दिल
.............................................................
Machal machal jaata hai dil-Ram tere kitne naam 1985

Artists: Sanjeev Kumar, Rekha

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP