Showing posts with label Sawan. Show all posts
Showing posts with label Sawan. Show all posts

Jul 16, 2011

भीगा भीगा प्यार का समा-सावन १९५९

मधुर युगल गीतों की कड़ी में अगला पेश है फिल्म सावन से।
गीत फिल्माया गया है भारत भूषण और अमिता पर. आवाजें
हैं शमशाद बेगम और मोहम्मद रफ़ी की. घोड़ा गाडी या तांगा गीत
है ये, इसमें तांगे में नायक नायिका हिलते बिना हिले डुले गीत
गा रहे हैं. नायक अति गदगद है मानो उसे तांगा रेस में स्वर्ण पदक
मिल गया हो और वो अपनी खुशी अपनी प्रेमिका के साथ बांटना
चाहता हो. गीत में शमशाद बेगम की आवाज़ को आप ऊंची पट्टी
पर पहुँचते पायेंगे.

तांगे में कलाकारों को आप बिलकुल भी हिलता डुलता नहीं पाएंगे
क्यूंकि तांगा आधुनिकतम रबर सस्पेंशन सिस्टम युक्त है जो कि सबसे
महंगी कारों में पाया जाता है.

यह अपने समय का एक हिट गीत कहलाता है  और सदाबहार गीत
इसे हम लोग कहते हैं. प्रेम धवन के लिखे बोल हैं और हंसराज बहल
का संगीत है.




गीत के बोल:

आ हा हा हा हा हा हा हा हा हा
हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ
हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो
हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ
आ आ आ आ आ

भीगा-भीगा प्यार का समाँ
बता दे तुझे जाना है कहाँ
बलिये, बता दे तुझे जाना है कहाँ

चलूँगी तू ले चले जहाँ
कि तेरे बिना जाना है कहाँ
बलिया ओए तेरे बिना जाना है कहाँ

ओ, भीगा-भीगा प्यार का समाँ
बता दे तुझे जाना है कहाँ
बलिये, बता दे तुझे जाना है कहाँ

सोच समझ ले बड़ी मुश्किल है
प्यार की राहों में
सोच समझ ले बड़ी मुश्किल है
प्यार की राहों में
मुझे डर कैसा मेरी दुनिया है
पिया तेरी बाँहों में
मुझे डर कैसा मेरी दुनिया है
पिया तेरी बाँहों में
तुम संग जोड़ी प्रीत की डोरी
मैं तो हुई तेरी सजना
कि तेरे बिना जाना है कहाँ
बलिया ओए तेरे बिना जाना है कहाँ

मुड़ के न देखें कभी दिल वाले
छोड़ी हुई मंज़िल को
मुड़ के न देखें कभी दिल वाले
छोड़ी हुई मंज़िल को
चल ही दिए तो रुकना कैसा
अब जो हो सो हो
चल ही दिए तो रुकना कैसा
अब जो हो सो हो
तू है मेरी काया मैं हूँ तेरी छाया
जहाँ तू है मैं भी हूँ वहाँ
कि तेरे बिना जाना है कहाँ
बलिया ओए तेरे बिना जाना है कहाँ

भीगा-भीगा प्यार का समाँ
बता दे तुझे जाना है कहाँ
बलिये, बता दे तुझे जाना है कहाँ

चलूँगी तू ले चले जहाँ
कि तेरे बिना जाना है कहाँ
बलिया ओए तेरे बिना जाना है कहाँ

बलिये ला ला ला ला ला ला ला ला
बलिया डा रा डंडार डंडार डंडार डंडार डा

आ हा हा हा हा हा हा हा हा हा
आ हा हा हा हा हा हा हा हा हा
हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो
हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ
....................................
Bheega bheega pyar ka sama-Sawan 1959

Artists: Bharat Bhooshan, Amita

Read more...

Feb 21, 2010

नैन द्वार से मन में वो आ के -सावन १९५९

ये कुछ ऐसा गीत है जिसको संगीतकार दैवीय प्रेरणा से बनाते हैं।
ऐसे टुकड़े कभी कभार ही बना करते हैं। हिंदी फिल्म संगीत भक्त
केवल मदन मोहन और राहुल देव बर्मन को याद करते हैं इस प्रकार
के गीतों के लिए जिनमे गति परिवर्तन होता है। आपको वे गीत भी
बता दूं जिनका घिसा पिटा जिक्र वे अक्सर सभी जगह किया करते हैं
"जा जा रे जा साजना-अदालत" और "आया हूँ मैं तुझको ले जाऊँगा
-मनोरंजन" ।

सन १९५९ की फिल्म सावन में हंसराज बहल का संगीत था । हंसराज बहल
बहुमुखी प्रतिभा वाले संगीतकार हैं । याद कीजिये सिकंदर-ए-आज़म का
गीत "जहाँ डाल डाल पे सोने की चिड़िया करती है बसेरा" या फिर फिल्म
मिलन का "हाय जिया रोये" जिसकी गिनती लता मंगेशकर के गाये
सर्वश्रेष्ठ गीतों में होती है। इस गीत में भी एक धीमा टुकड़ा है अंत में
लता मंगेशकर की आवाज़ में जिसको आप एक बार सुनेंगे तो बारम्बार
सुनने का मन करेगा।





गीत के बोल:

नैन द्वार से मन में वो आ के
तन में आग लगाये
नैन द्वार से मन में वो आ के
तन में आग लगाये

हाय, रसिया
हाय रे कोई छलिया
छल किये जाए
जियरा लिए जाए
चैन नहीं आये
हाय कोई छलिया
छल किये जाए
जियरा लिए जाए
चैन नहीं आये, हाय

नैन द्वार से मन में वो आ के
तन में आग लगाये
नैन रसीले चाँद सा मुखड़ा
सुन्दर रूप सुहाना
पर बेदर्दी दर्द ना समझे
जाने बस तडपाना
फिर भी मन तड़पाने वाला
मन का मीत कहाए

हाय, रसिया
हाय रे कोई छलिया
छल किये जाए
जियरा लिए जाए
चैन नहीं आये
हाय कोई छलिया
छल किये जाए
जियरा लिए जाए
चैन नहीं आये, हाय, हाय

नैन द्वार से मन में वो आ के
तन में आग लगाये
जब वो आये लेकर आये
दिन में चाँद सितारे
जब वो जाए लेकर जाए
सब अरमान हमारे
देख उसे दिल तडपे और
बिन देखे रहा ना जाए

हाय, रसिया
हाय रे कोई छलिया
छल किये जाए
जियरा लिए जाए
चैन नहीं आये
हाय कोई छलिया
हाय जी एक छलिया
छल किये जाए
जियरा लिए जाए
चैन नहीं आये, हाय, हाय
...............................................
नैन द्वार से मन में वो आ के
तन में आग लगाये
नैन द्वार से मन में वो आ के
तन में आग लगाये

पागल मन की पागल बातें
कौन इसे समझाए
खुद ही बैठा रोग लगाये
खुद ही नीर बहाए
ना सये ना सोने दे ये
सारी रात जगाये

नैन द्वार से मन में वो आ के
............................................................
Nain dwar se man mein wo aa ke-Sawan 1959

Artists: Amita, Bharat Bhooshan,

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP