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Jun 26, 2017

दिल बेकरार था-तेरी मेहरबानियाँ १९८५

बेकरारी बड़ी बुरी चीज़ है. दिल पाने की हसरत हो या किसी
बिल को पाने की, बड़ी तकलीफ देती है. आदमी का वन पॉइंट
प्रोग्राम हो जाता है-किसी भी तरह हासिल किया जाए. 

ब्लॉग के अदृश्य पाठकों को समर्पित है आज का ये गीत. गोवा
से कोई बड़ा बेकरार है कुछ ही समय में इसे पूरा कॉपी कर लेने
के लिए.

प्रस्तुत गीत फिल्म तेरी मेहरबानियाँ से लिया गया है. आप यूट्यूब
पर ये टाइप करें-kutte ki meherbaniyan और आपको जवाब में
Teri meherbaniyan के लिंक प्राप्त होंगे. यूट्यूब स्मार्ट हो चला है.
फिल्म का डौगी बड़ा प्यारा और क्यूट है.

गीत जैकी श्रोफ और पूनम ढिल्लों पर फिल्माया गया है और इसे
अनुराधा पौडवाल संग शब्बीर कुमार गा रहे हैं. एस एच बिहारी
के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.



गीत के बोल:

दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
पास हैं तू फिर भी क्यूँ तेरा इंतज़ार है
दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
पास हैं तू फिर भी क्यूँ तेरा इंतज़ार है

दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
पास हैं तू फिर भी क्यूँ तेरा इंतज़ार है

हो बात ये समझ अपने आती नहीं
हो दिलों की तड़प क्यूँ हाय जाती नहीं है
तुम जब यहीं हो हम जब यहीं हैं
हो तुम जब यहीं हो हम जब यहीं हैं
हो खोज में किसकी खोयी खोयी ये बहार है

दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है

हो चलते चलोगे माना मुश्किल है मंजिल
मजधार में भी कभी मिलता है साहिल
तूफ़ान तो उठेंगे पीछे हम न हटेंगे
तूफ़ान तो उठेंगे पीछे हम न हटेंगे
हो थोडा सा गम है साथी खुशी बेशुमार है

दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है

सबकी जुबान पे होगी अपनी दास्तां
प्यार के दीवाने कब मरते हैं यहाँ
सबकी जुबान पे होगी अपनी दास्तां
प्यार के दीवाने कब मरते हैं यहाँ
अपने ही तराने गायेंगे यहाँ
याद करेगा हमको सारा जहाँ
हो प्यार पे अपने हमको पूरा ऐतबार है

दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
पास हैं तू फिर भी क्यूँ तेरा इंतज़ार है
दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
दिल बेक़रार था दिल बेक़रार है
………………………………………………………..
Dil bekarar tha-Teri meherbaniyan 1985

Artists: Jackie Shroff, Poonam Dhillon

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Jan 16, 2015

आई जवानी-तेरी मेहरबानियाँ १९८५

आज आपको लिए चलते हैं ८० के दशक में. सन ८५ में  कुछ
गीत जो सार्वजनिक जगहों पर बजते मिला करते थे उनमें से
कुछ इस प्रकार से हैं- ओ मारिया ओ मारिया जो सन ८४ से
बजना शुरू होकर सन ८५ तक तबियत से सुनाई दिया. ये
राहुल देव बर्मन का संगीत है. एक फिल्म-तेरी मेहरबानियाँ के
गीत बजते सुनाई दिए ८५ में. शीर्षक गीत के अलावा एक गीत
कविता कृष्णमूर्ति का गया-‘आई जवानी’ सुनाई देता. गीत की
विशेषता है –इसका शुरूआती संगीत पुराने ज़माने के नौशाद के
गीतों की की शुरुआत में बजने वाले संगीत जैसा होता. थोडा
असर ओ पी नैयर की धुनों जैसा मिलता . नायिका तांगे में
जा रही है. तांगा वाले गीत –नौशाद और नैयर के प्रसिद्ध हैं.

इसे पहली बार सुना तो यही विचार आया-श्वेत श्याम का भूत ८०
के दशक में क्या कर रहा है. बड़ा ही जंगली किस्म का ख्याल
था ये(wild thought). कुछ शब्द अंग्रेजी में सुनने में सोबर लगते
हैं. कविता कृष्णमूर्ति की आवाज़ के साथ लगा मुगालता खत्म
हो गया, मगर ये क्या अंतरे में भी पुराना सा संगीत है. ये तय
है जो नाम मैंने ऊपर लिए उनके संगीत का आपस में छौंक
लगा दीजिए आपको ऐसा गाना मिल जायेगा. हो सकता है
नैयर के पुराने साथी एस एच बिहारी के आग्रह पर ये कारनामा
किया गया हो. दूसरे अंतरे के संगीत में लक्ष्मी प्यारे अपने
संगीत की पटरी पर लौट आते हैं. 

८५ में सुनाई देने वाले सबसे लोकप्रिय गीतों में से एक अमिताभ
की फिल्म गिरफ्तार का है-धूप में निकला न करो रूप की रानी जो
बप्पी लहरी के संगीत वाला है. प्यार झुकता नहीं के गीत तो बजे
ही-तुमसे मिलकर, तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले. एक और था-
फिल्म ज़बरदस्त का-जब चाह यारा तुमने . यादों की कसम का-बैठ
मेरे पास और एक जो केवल विविध भारती पर सुनाई देता - मचल
मचल जाता है दिल फिल्म.राम तेरे कितने नाम.  फिल्म मर्द के भी
२ गीत बजा  करते थे. एक्सीडेंट हो गया रब्बा रब्बा और मर्द तांगे
वाला. यादों की कसम, प्यार झुकता नहीं में लक्ष्मी प्यारे का,  फिल्म
ज़बरदस्त में आर डी बर्मन का और मर्द में अन्नू मलिक  का संगीत
है. काफी दिनों के बाद एक लंबी पोस्ट बनायीं है. अब मैं उन गुप्त
पाठकों से, जो केवल कॉपी पेस्ट की टेक्नोलोजी में विश्वास रखते आये हैं,
पूछना चाहूँगा कि, इसे केवल रेफरेंस का सामान समझेंगे या एक आध
टिप्पणी भी करंगे. 





गीत के बोल:

आई जवानी मोरी चुनरिया
आई जवानी मोरी चुनरिया , सर से सरकी जाए
इधर सम्भालूँ गिरे उधर से
हो ओ ओ ओ, इधर सम्भालूँ गिरे उधर से, नागिन सी लहराए
आई जवानी मोरी चुनरिया , सर से सरकी जाए
हो ओ ओ ओ,  इधर सम्भालूँ गिरे उधर से, नागिन सी लहराए
आई जवानी मोरी चुनरिया , सर से सरकी जाए

हो हो हो ओ ओ ओ बाजा बजेगा मेहँदी लगेगी
बाजा बजेगा मेहँदी लगेगी, नाचेंगी सखियाँ डोली सजेगी
हाय हाय
बाजा बजेगा मेहँदी लगेगी, नाचेंगी सखियाँ डोली सजेगी
उसके बाद जो होगा उसको सोच के दिल घबराए
आई जवानी मोरी चुनरिया , सर से सरकी जाए
इधर सम्भालूँ गिरे उधर से नागिन सी लहराए
आई जवानी मोरी चुनरिया , सर से सरकी जाए

चांदी का कंगना सोने की बाली
चांदी का कंगना सोने की बाली, धानी चुनरिया जयपुर वाली
हाय हाय
चांदी का कंगना सोने की बाली, धानी चुनरिया जयपुर वाली
हो ओ ओ ओ, कभी कभी तो नटखट बातें बादल से टकराएँ

आई जवानी मोरी चुनरिया , सर से सरकी जाए
हो ओ ओ ओ, इधर सम्भालूँ गिरे उधर से नागिन सी लहराए
आई जवानी मोरी चुनरिया , सर से सरकी जाए
........................................................................
Aayi jawani-Teri meherbaniyan 1985

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Jan 21, 2011

तेरी मेहरबानियाँ-तेरी मेहरबानियाँ १९८५

लेब्रेडोर नस्ल का कुत्ता काफ़ी घरेलू माना जाता है।
ये परिवार के सदस्यों से काफी हिल-मिल जाता है।
इस फिल्म में एक काले रंग का लेब्रेडोर प्रजाति कुत्ता
है जिसने बढ़िया अभिनय किया है। उसी की मेहरबानियों
के इर्द गिर्द इस फिल्म की कहानी घूमती है। साथ में हैं नायक
जैकी श्रोफ और नायिका स्वप्ना। प्रस्तुत गीत फिल्म का
शीर्षक गीत है और इसे गाया है शब्बीर कुमार ने।
इस फिल्म को जनता प्यार से "कुत्ते की मेहरबानियाँ"
भी बुलाती है। गीत एस एच बिहारी का लिखा हुआ है जिन्हें
हम ओ पी नय्यर के साथ की वजह से ज्यादा जानते हैं।



गीत के बोल:

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