Showing posts with label The Killers. Show all posts
Showing posts with label The Killers. Show all posts

Mar 14, 2020

दिल जनाब के कदमों में-द किलर्स १९६९

दिल भी क्या चीज़ है, उसे कहीं भी किसी भी
चीज़ पर निसार कर दो. कहाँ तो हिंदी फिल्म
का नायक कहता है-अपने पांव ज़मीन पर ना
रखियेगा मैले हो जायेंगे और कहाँ दिल क़दमों
में रखने की बात.

सुनते हैं आशा भोंसले का गाया हुआ एक गीत
एस एच बिहारी का लिखा हुआ जिसकी तर्ज़
ओ पी नैयर ने बनाई है.



गीत के बोल:

बा बा बा बा बा बा बा
बा बा बा बा बा बा बा

दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
पहले तो दिलरुबा
कहियो तो ये ज़रा
आपको कितना प्यार है

हो दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
पहले तो दिलरुबा
कहिये तो ये ज़रा
आपको कितना प्यार है
हो दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे

ढूंढती हैं कब से ये मेरी निगाहें
मंज़िले वफ़ा की ज़िन्दगी की राहें
प्यार न हो तो मेरी आँखों में दिलबर
चुभता है प्यारी रातों का मंज़र
ये जीना बेकार है

हो दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
पहले तो दिलरुबा
कहिये तो ये ज़रा
आपको कितना प्यार है
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे

ताजमहल से ये ले लो तुम गवाही
प्यार ने जहाँ में की है बादशाही
आज भी उल्फ़त का है दिल ये दीवाना
फिर भी न जाने क्यों ये ज़ालिम ज़माना
क्यूँ बेजार है

दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
पहले तो दिलरुबा
कहिये तो ये ज़रा
आपको कितना प्यार है
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
दिल जनाब के कदमों में
हम निसार तो कर देंगे
…………………………………………………
Dil janaab ke kadmon mein-The Killers 1969

Artist: Sheikh Mukhtar, Ajit, Helen

Read more...

Mar 8, 2020

नज़रे मिला के आपने-द किलर्स १९६९

ओ पी नैयर यूँ ही नहीं शम्सुल हुदा बिहारी की तारीफ
किया करते थे. एस एच बिहारी की लेखनी में आपको
वो सब मिलेगा जो किसी भी दूसरे नामचीन शायर या
गीतकार के लेखन में है. सरलता एस एच बिहारी का
मजबूत पक्ष है.

सन १९६९ की फिल्म द किलर्स से अगला गीत सुनते हैं
आशा भोंसले का गाया हुआ. इसका संगीत नैयर ने तैयार
किया है. गीत का शब्द सामन ना जाने क्यूँ साबुन सुनाई
देता है. दारा सिंह के हिस्से की एक्टिंग भी हेलन ने कर
ली है इस गाने में.




गीत के बोल:

नज़रे मिला के आपने एहसान कर दिया
नज़रे मिला के आपने एहसान कर दिया
फिर से हमारे जीने का सामान कर दिया

मिल के हमें हुज़ूर से महसूस ये हुआ
मिल के हमें हुज़ूर से महसूस ये हुआ
दुनिया में और कुछ भी नहीं प्यार के सिवा
सब कुछ वफ़ा के नाम पे कुर्बान कर दिया
नज़रे मिला के आपने एहसान कर दिया

बेचैन थी हमारी नज़र आपके बगैर
बेचैन थी हमारी नज़र आपके बगैर
मुश्किल था ज़िन्दगी का सफ़र आपके बगैर
बाहों में ले के आपने आसान कर दिया
नज़रे मिला के आपने एहसान कर दिया
फिर से हमारे जीने का सामान कर दिया
……………………………………………..
Nazren mila ke aapne- The Killers 1969

Artist: Dara Singh, Helen

Read more...

Aug 18, 2016

चुराते हो नज़रें अजी किसलिए-किलर्स १९६९

पहलवानी और रोमांस-क्या कंट्रास्ट है मगर उपलब्ध है हिंदी
फिल्मों में. दारा सिंह ने कई पहलवानी फिल्मों में काम किया
६० के दशक में. उन पटकथाओं में कुश्ती एक आवश्यक तत्व
हुआ करता था. आज के युग में हालिया रिलीज़ हुई एक कुश्ती
प्रधान फिल्म ‘ऐ’ ग्रेड का दर्ज़ा प्राप्त है और उसने बॉक्स ऑफिस
पर अच्छा मुनाफा भी कमाया.

पहले के युग में एक अलग वर्ग होता था कुश्ती की फ़िल्में देखने
वाला. अभी तक जितने भी पहलवान नायक हुए हैं उन सब में
दारा सिंह सबसे प्रभावी हैं.

आपको सुनवाते हैं फिल्म किलर्स से आशा का गाया एक बढ़िया
गीत. जनता अक्सर दारा सिंह की फिल्मों को बी ग्रेड का दर्ज़ा
प्रदान करती आई है. बी ग्रेड की फिल्म और कुछ खास गिनती
के संगीतकार. ओ पी नैयर ने भी ऐसी कुछ फिल्मों में संगीत
दिया है.

प्रस्तुत गीत बेला बोस और दारा सिंह पर फिल्माया गया है. इसे
लिखा है अज़ीज़ कश्मीरी ने. गीत में उषा टिमोथी नामक गायिका
की भी आवाज़ है. गौरतलब है परदे पर किसी और नायिका को
होंठ हिलाते नहीं दिखाया गया है. ये प्रयोग क्यूँ किया गया ये
शायद नैयर को ही मालूम रहा होगा-गीत में इको इफेक्ट पैदा
करने के लिए या किसी और वजह से. हो सकता है गीत मूलतः
दो गायिकाओं के ऊपर फिल्माने के लिए बनाया गया हो जिसे बाद
में केवल बेला बोस पर ही फिल्माकर इतिश्री कर ली गयी.



गीत के बोल:

चुराते हो नज़रें अजी किसलिए
चुराते हो नज़रें अजी किसलिए
के जिन्दा हैं बस आप ही के लिए
चुराते हो नज़रें अजी किसलिए
के जिन्दा हैं बस आप ही के लिए
चुराते हो नज़रें अजी किसलिए

अगर बेकरारी न होती, हाय
ये हालत हमारी ना होती
अगर बेकरारी न होती, हाय
ये हालत हमारी ना होती
लुटते न दिल को खुशी से
जो मर्ज़ी तुम्हारी ना होती
सुनो हाल-ए-दिल खुदा के लिए
के जिन्दा हैं बस आप ही के लिए

चुराते हो नज़रें अजी किसलिए

नशीली निगाहों के सदके
मोहब्बत की राहों पे कुर्बान
नशीली निगाहों के सदके
मोहब्बत की राहों पे कुर्बान
अगर दिल का आना गुनाह है
तो ऐसे गुनाहों से कुर्बान
बहकने लगे हैं कदम बिन पिए
के जिन्दा हैं बस आप ही के लिए

चुराते हो नज़रें अजी किसलिए

बहुत हमने चाहत छुपाई, हाय
लगी दिल की क़दमों में लायी
बहुत हमने चाहत छुपाई, हाय
लगी दिल की क़दमों में लायी
मिटे हम तो खुश है ज़माना
लुटे हम तो चुप है खुदाई
लुटे लुट के फिर भी ना शिकवे किये
के जिन्दा हैं बस आप ही के लिए

चुराते हो नज़रें अजी किसलिए
के जिन्दा हैं बस आप ही के लिए
चुराते हो नज़रें अजी किसलिए
...............................................................
Churate ho nazren aji kisliye-The Killers 1969


Artists: Bela Bose, Dara Singh

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP