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Jan 1, 2017

साल मुबारक आया हो-टूटे खिलौने १९५४

नए साल के अवसर पर नए साल का गीत होने ज़रूरी है. हिंदी फिल्म
संगीत में तकरीबन ३०-३२ ऐसे गीत हैं जिनमें नए साल का जिक्र है.
साल के जिक्र वाले गीत बहुत से हैं. दिन कहीने साल के विवरण वाले
भी गाने हैं. समय चक्र पर तो बहुत कुछ लिख दिया है हमारे गीतकारों
ने.

आज सुनते हैं फिल्म टूटे खिलौने से एक गीत शमशाद बेगम और
त्रिलोक कपूर का गाया हुआ. अंजुम जयपुरी गीतकार हैं और चित्रगुप्त
ने इसकी धुन बनाई है.

नव वर्ष सभी के जीवन में खुशियाँ लाये, डिजिटल पेमेंट के साधन
लाये.




गीत के बोल:

साल मुबारक आया हो जियो मेरे राजा
साल मुबारक आया हो जियो मेरे राजा
तुम में खुशी का साया हो जियो मेरे राजा
जियो मेरे राजा जियो मेरे राजा जियो मेरे राजा
साल मुबारक आया हो जियो मेरे राजा

भोले मुख पर वारी मैं जाऊं राजा
वारी मैं जाऊं राजा वारी मैं जाऊं
हीरे मोती तुमपे लुटाऊँ राजा
तुमपे लुटाऊँ राजा तुमपे लुटाऊँ
रंग अनोखा छाया हो जियो मेरे राजा
जियो मेरे राजा जियो मेरे राजा जियो मेरे राजा
साल मुबारक आया हो जियो मेरे राजा

फूल है तू फूलों से प्यारा जी
फूलों से प्यारा जी फूलों से प्यारा
दिल की खुशियाँ आँखों का तारा जी
आँखों का तारा जी आँखों का तारा
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तूने घर को सजाया हो जियो मेरे राजा
जियो मेरे राजा जियो मेरे राजा जियो मेरे राजा
साल मुबारक आया हो जियो मेरे राजा

घर में खेले चाँद सलोना
देखो चाँद सलोना देखो चाँद सलोना
चाँद बना है सबका खिलौना जी
सबका खिलौना जी सबका खिलौना
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
लाखों के दिल में समाया हो जियो मेरे राजा

जियो मेरे राजा जियो मेरे राजा जियो मेरे राजा
साल मुबारक आया हो जियो मेरे राजा
साल मुबारक आया हो जियो मेरे राजा
……………………………………………..
Saal mubarak aaya ho-Toote khilone 1954

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Jan 26, 2010

खायेगी ठोकरें ये जवानी-मिर्ज़ा साहिबान १९४७

फिल्म: मिर्ज़ा साहिबान
वर्ष: १९४७
संगीत : पं. अमरनाथ
गीतकार: कमर जलालाबादी
गायक : जी एम् दुर्रानी
कलाकार : नूरजहाँ, त्रिलोक कपूर, गुलाब, गोप




गीत के बोल:

खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ
खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ
बदनाम होगी मेरी कहानी कहाँ कहाँ
बदनाम होगी मेरी कहानी कहाँ कहाँ

ओ रोने वाले अब तेरा दामन भी फट गया
ओ रोने वाले अब तेरा दामन भी फट गया
पहुँचेगी आँसुओँ की रवानी कहाँ कहाँ
पहुँचेगी आँसुओँ की रवानी कहाँ कहाँ
खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ

जिस बाग़ पर निगाह पड़ी वो उजड़ गया
जिस बाग़ पर निगाह पड़ी वो उजड़ गया
बरसाम अपनी आँख का पानी कहाँ कहाँ
बरसाम अपनी आँख का पानी कहाँ कहाँ
खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ
फ़रियाद लब पे आंख में आंसू
जिगर में दाग
हमने छिपाई तेरी निशानी कहाँ कहाँ
हमने छिपाई तेरी निशानी कहाँ कहाँ

खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ
बदनाम होगी मेरी कहानी कहाँ कहाँ

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