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Aug 11, 2019

हाय रे उड़ उड़ जाए-मिर्ज़ा साहिबां १९४७

बैलगाडी किसी गीत में देखे हमें काफी दिन हो गए हैं. आज
सुनते हैं गांव की प्रष्ठभूमि में फिल्माया गाया एक गीत १९४७
की फिल्म मिर्ज़ा साहिबां से. इस फिल्मे में दो संगीतकारों की
सेवाएं हैं-पंडित अमरनाथ और हुस्नलाल-भगतराम की जोड़ी की.

जो विवरण मिलते हैं उनमें ये स्पष्ट नहीं होता है कि किसने किस
गीत की धुन तैयार की है. वाद्य यन्त्र के संयोजन के हिसाब से
सोचें तो यह गीत पंडित अमरनाथ का लगता है. हम यही समझ
लेते हैं जब तक कोई ज्ञानी श्रोता इसमें करेक्शन नहीं सुझाता.

कमर जलालाबादी के बोल हैं और इसे नूरजहाँ, शमशाद बेगम
और जोहराबाई अम्बालेवाली ने गाया है. ३  गायिकाओं की
आवाज़ वाला एक दुर्लभ गीत है ये. बैलगाडी में जो सबसे ज्यादा
गोल और बड़ा चेहरा दिख रहा है वो हैं नूरजहाँ और पैदल
सवार का नाम है त्रिलोक कपूर. बाकियों को आप पहचानिये.




गीत के बोल:

हाय रे उड़ उड़ जाए हाय रे उड़ उड़ जाए
मेरा रेशमी दुपट्टवा दुपट्टवा हो हो ओ दुपट्टवा
हाय रे उड़ उड़ जाए हाय रे उड़ उड़ जाए
मेरा रेशमी दुपट्टवा दुपट्टवा हो हो ओ दुपट्टवा
हाय रे उड़ उड़ जाए

एक हवा का मीठा झोंका कह गया मीठी बात
कह गया मीठी बात
भूले से कहीं थाम ना लेना परदेसी का हाथ
हो ओ ओ परदेसी का हाथ
ये बात मुझे समझाए दुपट्टा रेशम का
ये बात मुझे समझाए दुपट्टा रेशम का
हो दुपट्टा रेशम का

हाय रे उड़ उड़ जाए हाय रे उड़ उड़ जाए
मेरा रेशमी दुपट्टवा दुपट्टवा हो हो ओ दुपट्टवा
हाय रे उड़ उड़ जाए

पीछे पीछे आने वाले हो पीछे न रे चलना
पीछे न रे चलना
डर है यूँ ही बीत ना जाए साजन समां सुहाना
साजन समां सुहाना
ये मीठा गीत सुनाये दुपट्टा रेशम का
ये मीठा गीत सुनाये दुपट्टा रेशम का
हो दुपट्टा रेशम का

हाय रे उड़ उड़ जाए हाय रे उड़ उड़ जाए
मेरा रेशमी दुपट्टवा दुपट्टवा हो हो ओ दुपट्टवा
हाय रे उड़ उड़ जाए

डूब रहा है सूरज अपने दिल में ले कर आस
हो ओ ओ दिल में ले कर आस
दूर दूर हैं दो दिल बोलो कैसे आयें पास
हो ओ ओ कैसे आयें पास
दो बिछड़े दिल मिलवाए दुपट्टा रेशम का
दो बिछड़े दिल मिलवाए दुपट्टा रेशम का
हो दुपट्टा रेशम का

हाय रे उड़ उड़ जाए हाय रे उड़ उड़ जाए
मेरा रेशमी दुपट्टवा दुपट्टवा हो हो ओ दुपट्टवा
हाय रे उड़ उड़ जाए
……………………………………………
Haye re ud ud jaaye-Mirza Sahiban 1947

Artists: Noorjahan, Trilok Kapoor, Unknown1, Unknown 2

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May 25, 2016

जवानी मस्तानी है-धमकी १९४५

जवानी सन १९४५ के गीत में भी उतनी ही मस्तानी
हुआ करती थी जितनी के आज के गीतों में होती है.
धमकी नाम से तकरीबन ३ फ़िल्में बन चुकी हैं. एक
तो वो है जिसमें गणेश का संगीत है सन १९७३ की,

इसको सुन कर आपको गर कोई दूसरा गीत याद आने
लगे तो आश्चर्य बिलकुल मत कीजियेगा. दुनिया बहुत
ही गोल है और संगीत के मामले में भी ये ज्यादा गोल
है. आपको केवल एक गीत का हिंट देते हैं बाकी के दो
खुद आप तलाशिये. इसकी दूसरी पंक्ति और पिया गए
रंगून की दूसरी पंक्ति भाई-बहन जैसी सुनाई देती है.

मेरे कान थोड़े क्या बहुत पाक गए हैं और पुराने गीतों
के बोल पकड़ने में मैं मैं थोडा पिछड़ा हुआ हूँ, मेरे कान
वो क्या कहते हैं ६/६ नहीं हैं न इसलिए बोल सही होने
की कोई गारंटी नहीं दे सकता.



गीत के बोल:

जवानी मस्तानी है
पग पग ठोकर खाए बाज़ न आये
हाय रे हाय
जवानी मस्तानी है
पग पग ठोकर खाए बाज़ न आये
हाय रे हाय
जवानी मस्तानी है

एक थी लैला एक था मजनू
दोनों की आपस में हो गयी कुछ यूँ यूँ
दोनों की आपस में हो गयी कुछ यूँ यूँ
इश्क का रोग लगा के दोनों बिन आई ले आये
हाय रे हाय
जवानी मस्तानी है
इश्क का रोग लगा के दोनों बिन आई ले आये
हाय रे हाय
जवानी मस्तानी है

पग पग ठोकर खाए बाज़ न आये
हाय रे हाय
जवानी मस्तानी है

पग पग ठोकर खाए बाज़ न आये
हाय रे हाय
जवानी मस्तानी है

हीर की सुनो कहानी
रांझा को देखा मुंह में भर आया पानी
हीर की सुनो कहानी
रांझा को देखा मुंह में भर आया पानी
हंस के बोली प्यार करन की रूत है प्यार करेंगे
हंस के बोली प्यार करन की रूत है प्यार करेंगे
हम भी डूबेंगे सनम तुम को भी ले डूबेंगे
हम भी डूबेंगे सनम तुम को भी ले डूबेंगे
फिर फिल्म से निकली हाय बाज़ न आये
हाय रे हाय
हाय जवानी मस्तानी है

पग पग ठोकर खाए बाज़ न आये
हाय रे हाय
जबानी मस्तानी है

पग पग ठोकर खाए बाज़ न आये
हाय रे हाय
जवानी मस्तानी है
........................................................................
Jawani mastani hai-Dhamki 1945

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Mar 17, 2016

जब अपना बेगाना हो जाए-नागन १९५०

पुराने संगीत के लिए कई जगह आपने ‘vintage’ शब्द
लिखा देखा होगा या इस शब्द का प्रयोग किसी विशेष
स्तिथि में देखा होगा. इस अंग्रेजी शब्द का इस्तेमाल
अंग्रेजी वाइन के साथ ज्यादा किया जाता रहा है. इस
शब्द को संगीत जगत से ज्यादा आजकल की नीली हरी
साइटें प्रयोग करती हैं.

विंटेज शब्द का प्रयोग अक्सर अच्छे सन्दर्भ में होता है.
किसी किसी आलेख में ये भ्रामक भी हो सकता है जब
वाचालता और कुटिलता से भरे लोग इसका प्रयोग करें
और किसी दोयम दर्जे की चीज़ को भी विंटेज क्लासिक
बताने लगें. हम नहीं चाहते कोई आपको जबरन जैम,
अचार, मुरब्बा, चटनी और सॉस बता बता के आपको
छिलकों की लुगदी खिला दे.

आइये सुनें एक विंटेज जैम(अंग्रेजी वाला gem).  फिल्म
का नाम है –नागन. ये सन १९५० की फिल्म है. सुरेन्द्र
उस समय के एक उल्लेखनीय गायक हुआ करते थे. उनके
जैसे कई कलाकार ५० के बाद धीरे धीरे नेपथ्य में चले
गए. गाना किसने लिखा है मालूम नहीं मगर इसका संगीत
पंडित अमरनाथ ने तैयार किया है. फिल्म में एक और
संगीतकार ने सेवाएं दी हैं-हरबंस लाल.

गीत के बारे में बाकी की जानकारी जैसे ही मिलेगी हम
आपको शीघ्र ही सूचित करेंगे.



जब अपना बेगाना हो जाए टूट दिल जाए
जब अपना बेगाना हो जाए टूट दिल जाए
फिर निकले हाय अँखियाँ नीर बहाये
जब अपना बेगाना हो जाए टूट दिल जाए

हर रोज मुसीबत आती है
हर रोज मुसीबत आती है
एक नयी ही आफत लाती है
एक नई ही आफत लाती है

गम खाएं तो आखिर कब तक कब तक ठोकर खाएं

अँखियाँ नीर बहाये
जब अपना बेगाना हो जाए टूट दिल जाए

हम जिनके थे जो हमारे हैं
हम जिनके थे जो हमारे हैं
दुःख दर्द के वो भी मारे हैं
दुःख दर्द के वो भी मारे हैं
कोई ऐसी सूरत बन जाए हम दोनों ही मिल जाएँ
अँखियाँ नीर बहाये
जब अपना बेगाना हो जाए टूट दिल जाए
……………………………………………………..
Jab apna begana ho jaaye-Naagan 1950

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Jan 26, 2010

खायेगी ठोकरें ये जवानी-मिर्ज़ा साहिबान १९४७

फिल्म: मिर्ज़ा साहिबान
वर्ष: १९४७
संगीत : पं. अमरनाथ
गीतकार: कमर जलालाबादी
गायक : जी एम् दुर्रानी
कलाकार : नूरजहाँ, त्रिलोक कपूर, गुलाब, गोप




गीत के बोल:

खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ
खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ
बदनाम होगी मेरी कहानी कहाँ कहाँ
बदनाम होगी मेरी कहानी कहाँ कहाँ

ओ रोने वाले अब तेरा दामन भी फट गया
ओ रोने वाले अब तेरा दामन भी फट गया
पहुँचेगी आँसुओँ की रवानी कहाँ कहाँ
पहुँचेगी आँसुओँ की रवानी कहाँ कहाँ
खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ

जिस बाग़ पर निगाह पड़ी वो उजड़ गया
जिस बाग़ पर निगाह पड़ी वो उजड़ गया
बरसाम अपनी आँख का पानी कहाँ कहाँ
बरसाम अपनी आँख का पानी कहाँ कहाँ
खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ
फ़रियाद लब पे आंख में आंसू
जिगर में दाग
हमने छिपाई तेरी निशानी कहाँ कहाँ
हमने छिपाई तेरी निशानी कहाँ कहाँ

खायेगी ठोकरें ये जवानी कहाँ कहाँ
बदनाम होगी मेरी कहानी कहाँ कहाँ

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