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May 4, 2017

बहे अंखियों से धार-हम लोग १९५१

एक हौले से और आहिस्ता से गाया हुआ मधुर गीत सुनते हैं
फिल्म हम लोग से. इस फिल्म का नाम याद दिलाने में एक
टेली सीरियल हम लोग की बड़ी भूमिका है. उस सीरियल का
नाम याद आते ही ये फिल्म भी याद आ जाती है.

गीत श्यामा पर फिल्माया गया है. श्यामा को हम लोगों ने परदे
पर हँसते ज्यादा देखा है. इस गीत में उन्हें दुखी दिखाया गया है
मगर लाईटिंग इफेक्ट उम्दा होने की वजह से और कुछ काजल
ज्यादा लगा होने की वजह से नायिका भूतिया फिल्म की कोई
कैरेक्टर नज़र आ रही है. दुःख और गुस्से दोनों के मिक्स किस्म
के भाव परदे पर उभरते हैं.

गीत उद्धव कुमार ने लिखा है और धुन बनाई है रोशन ने.




गीत के बोल:

बहे अंखियों से धार जिया मेरा बेकरार
सुनो सुनो दिलदार जाओगे कहाँ दिल तोड़ के दिल तोड़ के
बहे अंखियों से धार जिया मेरा बेकरार
सुनो सुनो दिलदार जाओगे कहाँ दिल तोड़ के दिल तोड़ के

ओ साथी मेरी तकदीर के तुम्हें कैसे दिखाऊँ दिल चीर के
ओ साथी मेरी तकदीर के तुम्हें कैसे दिखाऊँ दिल चीर के
मेरा पहला पहला प्यार मेरी पहली पहली हार
सुनो सुनो दिलदार जाओगे कहाँ दिल तोड़ के दिल तोड़ के

मेरी दुनिया तो है बरबाद ही लेते जाओ तुम अपनी याद भी
मेरी दुनिया तो है बरबाद ही लेते जाओ तुम अपनी याद भी
दिल में आंसुओं के हार करूं तुमसे पुकार
सुनो सुनो दिलदार जाओगे कहाँ दिल तोड़ के दिल तोड़ के

जब नज़रें किसी को ना पाएंगी मोसे रतियाँ गुजारी ना जाएँगी
ले के दिल में इंतज़ार कैसे बीतेगी बहार
सुनो सुनो दिलदार जाओगे कहाँ दिल तोड़ के दिल तोड़ के

बहे अंखियों से धार जिया मेरा बेकरार
सुनो सुनो दिलदार जाओगे कहाँ दिल तोड़ के दिल तोड़ के
.................................................................................
Bahe abkhiyon se dhaar-Hum log 1951

Artists: Shyama

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Jul 9, 2011

बरखा की रात में हे हो हा-सरदार १९५५

८० और ९० के दशक के गीतों के बाद अब वापस चलते हैं काले
और सफ़ेद के ज़माने में . इस बार आपको एक अनजान सी फिल्म
से गाना सुनवा रहे हैं.

जगमोहन के संगीत निर्देशन में गीता दत्त की आवाज़ फिल्म सरदार के
लिए. सन १९५५ की फिल्म सरदार को देखने का सौभाग्य मुझे नहीं
मिला और उम्मीद है की इस पोस्ट पढने वाले मेरे जैसे संगीत प्रेमियों
में से किसी को भी नहीं मिला होगा.

गीता दत्त के गाये कई नायब गीत अनजान सी फिल्मों के साथ ही डब्बे
में बंद रह गए. धीरे धीरे वे सब सुनाई देने लगे हैं .

कोरस वाला ये गीत खुशनुमा किस्म का गीत है और बरखा की रात का
तबियत से जिक्र किया है इसमें गीतकार उद्धव कुमार ने.

बारिश का मौसम है, इस गीत पर आप भी "हे हो हा" कर सकते हैं गर
रात में बारिश हो रही हो और आपकी भीग कर बारिश का स्वागत करने
की इच्छा हो.



गीत के बोल :


हा आ आ आ आ आ आ
हो हा हो हे हो हा
हो हा हो हे हो हा
हो हा हो हे हो हा
हो हा हो हे हो हा
हो हा हो हे हो हा

बरखा की रात में हे हो हा
बरखा की रात में हे हो हा

रस बरसे नीलगगन से
रस बरसे नीलगगन से

बरखा की रात में हे हो हा
बरखा की रात में हे हो हा

रस बरसे नीलगगन से
रस बरसे नीलगगन से

बरखा की रात में हे हो हा
बरखा की रात में हे हो हा

टप टप आये मेरा आंचल भिगोये
टप टप आये मेरे मुखड़े को धोये
टप टप आये मेरा अंचल भिगोये
टप टप आये मेरे मुखड़े को धोये
मेरा काँप काँप जाए जिया बूंदन से
रस बरसे नीलगगन से

बरखा की रात में हे हो हा
बरखा की रात में हे हो हा

कोई कहे बादल से मोती गिरे
कोई कहे रात हाय रोती फिरे
कोई कहे बादल से मोती गिरे
कोई कहे रात हाय रोती फिरे
मैं तो मांग लायी सावन को सजन से
रस बरसे नीलगगन से

बरखा की रात में हे हो हा
बरखा की रात में हे हो हा

भीगे है तन फिर भी जलता है मन
जैसे के जल में लगी हो अगन
भीगे है तन फिर भी जलता है मन
जैसे के जल में लगी हो अगन
राम सबको बचाए इस उलझन से
रस बरसे नीलगगन से

बरखा की रात में हे हो हा
बरखा की रात में हे हो हा

रस बरसे नीलगगन से
रस बरसे नीलगगन से

बरखा की रात में हे हो हा
बरखा की रात में हे हो हा

आ हा, आ आ आ आ आ आ आ
आ हा, आ आ आ आ आ आ आ आ
...................................
Barkha ki raat mein-Sardar 1955

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Jan 14, 2010

छुन छुन बाजे पायल-हम लोग १९५१

एक हल्का फुल्का गीत पेश है फिल्म हम लोग से। जी नहीं ये कोई
दूरदर्शन का सीरियल नहीं बल्कि एक फिल्म है सन १९५१ की
जिसमे बलराज साहनी, नूतन और श्यामा मुख्य भूमिकाओं में थे।
इस गीत का सरसरी तौर पर सुनने पर 'छुन छुन छुन' जो है वो
'छौं छौं छौं' सुनाई देता है। उद्धव कुमार के बोलों को संगीतमय छौंक
लगाया है संगीतकार रोशन ने। श्यामा नाम की नायिका इस गीत में
परदे पर होंठ हिला रही है और बत्तीसी चमका रही हैं । बलराज साहनी
के बाल देख के लगता है मानो शहर के सारे नाई छुट्टी पे गए हों। हमने
पहले ही कहा था गीत हल्का फुल्का है अतः इसका विवरण भी हम
हल्का फुल्का ही दे रहे हैं। ठीक है ना जी ।



गीत के बोल:

छुन छुन छुन बाजे पायल
छुन छुन छुन बाजे पायल मोरी
बाजे पायल मोरी
आ जा चोरी चोरी, आ जा चोरी चोरी
छुन छुन छुन बाजे पायल
छुन छुन छुन बाजे पायल मोरी
बाजे पायल मोरी
आ जा चोरी चोरी, आ जा चोरी चोरी
छुन छुन छुन बाजे पायल

मेरी गली में आना, कर के कोई बहाना
प्यार का दीप जला के, दिल का महल चमकाना
ओ, आ जा चंदा
आ जा चंदा चलें डाल तेरे गले
बैयाँ गोरी गोरी
आ जा चोरी चोरी आ जा चोरी चोरी
छुन छुन छुन बाजे पायल
छुन छुन छुन बाजे पायल मोरी
बाजे पायल मोरी
आ जा चोरी चोरी आ जा चोरी चोरी
छुन छुन छुन बाजे पायल

मान में पपीहा बोले, पियु पियु पियु रस घोले
जिया जिया जिया मोरा डोले, पिया पिया पिया संग हो ले
ओ, अजी ऐसा
अजी ऐसा हो संग, तुम हो मेरी पतंग
मैं हूँ डोरी डोरी
आ जा चोरी चोरी आ जा चोरी चोरी

छुन छुन छुन बाजे पायल

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