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May 29, 2016

जाऊं कहाँ बता ऐ दिल-छोटी बहन १९५९

समय का पता ही नहीं चलता. अभी सात साल पहले ही तो
ब्लॉग शुरू किया था. उस समय बहुत से लोगों ने ऐसे विषयों
पर ब्लॉग शुरू किया था. कुछ तो काफी आगे निकल गए और
कुछ बीच राह में ब्लॉग जगत से जुदा हो गए. उसी तरह से
जिंदगी भी कई पड़ावों से गुजर गयी. बहुत से लोग छूट गए,
बहुत से बिछड़ गए, कुछ ने हमसे दूरी बना ली बचे हुए कुछ से
हमने दूरियां बढ़ा लीं. समय की मांग जैसी होती है वैसा ही
जीव करता है.

ब्लॉग शुरू करना सही रहा या नहीं ये तो वक्त ही बतलायेगा
मगर एक बात सही है कि समय खपाऊ काम है और ये हर
किसी के बस का रोग नहीं. आगे आने वाला समय हिंदी के
लिए अच्छा है इसलिए आशा की जा सकती है भविष्य सुनहरा
नहीं तो चांदिया अवश्य ही होगा. 

हर व्यक्ति एक सार्थक उद्देश्य की आस में जीता है. अब ये कुछ
भी हो सकता है-१० किलो खाना, १० किलो ह..ना,  १० बच्चे
पैदा करना, १० भैंस पालना, १० गाडियां खरीदना, १० फैक्ट्री
खोलना, १० मकान बनाना यैसा ही और कुछ. जीवन की जो
भी सार्थकता है वो इसी में है कि आप उपयोगी बने इस संसार
के लिए चाहे जिस रूप में हो. सुख बांटने में है न कि छीनने में
या चोरी करने में.

प्रस्तुत गीत है फिल्म छोटी बहन से जिसमें छोटी बहन हैं-नंदा,
भाई हैं रहमान और भाभी हैं श्यामा. गीत में जिस चांदनी का
जिक्र है वो श्यामा ही हैं. फिल्म एक बार ज़रूर देखें अगर आपने
ना देखी हो.




गीत के बोल:

जाऊँ कहाँ बता ऐ दिल
दुनिया बड़ी है संगदिल
चांदनी आई घर जलाने
सूझे ना कोई मंज़िल
जाऊँ कहाँ बता ऐ दिल

बन के टूटे यहाँ, आरज़ू के महल
ये ज़मीं, आसमाँ, भी गए हैं बदल
कहती है ज़िंदगी, इस जहाँ से निकल

जाऊँ कहाँ बता ऐ दिल
दुनिया बड़ी है संगदिल
चांदनी आई घर जलाने
सूझे ना कोई मंज़िल
जाऊँ कहाँ बता ऐ दिल

हाय इस पार तो, आँसुओं की डगर
जाने उस पार क्या, है किसे ये खबर
ठोकरें, खा रही, हर कदम पर नज़र

जाऊँ कहाँ बता ऐ दिल
दुनिया बड़ी है संगदिल
चांदनी आई घर जलाने
सूझे ना कोई मंज़िल
जाऊँ कहाँ बता ऐ दिल
………………………………………………………
Jaaoon kahan bata ae dil-Chhoti Behan 1959

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Aug 12, 2015

कभी आर कभी पार लागा-आर पार १९५४

संगीतकारओ पी नैय्यर ने जितना भी संगीत दिया वो कर्णप्रिय की श्रेणी
में आता है. उनका नाम आते ही एक शब्द दिमाग में आता है-melody.
इस शब्द का इस्तेमाल लगभग सभी सयाने समीक्षकों ने उनके संगीत पर
बात करते समय इस्तेमाल किया है. मेलोडी का हिंदी अर्थ है-स्वरमाधुर्य.
क्या कर्णप्रियता और स्वर्माधुर्य अलग अलग पैरामीटर हैं? थोडा सा फर्क
है. कर्णप्रिय कोई भी चीज़ हो सकती है किसी व्यक्ति विशेष के लिए, हर
व्यक्ति का कर्णप्रियता का एक पैमाना होता है.

प्रस्तुत गीत फिल्म आर पार से है और फिल्म का शीर्षक गीत है. फिल्म
में गुरु दत्त, श्यामा, शकीला और जॉनी वॉकर प्रमुख कलाकार हैं. यह एक
हलकी फुलकी हास्य फिल्म है ये. इसके गीत अपने समय में लोगों की
जुबान पर चढ के बोले थे. फिल्म का निर्माण और निर्देशन गुरु दत्त ने ही
किया था. प्रसिद्ध कैमरामेन वी के मूर्ती फिल्म के छायाकार हैं.

मजरूह सुल्तानपुरी फिल्म के गीतकार हैं और मजरूह ने नैय्यर के साथ
शुरू के दौर की फिल्मों में काफी गीत लिखे. यह जोड़ी सुपरहिट थी उस
समय. बाद में नैय्यर को एश एच बिहारी की सेवाएं भी मिलनी शुरू हो
गयीं और मजरूह का ज्यादा समय दोनों बर्मन और लक्ष्मी प्यारे के लिए
गीत लिखने में व्यतीत हुआ. वे वो दौर था फिल्म संगीत का जब गाने के
बोल गुणवत्ता के मामले में सर्वश्रेष्ठ हुआ करते थे और एक गीत बनाने में
घंटों, कभी कभी कई दिनों की मेहनत होती थी. गायक से भी काफी पापड
बिलवा लिए जाते थे गायन में.

प्रस्तुत गीत शमशाद बेगम द्वारा गाया गया फिल्म का एकमात्र गीत है मगर
इसने प्रसिद्धि में अपना स्थान आसानी से बना लिया, यही है शमशाद बेगम
की आवाज़ का दम. आवाज़ की स्पष्टता और सधी हुई गायकी की बात होगी
तब तब हम शमशाद बेगम को याद करेंगे. उनकी आवाज़ में एक अलग किस्म
का आकर्षण था.




गीत के बोल:

कभी आर कभी पार लागा तीर-ए-नज़र
सैंया घायल किया रे तूने मोरा जिगर
कभी आर कभी पार लागा तीर-ए-नज़र
सैंया घायल किया रे तूने मोरा जिगर

कितना संभाला बैरी, दो नैनों में खो गया
देखती रह गयी मैं तो, जिया तेरा हो गया
दर्द मिला ये जीवन भर का
मारा ऐसा तीर नज़र का
लूटा चैन क़रार

कभी आर कभी पार लागा तीर-ए-नज़र
सैंया घायल किया रे तूने मोरा जिगर

पहले मिलन में ये तो दुनियाँ की रीत है
बात में गुस्सा लेकिन दिल ही दिल में प्रीत है
मन ही मन में लड्डू फूटे
नैनों से फुलझड़ियाँ छूटे
होंठों पर तक़रार

कभी आर कभी पार लागा तीर-ए-नज़र
सैंया घायल किया रे तूने मोरा जिगर
………………………………………………………………….
Kabhi aar kabhi paar-Aar paar 1954

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Sep 11, 2011

जाने कैसा छाने लगा नशा ये प्यार का-ज़बक १९६१

फिल्म ज़बक और फिल्म काली टोपी ला रुमाल का संगीत एक जैसा सुनाई
पढता है, क्यूँ ना हो, दोनों फिल्मों में चित्रगुप्त का संगीत जो है। सन ६१ से
रंगीन फिल्मों का दौर शुरू हुआ, ऐसा कहा जाता । कुछ फ़िल्में आधी रंगीन
बनीं तो कुछ पूरी रंगीन। ज़बक का किस्सा भी कुछ ऐसा ही है। फिल्म के
निर्देशक हैं होमी वाडिया। वाडिया पौराणिक और ऐतिहासिक फिल्मों के लिए
जाने जाते हैं। गीत प्रेम धवन ने लिखा है और गा रही हैं लता मंगेशकर।





गीत के बोल:


जाने कैसा छाने लगा नशा ये प्यार का
थोड़ा थोड़ा आने लगा मज़ा बहार का
जाने कैसा छाने लगा नशा ये प्यार का
थोड़ा थोड़ा आने लगा मज़ा बहार का

दिल जो मिले, गुल से खिले, जान गए हमराज़ नए
दिल जो मिले, गुल से खिले, जान गए हमराज़ नए
तुझसे सनम, तेरी कसम, सीख किए अंदाज़ नए
गई दिलको उड़ा, तेरी शोख़ अदा, मेरा बस न चला

जाने कैसा छाने लगा नशा ये प्यार का
थोड़ा थोड़ा आने लगा मज़ा बहार का

दिल थे जवां, रात हसीं ऐसे में तुमसे आँख लड़ी
दिल थे जवां, रात हसीं ऐसे में तुमसे आँख लड़ी
कैसे बुझे दिलके लगी अब तो ये मुश्किल आन पड़ी
ऐसा दर्द मिला, नहीं जिसकी दवा, तेरे प्यार के सिवा

जाने कैसा छाने लगा नशा ये प्यार ने
थोड़ा थोड़ा आने लगा मज़ा बहार का
................................................
Jaane kaisa chhane laga-Zabak 1961

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Jan 14, 2010

छुन छुन बाजे पायल-हम लोग १९५१

एक हल्का फुल्का गीत पेश है फिल्म हम लोग से। जी नहीं ये कोई
दूरदर्शन का सीरियल नहीं बल्कि एक फिल्म है सन १९५१ की
जिसमे बलराज साहनी, नूतन और श्यामा मुख्य भूमिकाओं में थे।
इस गीत का सरसरी तौर पर सुनने पर 'छुन छुन छुन' जो है वो
'छौं छौं छौं' सुनाई देता है। उद्धव कुमार के बोलों को संगीतमय छौंक
लगाया है संगीतकार रोशन ने। श्यामा नाम की नायिका इस गीत में
परदे पर होंठ हिला रही है और बत्तीसी चमका रही हैं । बलराज साहनी
के बाल देख के लगता है मानो शहर के सारे नाई छुट्टी पे गए हों। हमने
पहले ही कहा था गीत हल्का फुल्का है अतः इसका विवरण भी हम
हल्का फुल्का ही दे रहे हैं। ठीक है ना जी ।



गीत के बोल:

छुन छुन छुन बाजे पायल
छुन छुन छुन बाजे पायल मोरी
बाजे पायल मोरी
आ जा चोरी चोरी, आ जा चोरी चोरी
छुन छुन छुन बाजे पायल
छुन छुन छुन बाजे पायल मोरी
बाजे पायल मोरी
आ जा चोरी चोरी, आ जा चोरी चोरी
छुन छुन छुन बाजे पायल

मेरी गली में आना, कर के कोई बहाना
प्यार का दीप जला के, दिल का महल चमकाना
ओ, आ जा चंदा
आ जा चंदा चलें डाल तेरे गले
बैयाँ गोरी गोरी
आ जा चोरी चोरी आ जा चोरी चोरी
छुन छुन छुन बाजे पायल
छुन छुन छुन बाजे पायल मोरी
बाजे पायल मोरी
आ जा चोरी चोरी आ जा चोरी चोरी
छुन छुन छुन बाजे पायल

मान में पपीहा बोले, पियु पियु पियु रस घोले
जिया जिया जिया मोरा डोले, पिया पिया पिया संग हो ले
ओ, अजी ऐसा
अजी ऐसा हो संग, तुम हो मेरी पतंग
मैं हूँ डोरी डोरी
आ जा चोरी चोरी आ जा चोरी चोरी

छुन छुन छुन बाजे पायल

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