मुझे पीना है- उपासना १९७१
बतलाया था कि प्रेरणा कहीं से भी और कैसे भी ली जा सकती
है. कैसे एक अंग्रेजी धुन में हिंदी गाने की धुन का प्रयोग हुआ.
सन १९७१ की फिल्म उपासना में गीत है-मुझको तो पीनी है
जिसे आशा भोंसले ने गाया है. कम सुना गया गीत है और इसे
आप चाहें तो gem, जैम अचार मुरब्बा वगैरह कह सकते हैं.
गीत इन्दीवर ने लिखा है और संगीत कल्याणजी आनंदजी की
जोड़ी का है. फिल्म का मुकेश का गाया -दर्पण को देखा बेहद
लोकप्रिय गीत है, आपकी जानकारी के लिए.
श्रेणी बनाने वालों के लिए ये एक शराबी गीत है. आनंद लीजिए.
गीत के बोल:
बहुत देर की आने में
हाय रे क्या पाया तडपाने में
पियो पिलाओ जी भर के
आये हो जब मयखाने में
पियो ना, थोड़ी सी
प्यास मेरी बुझा ना पायेगा एक पैमाना
प्यास मेरी बुझा ना पायेगा एक पैमाना
मुझको तो पीना है मयखाने का मयखाना
प्यास मेरी बुझा ना पायेगा एक पैमाना
मेरे लिए मेरा जीवन एक सपना है
सपने में तू क्या ओ, हर कोई अपना है
यही है जीवन तू जी ले
यही है जीवन तू जी ले
पल पल का तू रस पी ले जी ले, पी ले जी ले
दिल को ना रहने दे वीराने का वीराना
मुझको तो पीना है मयखाने का मयखाना
प्यास मेरी बुझा ना पायेगा एक पैमाना
और भी हैं मेरे रूप कई ऐसे
एक ही रात में तू देखेगा सब कैसे
कल भी तूने न पहचाना
कल भी तूने न पहचाना
आज भी तूने कब जाना, जाना जाना
समझेगा तू कैसे दीवाने का दीवाना
मुझको तो पीना है मयखाने का मयखाना
प्यास मेरी बुझा ना पायेगा एक पैमाना
मुझको तो पीना है मयखाना का मयखाना
मयखाने का मयखाना
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Mujhko to peena hai-Upasana 1971
Artists:Helen
