Showing posts with label Vivek Mushran. Show all posts
Showing posts with label Vivek Mushran. Show all posts

Aug 25, 2015

पी पी पी पी पिया-प्रेम दीवाने १९९२

प्रेरणा के कई स्रोत हो सकते हैं. कभी किसी पशु पक्षी से प्रेरणा
मिल जाती है तो कभी किसी लेख कहानी से. कभी किसी घटना
से भी प्रेरणा मिल सकती है. आप यात्रा कर रहे होते हैं और किसी
से बात करते समय दिमाग में कोई आइडिया लट्टू के तरह चमक
उठता है. ऐसा भी देखा गया है स्वतः किसी कारण के बिना भी
आइडिये दिमाग में आ जाया करते हैं. ऐसा आइटमों को स्वप्रेरणा
का नाम दिया जाता है जो दिमाग में अपने आप आया करते हैं.

हिंदी सिनेमा संगीत तरह तरह की आवाजों से भरा हुआ है. इन्हें
आप जगह जगह प्रयोग में ला सकते हैं. डकार से लेकर पिछाडी
के विकार तक सभी आवाजें प्रयोग में लायी जा चुकी हैं उनका
विवरण यहाँ संभव नहीं है. कई गीतों की धुनों को गाड़ियों के
रिवर्स होर्न में प्रयोग में लाया जा चूका है. उसके अलावा आपने
फिल्म नागिन के गीत की धुन का प्रयोग होर्न में भी सुना होगा
जिसे बजाते हुए लंबे लंबे ट्रोले सर्प जैसे लहराते हुए हाइवे पर
देखे जा सकते हैं. अब वे धुन की वजह से लहराते हैं या उनमें
मौजूद कुछ पैदाइशी विकार इसके लिए जिम्मेदार हैं ये शोध का
विषय है.

आपने गाडी के होर्न को पीं पीं पों पों करते सुना ही होगा. एक गीत
ऐसा है जैसे किसी होर्न से प्रेरित होकर बनाया गया हियो, प्रतीत
होता है. गाने के बोल दिलचस्प तो हैं ही, धुन सुनने लायक है. ये
संगीतमय पीं पीं पों पों हो रही है प्रेम दीवाने के गीत में जिसे
गा रहे हैं अलका याग्निक संग उदित नारायण. लिया दिया कुछ इस
तरह से बखाना गया है मानो वितरण व्यवस्था के बारे में बतलाया
जा रहा हो. गीत आनंद बक्षी का है और संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
का.



गीत के बोल:

ऐ बी सी डी ई एफ जी एच आई जे के एल एम् एन ओ पी
पी पी पी पी पिया जी जी जी जी जिया
पिया तूने मेरा जिया ले लिया
मैंने जो किया वही तूने भी किया
लिया दिया लिया दिया जिया
प्यार तुमने किया
पिया तूने मेरा जिया ले लिया

पी पी पी पी पिया जी जी जी जी जिया
पिया तूने मेरा जिया ले लिया


tतेरे मेरे प्यार के हैं किस्से मशहूर
बड़ी दूर दूर
प्यार ने हमें बड़ा नाम दिया
पिया तूने मेरा जिया ले लिया

होती नहीं तेरी मेरी जब मुलाकातें
नींद नहीं आती मुझे सारी सारी रात
जलता है दिल
जलता है दिल मेरा बन के दिया

पी पी पी पी पिया जी जी जी जी जिया
पिया तूने मेरा जिया ले लिया
.............................................................
P P P P Piya-Prem deewane-1992

Read more...

Aug 6, 2011

सोचा तुम्हें खत लिखूं-सातवां आसमान १९९२

आपको फिल्म सातवां आसमान का एक मधुर युगल गीत सुनवाया था
इधर। अब सुनिए एक और युगल गीत जिसे गा रहे हैं प्रीती और उदित
नारायण। कुछ बात चीत वाले अंदाज़ में गीत चलता है। अल्हड और
अपरिपक्व प्रेम परिपक्वता की ओर बढ़ रहा है। वही हाल एक्टिंग का भी
है। एक्टिंग पर ज्यादा गौर न करें। न तो विवेक मुश्रान ने और न ही पूजा
भट्ट ने, झंडे गाडे हैं अभिनय के। गीत खत्म होने के बाद एक और गीत
शुरू हो जाता है जिसके बोल फिर कभी......




गीत के बोल:


सोचा तुम्हें खत लिखूं
पर मन ही मन मैं डरती हूँ
तुम खत को पढ़ ना पाओगे
इस खत को फाड़ डालोगे

सोचा तुम्हें खत लिखूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ

रूठूंगी मैं तुम मनाओगे
रूठोगे तुम मैं मनाऊंगी
उम्र जो थोड़ी सी बाकी है
आंसुओं में बीत जाएगी
इतनी फुरसत तो ऐ मेरी जां
जान देकर भी न पाऊंगी
सोचा तुमसे आ कर मिलूं
पर मन ही मन मैं डरती हूँ

सोचा टेलीफोन करूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ
मेरी आवाज़ को सुन कर
हेलो तुम कह न पाओगी
सोचा टेलीफोन करूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ

पहले मैं मरने से डरता था
तुमने जीना मुझको सिखलाया
तुम आईं तो सूने जीवन में
जैसे कोई चाँद निकल आया
हाय ये खिलता पागलपन
हर खुशी को मैने ठुकराया
सोचा तुमसे आ कर मिलूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ

सोचा तुम्हें खत लिखूं
पर मन ही मन मैं डरती हूँ
तुम खत को पढ़ ना पाओगे
इस खत को फाड़ डालोगे

सोचा तुम्हें फोन करूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ
......................................
Socha tumhen khat likhhon-Saatwan Aasman 1992

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP