Showing posts with label Zehreela Insaan. Show all posts
Showing posts with label Zehreela Insaan. Show all posts

Aug 8, 2019

सांप से बढ़ के मेरा ज़हर-ज़हरीला इंसान १९७४

सन १९७४ की फिल्म में ज़हर के उल्लेख वाला एक गीत
अवश्य ही होना चाहिए था. कहानी की मांग जो थी. फिल्म
का नाम फूलगोभी हो और उसमें गोभी नज़र ना आए तो
ये तो बेइंसाफी कहलाएगी दर्शकों से. कम से कम एक गोभी
गीत होना चाहिए अगर गोभी नहीं दिखानी है तो.

सुनते हैं शैलेन्द्र सिंह का गाया हुआ ये अनूठा गीत जो कि
फिल्माया गया है ऋषि कपूर पर.



गीत के बोल:

सांप से बढ़ के मेरा ज़हर है
.
.
.
.
.
.
.
.......................................................................
Saanp se badh ke-Zehreela Insaan 1974

Artist: Rishi Kapoor

Read more...

Apr 28, 2018

ये सिलसिला प्यार से चला-ज़हरीला इंसान १९७४

आशा भोंसले की आवाज़ में एक उम्दा गीत सुनते हैं जिसे
परदे पर नीतू सिंह गा रही हैं. गीत के पार्श्व में किसी प्राचीन
शहर जैसे-हम्पी के अवशेष दिखलाई दे रहे हैं. धन्य हो हिंदी
फ़िल्में जिनकी वजह से मुफ्त में कई जगह की सैर हो जाया
करती है.

गीत मजरूह सुल्तानपुरी का है और संगीत आर डी बर्मन का.
ऐसे गीतों को आप लंबे समय तक सुन सकते हैं. गाने में की
गयी ऊ ऊ भी कानों में गुदगुदी करती है.




गीत के बोल:

ये सिलसिला प्यार से चला
ये सिलसिला प्यार से चला
ओ चलते चलते मेरा तेरा संगम हुआ
ऊ ऊ
...........................................................................
Ye silsila pyar se chala-Zehreela Insaan 1974

Artists: Neetu Singh, Rishi Kapoor

Read more...

Apr 25, 2018

मेरे दिल से ये नैन-ज़हरीला इंसान १९७४

इस फिल्म के नाम से पहली बार ऐसा लगा जैसे इतिहास
में वर्णित विष कन्याओं के कोई मेल संस्करण के बारे में
कहानी हो.

सुनते हैं इस फिल्म से शैलेन्द्र सिंह का गाया हुआ एक गीत
जिसे लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और जिसकी धुन तैयार
की है आर डी बर्मन ने. फिल्म का ये गीत थोडा कम सुना
गया है मगर ये है कर्णप्रिय. हाँ इस गीत में आशा भोंसले की
आवाज़ भी है, ये एक युगल गीत है.



गीत के बोल:

मेरे दिल से ये नैन मिले रहने दो जानेमन
मेरे दिल से ये नैन मिले रहने दो जानेमन
ये दो घडी बहल जाता है दिल दीवाना
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना

इनके बिना यहाँ वहां ऐसे फिरूं उलझन का मारा
इनके बिना यहाँ वहां ऐसे फिरूं उलझन का मारा
पैरों तले जैसे कोई रखता चले जलता हुआ अंगारा
हो दुःख मेरा ये जाने हो या जाने मेरा हाल ये वीराना

हो ओ ओ मेरे दिल से ये नैन मिले रहने दो जानेमन
ये दो घडी बहल जाता है दिल दीवाना
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना

तुम भी देखो यूँ ही होती रहें दिल की दो बातें
आ आ आ आ आ आ
तुम भी देखो यूँ ही होती रहें दिल की दो बातें
तुम्ही से तो मिले मुझे जीवन के दिन जीवन की रातें
हो ये रात दिन रुक जाए हो फिर भी ना ये अफसाना

हो ओ ओ मेरे दिल से ये नैन मिले रहने दो जानेमन
ये दो घडी बहल जाता है दिल दीवाना
मेरे दिल से ये नैन मिले रहने दो जानेमन
ये दो घडी बहल जाता है दिल दीवाना
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
....................................................
Mere dil se ye nain-Zehreela Insaan 1974

Artists: Rishi Kapoor, Mousami Chatterji

Read more...

Jul 17, 2017

ओ हंसिनी-ज़हरीला इंसान १९७४

कुछ फ़िल्में अपने गीतों की वजह से जानी जाती हैं. एक
ऐसी ही फिल्म है ज़हरीला इंसान जो अपने एक गीत की
वजह से पहचानी जाती है. वो गीत हम आज सुनेंगे. ये
किशोर कुमार का गाया एक लोकप्रिय गीत है जिसे लिखा
है मजरूह सुल्तानपुरी ने.

फिल्म के स्टारकास्ट के बारे में बाद में बतलायेंगे फिलहाल
ये गीत सुब कर काम चलायें. हंस और हंस के जोड़े पर
फ़िल्मी गीत बने हैं मगर हंसिनी(हँस की फीमेल) पर बना
ये एकमात्र हिंदी फ़िल्मी गीत है.



गीत के बोल:

ओ हंसिनी मेरी हंसिनी  कहाँ उड़ चली
मेरे अरमानों के पंख लगा के  कहाँ उड़ चली
ओ हंसिनी मेरी हंसिनी  कहाँ उड़ चली
मेरे अरमानों के पंख लगा के  कहाँ उड़ चली

आ जा मेरी सांसो में महक रहा रे तेरा गजरा
आ जा मेरी रातों में लहक रहा रे तेरा कजरा
हो आ जा मेरी सांसो में महक रहा रे तेरा गजरा
हो आ जा मेरी रातों में लहक रहा रे तेरा कजरा

ओ हंसिनी मेरी हंसिनी  कहाँ उड़ चली
मेरे अरमानों के पंख लगा के  कहाँ उड़ चली

देर से लहरों में कमल संभाले हुए मन का
जीवन ताल में भटक रहा रे तेरा हंसा
हो देर से लहरों में कमल संभाले हुए मन का
हो जीवन ताल में भटक रहा रे तेरा हंसा

ओ हंसिनी मेरी हंसिनी  कहाँ उड़ चली
मेरे अरमानों के पंख लगा के  कहाँ उड़ चली
कहाँ उड़ चली कहाँ उड़ चली
……………………………………………………………
O hansini-Zehreela Insaan 1974

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP