दीवाना मस्ताना हुआ दिल-बम्बई का बाबू १९६०
गिनती की फिल्मों से ही उनके कई प्रशंसक बन गए जो
हिंदी फ़िल्में देखते हैं. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ज़बरदस्त थी.
बम्बई का बाबू से एक गीत सुनते हैं जिसमें युगल गीत
बनाने के लिए जो भी मसाले लग सकते थे लगाये गए
हैं. संगीत के सुर, बावले से भाव, माधुर्य सभी का घोटा
है इसमें. ऐसे युगल गीत अब कहाँ बना करते हैं?
मजरूह सुल्तानपुरी का गीत है और एस डी बर्मन का
संगीत. आशा और रफ़ी ने इसे गाया है.
गीत के बोल:
प म ग म रे ग प म ग म
सा नि ध प म ग रे सा नी नी नी
दीवाना मस्ताना हुआ दिल
जाने कहाँ हो के बहार आई
दीवाना मस्ताना हुआ दिल
जाने कहाँ हो के बहार आई
हो हो तन को मेरे छुए
छुए घट काली
छेड़े लहर लहर मतवाली
तन को मेरे
हो हो तन को मेरे छुए
छुए घट काली
छेड़े लहर लहर मतवाली
राज़ कोई अनजाना
दीवाना मस्ताना हुआ दिल
जाने कहाँ हो के बहार आई
आ आ आ आ आ
जाने कहाँ हो के बहार आई
हो हो कुछ अनकही कहे मेरी चितवन
बोले जिया लिखे मेरी धड़कन
एक नया अफ़साना
कुछ अनकही
हो हो कुछ अनकही कहे मेरी चितवन
बोले जिया लिखे मेरी धड़कन
एक नया अफ़साना
दीवाना मस्ताना हुआ दिल
जाने कहाँ हो के बहार आई
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
जाने कहाँ हो के बहार आई
प म ग म रे ग प म ग म
प म ग म रे ग प म ग म
सा नि ध प म ग रे सा नी नी नी
दीवाना मस्ताना हुआ दिल
जाने कहाँ हो के बहार आई
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
जाने कहाँ हो के बहार आई
हो हो सावन लगा मचल गए बादल
देखो जिसे हुआ वही पागल
सावन लगा मचल गए बादल
देखो जिसे हुआ वही पागल
कौन हुआ दीवाना
दीवाना मस्ताना हुआ दिल
दीवाना मस्ताना हुआ दिल
जाने कहाँ हो के बहार आई
आ आ आ आ आ
जाने कहाँ हो के बहार आई
हो ओ ओ जाने कहाँ हो के बहार आई
आ आ आ जाने कहाँ हो के बहार आई
……………………………………………
Deewana mastana-Bambai ka baboo 1960
Artists: Dev Anand, Suchitra Sen