ताकत वतन की हमसे है-प्रेम पुजारी १९७०
ज़ज्बाई झोंका १५ अगस्त और २६ जनवरी को आता है अगर
वो साल भर कायम रहे तो सभी के मन में देशभक्ति और
देश प्रेम के भाव जाग्रत बने रहेंगे. हमारे जवान अगर हमारी
सीमाओं की सुरक्षा कर के हमें चैन की नींद सोने का अवसर
देते हैं तो हमारा भी ये दायित्व है हम अपने देश से प्रेम करें
और इसे स्वच्छ, स्वस्थ और खुशहाल बनाये रखने में अपना
योगदान दें.
फिल्म प्रेम पुजारी के लिए इस गीत को लिखा है नीरज ने और
इसकी धुन बनाई है एस डी बर्मन ने. मन्ना डे और रफ़ी के
संग कोरस ने इस गीत को गाया है.
गीत के बोल:
ताकत वतन की हमसे है हिम्मत वतन की हमसे है
इज्ज़त वतन की हमसे है इंसान के हम रखवाले
पहरेदार हिमालय के हम झोंके हैं तूफ़ान के
सुन कर गरज हमारी सीने फट जाते चट्टान के
पहरेदार हिमालय के हम झोंके हैं तूफ़ान के
सुन कर गरज हमारी सीने फट जाते चट्टान के
ताकत वतन की हमसे है हिम्मत वतन की हमसे है
इज्ज़त वतन की हमसे है इंसान के हम रखवाले
सीना है फौलाद का अपना फूलों जैसा दिल है
तन में विन्ध्याचल का बल है मन में ताजमहल है
सीना है फौलाद का अपना फूलों जैसा दिल है
तन में विन्ध्याचल का बल है मन में ताजमहल है
ताकत वतन की हमसे है हिम्मत वतन की हमसे है
इज्ज़त वतन की हमसे है इंसान के हम रखवाले
देकर अपना खून सींचते देश की हम फुलवारी
बंसी से बन्दूक बनाते हम वो प्रेम पुजारी
देकर अपना खून सींचते देश की हम फुलवारी
बंसी से बन्दूक बनाते हम वो प्रेम पुजारी
ताकत वतन की हमसे है हिम्मत वतन की हमसे है
इज्ज़त वतन की हमसे है इंसान के हम रखवाले
आकर हमको कसम दे गई राखी किसी बहन की
देंगे अपना शीश न देंगे मिट्टी मगर वतन की
आकर हमको कसम दे गई राखी किसी बहन की
देंगे अपना शीश न देंगे मिट्टी मगर वतन की
ताकत वतन की हमसे है हिम्मत वतन की हमसे है
इज्ज़त वतन की हमसे है इंसान के हम रखवाले
खतरे में हो देश अरे तब लड़ना सिर्फ धरम है
मरना है क्या चीज़ आदमी लेता नया जनम है
खतरे में हो देश अरे तब लड़ना सिर्फ धरम है
मरना है क्या चीज़ आदमी लेता नया जनम है
ताकत वतन की हमसे है हिम्मत वतन की हमसे है
इज्ज़त वतन की हमसे है इंसान के हम रखवाले
एक जान है एक प्राण है सारा देश हमारा
नदियाँ चल कर थकी रुकी पर कभी न गंगा धारा
एक जान है एक प्राण है सारा देश हमारा
नदियाँ चल कर थकी रुकी पर कभी न गंगा धारा
ताकत वतन की हमसे है हिम्मत वतन की हमसे है
इज्ज़त वतन की हमसे है इंसान के हम रखवाले
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Taqat watan ki hamse hai-Prem pujari 1970.
