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Sep 29, 2016

जहाँ तू है वहाँ फिर-आओ प्यार करें १९६४

ऐसे ऐसे गाने हों तो किसी का भी मन कहेगा-आओ प्यार करें.
ये है रफ़ी के उम्दा रोमांटिक गीतों में से एक उषा खन्ना की
धुन पर गाया हुआ गीत. इसके गीतकार हैं राजेंद्र कृष्ण.

पिछला गीत शम्मी कपूर वाला था और गीतकार राजेंद्र कृष्ण
उससे ये खूबसूरत गीत याद आ गया. गीत में रोचक बातचीत
है सायरा बानो और जॉय मुखर्जी के बीच.

ऐसे हास्य पुट वाले सामान्य गीत दुर्लभ हैं फिल्म संगीत के
खजाने में. इस प्रसंग के लिए निर्देशक को दाद देना पड़ेगी.
अच्छी खासी फैंसी ड्रेस की एग्जीबीशन है इस गीत में बस
लैला मजनू के लिबासों की कसार रह गई.



गीत के बोल:

बहार-ए-हुस्न तेरी मौसम-ए-शबाब तेरा
कहाँ से ढूँढ के लाए कोई जवाब तेरा
ये सुबह भी तेरे रुखसार की झलक ही तो है
के नाम ले के निकलता है आफ़ताब तेरा

जहाँ तू है वहाँ फिर चाँदनी को कौन पूछेगा
जहाँ तू है वहाँ फिर चाँदनी को कौन पूछेगा
तेरा दर हो तो जन्नत की गली को कौन पूछेगा
जहाँ तू है वहाँ फिर चाँदनी को कौन पूछेगा
जहाँ तू है

कली को हाथ में लेकर बहारों को ना शरमाना
कली को हाथ में लेकर बहारों को ना शरमाना
ज़माना तुझको देखेगा कली को कौन पूछेगा

जहाँ तू है वहाँ फिर चाँदनी को कौन पूछेगा
जहाँ तू है

फ़रिश्तों को पता देना ना अपनी रहगुज़ारों का
फ़रिश्तों को पता देना ना अपनी रहगुज़ारों का
वो क़ाफ़िर हो गये तो बन्दगी को कौन पूछेगा

जहाँ तू है वहाँ फिर चाँदनी को कौन पूछेगा
जहाँ तू है

किसी को मुस्कुरा के खूबसूरत मौत ना देना
किसी को मुस्कुरा के खूबसूरत मौत ना देना
क़सम है ज़िन्दगी की ज़िन्दगी को कौन पूछेगा

जहाँ तू है वहाँ फिर चाँदनी को कौन पूछेगा
जहाँ तू है वहाँ फिर चाँदनी को कौन पूछेगा
तेरा दर हो तो जन्नत की गली को कौन पूछेगा
जहाँ तू है वहाँ फिर चाँदनी को कौन पूछेगा
जहाँ तू है
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Jahan too hai wahan phir-Aao pyar karen 1964

Artists: Joy Mukharji, Saira Bano

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Jan 25, 2015

हाथों में आ गया जो कल-आओ प्यार करें १९९४

सन १९९४ की फिल्म “आओ प्यार करें” से एक गीत आपको
पहले सुनवा चुके हैं. आइये अब सुनते हैं दूसरा गीत. ये गीत
भी फिल्म रिलीज़ के वक्त खूब बजा करता था. गीत में नायक
वही हैं-सैफ अली खान और साथ में पहाड़ों पर नाच रही हैं
शिल्पा शेट्टी. इसे पर्यावरण प्रेमी गीत कह सकते हैं आप.
रुमाल गीत में है या नहीं आप खुद पता लगाइए . गीत लिखा
है श्याम राज ने और धुन बनाई है जतिन-ललित के जीजा
आदेश श्रीवास्तव ने.



गीत के बोल:

हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका
हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका
बेचैन कर गया हमें ख्याल आपका
ख्याल आपका

हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका,
रुमाल आपका

यादों में झूम कर पलकों से चूम कर
यादों में झूम कर पलकों से चूम कर
दिल में बसा लिया, धडकन बना लिया

हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका,
रुमाल आपका
बेचैन कर गया हमें ख्याल आपका
ख्याल आपका
हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका,
रुमाल आपका

चाहत की अस में मिलने की प्यास में
चाहत की अस में मिलने की प्यास में
अरमान महक गए कुछ हम बहक गए

हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका,
रुमाल आपका
बेचैन कर गया हमें ख्याल आपका
ख्याल आपका
हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका,
रुमाल आपका

पहले तो जिंदगी लगती थी खुजनबी
पहले तो जिंदगी लगती थी अजनबी
रंगों में ढल गयी है दुनिया बदल गयी

हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका,
रुमाल आपका
बेचैन कर गया हमें ख्याल आपका
ख्याल आपका
हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका,
रुमाल आपका
रुमाल आपका रुमाल आपका
रुमाल आपका
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Hathon mein aa gaya jo kal-Aao Pyar Karen 1994

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Mar 22, 2010

चाँद से पर्दा कीजिये-आओ प्यार करें १९९४

आदेश श्रीवास्तव के बारे में पहले इस ब्लॉग पर लिखा जा चुका है।
वे एक प्रतिभाशाली संगीतकार हैं जिन्होंने वर्षों तक लक्ष्मी प्यारे
की टीम में ड्रम बजाये। उनकी पहली फिल्म थी सन १९९४ में आई
आओ प्यार करें । सैफ अली खान अपने पैर बॉलीवुड में ज़माने की
कोशिश कर रहे थे और उनके साथ में इस फिल्म में नवोदित अभिनेत्री
शिल्पा शेट्टी हैं। सुनने लायक गीत है आनंद उठायें। गीत लिखा है
श्याम राज ने।



गीत के बोल:

चाँद से पर्दा कीजिये
हाँ, चाँद से पर्दा कीजिये
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ए मेरे हमनवाज़ ए मेरे हुज़ूर
ए मेरे हमनवाज़ ए मेरे हुज़ूर
हाँ, चाँद से पर्दा कीजिये

जुल्फों से उडी ख़ुशबू प्यार की
होठों पे खिल गई
कलियाँ बहार की
होठों पे खिल गई
कलियाँ बहार की
फूल से पर्दा कीजिये
हाँ फूल से पर्दा कीजिये
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ए मेरे हमनवाज़ ए मेरे हुज़ूर
ए मेरे हमनवाज़ ए मेरे हुज़ूर
हाँ, चाँद से पर्दा कीजिये

लगती हो किसी शायर का ख़याल
ऐसी सादगी तो है खुद में बेमिसाल
ऐसी सादगी तो है खुद में बेमिसाल
खुद से पर्दा कीजिये
हाँ, खुद से पर्दा कीजिये
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ए मेरे हमनवाज़ ए मेरे हुज़ूर
ए मेरे हमनवाज़ ए मेरे हुज़ूर
हाँ, चाँद से पर्दा कीजिये

हंस दे आप गर बन जाए दास्ताँ
हंस दे आप गर बन जाए दास्ताँ
पलकें जो झुकीं कहीं झुक जाए आसमान
पलकें जो झुकीं कहीं झुक जाए आसमान
रब से पर्दा कीजिये
हाँ, रब से पर्दा कीजिये
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ए मेरे हमनवाज़ ए मेरे हुज़ूर
ए मेरे हमनवाज़ ए मेरे हुज़ूर

चाँद से पर्दा कीजिये
हाँ चाँद से पर्दा कीजिये
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ए मेरे हमनवाज़ ए मेरे हुज़ूर

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