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Feb 14, 2016

दस बहाने करके ले गया दिल-दस २००५

२००० के बाद ‘दस’ नाम से दो चीज़ें देखने को मिली-एक तो
Wolkswagen जिसे फोक्सवैगन कहा जाता है, के शोरूम के आगे
लिखा-Das Auto-जिसे ‘दस ऑटो’ बोला जाता है, दूसरी चीज़ है
दस नाम की फिल्म जो सन २००५ में अवतरित हुयी. इससे
पहले तक ‘दस’ शब्द केवल गिनती  में सुनाई देता था. हालाँकि
इस फिल्म का अंग्रेजी में नाम लिखा जाता है- DUS.

आज आपको फिल्म दस से एक गीत सुनवाते हैं जिसका मुखडा
ही दस शब्द से शुरू होता है. पंछी जालौनवी ने इस गीत को लिखा
है. इनका नाम मैंने इस गीत से पहले नहीं सुना था. इन्होने फिल्म
के लिए ढेर सारे गीत लिखे हैं. हाँ, फिल्म में संगीतकार केवल
विशाल-शेखर हैं. गीत गाया है शान और के के ने.

फिल्म में ढेर सारे हीरो-हीरोईनें हैं. मल्टी-स्टारर फ़िल्में देखने वालों
के लिए तोहफा है ये फिल्म.



गीत के बोल:

हियर नाऊ हियर नाऊ
एवरीबडी पुट यौर हैंड्स अप इन द एयर नाऊ
उसकी आँखों में बातें, बातों में जादू
से हियर नाऊ हियर नाऊ
उसकी आँखों में बातें, बातों में जादू
जादू में खो गये हम, हो गये बेकाबू
आई लुक्ड एट यू यू लुक्ड एट मी
और हो गयी मुश्किल
एंड यू बिकेम माई डेस्टिनी, तू ही मेरी मंजिल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल

ये दिल तो पहले ऐसा नहीं था
किसने बहकाया ऐसा सपना दिखाया
क्यूँ ये आँखें मेरी देखें उसी को
सोचे बिना ही उसे अपना बनाया क्यूँ
जीना तो मरने से अब है कहीं मुश्किल
खुद को जो खोया तो, वो हो गया हासिल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल

किसने किसी को हँस के बुलाया
बातें बना के कोई जादू सा चलाया था
बस देखा देखी दिल से हुई थी
दुनिया भुला के कोई ऐसे दिल पे छाया था
किसके बिना क्या होगा ये कह सके ना दिल
खुद को ये समझना अब हो गया मुश्किल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल
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Das bahane kar ke le-Dus 2005

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Jun 16, 2015

कोई भीगा है रंग से-मुंबई से आया मेरा दोस्त २००३

एक रिवाज़ सा है कि त्योहारों वाले गीत त्योहारों पर ही
सुने जाते हैं. बीच बीच में कोई गलती से एक आध बार
ऐसे गीतों को सुन लेता है. आज आपको सुनवाते हैं फिल्म
मुंबई से आया मेरा दोस्त से एक गीत.

बरसों पहले एक फिल्म आई थी-आप की खातिर जिसमें
बप्पी लहरी का संगीत था और उनकी आवाज़ में एक गीत
था-बम्बई से आया मेरा दोस्त, दोस्त को सलाम करो. इस
फिल्म का मुखडा वहीँ से लिया हुआ है, बस बम्बई मुंबई में
तब्दील हो गया है. इस फिल्म को रिलीज़ हुए भी १२ बरस
बीत गए हैं. सोनू निगम जिन्होंने सन २००० के आस पास
फिल्मों में गाना शुरू किया था वे भी अब परिपक्व हो चले
हैं. अलका याग्निक की आवाज़ अब नहीं के बराबर सुनाई
देती है. नए दौर में ढेर सारी गायिकाएं आ गयी हैं और अब
संगीतकारों के पास बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं जो पहले नहीं
हुआ करते थे. गीत अन्नू मलिक के संगीत पर तैयार हुआ
है जिसके बोल समीर ने लिखे हैं.

गीत अभिषेक बच्चन और लारा दत्ता पर फिल्माया गया है.




गीत के बोल:

कोई भीगा है रंग से कोई भीगा उमंग से
कोई भीगा है तरंग से कोई भीगा है भंग से
ढोलना प्रीत की बोलियाँ बोलना
तेरी झाँझरी झुन-झुन करे
दिल का भ्रमर गुन-गुन करे
ऐसे ना दे गाली मुझे आई यहाँ रंगने तुझे
मस्तों की टोली रे

आया परदेसी आया ऐसी सौग़ात लाया
धूम जिसकी मची गाँव में

गाये जोगीरा गाये, नाचे सबको नचाये
बिना घुँघरू बाँधे पाँव में
झूमे ज़मीं, झूमें गगन
आई ख़ुशी सब हैं मगन
बेचैन मन पागल है तन
देखे मुझे मारे गुलबदन
नैनों से गोली रे

म्हारे सपणों की डोली चोरी-चोरी सजा दे
गोरी छोरी बजा दे कँगना
म्हारा बईयाँ मरोड़े, म्हारी चूड़ी को तोड़े
म्हारा पल्लू ना छोड़े साजणा
थोड़ा तुझे तरसाऊँगा, थोड़ा तुझे तड़पाऊँगा
सेहरा सजा के आऊँगा,
फागुन में ले जाऊँगा
मैं थारी डोली
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Koi Bheega Hai Rang Se-Mumbai Se Aaya Mera Dost 2003

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