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May 25, 2020

आधी रात जब चाँद ढले-पहेली २००५

जीवन भी एक पहेली है, कभी बड़ी पहेली तो कभी छोटी
पहेली. इसी बात पर सुनते हैं बिना विवरण और बिना
लिरिक्स के एक गाना.




……………………………………..
Aadhi raat jab chand dhale-Paheli 2005

Artists: Aditi Govitrikar, Rani Mukherji

Singers: Shreya, Madhushri, Bela Shende

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May 22, 2020

ऐसा कोई जिंदगी में आये-दोस्ती २००५

बॉलीवुड में एक नाम से कई फ़िल्में मौजूद हैं. हाल में
आई फिल्म बागी जिसके नाम के साथ १-२-३ लगा हुआ
है सीक्वल होने की वजह से, पहले भी बनाई जा चुकी है.
इससे पूर्व सलमान खान वाली फिल्म आई थी. श्वेत श्याम
युग में भी एक बागी फिल्म मौजूद है. गोलमाल नाम से
भी काफी फ़िल्में बन गई हैं. सर्वप्रथम तो अमोल पालेकर
वाली ही है.

कुछ फ़िल्में तो ऐसी भी हैं जिनके नामों पर शायद ही कोई
दूसरी फिल्म बनाने की हिम्मत करे जैसे कि अलबर्ट पिंटो
को गुस्सा क्यूँ आता है, पॉपकॉर्न खाओ मस्त हो जाओ, कभी
हाँ कभी ना, राजा रानी को चाहिए पसीना, एक रुका हुआ
फैसला, प्राण जाये पर वचन न जाये, अँधेरी रात में दिया
तेरे हाथ में इत्यादि.

कोई कहता है छोटे नाम वाली फ़िल्में ज़्यादा पोपुलर होती
हैं. इतिहास गवाह है कि नाम वाम में कुछ नहीं रखा वो
तो कब क्या हिट हो जाये समय की चाल के साथ इसे
अधिकाँश निर्देशक स्वीकार करते हैं, समझ के बाहर वाली
चीज़ है. अगर छोटे नाम वाला फार्मूला चलता तो शोले के
बाद शान फिल्म हिट होना चाहिए थी. रमेश सिप्पी शोले
को ले कर तो ये कह चुके हैं-वो बन गई तो बन गई.
ऐसी फ़िल्में कभी कभार ही बना करती हैं. उन्होंने बतलाया
कैसे फिल्म के कथानक से ले कर स्टारकास्ट और तकनीकी
टीम और गीत संगीत तक सब कुछ उम्दा सा होता चला.

लेख टंडन द्वारा निर्देशित और राजश्री प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित
फिल्म दुल्हन वही जो पिया मन भाये बेहद लोकप्रिय और
सफल फिल्म है अपने समय की. मिर्ज़ा ब्रदर्स की ९० के
दशक की राजू बन गया जेंटलमैन भी अपने समय की एक
सफल और जनता की प्रिय फिल्म है.

ऊपर वर्णित कई नाम तो सफल फिल्मों के हैं. इनके साथ
कुछ ऑफ बीट फिल्मों के नाम भी हमने ले लिए हैं. ये
किसी समय ऑफ बीट लगती थीं मगर आज के कथानकों
से तुलना की जाये तो मुख्य धारा के सिनेमा की फ़िल्में
ही प्रतीत होंगी. ऑफ बीट इसलिए कि उनमें फिल्मों के
रेगुलर मसालों में से अधिकाँश नदारद मिलते हैं.

वैसे बीट शब्द फ़िल्मी जनता को इतना पसंद आया कि
चिड़िया की बीट, कबूतर की बीट भी अब सेल्युलॉइड फोर्मेट
में उपलब्ध है. संगीत वाली जो बीट है उसे डी जे और
रिमिक्स वालों ने हार्ट बीट बढ़ाने का सामान बना दिया है.
बारात निकल रही हो किसी सड़क या गली से और मकानों
की खिड़कियाँ न थर्राएँ तो ये तो बेइज्जती वाली बात हुई
डी जे वालों के लिए.

सन २००५ में एक फिल्म आई दोस्ती. ये शब्द शायद १९६४
के बार सुनाई दिया किसी फिल्म के शीर्षक के तौर पर. इस
फिल्म से एक गीत सुनते हैं समीर का लिखा हुआ और
नदीम श्रवण द्वारा संगीतबद्ध. अभिजीत और अलका याग्निक
ने इसे गाया है.



गीत के बोल:

ऐसा कोई ज़िन्दगी में आये
जो ज़िन्दगी को ज़िन्दगी बनाये
ऐसा कोई ज़िन्दगी में आये
जो ज़िन्दगी को ज़िन्दगी बनाये

थोड़े खुशियाँ हों थोड़े आँसू हों
और ज़रा ज़रा पे मुस्कुराये
ऐसा कोई ज़िन्दगी में आये
जो ज़िन्दगी को ज़िन्दगी बनाये
ऐसा कोई ज़िन्दगी में आये
जो ज़िन्दगी को ज़िन्दगी बनाये
थोड़े खुशियाँ हों थोड़े आँसू हों
और ज़रा ज़रा पे मुस्कुराये

ऐसा कोई ज़िन्दगी में आये
जो ज़िन्दगी को ज़िन्दगी बनाये

दिलों जान से जो मुझपे मरे
सिर्फ मुझसे मोहब्बत करे
मेरे ख्वाबों में खोया रहे
मेरे कांधों पे सोया रहे
मेरे लिए दुनिया भुलाये
मेरे दर्द-ओ-गम भी उठाए

ऐसा कोई ज़िन्दगी में आये
जो ज़िन्दगी को ज़िन्दगी बनाये

लम्हा लम्हा उमर बाँट ले
मेरी तन्हाईयाँ काट ले
हर घड़ी बस मेरा नाम ले
लड़खड़ाऊँ जो मैं थाम ले
मेरे सारे सपने सजाये
मेरी पलकों में घर बनाये

ऐसा कोई ज़िन्दगी में आये
जो ज़िन्दगी को ज़िन्दगी बनाये
थोड़े खुशियाँ हों थोड़े आँसू हों
और ज़रा ज़रा पे मुस्कुराये
………………………………………..
Aisa koi zindagi mein aaye-Dosti 2005

Artists: Akshay Kumar, Kareena Kapoor

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Dec 17, 2018

अगर तुम मिल जाओ(उदित)-ज़हर २००५

फिल्म ज़हर का गीत आपको सुनवाया था तब हमने बतलाया
था की जनता ने इसे कालर ट्यून बना रखा था. ये उदित वाले
वर्ज़न की बात कर रहे थे हम. इसे सबसे ज्यादा लोगों ने अपनी
मोबाईल की कालर ट्यून बनाया था.

टैण्डम गाने कहानी की ज़रूरत और फिल्माने वाले की पसंद
पर निर्भर करता है. काफी सारी नयी फिल्मों में ये सिलसिला
हमें फिर से देखने को मिल रहा है.

इसके बोल भी सईद क़ादरी के हैं और संगीत रूप कुमार राठौड
का है.





गीत के बोल:

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
तुम्हें पा कर ज़माने भर से रिश्ता तोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम

बिना तेरे कोई दिलकश नज़ारा हम न देखेंगे
बिना तेरे कोई दिलकश नज़ारा हम न देखेंगे
तुम्हें न हो पसंद उसको दोबारा हम न देखेंगे
तेरी सूरत न हो जिस में
तेरी सूरत न हो जिस में वो शीशा तोड़ देंगे हम

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम

तेरे दिल में रहेंगे तुझको अपना घर बना लेंगे
तेरे दिल में रहेंगे तुझको अपना घर बना लेंगे
तेरे ख़्वाबों को गहनों की तरह ख़ुद पर सजा लेंगे
क़सम तेरी क़सम हा आ आ
क़सम तेरी क़सम तक़दीर का रुख़ मोड़ देंगे हम

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम

तुम्हें हम अपने जिस्मो-जान में कुछ ऐसे बसा लेंगे
तुम्हें हम अपने जिस्मो-जान में कुछ ऐसे बसा लेंगे
तेरी ख़ुशबू अपने जिस्म की ख़ुशबू बना लेंगे
ख़ुदा से भी न जो टूटे
ख़ुदा से भी न जो टूटे वो रिश्ता जोड़ लेंगे हम

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
तुम्हें पा कर ज़माने भर से रिश्ता तोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
………………………………………………..
Agar tum mil jao-Zehar 2005

Artist: Emran Hashmi, Udita Goswami

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Nov 22, 2018

अगर तुम मिल जाओ(श्रेया)-ज़हर २००५

सईद क़ादरी की एक रचना सुनते हैं श्रेया घोषाल की आवाज़
में. नयी पीढ़ी के गीतकार सईद क़ादरी के गीत काफी चर्चित
हैं पिछले कुछ सालों से.

ज़हर फिल्म का ये गीत दो संस्करण में उपलब्ध है और इस
गीत को काफी सारी जनता ने एक समय अपनी कालर ट्यून
बना रखा था.

गीत इमरान हाशमी और उदिता गोस्वामी पर फिल्माया गया
है. गीत में काफी उन्मुक्तता से लिपलॉक दिखलाया गया है.

इसकी धुन अन्नू मलिक ने तैयार की है जैसा कि मेरा अनुमान
है..




गीत के बोल:

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
तुम्हें पा कर ज़माने भर से रिश्ता तोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम

बिना तेरे कोई दिलकश नज़ारा हम न देखेंगे
बिना तेरे कोई दिलकश नज़ारा हम न देखेंगे
तुम्हें न हो पसंद उसको दोबारा हम न देखेंगे
तेरी सूरत न हो जिस में
तेरी सूरत न हो जिस में वो शीशा तोड़ देंगे हम

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम

तेरे दिल में रहेंगे तुझको अपना घर बना लेंगे
तेरे दिल में रहेंगे तुझको अपना घर बना लेंगे
तेरे ख़्वाबों को गहनों की तरह ख़ुद पर सजा लेंगे
क़सम तेरी क़सम हा आ आ
क़सम तेरी क़सम तक़दीर का रुख़ मोड़ देंगे हम

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम

तुम्हें हम अपने जिस्मो-जान में कुछ ऐसे बसा लेंगे
तुम्हें हम अपने जिस्मो-जान में कुछ ऐसे बसा लेंगे
तेरी ख़ुशबू अपने जिस्म की ख़ुशबू बना लेंगे
ख़ुदा से भी न जो टूटे
ख़ुदा से भी न जो टूटे वो रिश्ता जोड़ लेंगे हम

अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
तुम्हें पा कर ज़माने भर से रिश्ता तोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम
………………………………………………..
Agar tum mil jao-Zehar 2005

Artist: Emran Hashmi, Udita Goswami

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Apr 15, 2018

याद याद याद याद-बेवफा २००५

यादें किसी का पीछा नहीं छोड़तीं. तन्हाई में जब आदमी जिंदगी
काजमा बाकी समेट रहा होता है तब ये ज्यादा आती हैं. सयाने
कह गए हैं कि मीठी यादों को ही दिमाग में लाया जाए जिससे
जिंदगी खुशनुमा ना सही नोर्मल बनी रहे, मगर दिमाग है कि
दुखद घटनाओं और प्रसंगों को ही ज्यादा उभारता है.

अनिल कपूर, अक्षय कुमार, सुष्मिता सेन और करीना कपूर
अभिनीत फिल्म बेवफा से एक गीत सुनते हैं समीर का लिखा
हुआ जिसकी धुन नदीम श्रवण ? ने बनाई है.





गीत के बोल:

तड़प ये इश्क की दिल से कभी नहीं जाती
के जान दे कर भी दीवानगी नहीं जाती
ना जाने वो कौन सी दुनिया है वो मेरे रब्बा
जहाँ से कोई सदा लौट के नहीं आती

इश्क में तो हर चीज़ मिट जाती है
बेकरारी बन के हमें तड़पाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
इश्क में तो हर चीज़ मिट जाती है
इश्क में तो हर चीज़ मिट जाती है
बेकरारी बन के हमें तड़पाती है
बेकरारी बन के हमें तड़पाती है हाय
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
वो तेरी याद वो तेरी याद वो तेरी याद याद
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है

कर के तनहा ये जिंदगानी क्यूँ गई छोड़ के कहानी
अब ये आंसू पिया ना जाए बिन तेरे अब जिया ना जाए
दर्द से टूटती मेरी साँसें ज़ख्म दिल का सिया ना जाए
दर्द से टूटती मेरी साँसें ज़ख्म दिल का सिया ना जाए
आ जा आ जा मेरी वफ़ा तुझे बुलाती है
आ जा आ जा मेरी वफ़ा तुझे बुलाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
वो तेरी याद वो तेरी याद वो तेरी याद
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है

याद में देखो बना है ये हसीं ताजमहल
याद में कोई लिखे शाम-ओ-सहर शोख ग़ज़ल
याद में देखो बना है ये हसीं ताजमहल
याद में कोई लिखे शाम-ओ-सहर शोख ग़ज़ल
दिल के दरिया में खिलता है ख़्वाबों का कमाल
याद आते हैं हमेशा वो गुज़रे हुए पल
तू नहीं है तेरी यादें मुझे सताती हैं
तू नहीं है तेरी यादें मुझे सताती हैं
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है

इश्क में तो हर चीज़ मिट जाती है
बेकरारी बन के हमें तड़पाती है
इश्क में तो हर चीज़ मिट जाती है
बेकरारी बन के हमें तड़पाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
वो तेरी याद वो तेरी याद वो तेरी याद
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
याद याद याद बस याद रह जाती है
…………………………………………….
Yaad yaad yaad-Bewafa 2005

Artists: Anil Kapoor, Kareena Kapoor, Sushmita Sen

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Feb 10, 2018

वो लम्हें वो बाते-ज़हर २००५

सुनते हैं शकील आजमी की लिखी रचना जिसका संगीत तैयार किया
है मिथुन शर्मा ने जिसे रिक्रीयेट किया है अन्नू मलिक ने, जैसा कि
सब जगह विवरण में मिलता है. . फिल्म का नाम है ज़हर और इसे
आतिफ असलम ने गाया है.

आज कल के गाने का मूड क्या है और कलाकारों के चेहरे पर क्या
भाव हैं, कनेक्ट कर पाना मुश्किल होता है. कॉपी पेस्ट के लिए
इतना विवरण काफी है या और भी दूं?



गीत के बोल:

वो लम्हें वो बाते कोई ना जाने
थी कैसी राते हो बरसाते
वो भीगी भीगी यादें
वो भीगी भीगी यादें

ना मै जानू ना तू जाने
कैसा है ये मौसम कोई ना जाने
कही से यह खिजां आई
गमों की धूँप संग लाई
खफा हो गये हम
जुदा हो गये हम

वो लम्हें वो बाते कोई ना जाने
थी कैसी राते हो बरसाते
वो भीगी भीगी यादें
वो भीगी भीगी यादें

सागर की गहराई से
गहरा है अपना प्यार
सहराओं की इन हवाओं में
कैसे आयेगी बहार
कहाँ से ये हवा आई
घटायें काली क्यों छाई
खफा हो गए हम
जुदा हो गए हम

वो लम्हें वो बाते कोई ना जाने
थी कैसी राते हो बरसाते
वो भीगी भीगी यादें
वो भीगी भीगी यादें
…………………………………………….
Wo lamhe-Zehar 2005

Artists: Emran Hashmi, Shamita Shetty

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Jul 12, 2017

इधर से देखो उधर से-खुल्लम खुल्ला प्यार करें २००५

अभी तक जितने भी हिंदी फ़िल्मी गीत बने हैं उनमें लड़की
की तुलना कम से कम २००० चीज़ों से तो कर ही दी गयी होगी.
इस गीत में बनारसी पान से तुलना की गयी है. किसी किसी
गीत में तो १०-२० चीज़ों से तुलना मिलती है.

सन २००५ की फिल्म के लिए ये गीत गाया है सोनू निगम
और बेला सुलाखे ने. समीर का गीत है और आनंद मिलिंद
का संगीत.


   
गीत के बोल:

इधर से देखो उधर से देखो
देखो चाहे जिधर से देखो
कमसिन है शोख है हसीन है जवान है
कमसिन है शोख है हसीन है जवान है
दिल मेरा दिल यारों इसपे कुर्बान है
दिल मेरा दिल यारों इसपे कुर्बान है
ये लड़की नहीं ये बनारस का पान है
ये लड़की नहीं ये बनारस का पान है

आशिक़ दीवाना है पागल नादान है
आशिक़ दीवाना है पागल नादान है
नीयत से लगता मुझे ये बेईमान है
नीयत से लगता मुझे ये बेईमान है
अरे इसको बचा इसकी खतरे में जान है
अरे इसको बचा इसकी खतरे में जान है

ये कोई प्रेमी मुझे दिलफेंक लगता है
ना तो दिल से ना शकल से नेक लगता है
इसे होंठों पे अपने सजा के रखूं
इसे दाँतों तले मैं दबा के रखूं
ये तो जवानी के कत्थे की दुकान है
ये लड़की नहीं ये बनारस का पान है
ये लड़की नहीं ये बनारस का पान है

दिल में हाँ होंठों पे ना महबूब होती है
ये हसीनों की अदा भी खूब होती है
अरे मैं चीज़ क्या हूँ ये जाने नहीं
बड़ा ज़िद्दी अनाड़ी है माने नहीं
तेवर से मेरे अभी ये अनजान है
अरे इसको बचा इसकी खतरे में जान है
इसको बचा इसकी खतरे में जान है

कमसिन है शोख है हसीन है जवान है
दिल मेरा दिल यारों इसपे कुर्बान है
दिल मेरा दिल यारों इसपे कुर्बान है
दिल मेरा दिल यारों इसपे कुर्बान है
ये लड़की नहीं ये बनारस का पान है
ये लड़की नहीं ये बनारस का पान है
…………………………………………..
Idhar se dekho udhar-Khuula khulla pyaar karen 2005

Artists: Govinda, Preity Zinta

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Jun 13, 2017

गोरे गोरे गाल वाली-खुल्लम खुल्ला प्यार करें २००५

गोरे गोरे हिट्स के अंतर्गत सुनते हैं सन २००५ की एक फिल्म
खुल्लम खुल्ला प्यार करें से एक गीत गोरे गोरे बाल वाला. इस
गीत में काले काले गाल का जिक्र भी है.

समीर के लिखे गीत को सुरों में ढाला है आनंद मिलिंद ने और
इसे उदित नारायण संग जसपिंदर नरूला ने गाया है.




गीत के बोल:

गोरे गोरे गाल वाली काले काले बाल वाली
अरे गोरे गोरे गाल वाली काले काले बाल वाली
गोरे गोरे गाल वाली काले काले बाल वाली
हिरनी के जैसी चाल वाली
बगल वाली जानमार है
हो बगल वाली जानमार है

दिखता है भोला भाला पीछे पड़ गया है साला
हो दिखता है भोला भाला पीछे पड़ गया है साला
दिखता है भोला भाला पीछे पड़ गया है साला
मुखड़ा है गोरा दिल का काला
बगल वाला आँख मारे है
हो बगल वाला आँख मारे है

चश्मा लगा के जब चलती है कार में
लिफ्ट मांगते हैं लड़के खड़े हो कतार में
लिफ्ट मांगते हैं लड़के खड़े हो कतार में
हाय ये बॉब कट वाली देती फटाफट गाली
जा जा
हे हे हे हाय ये बॉब कट वाली देती फटाफट गाली
हाय ये बॉब कट वाली देती फटाफट गाली
बच के जाएगी कहाँ साली
बगल वाली जानमार है
हो बगल वाली जानमार है

जियो जी जियो जी
आं आं आं आं
जियो जी जियो जी
आं आं आं आं

खिड़की से देखता है परदा हटा के
निकलता गली में है ये फैशन सजा के
निकलता गली में है ये फैशन सजा के
ओ खुद से बेगाना है ये मुझपे दीवाना है ये
ओ खुद से बेगाना है ये मुझपे दीवाना है ये
खुद से बेगाना है ये मुझपे दीवाना है ये
जीना हराम कर डाला बगल वाला
हे बगल वाला आँख मारे है
हो बगल वाला आँख मारे है

होए होए गोरे गोरे गाल वाली काले काले बाल वाली
गोरे गोरे गाल वाली काले काले बाल वाली
हिरनी के जैसी चाल वाली
बगल वाली जानमार है
हो बगल वाली जानमार है

………………………………………………………………..
Gore gore gaal wali-Khullam khulla pyaar Karen 2005

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Mar 13, 2017

देखो आई होली-मंगल पांडे २००५

एक होली गीत और सुनते हैं, इसमें जो शब्द आपने फ़िल्मी
होली गीतों में पहले नहीं सुने होंगे, मौजूद हैं. जावेद अख्तर
इस गीत के रचयिता हैं और रहमान धुनकर्ता. उदित नारायण
की आवाज़ पहचान में आ जाती है आसानी से. बाकी लोगों
की आवाजें पहचानिये जो होली के रंगों जैसी घुली मिली है.


मंगल पाण्डे द राइजिंग का ये होली गीत सरप्राइजिंग है. इस
होली गीत की विशेषता है इसमें राजस्थानी गीतों में की जाने
वाली आ आ और पारंपरिक होली गीतों का जोगीरा ता रा रा
रा के अलावा रहमान के टिपिकल दक्षिण भारतीय अंदाज़ वाली
हो ओ ओ भी है.



गीत के बोल:

होली है
हे होली आई  रंग फूट पड़े
ये छलक छलक  वो ढलक ढलक
फिर बाजे घुँघरू ढोल बड़े
ये छलक छलक  वो धमक धमक
सब निकले हैं पी पी के घड़े
ये लपक लपक  वो धुमक धुमक
छम छम नाचे परियों की धुनें
ये थिरक थिरक  वो मटक मटक
ये छलक छलक  वो ढलक ढलक
ये छलक छलक  वो धमक धमक
ये लपक लपक  वो धुमक धुमक
ये थिरक थिरक  वो मटक मटक

हे हे हे हे हे हे
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
रंगरेली मैं रंग खेलूंगी  रंग जाऊँगी
रंग गहरे हैं  अबके साल
अब हमें कोई रोके नहीं  अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल

भीगी चोली चुनरी भी गीली हुई
सजना जी देखो मैं रंगीली हुई
थोड़ी थोड़ी तू जो नशीली हुई
पतली कमर लचकीली हुई
मन क्यों ना बहके  तन क्यों न दहके
तुम रह रह के  हां
मत फेंको ये नज़रों का जाल
अब हमें कोई रोके नहीं  अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल

देखो आई होली  रंग लायी होली
आज हुआ ये कैसा कमाल
रंग ऐसे उड़े देखने में लगे 
कोई रंगे हवाओं के बाल
चांदी की थाल से ले के गुलाल
अब राधा से खेलेंगे होली मुरारी
राधा भी नटखट है  पलटी वो झटपट है
मारे कन्हैया को है पिचकारी
देखने वाले तो दंग हुए हैं
के होली में दोनों जो संग हुए हैं
तो राधा काँन्हा एक रंग हुए हैं
कौन है राधा  कौन है काँन्हा
कौन ये समझा  कौन ये जाना

होली में जो सजनी से नयन लड़े
थामी हैं कलाई के बात बढ़े
तीर से जैसे मेरे मन में गड़े
तेरी ये नजरिया जो मुझपे पड़े
जो ये रास रचे  जो ये धूम मचे  कोई कैसे बचे
हमसे पूछो ना तुम ये सवाल
अब हमें कोई रोके नहीं  अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल

देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल

जोगीरा ता रा रा रा
जोगीरा ता रा रा रा
……………………………………………….
Dekho holi aayi-mangal Pandey 2005

Artists: Aamir Khan, Rani Mukherji

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Mar 10, 2017

तिनका तिनका ज़रा ज़रा-करम २००५

कर्म, भाग्य, किस्मत इत्यादि पर हर दशक में एक ना एक फिल्म
बन ही जाती है. सन २००४ में बनी थी किस किस की किस्मत जो
अपने ‘किस’ के लिए मशहूर हुई.

फिल्म के सितारों का भी भाग्य और कर्म में अटूट विश्वास होता
है, बस ये थोडा ‘अलग हट के’ होता है. आज सुनते हैं फिल्म करम
से एक गीत. जॉन अब्राहम और प्रियंका चोपड़ा अभिनीत ये फिल्म
सन २००५ में आई थी. फिल्म का यह लोकप्रिय गीत गाया है
मेड इन इण्डिया गर्ल अलीशा चिनॉय ने.

गीत काफी बेहतर तरीके से गवाया गया है और अलीशा की मादक
आवाज़ ने उसे और झकास बना दिया है-ऐसा मैंने सुना एक युवा
के मुखारविंद से इस गीत की प्रशंसा में. धुन ज़रूर आकर्षक है
मगर ये किसी विलायती लहजे में कही गयी कहानी सा लगता
है.

गीत इरशाद कामिल ने लिखा है और विशाल शेखर संगीतकार हैं.




गीत के बोल:

हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा


दिल पे एक नया सा नशा छा गया
खो रहा था जो ख्वाब लौट आ गया
दिल पे एक नया सा नशा छा गया
खो रहा था जो ख्वाब लौट आ गया
ये जो एहसास है जो करार है
क्या इसी का नाम प्यार है
ये जो एहसास है जो करार है
क्या इसी का नाम प्यार है
पूछे दिल थम के ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा,
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा
तिनका तिनका तिनका तिनका
.............................................................
Tinka tinka zara zara-Karam 2005

Artists: Priyanka Chopra, John Abraham

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Aug 15, 2016

जागे हैं अब सारे लोग...आज़ादी-बोस द फॉरगोटन हीरो २००५

आजादी की वर्षगाँठ के सुअवसर पर सुनते हैं एक देशभक्ति गीत
फिल्म नेताजी सुभाष चंद्र बोस द फॉरगोटन हीरो से. जावेद अख्तर
के लिखे गीत को संगीत से संवारा है ए आर रहमान ने. यह गीत
ए आर रहमान ने ही गाया है.

श्याम बेनेगल निर्देशित फिल्म में सचिन खेडेकर नामक अभिनेता
ने नेताजी की भूमिका निभाई है. 




गीत के बोल:

जागे हैं अब सारे लोग तेरे देख वतन
गूंजे हैं नारों से अब ये ज़मीन और ये गगन
कल तक मैं तनहा था सूने थे सब रास्ते
कल तक मैं तनहा था पर अब है साथ मेरे
लाखों दिलों की धड़कन
देख वतन

आज़ादी पाएंगे आज़ादी लायेंगे
आज़ादी छायेगी
आज़ादी आएगी आएगी

जागे हैं अब सारे लोग तेरे देख वतन
गूंजे हैं नारों से अब ये ज़मीन और ये गगन
कल तक मैं तनहा था सूने थे सब रास्ते
कल तक मैं तनहा था पर अब है
साथ मेरे लाखों दिलों की धड़कन
देख वतन

हम चाहें आज़ादी
हम मांगें आज़ादी
आज़ादी छायेगी
आज़ादी आएगी आएगी
......................................................................
Jaage hain ab saare log-Bose The forgotten hero 2005

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Jul 30, 2016

साजन तुमसे प्यार-मैंने प्यार क्यूँ किया २००५

मैंने प्यार किया में नायक सलमान खान थे और सन २००५
की फिल्म मैंने प्यार क्यूँ किया के नायक भी सलमान हैं.
लगता है इस सीरीज़ की जितनी भी फ़िल्में आएँगी उनमें
नायक वही होंगे.

सन २००५ के आसपास लूप वाले संगीत ने हिंदी फिल्म संगीत
में अपने पैर ज़माने शुरू कर दिए थे. रीमिक्स का क्रेज भी
जोरों पर था. डी जे नाम के जंतु भी काफी सक्रिय हो चुके थे
तब तक.

आपको सन २००५ की फिल्म से एक और गीत सुनवा रहे हैं
जो एक युगल गीत है अलका याग्निक और उदित नारायण की
आवाजों में.

समीर के लिखे गीत के लिए रेशम जैसी धुन बनाई है संगीतकार
हिमेश रेशमिया ने.




गीत के बोल:

साजन तुमसे प्यार की लड़ाई में
साजन तुमसे प्यार की लड़ाई में
टूट गयी चूडियाँ कलाई में
कलाई में
टूट गयी चूडियाँ कलाई में
टूट गयी चूडियाँ कलाई में

जानम तुमसे प्यार की लड़ाई में
जानम तुमसे प्यार की लड़ाई में
जागा मैं अकेला रजाई में
रजाई में
जागा मैं अकेला रजाई में
जागा मैं अकेला रजाई में

पल पल हर पल तेरी लगन
तेरी अदाएं ले गयीं मन
गोरे गोरे हाथों पे मेहँदी का रंग
उस पर ये शर्माने का ढंग
उस पर ये शर्माने का ढंग

हाँ मैं शरमाई प्यार की लड़ाई में
टूट गयी चूडियाँ कलाई में
कलाई में
टूट गयी चूडियाँ कलाई में
टूट गयी चूडियाँ कलाई में

बेचैनी तड़पाती रही
चांदनी दिल धड़काती रही
सीने पे बिजली सी चली
करवट ले के रात ढली
करवट ले के रात ढली

निंदिया ना आई प्यार की लड़ाई में
जागा मैं अकेला रजाई में
रजाई में
जागा मैं अकेला रजाई में
जागा मैं अकेला रजाई में

जानम तुमसे प्यार की लड़ाई में
जानम तुमसे प्यार की लड़ाई में
जागा मैं अकेला रजाई में
रजाई में
जागा मैं अकेला रजाई में
जागा मैं अकेला रजाई में

टूट गयी चूडियाँ कलाई में
टूट गयी चूडियाँ कलाई में
........................................................................
Sajan tumse pyar ki ladayi-Maine pyar kyun kiya 2005

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Jun 30, 2016

तुझे देख देख सोना-कलयुग २००५

पिछली एक पोस्ट में हमने बात की थी भाई-बहन गीतों पर.
ऐसे गीत जो कुम्भ के मेले में बिछड़े से सुनाई देते हैं. ऐसे
कुछ गीतों के फ़ादर से आज आपको मिलवाते हैं. सन २००५
की फिल्म कलयुग में राहत फतह अली खान का गाया एक
गीत है जो बेहद चर्चित हुआ था-तुझे देख देख सोना. इस
गीत से मिलते जुलते गीत कई हैं. यहाँ मिलते जुलते का अर्थ
मिलती जुलती धुन से है. गौरतलब है नुसरत फतह अली खान
और राहत फतह अली खान की गायकी की स्टाइल बॉलीवुड को
बेहद पसंद आई. यूँ कहें ये दोनों गायक आज की गायक पीढ़ी
के आदर्श हो गए तो शायद अतिशयोक्ति नहीं होगी.

प्रस्तुत गीत का मैं भी एक बड़ा फैन हूँ, अभी टेबल फैन ही हूँ,
सीलिंग फेन, पेडस्टल, कूलर, ए सी  बनने में समय लगेगा.
सधी हुई गायकी का फैन बनना कोई आसान काम नहीं है.

गीत सुनते हैं सईद कादरी का लिखा हुआ और फैज़ल रफ़ी संग
रोहिल हयात का संगीतबद्ध किया हुआ. गीत धड़क धड़क शब्दों
से ज्यादा पहचाना जाता है.



गीत के बोल:

तुझे देख देख सोना, तुझे देख कर है जगना
मैंने ये जिंदगानी, संग तेरे बितानी
तुझमें बसी है मेरी जान हाय
जिया धड़क धड़क, जिया धड़क धड़क,
जिया धड़क धड़क जाए

कबसे है दिल में मेरे, अरमां कई अनकहे
इनको तू सुन ले आजा, चाहत के रंग चढ़ा जा
कहना कभी तो मेरा मान हाय
जिया धड़क धड़क, जिया धड़क धड़क,
जिया धड़क धड़क जाए

लगता है ये क्यों मुझे, सदियों से चाहूँ तुझे
मेरे सपनो में आ के, अपना मुझको बना के
मुझपे तू कर एहसान हाय
जिया धड़क धड़क, जिया धड़क धड़क,
जिया धड़क धड़क जाए
………………………………………………………………………………
Tujhe dekh dekh sona-Kalyug 2005

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Jun 15, 2016

आदत...बाकी है-कलयुग २००५

कुछ आवाजें हमें सुनाई देती हैं निरंतर या अक्सर और हम सोचते
रहते हैं-कहाँ से आ रही हैं किसकी हैं? ऐसे कुछ गीत भी होते हैं
जो बजते सुनाई देते हैं, हम सुन लेते हैं, विवरण मालूम नहीं होते.
कुछ दिन बाद इनकी बजने की आवृत्ति कम हो जाती है और हम
ज्यादा दिमाग भी नहीं लगते इनके विवरणों पर. ऐसा ज़रूर है कि
इनके सुनाई पढ़ने पर हमारे दिमाग में क्षणिक कुतूहल अवश्य
जागता है और हम जाने के लिए उत्सुक हो जाते हैं फिर से, कौन
गा रहा है और क्यूँ किसलिए किसके लिए गा रहा है.

आज सुनते हैं ऐसा एक गीत जो सन २००५ की पैदाइश है मगर
कभी कभी इसे मिर्ची, अदरक, लहसुन रेडियो सुना दिया करते हैं.

सईद कादरी के बोल हैं, अन्नू मलिक का संगीत है और गायक को
आप पहचानते ही हैं-आतिफ असलम.



गीत के बोल:

जुदा हो के भी तू
जुदा हो के भी तू मुझे में कहीं बाकी है
पलकों में बन के आंसू तू चली आती है
जुदा हो के भी

वैसे जिंदा हूँ जिंदगी बिन तेरे मैं
दर्द ही दर्द बाकी रहा है सीने में
सांस लेना भर ही यहाँ जीना नहीं है
अब तो आदत सी है मुझको ऐसे जीने में
जुदा हो के भी तू मुझे में कहीं बाकी है
पलकों में बन के आंसू तू चली आती है

साथ मेरे है तू हर पल शब् के अंधेरे में
पास मेरे है तू हरदम उजले सवेरे में
दिल से धडकन भुला देना आसान नहीं है
अब तो आदत सी है मुझको ऐसे जीने में
जुदा हो के भी तू मुझे में कहीं बाकी है
पलकों में बन के आंसू तू चली आती है

अब तो आदत सी है मुझको ऐसे जीने में
ये जो यादें हैं ये जो यादें हैं
सभी काटे हैं सभी काटे हैं
कटा दो इन्हें कटा दो इन्हें
अब तो आदत सी है मुझको..................................................
Aadat….baaki hai-Kalyug 2005

Artists-Kunal Khemu, Deepal Shaw

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Feb 16, 2016

धीरे जलना-पहेली २००५

फिल्मों से कलात्मकता आप खतम नहीं कर सकते. इससे
जड़ें खत्म होने का खतरा उत्पन्न हो जाता है. साहित्यिक
कृतियों पर काम करना आसान नहीं होता क्यूंकि लेखक की
कल्पना को आप हू-ब-हू परदे पर कभी नहीं उतार सकते.
एक हद तक निर्देशक सफल हो जाता है मगर कहीं कहीं उसे
माध्यम की लिमिटेशंस को ध्यान में रखते हुए कथानक या
चित्रण में बदलाव करने पढते हैं.

बरसों पहले(१९७३) मणि कौल ने एक फिल्म बनाई थी चारण
साहित्यकार विजय दान देथा की एक कहानी पर जिसका
नाम था दुविधा. कथानक ग्रामीण राजस्थान पर आधारित है.
फिल्म की विशेषता एक और है- राजस्थानी लोक कलाकारों
द्वारा संगीत दिया जाना. आपको देखने को मिले तो ये फिल्म
ज़रूर देखें एक बार.

उसी कथानक को फिर से लेकर २००५ में अमोल पालेकर ने
पहेली फिल्म का निर्माण किया. शाहरुख खान और रानी मुखर्जी
मुख्य कलाकार हैं और अमिताभ विशेष भूमिका में हैं. फिल्म
का सबसे चर्चित गीत यही है जो आज प्रस्तुत है. गुलज़ार ने
गीत लिखे हैं और एम् एम् क्रीम से इसका संगीत तैयार किया
है. इसे गा रहे हैं सोनू और श्रेया.



गीत के बोल:

धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना
ज़िन्दगी की लौ पे जलना
धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे जलना
ज़िन्दगी की लौ पे जलना
कांच का सपना, गल ही न जाए
सोच समझ के आंच रखना

धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना
धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना
धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे जलना
होना है जो होना है
वो होने से तो रुकता नहीं
आसमान तो झुकता नहीं
धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना

तेरे रूप की हलकी धूप में
दो ही पल हैं, जीने हैं
तेरी आँख में देख चुका हूँ
वो सपने हैं, सीने हैं
आँखों में सपनों की
किरचें हैं, चुभती हैं
धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना

सोचा ना था, ज़िन्दगी ऐसे
फिर से मिलेगी जीने के लिए
आँखों को प्यास लगेगी
अपने ही आंसू पीने के लिए
धीरे जलना, धीरे जलना, धीरे जलना
...........................................................................
Dheere jalna-Paheli 2005

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Feb 14, 2016

दस बहाने करके ले गया दिल-दस २००५

२००० के बाद ‘दस’ नाम से दो चीज़ें देखने को मिली-एक तो
Wolkswagen जिसे फोक्सवैगन कहा जाता है, के शोरूम के आगे
लिखा-Das Auto-जिसे ‘दस ऑटो’ बोला जाता है, दूसरी चीज़ है
दस नाम की फिल्म जो सन २००५ में अवतरित हुयी. इससे
पहले तक ‘दस’ शब्द केवल गिनती  में सुनाई देता था. हालाँकि
इस फिल्म का अंग्रेजी में नाम लिखा जाता है- DUS.

आज आपको फिल्म दस से एक गीत सुनवाते हैं जिसका मुखडा
ही दस शब्द से शुरू होता है. पंछी जालौनवी ने इस गीत को लिखा
है. इनका नाम मैंने इस गीत से पहले नहीं सुना था. इन्होने फिल्म
के लिए ढेर सारे गीत लिखे हैं. हाँ, फिल्म में संगीतकार केवल
विशाल-शेखर हैं. गीत गाया है शान और के के ने.

फिल्म में ढेर सारे हीरो-हीरोईनें हैं. मल्टी-स्टारर फ़िल्में देखने वालों
के लिए तोहफा है ये फिल्म.



गीत के बोल:

हियर नाऊ हियर नाऊ
एवरीबडी पुट यौर हैंड्स अप इन द एयर नाऊ
उसकी आँखों में बातें, बातों में जादू
से हियर नाऊ हियर नाऊ
उसकी आँखों में बातें, बातों में जादू
जादू में खो गये हम, हो गये बेकाबू
आई लुक्ड एट यू यू लुक्ड एट मी
और हो गयी मुश्किल
एंड यू बिकेम माई डेस्टिनी, तू ही मेरी मंजिल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल

ये दिल तो पहले ऐसा नहीं था
किसने बहकाया ऐसा सपना दिखाया
क्यूँ ये आँखें मेरी देखें उसी को
सोचे बिना ही उसे अपना बनाया क्यूँ
जीना तो मरने से अब है कहीं मुश्किल
खुद को जो खोया तो, वो हो गया हासिल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल

किसने किसी को हँस के बुलाया
बातें बना के कोई जादू सा चलाया था
बस देखा देखी दिल से हुई थी
दुनिया भुला के कोई ऐसे दिल पे छाया था
किसके बिना क्या होगा ये कह सके ना दिल
खुद को ये समझना अब हो गया मुश्किल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल
.............................................................................
Das bahane kar ke le-Dus 2005

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Jan 3, 2016

उर्जू दूरकूट-यहाँ २००५

अनूठे शब्द वाले गीतों की कड़ी में अगला गीत प्रस्तुत है फिल्म
यहाँ से. फ़िल्म का नाम भी तो अनूठा ही है. फिल्म सन २००५
का मॉडल है. प्रयोगधर्मिता के युग में(सन २००० के बाद) कुछ
एक गीत मधुर भी बने शोर-शराबे के बीच. फिल्म यहाँ से आपको
सबसे प्रचलित गीत पहले सुनवा चुके  हैं इस ब्लॉग पर.

शांतनु मोइत्रा इस समय के प्रसिद्ध संगीतकार हैं. इस गीत को लिखा
गुलज़ार ने है. गुलज़ार ने काफी प्रयोगधर्मी गीत लिखे हैं और प्रयोग
के हिसाब से उन्हें जनता पायोनियर भी कहती है. गीत गाया है
श्रेया घोषाल ने. गुलज़ार के गीतों में चाँद भी पापड की तरह बिल
जाता है और इतने आहिस्ता से कि पता ही नहीं चलता.

उर्जु दूरकूट दो शब्द हैं कश्मीरी के जिनका अर्थ है-उत्तम स्वास्थ्य और
मजबूत घुटने. फिल्म की नायिका हैं-मिनिषा लाम्बा. उन्होंने इस
फिल्म में एक कश्मीरी लड़की की भूमिका निभाई है.




गीत के बोल:

छन से बोले  चमक के जब चनार बोले
ख्वाब देखा है आँख का खुमार बोले
ख्वाब छलके तो आँख से टपक के बोले
झरना छलके तो पूरा आबशार बोले
उर्जू उर्जू दूरकूट
उर्जू उर्जू दूरकूट

हरे ख्वाब की ये हरी चूड़ियाँ
कलाई में किस ने भरी चूड़ियाँ
उठी नींद से चली आई मैं
साथ ही आ गयी मेरी चूड़ियाँ
आँख बोले कि ख्वाब ख्वाब खेलते रहो
रोज़ कोई एक चाँद बेलते रहो
चाँद टूटे तो टुकड़े टुकड़े बाँट लेना
गोल पहिया है रात दिन ढकेलते रहो
उर्जू दूरकूट
उर्जू दूरकूट

छन से बोले  चमक के जब चनार बोले
ख्वाब देखा है आँख का खुमार बोले
ख्वाब छलके तो आँख से टपक के बोले
झरना छलके तो पूरा आबशार बोले
उर्जू उर्जू दूरकूट
उर्जू उर्जू दूरकूट
.............................................................
Urzu Durkut-Yahaan 2005

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Mar 8, 2015

इश्क चुनरिया ओढ़ के-मैंने प्यार क्यों किया २००५

एक और गीत सुनवा रहे हैं आपको २००० के बाद का. इसे भी
सुनाई देना शुरू हुए १० साल हो चुके हैं. सन २००५ की फिल्म
मैंने प्यार क्यूँ किया का हिस्सा है ये गीत.

पिछली एक पोस्ट में आपने पढ़ा है-सलमान खान की फिल्म में
एक आध गीत चुनरिया, संवरिया शब्दों वाला ज़रूर होता है. या
तो ऐसे गीत विशेष आग्रह पर रखे जाते हैं या ये महज़ संयोग
हो सकता है. गीतकार समीर चुनरिया थीम पर ४-५ गीत लिख
चुके हैं अभी तक.

प्रस्तुत गीत को उदित नारायण और अलका याग्निक गा रहे हैं.
रेशम जैसी धुन बनाई है संगीतकार हिमेश रेशमिया ने.



गीत के बोल:

इश्क चुनरिया, चुनरिया, इश्क चुनरिया
इश्क चुनरिया, चुनरिया, इश्क चुनरिया
रूठे तो रूठे ये सारा ज़माना 
इश्क चुनरिया ओढ़ के दिल में आना
इश्क चुनरिया, चुनरिया, इश्क चुनरिया
रूठे तो रूठे ये सारा ज़माना 
इश्क चुनरिया ओढ़ के दिल में आना
मेरे दिल में आना ओ सनम, दिल में आना
मेरे दिल में आना ओ सनम, दिल में आना
मेरी पायलिया, मेरी झांझरिया
मेरी चुनरिया तुम ही थे सजना
मेरे दिल में आना ओ सनम, दिल में आना
मेरे दिल में आना ओ सनम, दिल में आना

रूठे तो रूठे ये सारा ज़माना 
इश्क चुनरिया ओढ़ के दिल में आना
इश्क चुनरिया, चुनरिया, इश्क चुनरिया
इश्क चुनरिया, चुनरिया, इश्क चुनरिया
जब जब देखूं तुझको, मुझको करार आता है
तेरी ही सूरत से मुझको तो प्यार आता है
शाम सवेरे बस तेरा इंतज़ार करी हूँ
नाम तेरा ले ले के मैं तो सलाम करती हूँ

तुझे इश्क अपना बनाना है अब तो
आँखों से काजल चुराना है अब तो
देखो वादा कर के भूल न जाना
इश्क चुनरिया ओढ़ के दिल में आना
मेरे दिल में आना ओ सनम, दिल में आना
मेरे दिल में आना ओ सनम, दिल में आना
दिल के सनम आने में जाना तेरी ज़रूरत है
सारी दुनिया में तुझसे न कोई खूबसूरत है
खुल के सारे जहाँ से ये बार बार कहना है
तेरी बाँहों के साये में अब मुझे तो रहना है

तू मेरी है मेरी हमेशा कहूँगा
तुझे धडकनों में छुपा के रखूंगा
प्यार किया है तुम ये प्यार निभाना
इश्क चुनरिया ओढ़ के दिल में आना
मेरे दिल में आना ओ सनम, दिल में आना
रूठे तो रूठे ये सारा ज़माना 
इश्क चुनरिया ओढ़ के दिल में आना
मेरे दिल में आना ओ सनम, दिल में आना
मेरे दिल में आना ओ सनम, दिल में आना
इश्क चुनरिया, चुनरिया, इश्क चुनरिया
................................
Ishq Chunariya-Maine pyar kyon kiya 2005

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Feb 8, 2015

इश्क नचाया करे-करम २००५

एक हमारे कम उम्र के मित्र ने टिप्पणी की-अलीशा सुनिधि
जैसा गाती है. उनको ये मालूम नहीं है कि अलीशा उनसे
पहले की पीढ़ी की गायिका हैं और थोडी मोटी आवाजों वाली
गायिकाओं में शायद सबसे पहले वे ही प्रसिद्ध हुई थीं.

उनके अलावा शेरोन प्रभाकर दूसरी गायिका थीं जिन्होंने कुछ
सार्थक योगदान दिया फिल्म संगीत क्षेत्र में.डिस्को दीवाने
वाली नाज़िया की आवाज़ में अतिरिक्त मिठास है इसलिए
कम गीत होने के बावजूद उनके मुरीद आज भी काफी संख्या
में हैं. उषा उथुप शेरोन से पहले की पीढ़ी की गायिका हैं.

फिल्म करम में एक अलीशा की आवाज़ में गीत है जो ज्यादा
लोकप्रिय है. मगर आज हम सुनेंगे सुनिधि चौहान की आवाज़
वाला गीत जिसे लिखा है विशाल दादलानी ने. संगीत तैयार
किया है विशाल-शेखर ने.



गीत के बोल:

इश्क नचायेगा
हर गम को गीत बनाया करे
धड़कन के ताल सुनाया करे
हर गम को गीत बनाया करे
धड़कन के ताल सुनाया करे
मैं जितना भी चाहूँ छुपाऊँ
इश्क नचाया करे इश्क नचाया करे
इश्क नचाया करे इश्क नचाया करे
इश्क नचाया करे


ये ये नशा है क्या नशा
अनजाने रंगों की कोई लहर है
ये ये नशा है है जो नशा
दे नशा दे अगर ये ज़हर है

ए हर गम को हर गम को
धड़कन के ताल सुनाया करे
मैं नाचूं मैं नाचूं मैं नाचूं
इश्क नचाया करे इश्क नचाया करे
इश्क नचाया करे इश्क नचाया करे

ये ये नशा है क्या नशा
ये ये नशा है जो नशा
…………………………………….
Ishq nachaya kare-Karam 2005

Artists: John Abraham, Priyanka Chopra, Shiney Ahuja, Murli Sharma

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Jan 29, 2015

नाम अदा लिखना-यहाँ २००५

नए गायक गायिकाओं के आने के बाद हमें बहुत
से कोम्बिनेशन में गीत सुनने को मिल जाते हैं.
वैराईटी मिल गयी है, लेकिन क्वालिटी गायब होती
जा रही है चाहे वो टोनल क्वालिटी हो, लिरिकल
क्वालिटी हो या म्यूजिकल क्वालिटी हो. रिदम में
एकरसता सी आती जा रही है. धाक चिक धाक
चिक और पंजाबी बोल होना शायद क्वालिटी का
पर्याय बन गया है इन दिनों. हिंदी भाषा पर इतना
अविश्वास शायद किसी भी दौर में ना हुआ होगा.

ये गीत थोड़े बेहतर गाने वालों की आवाजों में है.
बेहतर से मतलब उपलब्ध समकालीन लोगों में
बेहतर. श्रेया घोषाल की खूबी है वे सुर की पक्की
हैं सोनू निगम की तरह. उन्होंने कविता कृष्णमूर्ति
द्वारा रिक्त की गयी जगह को भर दिया है. थोडा
फायदा उनको अलका याग्निक की सक्रियता कम
होने से भी हुआ है. आज श्रेया एक प्रमुख गायिका हैं.

संगीतकार शांतनु मोइत्रा ने एक बेहतर धुन दी है.
गीत गुलज़ाराना है और इसमें चनाब में बहने की
इच्छा जताई गयी है, कुछ नया सा है. श्रेया के साथ
इस गीत में शान की आवाज़ है.




गीत के बोल:

पूछे जो कोई मेरी निशानी, रंग हिना लिखना
गोरे  बदन पे ऊँगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है

आओ ना आओ ना झेलम में बह लेंगे
वादी के मौसम भी इक दिन तो बदलेंगे
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है


आऊं तो सुबह जाऊं तो मेरा नाम सबा लिखना
बर्फ पड़े तो बर्फ पे मेरा नाम दुआ लिखना

ज़रा ज़रा आग-वाग पास रहती है
ज़रा ज़रा कांगड़ी की आंच रहती है
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
शामें बुझाने आती हैं रातें
रातें बुझाने तुम आ गए हो

जब तुम हँसते हो दिन हो जाता है
तुम गले लगो तो दिन सो जाता है
डोली उठाये आएगा दिन तो पास बिठा लेना
कल जो मिले तो माथे पे मेरे सूरज ऊगा देना
ज़रा ज़रा आस पास धूप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
...................................................
Naam Adaa Likhna- Yahaan 2005

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