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Dec 23, 2019

अपने प्यार के सपने-बरसात की एक रात १९८१

लता मंगेशकर और किशोर कुमार के गाये युगल गीतों
में सबसे ज्यादा लोकप्रिय एस डी बर्मन, आर डी बर्मन
और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत वाले युगल गीत हैं.

आज सुनते हैं फिल्म बरसात की एक रात से एक गाना.
ये फिल्म बंगाली और हिंदी दोनों भाषा में बनी थी.

गीत आनंद बक्षी का है और इसे अमिताभ बच्चन और
राखी पर फिल्माया गया है.



गीत के बोल:

अपने प्यार के सपने सच हुए आ हा हो हो
अपने प्यार के सपने सच हुए
होठों पे गीतों के फूल खिल गए
सारी दुनिया छोड़ के मनमीत मिल गए
अपने प्यार के सपने सच हुए
अपने प्यार के सपने सच हुए

पल भर को मिले जो अँखियाँ
देखूँ मैं सुनी हैं जो बतियाँ
पढ़ लूँ तोरे नैनों की पतियाँ
पल भर को मिले जो अँखियाँ
देखूँ मैं सुनी हैं जो बतियाँ
बिना देखे तुम देखो मेरी आँखों से

अपने प्यार के सपने सच हुए
अपने प्यार के सपने सच हुए

काँटों से भरी थी जो कलियाँ
उनमें खिली हैं अब गलियाँ
झूमो नाचो मनाओ रंगरलियाँ
काँटों से भरी थी जो गलियाँ
उनमें खिली हैं अब कलियाँ
चलो सजना कहें चल के सारे लोगों से

अपने प्यार के सपने सच हुए
अपने प्यार के सपने सच हुए

जब जब मिले जीवन ओ सजना
तुम ही मुझे पहनाओ कंगना
तेरी डोली रुके मेरे अंगना
ओ ओ ओ ओ
जब जब मिले जीवन ओ सजना
तुम ही मुझे पहनाओ कंगना
मेरा घूंघटा तुम खोलो अपने हाथों से

अपने प्यार के सपने सच हुए
होठों पे गीतों के फूल खिल गए
सारी दुनिया छोड़ के मनमीत मिल गए
अपने प्यार के सपने सच हुए
…………………………………………………
Apne pyar ke sapne sach hue-Barsaat ki ek raat 1981

Artists: Amitabh Bachchan, Rakhi, Amjad Khan

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Dec 21, 2019

नदिया किनारे पे-बरसात की एक रात १९८१

सुनते हैं फिल्म बरसात की एक रात से लता मंगेशकर
का गाया हुआ एक गाना जिसे आनंद बक्षी ने ल्लिखा है.
गीत में एक नदी का उल्लेख है-तीस्ता. बरसों पहले आपने
दूरदर्शन पर एक गीत सुना होगा येसुदास की आवाज़ में
जिसमें तीस्ता नदी की चंचलता का जिक्र है.

तीस्ता नदी हमारे देश की नदियों में सबसे ज्यादा वेग से
बहने वाली नदी है. पहाड़ों के बीच में सुन्दर प्रकृति के दृश्यों
के बीच बहती ये नदी अनूठी है.




गीत के बोल:

नदिया किनारे पे हमरा बागान
हमरे बगानों पे झूमे आसमान
हो ओ ओ ओ
नदिया किनारे पे हमरा बागान
हमरे बगानों पे झूमे आसमान

दर्पण सा चमके रे तीस्ता का पानी
मुख देखे पानी में भोर सुहानी
दर्पण सा चमके रे तीस्ता का पानी
मुख देखे पानी में भोर सुहानी
हो ओ ओ ओ
शिव जी के मंदिर में जागे भगवान
हमरे बगानों से झूमे आसमान
हो ओ ओ ओ

नदिया किनारे पे हमरा बागान
हमरे बगानों पे झूमे आसमान

पंछी हो कोई तो पिंजरा बनाऊँ
बंदी हो कोई तो मैं पहरा बिछाऊँ
हो पंछी हो कोई तो पिंजरा बनाऊँ
बंदी हो कोई तो मैं पहरा बिछाऊँ
हो ओ ओ ओ
बस में न आये रे मन बेईमान
हमरे बगानों पे झूमे आसमान
हो ओ ओ ओ

नदिया किनारे पे हमरा बागान
हमरे बगानों पे झूमे आसमान

किसी जादूगर ने चंदा सूरज बनाये.
एक निकाले बाहर एक छुपाये
हो किसी जादूगर ने चंदा सूरज बनाये.
एक निकाले बाहर एक छुपाये
हो ओ ओ ओ
खेल है जादू सा सारा जहान
हमरे बगानों पे झूमे आसमान
हो ओ ओ ओ

नदिया किनारे पे हमरा बागान
हमरे बगानों पे झूमे आसमान
झूमे आसमान झूमे आसमान
…………………………………………
Nadiya kinare pe-Barsaat ki ek raat 1981

Artist: Rakhi

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May 10, 2016

मनचली ओ मनचली-बरसात की एक रात १९८१

अमिताभ बच्चन पर जिस गायक कलाकार की आवाज़ ज्यादा
फबी वो हैं किशोर कुमार. आज आपको एक कर्णप्रिय युगल
गीत सुनवाते हैं फिल्म बरसात की एक रात से. आपने अक्सर
उत्पल दत्त को सौम्य भूमिकाओं में देखा होगा. इस फिल्म में
वो खलनायक बने हैं. फिल्म का नाम है-बरसात की एक रात.
खलनायक सुपुत्र की भूमिका में हैं अमजद खान.

फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं अमिताभ और राखी. फिल्म के
गीत अपने समय बहुत बजे थे. हर फिल्म हिट नहीं हुआ करती
और सन १९८१ में बहुतेरी उल्लेखनीय फ़िल्में आयीं जिसकी वजह
से शायद ये फिल्म ज्यादा नहीं चली. उसके अलावा फिल्म का
कथानक उतना बढ़िया नहीं था जितना उसे बनाया जा सकता
था. कसावट की कमी रही कहानी और निर्देशन में. ये केवल
मेरा अनुमान है, हो सकता है क्रिटिक्स को ये फिल्म क्लासिक
नज़र आई हो. इस गीत के बारे में आगे बात करेंगे जिसमें
सचिन देव बर्मन का जिक्र भी आएगा.



गीत के बोल:

मनचली ओ मनचली हो मनचली हो
मनचली ओ मनचली हो मनचली हो
मनचली ओ मनचली हो मनचली हो
मनचली ओ मनचली हो मनचली हो
अरी ओ मेरी चुलबुली अरी ओ मेरी मनचली

ऐ मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
ऐ मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
ये वो गली है यहाँ एक बार जो आया लौट न पाया
तू यहाँ से बच के निकल जाए तो किस्मत तेरी
हाय हाय मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
हाय हाय मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
ये वो गली है यहाँ एक बार जो आया लौट न पाया
तू यहाँ से बच के निकल जाए तो किस्मत तेरी
हाय हाय मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली

राज़ है ये राज़ बताने का नहीं है
आने का है रास्ता जाने का नहीं है
राज़ है ये राज़ बताने का नहीं है
आने का है रास्ता जाने का नहीं है
अरे ऐसा लगे है ये कोई भूल भुलैया
थाम ले बैयाँ
मैं जो कहीं खो गया तो तू भी खो जायेगी
हो मनचली ओ मनचली कौनसी है ये गली
हो मनचली ओ मनचली कौनसी है ये गली

अरे आ गया तो आ गया अब जाऊं कहाँ मैं
सर पे कफ़न बाँध के आया हूँ यहाँ मैं
अरे आ गया तो आ गया अब जाऊं कहाँ मैं
सर पे कफ़न बाँध के आया हूँ यहाँ मैं
छोड़ दे ये जिद है बुरी सुन मेरे रसिया
होश में आ जा, जी आ गया
दिल तो गया जान बचा ले आगे है तेरी मर्ज़ी
आ हे मनचली ओ मनचली कौनसी है ये गली
मनचली ओ मनचली कौनसी है ये गली

मनचली ओ मनचली हो मनचली हो
मनचली ओ मनचली हो मनचली हो
मनचली ओ मनचली हो मनचली हो
मनचली ओ मनचली हो मनचली हो

अरे अब किसी की याद आये तो आये
अब यहाँ से मेरी खबर जाए तो जाए
अरे अब किसी की याद आये तो आये
अब यहाँ से मेरी खबर जाए तो जाए
फिर भी निकल जाऊँगा मैं पंख लगा के
मस्त हवा के
देखना तू देखती रह जायेगी दुनिया सारी
मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
ये वो गली है यहाँ एक बार जो आया
लौट न पाया
तू यहाँ से बच के निकल जाए तो किस्मत तेरी
मनचली मैं मनचली कौन सी है ये गली
मनचली मैं मनचली कौन सी है ये गली
मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
मनचली हो मनचली कौन सी है ये गली
.....................................................................................
Manchali o manchali-Barsaat ki ek raat 1981

Artists-Amitabh Bachchan, Prema Narayan, Amjad Khan

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