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Jul 25, 2016

प्रेम लगाना चाही रे मनवा-यात्रिक १९५२

बिनाता चक्रवर्ती का गाया एक भजन सुनते हैं फिल्म
यात्रिक से. काफी डूब के गाया हुआ है ये भजन और
आप इसे सुनते ही रिलेक्स हो जायेंगे. पंकज मलिक
ने इसकी धुन बनाई है फिल्म यात्रिक के लिए. धुन
अलौकिक बन पड़ी है.

मीरा बाई से बड़ा कोई समर्पित भक्त नहीं हुआ कृष्ण
का. समर्पण और विश्वास अपने चरम पर है उनकी
भक्ति में. मीरा बाई के कथन की बड़ी सुन्दर व्याख्या
उपलब्ध है पंजाब केसरी के पन्नों पर इधर-
मीरा जी के अनुभव

http://www.punjabkesari.in/mantra-bhajan-arti/news/meera-ji-432530

फिल्म यात्रिक सन १९५२ की एक फिल्म है जिसका
निर्माण न्यू थिएटर्स ने किया और फिल्म के निर्देशक
हैं कार्तिक चटर्जी. फिल्म के प्रमुख कलाकारों में हैं
वसंत चौधरी, अभि भट्टाचार्य, मोलिना, मनोरमा,
माया मुखर्जी इत्यादि.



गीत के बोल:

मीरा कहे
बिना प्रेम से
नहीं मिले हे हे हे नंदलाला
प्रीत करना चाही
प्रेम लगाना चाही
भजन करना चाही
साधन करना चाही
भजन करना चाही
भजन करना चाही
प्रेम लगाना चाही रे मनवा
प्रीत करना चाही
प्रीत करना चाही
साधन करना चाही
भजन करना चाही

रस्सी पूजन से हरी मिलें तो
मैं पूजूं तुलसी ताड़
रस्सी पूजन से हरी मिलें तो
मैं पूजूं तुलसी ताड़
मैं पूजूं तुलसी ताड़
पत्थर पूजन से हरी मिलें तो
मैं पूजूं पहाड़
मैं पूजूं पहाड़
दूध पीने से हरी मिलें
दूध पीने से हरी मिलें तो
बहुत वत्स बाला
बहुत वत्स बाला

मीरा कहे बिना प्रेम से
मीरा कहे बिना प्रेम से
नहीं मिले नंदलाला
नहीं मिले नंदलाला
नहीं मिले नंदलाला
...........................................................
Prem karma chahi re manwa-yatrik 1952

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May 2, 2010

दिल्ली से आया भाई टिंगू-एक थी लड़की १९४९

नई पीढ़ी के नौजवानों के लिए, जिनका ऐसा मानना है कि श्वेत श्याम
विशेषकर ४० और ५० में दशक में केवल रोतले से गाने बने थे, उनके
लिए ये गीत पेश है।

एरिक रोबर्ट्स उर्फ़ विनोद पंजाबी मूल के एक गुणी संगीतकार थे। उनका
शो ज्यादा लम्बा नहीं चला क्यूंकि वे अल्पायु में ही इस दुनिया से विदा
ले गए। उन्होंने कई यादगार गीत श्रोताओं के लिए छोड़े हैं।

प्रस्तुत गीत बिनोता चक्रवर्ती की आवाज़ में है जिसे अज़ीज़ कश्मीरी ने
लिखा है। गीत में आप विनोद को ओर्केस्ट्रा संचालन करते हुए देख सकते
हैं। गीत में आपको जवान आइ. एस. हो और फिल्म की नायिका मीना शोरे
दिखाई देंगे। वैसे गायिका के नाम पर मुझे संदेह है। मेरा दिमाग तो काम
थोडा कम करता है, पिस्ता बादाम जो महंगे हो गए हैं। मुझे इस गायिका को
पहचानने में मदद कीजिये।

गीत हास्य का पुट लिए शुरू होता है और भाईचारे का सन्देश देने लगता है
आखिरी अंतरे में। हनी ओ ब्रायन नामक अभिनेत्री पर इसे फिल्माया गया
है।




गीत के बोल:

दिल्ली से आया भाई टिंगू
दिल्ली से आया भाई टिंगू
टिंगू का भाई चिंगू
और उस का भाई शिंगू शिंगू
दिल्ली से आया भाई टिंगू

टिंगू था ज़रा पतला पतला
चिंगू था ज़रा छोटा छोटा
शिंगू था ज़रा मोटा मोटा

तीनो थे पक्के यार
यार पक्के यार
तीनो थे पक्के यार
यार पक्के यार

हो बेदर्दी और लोहा
मारे है डींग डींग दिन्गू
दिल्ली से आया भाई टिंगू

तीनो निकले माल रोड पर
मटक मटक कर चलते थे
तीनो निकले माल रोड पर
मटक मटक कर चलते थे
हा हा हा हो हो हो
रामा पांव पटक कर चलते थे
ओ हो हो हा हा हा
रामा पांव पटक कर चलते थे
मटक मटक कर मटक कर
पांव पटक कर पटक कर

हाथों में डाले हाथ
फिरते थे साथ साथ
हाथों में डाले हाथ
फिरते थे साथ साथ
गाते थे ये एक बात
हिंदुस्तान हमारा है ये
सब दुनिया से न्यारा है
हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई
सब की आँख का तारा है

दिल्ली से आया भाई टिंगू
दिल्ली से आया भाई टिंगू
टिंगू का भाई चिंगू
और उस का भाई शिंगू शिंगू

दिल्ली से आया भाई टिंगू

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