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May 6, 2020

बिन तेरे क्या जीना-गुरु २००७

सन २००७ की गुरु फिल्म रहमान के हिट एल्बमों में से
एक है. रहमान के अनुसार उन्हें इस फिल्म के लिए कुछ
सूफी जैसा चाहिए था जिसके फलस्वरूप ये गाना उपजा
जिसे गुलज़ार ने लिखा है. रहमान के अनुसार इसे प्रसिद्ध
कव्वाली गायक नुसरत फतह अली खान की १० वीं बरसी
पर उन्हें समर्पित किया गया.

गुलज़ार का गीत है और चाँद की टांग इसमें भी खींची गई
है. इधर शायद पूर्णिमा के चाँद की बात हो रही है.

इसे रहमान संग चिन्मयी ने गाया है. गीत का फिल्मांकन
भी बढ़िया है




गीत के बोल:

दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दम ओ हमदम
बिन तेरे क्या जीना
दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दम ओ हमदम
बिन तेरे क्या जीना

तेरे बिना बेस्वादी बेस्वादी रतियाँ
ओ सजना
तेरे बिना बेस्वादी बेस्वादी रतियाँ
ओ सजना
हो ओ ओ रुकी रे वो रुकी रे
काटूं रे कटे ना कटे ना
तेरे बिना बेस्वादी बेस्वादी रतियाँ
ओ सजना
तेरे बिना बेस्वादी बेस्वादी रतियाँ
ओ सजना हो ओ ओ

दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दम ओ हमदम
बिन तेरे क्या जीना
दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दम ओ हमदम
बिन तेरे क्या जीना

ना जा चाकरी के मारे ना जा
सौतन पुकारे
सावन आएगा तो पूछेगा
ना जा रे
फीकी फीकी ये बेस्वादी रतियाँ
काटूं रे कटे ना कटे ना
अब तेरे बिना सजना सजना काटे कटे न
कटे न कटे न तेरे बिना
तेरे बिना बेस्वादी बेस्वादी रतियाँ
ओ सजना हो ओ ओ

दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दम ओ हमदम
बिन तेरे क्या जीना

तेरे बिना
तेरे बिना चाँद का सोना खोटा रे
पीली पीली धूल उडावे झूठा रे
तेरे बिना सोना पीतल
तेरे संग कीकर पीपल
आ जा कटे ना रतियाँ

दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दम ओ हमदम
बिन तेरे क्या जीना

तेरे बिना बेस्वादी बेस्वादी रतियाँ
सजना
तेरे बिना बेस्वादी बेस्वादी रतियाँ
ओ सजना हो ओ ओ
रुकी रे वो रुकी रे
काटूं रे कटे कटे ना

दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दर मस्त मस्त
दर दम दर दम दम ओ हमदम
बिन तेरे क्या जीना
………………………………………………..
Bin tere kya jeena-Guru 2007

Artists: Abhishek Bachchan, Aishwarya Rai

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Mar 13, 2017

देखो आई होली-मंगल पांडे २००५

एक होली गीत और सुनते हैं, इसमें जो शब्द आपने फ़िल्मी
होली गीतों में पहले नहीं सुने होंगे, मौजूद हैं. जावेद अख्तर
इस गीत के रचयिता हैं और रहमान धुनकर्ता. उदित नारायण
की आवाज़ पहचान में आ जाती है आसानी से. बाकी लोगों
की आवाजें पहचानिये जो होली के रंगों जैसी घुली मिली है.


मंगल पाण्डे द राइजिंग का ये होली गीत सरप्राइजिंग है. इस
होली गीत की विशेषता है इसमें राजस्थानी गीतों में की जाने
वाली आ आ और पारंपरिक होली गीतों का जोगीरा ता रा रा
रा के अलावा रहमान के टिपिकल दक्षिण भारतीय अंदाज़ वाली
हो ओ ओ भी है.



गीत के बोल:

होली है
हे होली आई  रंग फूट पड़े
ये छलक छलक  वो ढलक ढलक
फिर बाजे घुँघरू ढोल बड़े
ये छलक छलक  वो धमक धमक
सब निकले हैं पी पी के घड़े
ये लपक लपक  वो धुमक धुमक
छम छम नाचे परियों की धुनें
ये थिरक थिरक  वो मटक मटक
ये छलक छलक  वो ढलक ढलक
ये छलक छलक  वो धमक धमक
ये लपक लपक  वो धुमक धुमक
ये थिरक थिरक  वो मटक मटक

हे हे हे हे हे हे
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
रंगरेली मैं रंग खेलूंगी  रंग जाऊँगी
रंग गहरे हैं  अबके साल
अब हमें कोई रोके नहीं  अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल

भीगी चोली चुनरी भी गीली हुई
सजना जी देखो मैं रंगीली हुई
थोड़ी थोड़ी तू जो नशीली हुई
पतली कमर लचकीली हुई
मन क्यों ना बहके  तन क्यों न दहके
तुम रह रह के  हां
मत फेंको ये नज़रों का जाल
अब हमें कोई रोके नहीं  अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल

देखो आई होली  रंग लायी होली
आज हुआ ये कैसा कमाल
रंग ऐसे उड़े देखने में लगे 
कोई रंगे हवाओं के बाल
चांदी की थाल से ले के गुलाल
अब राधा से खेलेंगे होली मुरारी
राधा भी नटखट है  पलटी वो झटपट है
मारे कन्हैया को है पिचकारी
देखने वाले तो दंग हुए हैं
के होली में दोनों जो संग हुए हैं
तो राधा काँन्हा एक रंग हुए हैं
कौन है राधा  कौन है काँन्हा
कौन ये समझा  कौन ये जाना

होली में जो सजनी से नयन लड़े
थामी हैं कलाई के बात बढ़े
तीर से जैसे मेरे मन में गड़े
तेरी ये नजरिया जो मुझपे पड़े
जो ये रास रचे  जो ये धूम मचे  कोई कैसे बचे
हमसे पूछो ना तुम ये सवाल
अब हमें कोई रोके नहीं  अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल

देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
देखो आई होली  रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा  मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल

जोगीरा ता रा रा रा
जोगीरा ता रा रा रा
……………………………………………….
Dekho holi aayi-mangal Pandey 2005

Artists: Aamir Khan, Rani Mukherji

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Mar 16, 2015

मैं रंग शरबतों का-फटा पोस्टर निकला हीरो २०१३

पानी के रंग पर एक गीत मनोज कुमार की फिल्म शोर में था.
उसके अलावा हिंदी फिल्मों में पानी के रंग वाले कुछ और गीत
हैं. आज आपको हम सुनवा रहे हैं एक नयी फिल्म फटा पोस्टर
निकला हीरो से एक गीत. गीत नयी पीढ़ी के शायर इरशाद कामिल
ने लिखे हैं और वे भी अनूठी उपमाओं को गीत में प्रयोग करने में
विश्वास रखते हैं. उनको काफी संभावनाओं वाला शायर और गीतकार
कहा जाता है. आइये उनकी लिखी पंक्तियों पर गौर फरमाएं. समय
के हिसाब से उन्हें भी पंजाबी शब्द इस्तेमाल करने पढ़ गए या ये
फिल्म निर्देशक/निर्माता के आग्रह पर किया गया काम है ?
हालांकि ये काम बड़ी खूबसूरती से किया गया है-ये पंक्तियाँ कोरस से
गवाई गयी हैं. उसके अलावा गीत में एक चीज़ अनोखी है वो है बीच
में कोयले के इंजन वाली छुक छुक का मज़ा, उसके लिए संगीतकार
को धन्यवाद, उसने ३० साल पहले वाली भारतीय रेल के सफर का
आनंद दिला दिया.

गीत फिल्माया गया है शाहिद कपूर और तेलुगु सिनेमा की प्रसिद्ध
अभिनेत्री इलियाना डी'क्रूज पर.




खवाब है तू, नींद हूँ मैं, दोनों मिले हैं, रात बने
रोज यही मांगूं दुआ, तेरी मेरी बात बने बात बने

मैं रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी
मैं रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी
मुझे खुद में घोल दे तो मेरे यार बात बन जानी

रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी
मैं रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी
मुझे खुद में घोल दे तो मेरे यार बात बन जानी
रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी
मैं रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी

ओ यारा तुझे प्यार की बतियां क्या समझावां
जाग के रतियाँ रोज बितावां, इससे आगे अब मैं क्या कहूँ

ओ यारा तुझे बोल दी आखियाँ, सदके जावां
मांगे ले पकियां आज दुआवां, इससे आगे अब मैं क्या कहूँ

मैंने तो धीरे से नींदों के धागे से
बांधा है ख्वाबों को तेरे, मैं ना जहाँ चाहूँ
ना आसमान चाहूँ, आ जा हिस्से में तू मेरे

तू ढंग चाहतों का, मैं जैसे कोई नादानी
तू ढंग चाहतों का, मैं जैसे कोई नादानी

मुझे खुद में घोल दे तो मेरे यार बात बन जानी
रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी
मैं रंग शरबतों का, तू मीठे घंट का पानी

तेरे ख्यालों से , तेरे ख्यालों तक
मेरा तो है आना जाना

मेरा तो जो भी है, तू है तू है तू है
बाकी जहाँ है बेगाना

तुम एक मुसाफिर हो, मैं कोई राह अनजानी
तुम एक मुसाफिर हो, मैं कोई राह अनजानी
मन चाहा मोड दे तो, मेरे यार बात बन जानी

रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी
मैं रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी
मुझे खुद में घोल दे तो मेरे यार बात बन जानी
रंग शरबतों का, तू मीठे घाट का पानी

ओ यारा तुझे प्यार की बतियां क्या समझावां
जाग के रतियाँ रोज बितावां, इससे आगे अब मैं क्या कहूँ

ओ यारा तुझे बोल दी आखियाँ, सदके जावां
मांगे ले पकियां आज दुआवां, इससे आगे अब मैं क्या कहूँ
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Main rang sharbaton ka-Phata poster nikla hero 2013

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