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Dec 13, 2009

मेरी गलियों से लोगों की-धर्मात्मा १९७५

फ़िल्म धर्मात्मा एक सुपर हिट फ़िल्म थी और इसका संगीत भी
सुपर हिट था। इसी फ़िल्म का एक गीत पेश है जिसमे हेमा मालिनी
और फ़िल्म की शूटिंग करने वाले कैमरे ने आकर्षक नृत्य किया है।
गीत के शुरू में डैनी गा रहे हैं । इस गीत पर चिल्लर उड़ाते देखा है मैंने
सिनेमा प्रेमियों को सिनेमा हाल में। इस गीत की वजह से ही मुझे भी
दोबारा इस फ़िल्म को देखना पड़ा। इन्दीवर के बोलों को धुन से सजाया
है कल्याणजी आनंदजी ने। लता मंगेशकर के साथ महेंद्र कपूर की आवाज़
है इस गाने में।



गीत के बोल:


एलिया एलिया
जुबां जुबां पर चर्चे तेरे
गुलशन गुलशन महका है
तेरे जवानी की यह खुशबू
सारा आलम बहका है
तू ही मेरा प्यार है
तू ही मेरी बंदगी
तू ही मेरा ख्वाब है
तू ही मेरी ज़िन्दगी
पड़ा जो तेरे हुस्न का साया
काटें खिल गए बनकर कलियाँ
दैरो हरम को भूल गए हम
जबसे देखी तेरी गलियाँ

रेशमा, रेशमा
मेरी गलियों से
मेरी गलियों से लोगों की यारी बढ़ गई
मेरी गलियों से लोगों की यारी बढ़ गई
सबकी नज़रों में मेरी जवानी चढ़ गई
कोई कहे दिल ले जा, कोई कहे दिल दे जा
कोई कहे दिल ले जा, कोई कहे दिल दे जा
तुझ में अगर, हिम्मत हो मुझे तू ले जा, ले जा, ले जा
होए कुर्बान
ले जा,ले जा,ले जा
मेरी गलियों से
मेरी गलियों से लोगों की यारी बढ़ गई
मेरी गलियों से

मुझे पा सकेगा वही मेरा दिल जिसपे हो मेहरबान
मेरा दिल जिसपे हो मेहरबान
आइसे पाना नही है आसान
पहले रख ले हथेली पे जान
पहले रख ले हथेली पे जान
कितने मेरे दीवाने तेरा काँप न जाए कलेजा
कितने मेरे दीवाने तेरा काँप न जाए कलेजा
तुझ में अगर हिम्मत हो मुझे तू ले जा ले जा ले जा
होए कुर्बान
ले जा, ले जा, ले जा
मेरी गलियों से
मेरी गलियों से लोगों की यारी बढ़ गई
मेरी गलियों से

हो, हो ओ हो, हो ओ ओ
हो अगर निभानी कसम जिन्दगानी का सब नाम ले
जिन्दगानी का सब नाम ले
तू अगर जवान मर्द हैं
हाथ आके मेरा थाम ले
हाथ आके मेरा थाम ले
होठों ने तुजे दावत दी पैगाम नज़र ने भेजा
होठों ने तुजे दावत दी पैगाम नज़र ने भेजा
तुझ में अगर हिम्मत हो मुझे तू ले जा ले जा ले जा
कुर्बान
ले जा, ले जा, ले जा
मेरी गलियों से
मेरी गलियों से लोगों की यारी बढ़ गई
सबकी नज़रों में मेरी जवानी चढ़ गई

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Nov 21, 2009

तेरे चेहरे में वो जादू-धर्मात्मा १९७५

कड़ी से कड़ी जोड़ने में कभी कभी आनंद आता है। अब बात
फिरोज खान तक आ गई है तो उनपर फिल्माया गया एक गीत
देख लिया जाए जो बेहद लोकप्रिय रहा और अभी भी बजता सुनाई
दे जाता है। फ़िल्म है धर्मात्मा । बोल एक बार फिर से इन्दीवर के हैं।
इस बार गायक कलाकार और संगीतकार बादल गए हैं। इसको किशोर
कुमार ने गाया है और इसकी धुन बनाई है कल्याणजी आनंदजी ने।
ये फ़िल्म एक बहुत बड़ी हिट फ़िल्म रही है और इसका संगीत भी
हिन्दी सिनेमा के इतिहास में सबसे सफल एल्बम में गिना जाता है।
किशोर कुमार के कैरिएर में भी ये एक मील का पत्थर जैसा गीत है।
ये फ़िल्म अफगानिस्तान में फिल्माई गई थी । शायद अभिनेत्री का जिक्र
ही रह गया है-वो हैं हिन्दी सिनेमा की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी।



गाने के बोल:

रेशमा ...................

तेरे चेहरे में वो जादू है
बिन डोर खिंचा जाता हूँ
जाना होता है और मगर,
तेरी ओर चला आता हूँ
तेरी ओर चला आता हूँ

तेरे चेहरे में वो जादू है

तेरी हीरे जैसी आँखें,
आंखों में है लाखों बातें
बातों में रस की बरसातें,
मुझमें प्यार की प्यास जगाये

तू जो एक नज़र डाले
जी उठें मरने वाले
लैब तेरे अमृत के प्याले
दिल में जीने की आस बढाएं
चल पड़ते हैं तेरे साथ कदम,
मैं रोक नहीं पाता हूँ
मैं रोक नहीं पाता हूँ

तेरे चेहरे में वो जादू है

जब से तुझको देखा है,
देख के खुदा को माना है
मान के दिल ये कहता है,
मेरी खुशियों का तू है ख़जाना
दे दे प्यार की मंज़ूरी
कर दे कमी मेरी पूरी
तुझसे थोड़ी भी दूरी
मुझको करती है दीवाना
पाना तुझको मुश्किल ही सही,
पाने को मचल जाता हूँ
पाने को मचल जाता हूँ

तेरे चेहरे में वो जादू है
बिन डोर खिंचा जाता हूँ
जाना होता है और मगर,
तेरी ओर चला आता हूँ
तेरी ओर चला आता हूँ

तेरे चेहरे में वो जादू है

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