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Dec 9, 2018

बेचैनियाँ बेताबियाँ-गुप्त १९९७

बॉबी देओल और काजोल अभिनीत फिल्म गुप्त से इस
फिल्म का सबसे लोकप्रिय गेटे सुनते हैं. अनूठा गीत
है जिसमें ईयां ईयां वाले अधिकतम शब्द मौजूद हैं.

आनंद बक्षी ने हिंदी फिल्मों के लिये सभी प्रकार के गाने
लिख दिये. फिल्म के नाम छोटा सा है और उसका नाम
को सूट करता हुआ ये गाना अच्छा है. कुछ नयापन है.

विजू शाह संगीत जगत में पदार्पण के साथ ही अपने साथ
कुछ अलग तरह की ध्वनियाँ भी लाये. त्रिदेव के प्रोमो में
कोई संवाद सुनाई देता था उसके अंत में फटी....फटी....
फटी..... जैसी आवाजें आती थी. उसके अलावा चाइना की
साउंड्स वाय याओं वाय यूँई जैसी कुछ आवाजें पूरी फिल्म
में जगह जगह आतीं.

इस गीत में इको इफेक्ट और आसमान में उड़ते समय
चील कौवों जो आवाजें करते हैं वैसा कुछ बड़े खूबसूरत
तरीके से डाला गया है.



गीत के बोल:

बेचैनियाँ बेताबियाँ
बेचैनियाँ बेताबियाँ
ये दूरियां मजबूरियां
ये दूरियां मजबूरियां
मुश्किल बड़ा ये प्यार है
ये प्यार है

मदहोशियाँ खामोशियाँ
मदहोशियाँ खामोशियाँ
ऊंचाईयां गहराईयाँ
ऊंचाईयां गहराईयाँ
मुश्किल बड़ा ये प्यार है
ये प्यार है
आ हा आ हा आ हा आ हा
आ हा आ हा आ हा आ हा

तन्हाईयाँ परछाईयां
पुरवाईयाँ शहनाईयां
अंगडाईयाँ रुसवाईयां
चिंगारियां दुश्वारियां
मुश्किल बड़ा ये प्यार है
ये प्यार है

नादानियां बेईमानियां
हैरानियां मनमानियां
कुर्बानियां दिल्जानियां
पशेमानियां परेशानियां
मुश्किल बड़ा ये प्यार है
ये प्यार है
ये प्यार है ये प्यार है

ये पहेलियां अटखेलियाँ
ये जवानियाँ दीवानियाँ
वीरानियाँ हरियालियाँ
आबादियाँ बरबादियाँ
मुश्किल बड़ा ये प्यार है
ये प्यार है
हाँ ये प्यार है
ये प्यार है ये प्यार है
प्यार है प्यार है
……………………………………………………
Bechainiyan….mushkil bada-Gupt 1997

Artists: Bobby Deol, Manisha Koirala

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Sep 9, 2018

मेरे सनम मुझको तेरी कसम-गुप्त १९९७

कसम और सौगंध हिट्स के अंतर्गत आने वाला एक और
गाना सुनते हैं जो फिल्म गुप्त से है. गुप्त के गीतों के अंदर
जो गुप्त है वो ये है कि कुछ गाने इस फिल्म के लगते ही
नहीं हैं.

दूसे गीतों से ये थोडा अलग है क्यूंकि इसमें खुद ही कसम
खायी जा रही है. गीतकार कसमें दिला दिला के बोर हो गये
तो उन्होंने अब नया मोड निकला है जिसमें खुद ही खा लो
कसम.

भविष्य के किसी गीत में हमें सुनाई देगा-कसम खा लो रे,
कसमें उड़ी, कसमें झूलीं, कसमें फूलीं.

इस खूबसूरत गीत को कविता कृष्णमूर्ति ने गाया है. आनंद
देने वाले बक्षी साहब इसके रचयिता हैं और कल्याणजी भाई
के पुत्र विजू ने इसकी धुन तैयार की है.



गीत के बोल:

मेरे सनम मुझको तेरी कसम
तुझसे बिछड़ कर मर जाएंगे हम
के मरने से पहले जी लें ज़रा हम
मेरे सनम मुझको तेरी कसम

ऐसी लगी है ये दिल की लगी
सावन कई बरसे ये ना बुझी
इस आग में एक दिन जल जाएंगे हम
के मरने से पहले जी लें ज़रा हम

इधर आ तुझे मैं गले से लगा लूं
तुझे अपनी आँखों का काजल बना लूं
हज़ारों है बातें मगर वक़्त है कम
के मरने से पहले जी लें ज़रा हम

ये प्यासी मुहब्बत ये प्यासी जवानी
अधूरी अधूरी ये दिल की कहानी
झुकी हुई है रात ये रुकी हुई है बात ये
ये चाँदनी रात आगे चले
हो कुछ प्यार की बात आगे चले

कब कौन जाने कहां चला जाए
मौसम यहां से वहां चला जाए
ऐसा न हो ये समा चला जाए
झुकी हुई है आँख भी रुकी हुई है साँस भी
कुछ तो मुलाकात आगे चले
हो कुछ प्यार की बात आगे चले

बोले ये नज़र ये जुबां चली जाए
ये दिल गया अब ये जां चली जाए
………………………………………..
Mere sanm mujhko teri kasam-Gupt 1997

Artist: Bobby Deol, Manisha Koirala

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Sep 6, 2017

दुनिया हसीनों का मेला-गुप्त १९९७

इस गीत का मुखडा एकदम सटीक है. उसके बाद मेला अकेला की
तुकबंदी है. बड़े से स्टेडियमनुमा स्टेज पर ये गीत फिल्माया गया
है. ढेर सारी एक्स्ट्रा फीमेल आर्टिस्ट के साथ बॉबी देवल नाच रहे
हैं. फिल्म का ये गीत काफी चर्चित रहा है और इसे आपने जगह
जगह बजते सुना होगा, संगीत और नृत्य प्रतियोगिताएं में भी.



   
गीत के बोल:

हे दुनिया हसीनों का मेला
मेले में ये दिल अकेला
हो हो ओ दुनिया हसीनों का मेला
मेले में ये दिल अकेला
एक दोस्त ढूँढता हूँ मैं दोस्ती के लिए
एक दोस्त ढूँढता हूँ मैं दोस्ती के लिए

हा हा आ हा हा ओ ओ ओ
हो ओ ओ दुनिया हसीनों का मेला
मेले में ये दिल अकेला
एक दोस्त ढूँढता हूँ मैं दोस्ती के लिए
एक दोस्त ढूँढता हूँ मैं दोस्ती के लिए

हो ओ ओ ओ हा हा हा ओ ओ ओ
हो यहाँ वहाँ इधर उधर चेहरे हैं कितने हसीं
मगर जहाँ रुके नज़र सूरत वो देखी नहीं
यहाँ वहाँ इधर उधर चेहरे हैं कितने हसीं
मगर जहाँ रुके नज़र सूरत वो देखी नहीं
वो हुस्न ढूँढता हूँ मैं आशिकी के लिए

दुनिया हसीनों का मेला
मेले में ये दिल अकेला
एक दोस्त ढूँढता हूँ मैं दोस्ती के लिए
एक दोस्त ढूँढता हूँ मैं दोस्ती के लिए

हा हा आ आ आ हा हा आ आ हा
हा हा आ आ आ हा हा आ आ हा
हे अदा नशा नज़र बदन सब कुछ तेरे पास है
मगर तू वो घटा नहीं जिसकी मुझे प्यास है
अदा नशा नज़र बदन सब कुछ तेरे पास है
मगर तू वो घटा नहीं जिसकी मुझे प्यास है
एक जाम ढूँढता हों मैं माहकशी मह्काशी के लिए

दुनिया हसीनों का मेला
मेले में ये दिल अकेला
एक दोस्त ढूँढता हूँ मैं दोस्ती के लिए
एक दोस्त ढूँढता हूँ मैं दोस्ती के लिए...
…………………………………………………….
Duniya haseeno ka mela-Gupt 1997

Artist: Bobby Deol

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Jul 8, 2016

गुप्त गुप्त(शीर्षक)-गुप्त १९९७

आज आपको एक गीत सुनवा रहे हैं फिल्म गुप्त से जो फिल्म
का शीर्षक गीत है. इसको आप सरसरी तौर पर सुनेंगे तो आपको
गुप गुप सुनाई देगा.

एक बार की बात है मैं किसी दावत में गया था उस अवसर पर
गाने बजाये जा रहे थे जिनमें फिल्म मन और फिल्म गुप्त के
गाने ज्यादा थे. गुप्त फिल्म का गाना पूरी दावत में कम से कम
५ बार सुना दिया गया था. दावत के आखिरी बैच में हम सब
खाना खा रहे थे. कोई खड़े खड़े खा रहा था तो कोई टेबल कुर्सी
पर. एक सज्जन जो कुछ ऐसे अंदाज़ में खा रहे थे मानो २-३
दिन से कुछ ना मिला हो. उसके अलावा उनके खाने का अंदाज़
भकोसने वाला था. तल्लीनता उनकी ऐसी थी मानो आसपास कोई
ना हो, दुनिया से बेखबर. उसी के साथ बैकग्राउंड में गाना बज
रहा था गुप गुप. अब उन्हें देख के वे शब्द हमें गपा-गप जैसे
सुनाई दे रहे थे.

उस वाकये के बाद तो जब भी ये गीत कहीं बजता सुनाई देता है
वो हप-हप और गपा-गप तुरंत ही याद आता है.

गीत आनंद बक्षी ने लिखा जिसकी धुन बनाई है विजू शाह ने.
इसे हेमा सरदेसाई, कविता कृष्णमूर्ति और चेतन ने गाया है.




   
गीत के बोल:

गुप्त गुप्त
गुप्त ऐ रे
गुप्त गुप्त
गुप्त
गुप्त गुप्त
गुप्त ऐ रे
गुप्त गुप्त
वो क्या है
गुप्त गुप्त
गुप्त ऐ रे
गुप्त गुप्त
गुप्त
गुप्त गुप्त
गुप्त ऐ रे
गुप्त गुप्त
गुप्त

यहाँ वहाँ धुंआ धुंआ
छुपा कहाँ हाँ गुप्त है वो
गुप्त ऐ रे
गुप्त गुप्त

यहाँ वहाँ धुंआ धुंआ
छुपा कहाँ हाँ गुप्त है वो
गुप्त गुप्त
गुप्त
ये जान ले अगर पहचान ले नज़र
सभी बंधनों से तू हो जायेगा मुक्त
गुप्त गुप्त
वो क्या है
गुप्त गुप्त
गुप्त
गुप्त गुप्त
वो क्या है
गुप्त गुप्त

हे हे हे हे
यहाँ वहाँ धुंआ धुंआ
छुपा कहाँ हाँ गुप्त है वो
गुप्त ऐ रे
यहाँ वहाँ धुंआ धुंआ
छुपा कहाँ हाँ गुप्त है वो
ये जान ले अगर पहचान ले नज़र
सभी बंधनों से तू हो जायेगा मुक्त
गुप्त गुप्त
वो क्या है
गुप्त गुप्त
गुप्त
गुप्त गुप्त
वो क्या है
गुप्त गुप्त

हे हे हे हे

गुप्त गुप्त
गुप्त
गुप्त गुप्त
हे हे हे हे
अई यई यई यई या
अई यई यई यई या
गुप्त गुप्त
गुप्त
गुप्त गुप्त
वो क्या है
अई यई यई यई या
…………………………………………………………….
Gupt gupt(Title)-Gupt 1997

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