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Dec 16, 2010

जनम जनम का साथ है हमारा तुम्हारा -भीगी पलकें १९८२

कुछ फिल्मों ने प्रेमियों के मन पर काफी प्रभाव डाला
उनमे से एक है-भीगी पलकें जो सन १९८२ में आई थी।
राज बब्बर और स्मिता पाटिल ने इसमें अभिनय किया है
जो बाद में एक दूसरे के जीवन साथी भी बन गए। ये गीत
मानो उन्हीं के लिए लिखा सा प्रतीत होता है। ये है लता और
रफ़ी के गाये युगल गीतों में से आखिरी एक गीत। इसकी
रेकॉर्डिंग सन १९८० या उससे पहले हो गई होगी । फिल्म
का नाम है-भीगी पलकें जिसमे कलाकारों की पलकें कम
भीगी दिखीं और दर्शकों कि ज्यादा और ये शायद दर्शकों के
लिए ही ऐसा नाम रखा गया होगा। फिल्म को महिला दर्शकों
ने काफी पसंद किया।

गीत की बात की जाए- गीत को सदाबहार गीत का दर्ज़ा प्राप्त
है। गीत लिखा है एम्. जी. हशमत ने और धुन बनाई है जोड़ी
जुगल किशोर-तिलक राज ने। इस फिल्म में स्मिता पाटिल का
अभिनय बेजोड़ है और राज बब्बर उस लेवल पर आने के लिए
संघर्षरत ही दिखे हैं। राज बब्बर समर्थ कलाकार हैं और अपने
कई समकालीनों से बेहतर मगर अभिव्यक्ति के मामले में
स्मिता उनसे कई कदम आगे हैं। फिल्म में अगर केवल एक
नाम स्मिता पाटिल का हो तो बस यही बहाना बहुत है फिल्म
देखने का।



गीत के बोल:

जनम जनम का साथ हैं तुम्हारा हमारा, तुम्हारा हमारा
अगर ना मिलते इस जीवन में, लेते जनम दोबारा

जनम जनम का साथ हैं तुम्हारा हमारा, तुम्हारा हमारा
अगर ना मिलते इस जीवन में, लेते जनम दोबारा

जब से घूमे धरती, सूरज चाँद सितारे
तब से मेरी निगाहें, समझे तेरे इशारे
रूप बदल कर साजन मैंने, फिर से तुम्हे पुकारा

जनम जनम का साथ हैं तुम्हारा हमारा, तुम्हारा हमारा
अगर ना मिलते इस जीवन में, लेते जनम दोबारा

प्यार के पंख लगा के, दूर कहीं उड़ जायें
जहाँ हवाएं गम की, हम तक पहुच ना पायें
खुशियों की ख़ुशबू से महके, घर संसार हमारा

जनम जनम का साथ हैं तुम्हारा हमारा, तुम्हारा हमारा
अगर ना मिलते इस जीवन में, लेते जनम दोबारा
...........................................
Janam Janam Ka Sath Hai Hamara Tumhara-Bheegi Palkein 1982

Artists: Raj Babbar, Smita Patil

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Dec 23, 2009

जब तक मैंने समझा-भीगी पलकें १९८२

जीवन के थपेड़ों को सहते सहते कभी कभी यूँ लगता है जैसे ये गीत
हमारे लिए लिखा गया हो। फिल्म भीगी पलकें उन कुछ फिल्मों में
से एक है जो मुझे बहुत पसंद हैं। ये गीत सबसे ज्यादा पसंद है मुझे
इस फिल्म से। किशोर कुमार के गाये सर्वश्रेष्ठ दर्दीले गीतों में इसको
शामिल किया जा सकता है। एम् जी हशमत के बोलों को धुन दी है
जुगल किशोर-तिलक राज ने। इस फिल्म में स्मिता पाटिल और
राज बब्बर ने यादगार अभिनय किया है। ये गीत राज बब्बर पर ही
फिल्माया गया है। बैकग्राउंड में गीत बजता है और राज बब्बर अपने
जीवन के फ्लेशबैक में पहुँच जाते हैं।



गीत के बोल:

जब तक, मैंने समझा, जीवन क्या है
जीवन बीत गया
जीवन बीत गया

जब तक, मैंने समझा, जीवन क्या है
जीवन बीत गया
जीवन बीत गया

खुशियों के हर फूल से मैंने
गम का हार पिरोया
प्यार तमन्ना की थी जीवन की
प्यार को पा के खोया
अपनों से खुद तोड़ के नाता
अपनेपन को रोया
अपनेपन को रोया

जब तक मैंने समझा अपना क्या है
सपना टूट गया
सपना टूट गया

जब तक, मैंने समझा, जीवन क्या है
जीवन बीत गया
जीवन बीत गया

जीवन के किस मोड़ पे आ के
दूर हव वो दिल से
आंधी समय की उड़ा के ले गयी
मेरे नशेमन के तिनके

वादे करके प्यार वफ़ा के
बिछड़े साथी मिल के
बिछड़े साथी मिल के

जब तक मैंने समझा साथ क्या है
साथी छूट गया
साथी छूट गया

जब तक, मैंने समझा, जीवन क्या है
जीवन बीत गया
जीवन बीत गया

टूटे रिश्ते याद में उनकी
क्यों भीगी हैं पलकें
टूटे रिश्ते याद में उनकी
क्यों भीगी हैं पलकें
बिखरे बिखरे दिल के टुकड़े
उनकी खातिर तड़पें
प्यासी ऑंखें पी जाएँ आंसू
आँखों से ना ढलकें
आँखों से ना ढलकें

जब तक मैंने समझा आंसू क्या हैं
दामन भीग गया
दामन भीग गया

जब तक, मैंने समझा, जीवन क्या है
जीवन बीत गया
जीवन बीत गया
.......................................................
Jab tak maine samjha-Bheegi Palkein

Artists: Raj Babbar, Smita Patil

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