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Feb 26, 2017

खिलौना जानकर तुम तो-खिलौना १९७०

सन १९७० की फिल्म खिलौना को संजीव कुमार के यादगार अभिनय
के लिए जाना जाता है. इसमें संजीवकुमार ने एक मानसिक संतुलन
खो चुके व्यक्ति की भूमिका निभाई है. फिल्म में मुमताज़ का अभिनय
भी बहुत बढ़िया है.

फिल्म का शीर्षक गीत जो बेहद लोकप्रिय हुआ, आज हम सुनेंगे. इसे
आनंद बक्षी ने लिखा है. लक्ष्मी प्यारे इसके संगीतकार हैं. गीत के
लिए जिस भी राग का चयन किया गया हो, एक बात तय है इसका
इन्स्ट्रुमेन्टल सुन लीजिए आपको यकीन हो जायेगा रोने वाला मामला
है.



गीत के बोल:

हो खिलौना  जानकर तुम तो  मेरा दिल तोड़ जाते हो
खिलौना  जानकर तुम तो  मेरा दिल तोड़ जाते हो
हो मुझे इस  हाल में किसके सहारे छोड़ जाते हो
खिलौना  जानकर तुम तो  मेरा दिल तोड़ जाते हो

खुदा का वास्ता देकर मना लूँ दूर हूँ लेकिन
तुम्हारा रास्ता मैं रोक लूँ मजबूर हूँ लेकिन
के मैं चल भी नहीं सकता हूँ और तुम दौड़ जाते हो
हो खिलौना  जानकर तुम तो  मेरा दिल तोड़ जाते हो

गिला तुमसे नहीं कोई  मगर अफ़सोस थोड़ा है
के जिस ग़म ने मेरा दामन बड़ी मुश्किल से छोड़ा है
उसी ग़म से मेरा फिर आज रिश्ता जोड़ जाते हो
हो खिलौना


मेरे दिल से ना लो बदला ज़माने भर की बातों का
ठहर जाओ सुनो मेहमान हूँ मैं चँद रातों का
चले जाना अभी से किसलिये मुह मोड़ जाते हो
हो खिलौना  जानकर तुम तो  मेरा दिल तोड़ जाते हो
................................................  ................................
Khilauna jaan kar tum to-Khilauna 1970

Artist: Sanjeev Kumar, Mumtaz

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Jan 14, 2011

हम जानते हैं-खिलौना १९९६

आइये नए दौर के कुछ जल्दी भुला दिए गए कलाकारों पर फिल्माया
गया एक गीत सुनें और देखें। आदित्य पंचोली, अयूब खान और
मोनिका बेदी आपको परदे पर नज़र आयेंगे। अयूब खान ने भले ही
गिनती की फिल्मों में काम किया हो उनकी गिनती हिंदी सिनेमा
इतिहास के सबसे हैण्डसम नायकों में की जाती रहेगी।

आदित्य पंचोली लम्बे अरसे से किसी भी परदे पर नज़र नहीं आये।
मोनिका बेदी को आप बिग बॉस के पिछले संस्करण में देख चुके होंगे
और अयूब खान अभी हाल ही में एन डी टी वी के एक चैनल इमैजिन
पर प्रसारित कार्यक्रम 'राज़ पिछले जनम का' में आ चुके हैं।

ऐसे indirect expression वाले गीत आपको फिल्मों में अक्सर देखने को
मिल जायेंगे जिनमें कलाकारों की भावनाओं के इज़हार के लिए दुसरे
कलाकारों का सहारा लिया जाता है। अक्सर ऐसे गीत पार्टियों में ही
सुनाई पढ़ते हैं। कुरते पाजामे में जो किरदार ढपली ले कर गाना गा
रहा है उसे आपने हाल की कुछ फिल्मों में ज़रूर देखा होगा।

गीतकार ज़फर गोरखपुरी के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है संगीतकार
नरेश शर्मा ने और इसे गाया है अलका याग्निक और विनोद राठौड ने।



गीत के बोल :

हम जानते हैं
हम जानते हैं तुम हमें नाशाद करोगे
तोड़ोगे मेरा दिल मुझे बर्बाद करोगे
तोड़ोगे मेरा दिल मुझे बर्बाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे

ना चैन हमें दोगे
ना चैन हमें दोगे ना तुम शाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे

जुल्फों की घनी छाँव ये गालों की हसीं धूप
जिन्दा है तेरे प्यार से जानम ये मेरा रूप
जुल्फों की घनी छाँव ये गालों की हसीं धूप
जिन्दा है तेरे प्यार से जानम ये मेरा रूप
क्या क्या ना तेरे प्यार को दिलबर दिया हमने
तू बूँद का प्यासा था समंदर दिया हमने
समंदर दिया हमने
मालूम है
मालूम है खुश रह के भी फरियाद करोगे
तोड़ोगे मेरा दिल मुझे बर्बाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे

एक दिल ही नहीं सारा सफ़र हमने दिया है
क्या क्या ना तुम्हें जान-ए-जिगर हमने दिया है
एक दिल ही नहीं सारा सफ़र हमने दिया है
क्या क्या ना तुम्हें जान-ए-जिगर हमने दिया है
मांगी थी गली तुमने नगर हमने दिया है
अरमान का महल प्यार का घर हमने दिया है
घर हमने दिया है
मालूम है
मालूम है तुम घर मेरा बरबाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे

हम जानते हैं तुम हमें नाशाद करोगे
हम जानते हैं तुम हमें नाशाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे

क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
..........................................................
Hum jaante hain....kya yaad karoge-Khilona 1996

Artists: Aditya Pancholi, Ayub Khan. Monica Bedi

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Nov 27, 2009

खुश रहे तू सदा -खिलौना १९७०

ज़िन्दगी झटकों से भरी होती है। कोई धीमा झटका ज़ोर से लगता है
तो कभी कभी ज़ोर का झटका धीरे से लग जाता है। असर दोनों स्तिथियों
में होता है। कुछ दिन पहले मुझे भी एक झटका लगा। लगा क्या, कहिये
लगाया गया। कभी कभी ऐसा महसूस होता है जैसे किसीने कुल्फी खिलाने
के बहाने आपको कुँए में धक्का दे दिया हो। ऐसे अवसर पर कैसा गीत दिमाग
में आता है उसका नमूना पेश है- फ़िल्म खिलौना से। ये एक घिसा हुआ गीत है।
मदिरा प्रेमियों ने इसको आम जनता से ज्यादा सुना है।



गीत के बोल:

तेरी शादी पे दूँ तुझको तोहफा मैं क्या
पेश करता हूँ दिल एक टूटा हुआ

खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी
खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी

बेवफा ही सही,
बेवफा ही सही,दिलरुबा है मेरी

खुश रहे

जा मैं तन्हा रहूँ तुझको महफ़िल मिले
ho, जा मैं तन्हा रहूँ तुझको महफ़िल मिले
डूबने दे मुझे, तुझको साहिल मिले
आज मर्ज़ी यही
आज मर्ज़ी यही, नाखुदा है मेरी

खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी
खुश रहे

उम्र भर ये मेरे दिल को तड़पायेगा
हो, उम्र भर ये मेरे दिल को तड़पायेगा

दर्द ऐ दिल अब मेरे साथ ही जाएगा
मौत ही आखरी,
मौत ही आखरी बस दावा है मेरी
मौत ही आखरी बस दावा है मेरी

खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी
खुश रहे
खुश रहे

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