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Apr 27, 2012

प्यास लिए मनवा हमारा ये तरसे-मेरे भैया १९७२

एक पारिवारिक फिल्म है मेरे भैया. इसमें विजय अरोड़ा
और नाज़िमा प्रमुख कलाकार हैं. नाज़िमा को हमने कई
फिल्मों में सहायक अभिनेत्री के रूप में अत्याचार और
ज़ुल्म सहते हुए देखा है. इस फिल्म को देख के शॉक
जैसा लगता है और दर्शक कुर्सी से धडाम से गिर पड़ता
है.

एक फ़िल्मी भजन कह सकते हैं इस गीत को जिसमें
भाव कूट कूट कर भरे हुए हैं. योगेश की उत्तम रचना
है और सलिल चौधरी का संगीत तो खैर उत्तम रहता ही
है और हमशा चौंकाता रहता है. तो फिर इस फ़रियाली
उत्तपम का स्वाद चख ही लेते हैं.




गीत के बोल:

प्यास लिए मनवा हमारा ये तरसे
एक बूँद तेरी दया की जो बरसे
बन जाए पावन ये जीवन सारा
जैसे गंगा की हो धारा
जैसे गंगा की धारा
प्यास लिए मनवा हमारा ये तरसे
एक बूँद तेरी दया की जो बरसे
बन जाए पावन ये जीवन सारा
जैसे गंगा की हो धारा
जैसे गंगा की धारा
प्यास लिए मनवा हमारा ये तरसे

जाने अनजाने करते रहे भूल हम
छूने आये अब चरणों की धूल हम
जाने अनजाने करते रहे भूल हम
छूने आये हैं अब चरणों की धूल हम
तेरी करुणा मिली बुरे या भले
तेरी बगिया के फिर भी तो हैं फूल हम

प्यास लिए मनवा हमारा ये तरसे
एक बूँद तेरी दया की जो बरसे
बन जाए पावन ये जीवन सारा
जैसे गंगा की हो धारा
जैसे गंगा की धारा
प्यास लिए मनवा हमारा ये तरसे

तुमसे है बस हमारी यही प्रार्थना
ले के आये हैं हम तो यही कामना
तुमसे है बस हमारी यही प्रार्थना
ले के आये हैं हम तो यही कामना
हमको वरदान दो ऐसा तुम ज्ञान दो
रहे सबके लिए प्रेम की भावना

प्यास लिए मनवा हमारा ये तरसे
एक बूँद तेरी दया की जो बरसे
बन जाए पावन ये जीवन सारा
जैसे गंगा की हो धारा
जैसे गंगा की धारा
प्यास लिए मनवा हमारा ये तरसे
एक बूँद तेरी दया की जो बरसे
बन जाए पावन ये जीवन सारा
जैसे गंगा की हो धारा
जैसे गंगा की धारा
प्यास लिए मनवा हमारा ये तरसे
……………………………………………….
Pyas liye manwa hamara ye tarse-Mere bhaiya 1972

Artists: Nazima, Bipin Gupta,

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Jan 10, 2010

छोड़ चली घर तेरा -मेरे भैया १९७२

१९७२ से ही एक और गीत। ये गीत एक "Tear Jerker " है ।
योगेश के लिखे गीत को संगीतबद्ध किया है सलिल चौधरी ने।
गीत गा रही हैं लता मंगेशकर और जो नायिका परदे पर
दिखाई दे रही हैं उनका नाम नाज़िमा है। नाज़िमा कई फिल्मों में
सहायक अभिनेत्री की भूमिका कर चुकी हैं। अनीता गुहा दूसरा जाना
पहचाना चेहरा है इस गीत में। फिल्म में विजय अरोरा भाई की
भूमिका में हैं जिसकी बहिन की शादी हो रही है इस गीत में।
बच्चों के पिता की भूमिका में जो कलाकार हैं उनका नाम है
बिपिन गुप्ता जिन्होंने अधिकतर फिल्मों में पिता की भूमिका
ही निभाई है। ये एक ऐसा कम सुना हुआ गीत है जो प्रशंसा
का हकदार है ।



गीत के बोल:

छोड़ चली घर तेरा बाबुल
पिया के घर जाना,बाबुल
पिया के घर जाना
छोड़ चली घर तेरा
हम्म ........
छोड़ चली घर तेरा

बचपन, मेरा बचपन
तेरे द्वारे आ के खेला
बचपन, मेरा बचपन
तेरे द्वारे आ के खेला
चितवन, मान की चितवन
देखे बीती यादों का मेला
चल दी मैं तो जैसे पंछी
कर जाए रैन बसेरा
छोड़ चली घर तेरा

छोड़ चली घर तेरा बाबुल
पिया के घर जाना,बाबुल
पिया के घर जाना
छोड़ चली घर तेरा

अँखियाँ, गीली अँखियाँ
रिमझिम रिमझिम नीर बहती
अँखियाँ, गीली अँखियाँ
रिमझिम रिमझिम नीर बहती
सखियाँ प्यारी सखियाँ
चलते चलते गले लगाती
तन के पास उजाला देखे
मन के पास अँधेरा
छोड़ चली घर तेरा

छोड़ चली घर तेरा बाबुल
पिया के घर जाना,बाबुल
पिया के घर जाना
छोड़ चली घर तेरा

मैया तुलसी मैया
कैसे होगी संध्या बाती
मैया तुलसी मैया
कैसे होगी संध्या बाती
भैया मेरे भैया
कैसे तुझको मैं समझती
जाने तेरे इस जीवन में
कब हो नया सवेरा
छोड़ चली घर तेरा

छोड़ चली घर तेरा बाबुल
पिया के घर जाना,बाबुल
पिया के घर जाना
छोड़ चली घर तेरा

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