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Sep 1, 2012

मौसम है बहारों का-मेरे हमसफ़र १९७०

एक मस्ती भरा गीत सुनते हैं मेरे हमसफ़र से. इसे
गाया है महेंद्र कपूर और बलबीर ने. बलबीर ऐसे कई
गीतों में मौजूद हैं.

कई गायकों का कैरियर ऐसे ही गीत गा गा के पूर्ण हो
गया. एक नाम और ध्यान में आता है-पंकज मित्रा.

गीत पर एक बात अगर आपने गौर की हो-इस पंजाबी
स्वाद वाले छोले भटूरे. मेरा मतलब, गीत में पंजाबी
मोल के-आनंद बक्षी, महेंद्र कपूर और बलबीर हैं. सिर्फ
कल्याणजी आनंदजी भाई गुजराती मूल के हैं.




गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ ओ ओ
मौसम है बहारों का हाय फूलों को खिलना है
ओ चल जल्दी चल गड्डीये नी गड्डीये
जल्दी चल गड्डीये मैनू यार से मिलना है
ये मस्त हवा ओ ओ ओ
ये मस्त हवा पी का संदेशा लाई है
ओये की संदेसा लाई है
इस रूत में जुदा होना
ओ जुदा होना
इस रुत में जुदा होना रुत की रुसवाई है


उड़ जा कावा केहड़ी जा के सजना नू
चढ़ के नौकरी आ जा वापस वतना नू
नि अडिया सोनिया नि अडिया
चढ़ के नौकरी आ जा वापस वतना नू
वतना नू वतना नू वतना नू

ओ ओ हाय
देखा नहीं गोरी का मुख एक महीने से
ओ देखा नहीं गोरी का मुख एक महीने से
ओ मर जाना बेहतर है परदेस में जीने से
क्यूँ दूर
हो क्यूँ दूर चले आये
क्यूँ दूर चले आये सावन के झूलों से
ओ ये फूल हैं काँटों से वो कांटे फूलों से
हुर्र होये भंगड़ा पा ले साथी
ओ जट्टा आई बैसाखी
भंगड़ा पा ले साथी ओ जट्टा आई बैसाखी
ओ नचले ओ नच ले
ओ हंस ले ओ गा ले हुर्र होये
हड़िप्पा हड़िप्पा हड़िप्पा हड़िप्पा

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
मौसम है बहारों का हाय फूलों को खिलना है
ओ चल जल्दी चल गड्डीये नी गड्डीये
जल्दी चल गड्डीये मैनू यार से मिलना है
ओये मैनू यार से मिलना है
ओये मैनू यार से मिलना है
ओये मैनू यार से मिलना है
ओये मैनू यार से मिलना है
…………………………………………………..
Mausam hai baharon ka-Mere humsafar 1970

Artists: Jeetendra, Sharmila Tagore, Jagdeep, ????

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Jan 27, 2012

तुम हमसे मिलो हम तुमसे मिलें-मेरे हमसफ़र १९७०

नायिका फिल्म लाइन के लिए ओके हो गई है और उसकी
इंट्रोडक्शन पार्टी चल रही है. गीत के माध्यम से उसके और
नायक के बीच किस तरह दूरी पैदा हो गई गई उसे गाने के
माध्यम से समझा रही है.

सिचुएशनल गीतों में ये एक लाजवाब गीत है जिसमें प्यानो
पर बैठे बलराज साहनी का अभिनय लाजवाब है. नायक के
चेहरे पर हताशा का भाव आता है और वो एक अंतरा सुन के
पार्टी से खिसक लेता है.

गीत आनंद बक्षी का है और इसे लता मंगेशकर ने गाया है.
वीडियो अपलोडर का दिल से शुक्रिया.



गीत के बोल:

तुम हमसे मिलो हम तुमसे मिलें ये लोगों को मंज़ूर नहीं
मंज़ूर नहीं
तुम हमसे मिलो हम तुमसे मिलें ये लोगों को मंज़ूर नहीं
मंज़ूर नहीं
वो बात भला फिर कैसे हो जो दुनिया का दस्तूर नहीं
दस्तूर नहीं

होंठों पे हँसी ला के अपने अश्क़ों को छुपाया है हमने
आँखें भी चुराई हैं हमने दामन भी बचाया है हमने
ओ ओ ओ ओ
ये याद रहे लेकिन तुमको मजबूर है हम मग़रूर नहीं
मग़रूर नहीं

तुम हमसे मिलो हम तुमसे मिलें ये लोगों को मंज़ूर नहीं
मंज़ूर नहीं

दुनिया की दीवारें लेकिन ये उल्फ़त तोड़ भी देती है
ये टूटे दिल टूटे रिश्ते ये क़िस्मत जोड़ भी देती है
ओ ओ ओ ओ

जिस दिन हम तुम मिल जायेंगे वो दिन शायद अब दूर नहीं
अब दूर नहीं

तुम हमसे मिलो हम तुमसे मिलें ये लोगों को मंज़ूर नहीं
मंज़ूर नहीं
वो बात भला फिर कैसे हो जो दुनिया का दस्तूर नहीं
दस्तूर नहीं
…………………………………………………
Tum hamse milo-Mere humsafar 1970

Artists: Sharmila Tagore, Jeetendra, Balraj Sahni

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Dec 7, 2011

मेरा परदेसी न आया-मेरे हमसफ़र १९७०

अगर आपने फिल्म मेरे हमसफ़र नहीं देखी है तो एक
बार अवश्य देख लें. अगर आप शर्मिला टैगोर के फैन हैं
तो अवश्य ही देखें.

फिल्म के कथानक में बलराज साहनी एक फिल्म निर्देशक
हैं और वो एक गीत फ़िल्मा रहे हैं नई नायिका को ले कर.
फिल्म लाइन में क्या होता है उसकी एक झलक वो भी
५ प्रतिशत इस फिल्म में समझाने की कोशिश की गई है.

कड़वी सच्चाइयों को कोई भी पचा नहीं पाता. चमकते
परदे के पीछे कितनी धूल और जाले लगे हैं वो किसी को
दिखलाई नहीं देते.

आनंद बक्षी की रचना है और कल्याणजी आनंदजी का
संगीत. कुछ क्रशर या पत्थर की खदान के जैसा सेट है.
ज़मीन से पत्थर निकालने के बाद जो उसकी स्तिथि हो
जाती है वैसा कुछ है. आश्चर्यजनक रूप से उस जगह
पर कैक्टस और घास दोनों मौजूद हैं. पानी तो खैर उन
गड्ढों में भर ही जाता है.





गीत के बोल:

मेरा परदेसी न आया

मेरा परदेसी न आया
हो मेरा परदेसी न आया
सबके मन मीत मिले हैं
बाग़ों में फिर फूल खिले हैं
मेरा मन मुरझाया
मेरा परदेसी न आया

सावन बरसा यूँ मन तरसा मैं जी भर के रोई
सावन बरसा यूँ मन तरसा मैं जी भर के रोई
जिसने देखा पागल समझा ये न समझा कोई
मेरा परदेसी न आया
हो मेरा परदेसी न आया

याद में किसकी जाने ज़ुल्मी भूल गया बिरहन को
याद में किसकी जाने ज़ुल्मी भूल गया बिरहन को
राह में जाने किस सौतन ने रोक लिया साजन को
मेरा परदेसी न आया
हो मेरा परदेसी न आया

साँझ-सकारे ये कह कह के छेड़े दुनिया सारी
साँझ-सकारे ये कह कह के छेड़े दुनिया सारी
वो आती है वो जाती है इक बिरहा की मारी
मेरा परदेसी न आया
हो मेरा परदेसी न आया
सबके मन मीत मिले हैं
बाग़ों में फिर फूल खिले हैं
मेरा मन मुरझाया
मेरा परदेसी न आया
……………………………………..
Mera pardesi na aaya-Mere humsafar 1970

Artists: Sharmila Tagore

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Jan 19, 2010

किसी राह में किसी मोड़ पर-मेरे हमसफ़र १९७०

दुलाल गुहा की बनाई हुई एक फिल्म है 'मेरे हमसफ़र '। इस फिल्म
में जीतेंद्र, शर्मिला टेगोर और बलराज साहनी प्रमुख कलाकार हैं।
इसके ठीक पहले सन १९६९ में उन्होंने धरती कहे पुकार के फिल्म
बनाई जो सफल रही, शायद यही वजह रही जीतेंद्र को इस फिल्म
में भी नायक चुनने की। उसके अलावा शायद, कोई मुख्य कलाकार
इस फिल्म में नहीं लिया गया।

१९६९ की फिल्म में नंदा हिरोइन थीं तो १९७० की फिल्म में शर्मिला हैं।
कल्यानजी आनंदजी ने कुछ फ़िल्मी बंदिशें बनाने में राग चारुकेशी का
उपयोग किया। ये गीत उनमे से एक है और शायद सबसे लोकप्रिय भी
जो चारुकेशी पर आधारित हैं। गीत में रूपक ताल का इस्तेमाल किया
गया है जो थोडा कम ही प्रयोग में लायी जाती है फ़िल्मी गीतों में ।

लता मंगेशकर और मुकेश का गाया ये युगल गीत एक समय के बंधन
से मुक्त सदाबहार गीत है जिसके प्रशंसक सभी श्रोता वर्गों में पाए जाते
हैं। गाने में मालवाहक ट्रक में बैठ के नायक नायिका गीत गा रहे हैं।
ट्रक पर फिल्माए गए गीत बहुत का हैं हिंदी फिल्मों में।



गीत के बोल:

किसी राह में किसी मोड़ पर
किसी राह में किसी मोड़ पर
कहीं चल ना देना तू छोड़ कर
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र

किसी हाल में किसी बात पर
कहीं चाल ना देना तू छोड़ कर
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र

मेरा दिल कहे कहीं ये ना हो
मेरा दिल कहे कहीं ये ना हो
नहीं ये ना हो, नहीं ये ना हो
किसी रोज़ तुझसे बिछड़ के मैं
तुझे ढूंढती फिरूं डर-ब-डर
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र

तेरा संग साया बहार का
तेरा रूप आइना प्यार का
तुझे आ नज़र में छुपा लूं मैं
तुझे लग ना जाए कहीं नज़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र

तेरा साथ है तो है ज़िन्दगी
तेरा प्यार है तो है रौशनी
कहीं दिन ये ढल जाए क्या पता
कहाँ रात हो जाए क्या ख़बर
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र

किसी राह में किसी मोड़ पर
किसी राह में किसी मोड़ पर
कहीं चाल ना देना तू छोड़ कर
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
मेरे हमसफ़र
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Kisi raah mein kisi mod par-Mere humsafar 1970

Artists: Jeetendra, Sharmila Tagore

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