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Jan 30, 2020

चाहे लाख तूफ़ान आये-प्यार झुकता नहीं १९८५

तूफ़ान आयें या सुनामी आये, सच्चा प्यार कभी
घबराता नहीं है. उसे डराने के लिए तरह तरह के
सामान मौजूद हैं मगर प्रेमियों में एक अटूट बंधन
और विश्वास पैदा हो जाता है जिससे उन्हें शक्ति
मिलती है प्यार के दुश्मनों का सामना करने की.

सनते हैं सन १९८५ की मिथुन और पद्मिनी वाली
फिल्म प्यार झुकता नहीं से एक युगल गीत जिसे
लता मंगेशकर संग शब्बीर कुमार ने गाया है.

एस एच बिहारी के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे का
संगीत. फिल्म को लक्ष्मी प्यारे की सबसे सफल
फिल्मों में गिना जाता है.

बोल लिखने के हिसाब से ये भी कठिन गाना है.
कहीं पे हो कहीं पे हो. गीत की पंक्तियाँ सब जगह
अलग अलग सी हैं.



गीत के बोल:

मोहब्बत की तड़प ए दिल
इधर भी हैं उधर भी हैं
कहें कैसे यही मुश्किल
इधर भी हैं उधर भी है

चाहे लाख तूफां आयें
चाहे जान भी अब जाये
मुश्किल हो जीना फिर भी
पड़े जहर पीना फिर भी
मिल के न होंगे जुदा जुदा
आ कसम खा लें ये
चाहत रहेगी सदा
आ आ कसम खा लें
चाहे लाख तूफां आयें
चाहे लाख तूफां आयें
चाहे जान भी अब जाये
मुश्किल हो जीना फिर भी
पड़े जहर पीना फिर भी
मिल के न होंगे जुदा जुदा
आ कसम खा लें ये
चाहत रहेगी सदा
आ आ कसम खा लें

हमको तुम्हारे सिवा कोई चीज़ प्यारी नहीं
हमको तुम्हारे सिवा कोई चीज़ प्यारी नहीं
ज़िन्दगी के सफ़र में जरुरत पड़ी जो कहीं
है वादा तुमको छू कर के हँसते हँसते तुम पर
कर देंगे जान फ़िदा
आ कसम खा लें
कर देंगे जान फ़िदा फ़िदा
आ कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें

कदम हैं तुम्हारे जहाँ मेरी मंज़िलें हैं वहां
कदम हैं तुम्हारे जहाँ मेरी मंज़िलें हैं वहां
तुम्हीं तुम हो दुनिया मेरी मेरे प्यार का आसमां
सनम अब दिल पर अपने सितम हो चाहे जितने
न छोड़ेंगे राह-ए-वफ़ा
आ आ कसम खा लें
न छोड़ेंगे राह-ए-वफ़ा वफ़ा
कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें

ठहर जायें दो चार पल समय से कह दो ज़रा
ठहर जायें दो चार पल समय से कह दो जरा
तुम्हारी मुलाकात से अभी दिल नहीं है भरा
अभी दिल नहीं है भरा अभी दिल नहीं है भरा
ना बदले कभी ये फ़ज़ा
आ आ कसम खा लें
ना बदले कभी ये फ़ज़ा फ़ज़ा
कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें
ये चाहत रहेगी सदा सदा
आ आ कसम खा लें
.........................................................
Chahe laakh toofan aaye-Pyar jhukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure

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Jan 21, 2020

हो दिलवर जानिया-प्यार झुकता नहीं १९८५

किसी फ़िल्मी कहानी में ५-६ गाने तो होना ही चाहिए.
बिना गानों के फिल्म पचती नहीं है. ये पाचक चूर्ण
का काम करते हैं. शायद यही सोच है हमारे फिल्मकारों
की जो कहानी की मांग के नाम पर यहाँ वहाँ गाने
ठूंस देते हैं.

कुछ हमारी भी आदत हो चली है गाने के बिना फिल्म
नहीं सुहाती. फिल्म तो सिनेमा घर में या दूसरे माध्यम
पर १-२ बार देखना है मगर गाने कभी भी सुने जा सकते
हैं और ये मनोरंजन के प्रमुख साधनों में आज भी हैं.

एक और युगल गीत सुन लेते हैं जिसे हमने आपके
लिया चुना है फिल्म प्यार झुकता नहीं से. इस गीत के
गीतकार/संगीतकार हैं एस एच बिहारी/लक्ष्मी प्यारे.
लता मंगेशकर और शब्बीर कुमार से इसे गवाया गया
है. बोल लिखे के लिहाज से गाना कठिन है. नेट पर
पसरी हुई ढेर सारी कॉपी पेस्ट साईट पर इसके बोल
अंट शंट मिलेंगे आपको. अब ये बात गूगल के मकड़े
यानि कि crawler के भी समझ आना चाहिए.

गीत में लक्ष्मी प्यारे की एक और हिट फिल्म का
नाम आता है, ज़रा ढूंढिए.



गीत के बोल:

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में न बीते ये जवानियाँ
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में ना
रुठने मनाने में ना बीते ये जवानियाँ
हो हो हो हो दिलवर

यही दिन तो अपने हँसने गाने के दिन हैं
मोहब्बत के वादे निभाने के दिन हैं
हाय मोहब्बत के वादे निभाने के दिन हैं
हाय मैं सदके जाऊं तेरे
तोड़ न बलमा दिल को मेरे
छोड़ न अधूरी सैयां
छोड़ न अधूरी सैयां प्यार की कहानियां

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
हो हो हो हो दिलवर

बिना तेरे जी के ज़ुल्मी का मैं करूंगी
बिना तेरे जी के ज़ुल्मी का मैं करूंगी
बिरहा की अग्नि में जल के मरूँगी
कैसे कटेंगे दिल बिरहन के
रात डसेगी नागन बन के
याद हमको आयेगी जब
याद हमको आयेगी जब तेरी मेहरबानियां

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में न बीते ये जवानियाँ
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
ओ ओ ओ ओ ओ दिलवर

फ़िर भी अगर तू न माना तो
बन के रहा जो बेगाना तो
खत्म हुआ ये अफसाना तो
कदमों में तेरे मर जाउंगी
हो रसिया मर जाउंगी हो
हो ओ ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलवर जाणियां
रुठने मनाने में ना
रुठने मनाने में ना बीते ये जवानियाँ
हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
ओ ओ ओ ओ ओ दिलवर
………………………….
Ho dilvar jaaniya-Pyar jhukta nahin

Artists: Mithun, Padmini Kolhapure

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Jan 20, 2020

तुमसे मिल कर ना जाने १-प्यार झुकता नहीं १९८५

सन १९८५ की फिल्म प्यार झुकता नहीं का शायद
सबसे प्रसिद्ध गीत है ये. मिथुन चक्रवर्ती ने सबसे
ज्यादा फ़िल्में की रंजीता के साथ. सन १९७९ की
तराना से शुरू हुआ ये सिलसिला काफी फिल्मों
तक चला.

कुछ एक घरेलू फिल्मों में मिथुन शोमा आनंद के
साथ भी दिखाई दिए. जागीर फिल्म में मिथुन की
जोड़ी शोमा आनंद के साथ है. ये फिल्म सन १९८४
में आई थी. जागीर एक बहुसितारा फिल्म थी मगर
ज्यादा चली नहीं.

प्यार झुकता नहीं फिल्म में कलाकारों की संख्या
थोड़ी कम है मगर फिल्म काफी चर्चित हुई. कहानी
में थोड़ी कसावट है और गाने कैची धुन पर बने
हुए. फार्मूला वही पुराना है-गरीब नायक और अमीर
नायिका. नायिका के माँ/बाप की दखलंदाजी. इसमें
नायिका के बाप की भूमिका डैनी ने निभाई है और
इसके लिए उनकी काफी सराहना हुई.

प्रस्तुत गीत एस एच बिहारी का लिखा हुआ है और
इसे लता संग शब्बीर कुमार ने गाया है.



गीत के बोल:

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
आज का अपना प्यार नहीं हैं
आज का अपना प्यार नहीं हैं
जन्मों का ये नाता है
नाता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

हो प्यार के कातिल प्यार की दुश्मन
लाख बनी ये दुनिया दीवानी
हो हमने वफ़ा की राह ना छोड़ी
हमने तो अपनी हार ना मानी
उस मोड़ से भी हम गुज़रे हैं
जिस मोड़ पे सब लुट जाता है
लुट जाता है

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

एक तेरे बिना इस दुनिया की
हर चीज अधूरी लगती है
तुम पास हो कितने पास मगर
नज़दीकी भी दूरी लगती है
प्यार जिन्हें हो जाये उन्हें
कुछ और नज़र कब आता है
कब आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

मर के भी कभी जो ख़त्म ना हो
ये प्यार का वो अफ़साना है
तुम भी तो हमारे साथ चलो
लो हमको वहाँ तक जाना है
वो झूम के अपनी धरती से
आकाश जहां मिल जाता है
मिल जाता है

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
……………………………………………
Tumse mil kar na jaane kyun-Pyar jhukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure

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Oct 25, 2019

तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले-प्यार झुकता नहीं १९८५

मिथुन चक्रवर्ती की सबसे सफल और हिट फिल्मों में से
एक है-प्यार झुकता नहीं. फिल्म में यूँ तो कलाकार बहुतेरे
हैं मगर आपको केवल तीन ही दिखलाई देंगे-मिथुन, पद्मिनी
और डैनी.

शब्बीर कुमार के जो गीत प्रसिद्ध हुए उनमें भी ये गीत काफी
सुना हुआ गीत है. जनता आज भी इसे चाव से सुन लेती है.
लाता मंगेशकर और शब्बीर कुमार का गाया ये गीत लिखा है
एस एच बिहारी ने और इसका संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की
देन है.

गीत क्या है अपने आप में कहानी है. फिल्म का सारांश आपको
केवल इस एक गीत से समझ आ जायेगा. गरीबी हीरो और
अमीर हीरोईन, ये कोम्बिनेशन एक सिद्ध फार्मूला है हिंदी फ़िल्मी
दुनिया का. इस पर बनी अधिकाँश फ़िल्में हिट हुई हैं. वैसे
भी फिल्म के निर्माता के सी बोकाडिया हैं जिन्हें शायद कोई
जादुई छड़ी हाथ लग गयी थी फिल्म हिट करने की. फिल्म के
निर्देशक हैं विजय सदाना. विजय बृज सदाना के भाई हैं.




गीत के बोल:

हजारों आंधियां आयें हजारों बिजलियाँ चमकें
कभी साथी को तनहा राह में छोड़ा नहीं करते

तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मोहब्बत की दुनिया बसाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है

कहाँ से मैं लाऊंगा रेशम की साडी
ये बंगला ये मोटर नहीं ला सकूंगा
मेरा दिल ही बस एक मेरी मिल्कियत है
जो चाहो तो बस मैं यही दे सकूंगा
मगर दिल की धडकन सुनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
....................................................................
Tumhen apna sathi banana ke pehle-Pyar khukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure, Danny Dengzongpa

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