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Jul 2, 2020

बहारों ने जिसे छेड़ा है-सुनहरे दिन १९४९

वाह वाह क्या गाना है ये. ऑसम जॉसम. गाने के बोल भी
लाजवाब हैं और संगीत भी.

सुनते हैं शेवान रिज़वी का लिखा और ज्ञान दत्त द्वारा कम्पोज़
किया गया गीत जिसे मुकेश गा रहे हैं परदे पर राज कपूर
के लिए.

आज बॉलीवुड वालों में से अभिनेत्री गौतमी, मोहम्मद अज़ीज़,
और रजा मुराद का जन्मदिन है. निर्देशक महेश कॉल की आज
पुण्यतिथि है.

राज कपूर आल इण्डिया रेडियो के माईक पर गाते दिख रहे हैं
गाने में और रेडियो पर इसे सुनने वालियों में शायद रेहाना और
रूपकमल हैं? पूरा ओर्केस्ट्रा भी दिख रहा है गाने में जो असल
में बजा रहा है या केवल गाने के लिए साज़ हिलाए डुलाये जा
रहे हैं ये आप मालूम कीजिये और हमें भी बतलाइये.





गीत के बोल:

बहारों ने जिसे छेड़ा है वो साज़-ए-जवानी है
ज़माना सुन रहा है जिसको
ज़माना सुन रहा है जिसको वो मेरी कहानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा

क़सम खा के किसी को जब कभी अपना बनाऊँगा
चमन की डालियों से लालियाँ फूलों की लाऊँगा
सितारों के चिराग़ों से फिर इस घर को सजाऊँगा
कि इस दुनिया में मुझको एक नई दुनिया बसानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा

चमन में सबने ही गाया तराना ज़िन्दगानी का
मगर सबसे अलग था रंग मेरी ही कहानी का
फ़साना इस क़दर रंगीन था मेरी जवानी का
कि जिसने भी सुना कहने लगा मेरी कहानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा

कोई समझे ना समझे मैं कहे देता हूँ दुनिया से
कि मैं दुनिया में हूँ मतलब नहीं रखता हूँ दुनिया से
कभी कुछ दिल में आता है तो कह देता हूँ दुनिया से
मेरी आवाज़ ही मेरी तमन्ना की निशानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा
ज़माना सुन रहा है जिसको वो मेरी कहानी है
बहारों ने जिसे छेड़ा
………………………………………………
Baharon ne jise chheda-Sunehre Din 1949

Artists: Raj Kapoor, Rehana, Roopkamal, Nigar Sultana

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Nov 6, 2010

मैंने देखी जग की रीत-सुनहरे दिन १९४९

पुराने गीतों का खज़ाना नायब रत्नों से भरा हुआ है इसमें कोई संशय
संशय नहीं। इस खजाने को कई नामचीन संगीतकारों ने भरा
तो कुछ अनमोल रत्न अनजान से संगीतकारों ने भी डाले।

ज्ञान दत्त पहली पीढ़ी के संगीतकारों में जाना पहचाना नाम है। ४० के
दशक में उनकी तूती बोला करती थी। उनका नाम आज की पीढ़ी के लिए
अनजान सा हो सकता है मगर उनके संगीत का जादू एक बार असर कर
गया तो सुननेवाला उनके गीत कभी नहीं भुला पाता। उनका संगीतबद्ध
किया एक गीत मैं आपको पहले सुनवा चुका हूँ भक्त सूरदास फिल्म
का-पंछी बावरा। प्रस्तुत गीत है अपने ज़माने का एक चर्चित युगल गीत।
शमशाद बेगम और मुकेश का गाया ये गीत आज भी ताज़ा लगता है।

शमशाद की तीखी आवाज़ के साथ मुकेश की ठंडक पहुँचाने वाली बोली का
अनोखा मिश्रण है ये। इन दोनों ने और भी कई युगल गीत गाये हैं। विडियो
के साथ एकदम सटीक कमेन्ट है एक संगीतप्रेमी का।



गीत के बोल:

मैंने देखी जग की रीत
मीत सब झूठे पड़ गए
हो ओ ओ, मेरे बालम इतना दोष
कि तुम संग नैना लड़ गए
मीत सब झूठे पड़ गए
हो ओ ओ, मेरे बालम इतना दोष
कि तुम संग नैना लड़ गए
मीत सब झूठे पड़ गए

मैंने देखी जग की रीत
मीत सब झूठे पड़ गए

रसिया सताए हमें अब जान-जान के
बड़ा दुःख पाया मैंने दिल का कहा मान के
रसिया सताए हमें अब जान-जान के
बड़ा दुःख पाया मैंने दिल का कहा मान के
हो ओ ओ, तेरी meri प्रीत पुरानी रे
बालम काहे बिगड़ गए
मीत सब झूठे पड़ गए
हो ओ ओ, तेरी मेरी प्रीत पुरानी रे
बालम काहे बिगड़ गए
मीत सब झूठे पड़ गए

मैंने देखी जग की रीत
मीत सब झूठे पड़ गए

एक दिल दुःख ज़माने भर के
हाय रे ज़माने भर के
हम तो भरोसे रे रसिया
हैं बस तुम्हारे दर के
हाय रे तुम्हारे दर के
हो ओ ओ, मेरे भोले दिल पे सजन क्या जादू कर गए
मीत सब झूठे पड़ गए
हो ओ ओ, मेरे भोले दिल पे सजन क्या जादू कर गए
मीत सब झूठे पड़ गए

मैंने देखी जग की रीत
मीत सब झूठे पड़ गए

आये भी वो गए भी
आये भी वो गए भी
मेरे दिल की रह गई दिल में
नसीबी भर के बतियाँ
गुज़री रो रो के रतियाँ
मेरे दिल की रह गई दिल में
नसीबी भर के बतियाँ
गुज़री रो रो के रतियाँ
अब जिया पुकारे आ जा
अब जिया पुकारे आ जा
आ जा दोनों नैना भर गए
मीत सब झूठे पड़ गए

मैंने देखी जग की रीत
मीत सब झूठे पड़ गए

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