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Jan 5, 2019

दिल के झरोखे में तुझको-ब्रह्मचारी १९६८

फिल्म संगीत गायन में कुछ ऊंचे स्केल पर गाये गए
चर्चित गीत हैं जिन्होंने गायक के वोकल कॉर्ड्स की
बेइंतहा कसरत करवा दी. फिल्म उड़न खटोला का एक
गीत है-ओ दूर के मुसाफ़िर जिसमें स्केल की रेंज काफी
ज्यादा है और गायक ने उसे सफलतापूर्वक गाया मगर
इस गाने की रिहर्सल के बारे में अंदाज़ा लगाइये कि
कितना त्रासदायी रहा होगा गायक रफ़ी के लिए.

संगीतकारों पर समय समय पर आरोप लगते रहे हैं कि
वे गायकों से ऊंचे स्केल पर गवाते हैं. इस मामले में
एस डी बर्मन का रिकॉर्ड थोडा बेहतर है. उन्होंने,हालांकि
लाता और आशा के लिए काफी गीत ऊंची स्केल वाले
बनाये मगर रफ़ी के लिए उन्होंने स्केल को संतुलित रखा.

रफ़ी के आहिस्ता से गाये गानों में भावों का एलेमेन्ट
अपने चरम पर होता है. आखिरी खत के गीत को ही
लीजिए-और कुछ देर ठहर, और कुछ देर न जा.

शंकर जयकिशन ने भी सॉफ्ट गीत बनाये हैं रफ़ी के
लिए जैसे फिल्म अमन का-आज की रात ये कैसी रात

फिल्म ब्रह्मचारी का ये गीत ऐसा है जिसमें गायक को
काफी देर तक दो पंक्तियों को ऊंचे स्केल पर गाना पड़ता
है. एक दिलजले की इससे ऊंची पुकार क्या हो सकती है.
इतनी तड़प, इतना दर्द के दिमाग फट पड़े. प्यानो भी
सुर से सुर मिला के चीत्कार रहा है वायलिन कोयर के
साथ.




गीत के बोल:

दिल के झरोखे में तुझको बिठा कर
यादों को तेरी मैं दुल्हन बना कर
रखूँगा मैं दिल के पास
मत हो मेरी जां उदास
दिल के झरोखे में तुझको बिठा कर
यादों को तेरी मैं दुल्हन बना कर
रखूँगा मैं दिल के पास
मत हो मेरी जां उदास


कल तेरे जलवे पराये भी होंगे
लेकिन झलक मेरे ख्वाबों में होगी
फूलों की डोली में होंगी तू रुख्सत
लेकिन महक मेरे साँसों में होगी
कल तेरे जलवे पराये भी होंगे
लेकिन झलक मेरे ख्वाबों में होंगे
फूलों की डोली में होगी तू रुखसत
लेकिन महक मेरे साँसों में होगी

दिल के झरोखे में तुझको बिठा कर
यादों को तेरी मैं दुल्हन बना कर
रखूँगा मैं दिल के पास
मत हो मेरी जां उदास

अब भी तेरे सुर्ख होंठों के प्याले
मेरे तसव्वुर में साक़ी बने हैं

अब भी तेरी ज़ुल्फ़ के मस्त साये
बिरहा की धूप में साथी बने हैं
अब भी तेरे सुर्ख होंठों के प्याले
मेरे तसव्वुर में साक़ी बने हैं

अब भी तेरी ज़ुल्फ़ के मस्त साये
बिरहा की धूप में साथी बने हैं

दिल के झरोखे में तुझको बिठा कर
यादों को तेरी मैं दुल्हन बना कर
रखूँगा मैं दिल के पास
मत हो मेरी जां उदास

मेरी मोहब्बत को ठुकरा दे चाहे
मैं कोई तुझसे न शिकवा करूँगा
आँखों में रहती है तस्वीर तेरी
सारी उमर तेरी पूजा करूँगा
मेरी मोहब्बत को ठुकरा दे चाहे
मैं कोई तुझसे न शिकवा करूँगा
आँखों में रहती है तस्वीर तेरी
सारी उमर तेरी पूजा करूँगा

दिल के झरोखे में तुझको बिठा कर
यादों को तेरी मैं दुल्हन बना कर
रखूँगा मैं दिल के पास
मत हो मेरी जां उदास

दिल के झरोखे में तुझको बिठा कर
यादों को तेरी मैं दुल्हन बना कर
रखूँगा मैं दिल के पास
मत हो मेरी जां उदास
………………………………………………………….
Dil ke jharokhe mein tujhko bitha kar-Brahmachari 1968

Artists: Shammi Kapoor, Rajshri

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Jan 2, 2019

तू बेमिसाल है-ब्रह्मचारी १९६८

जिन फूलों की महक की बात हो रही है उससे तो यही
लगता है नायिका ने सर में चमेली का तेल लगा रखा है.
सन १९६८ में डाबर आंवला केश तेल आता तो था मगर
हर जगह नहीं मिलता था. नवरत्न तेल वाले भी दावा
करते हैं काफ़ी पुराना होने की.

नायक तो बालों के पीछे ही पड़ गया है. कभी बाल के
बहाने तो कभी ज़ुल्फ़ के बहाने तारीफ किये जा रहा है.

भाव भंगिमाएँ बनाने में नारियों का जवाब नहीं. गीत को
ध्यान से देखने राजश्री के चेहरे पर भावों के अधिकाँश
प्रकार आपको देखने को मिल जायेंगे सिवा प्रणय भावों
के. गाने का फिल्मांकन बढ़िया है और आप चाहें तो इस
रात की काली सियाही में फुदकते रोमांस वाले गीत पर
पांच पन्ने का निबंध लिख सकते हैं. अजी सुन रहे हैं ना
गुड़-मक्खी ब्लॉग वाले.



गीत के बोल:

तू बेमिसाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं
मस्ताना चाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं
आँखों से पी रहा हूँ मुझे होश ही नहीं
तू बेमिसाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं

आँखोँ में नशीला काजल है
चेहरे पे हया की लाली है
फूलों की महक है बालों में
फूलों की महक है बालों में
हर एक अदा मतवाली है

तू बेमिसाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं
मस्ताना चाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं
आँखों से पी रहा हूँ मुझे होश ही नहीं
तू बेमिसाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं

ज़ुल्फों को अगर देखे सावन
सावन को पसीना आ जाये
गालों को अगर देखें बिजली
गालों को अगर देखें बिजली
बादल में शर्म से छुप जाये

तू बेमिसाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं
मस्ताना चाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं
आँखों से पी रहा हूँ मुझे होश ही नहीं
तू बेमिसाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं

तू शोख हवा है गुलशन की
दामन से लिपटने आई है
ईमान जो ले ले दुनिया का
ईमान जो ले ले दुनिया का
क़ातिल वो तेरी अंगड़ाई है

तू बेमिसाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं
मस्ताना चाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं
आँखों से पी रहा हूँ मुझे होश ही नहीं
तू बेमिसाल है तेरी तारीफ़ क्या करूं
…………………………………………………
Too bemisaal hai-Brahmachari 1968

Artists: Shammi Kapoor, Rajshri

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Jan 21, 2017

चक्के में चक्का-ब्रह्मचारी १९६८

आइये एक बाल गीत सुनें. फिल्म ब्रह्मचारी अनाथ बच्चों
की कहानी है जिनका केयरटेकर नायक है. उसे इस काम
में क्या दिक्कतें आती हैं इस कहानी से समझा जा सकता
है. फ़िल्मी फार्मूले और मसाले भी हैं फिल्म में.

ब्रह्मचारी फिल्म का ये गीत बड़ौदा के एक पार्क में फिल्माया
गया है जिसमें एक खिलौना रेल लगी है. इसके अलावा भी
एक दो पार्कों में इसकी शूटिंग की गई है.

शैलेन्द्र के लिखे इस गीत की तर्ज़ बनाई शंकर जयकिशन
ने और इसे गाया है रफ़ी ने. ये एक फेमस बाल गीत है.
फिल्म का निर्देशन भप्पी सोनी ने और निर्माण जी पी सिप्पी
ने किया.




गीत के बोल:

चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी
गाड़ी में निकली अपनी सवारी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी
चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी
गाड़ी में निकली अपनी सवारी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी

चुन्नू छबीले मुन्नू हठीले
मखमल की टोपी छोटू रंगीले
चुन्नू छबीले मुन्नू हठीले
मखमल की टोपी छोटू रंगीले
लल्लू बटाटा लल्ली टमाटा
कामा बनेंगे गट्टू गठीले
पेट में इनकी लम्बी सी दाढ़ी

चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी
गाड़ी में निकली अपनी सवारी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी

उमर में कच्चे ये छोटे बच्चे
हैं भोले भाले हैं सीधे सच्चे
उमर में कच्चे ये छोटे बच्चे
हैं भोले भाले हैं सीधे सच्चे
ठानेंगे जो भी कर के रहेंगे
ये अपनी धुन के हैं पूरे पक्के
कोई ना समझे इनको अनाड़ी

चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी
गाड़ी में निकली अपनी सवारी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी

लम्बा सफ़र है टेढ़ी डगर है
मंज़िल है मुश्किल गिरने का डर है
लम्बा सफ़र है टेढ़ी डगर है
मंज़िल है मुश्किल गिरने का डर है
पर ना रुकेंगे चलते चलेंगे
ये सारी दुनिया अब अपना घर है
हार न मानेंगे ये खिलाड़ी

चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी
गाड़ी में निकली अपनी सवारी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी
थोड़े अगाड़ी थोड़े पिछाड़ी
……………………………………………………
Chakke mein chakka-Brahmchari 1968

Artists: Shammi Kapoor, kids

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Jul 15, 2011

आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे-ब्रह्मचारी १९६८

आपको एक सूचना प्रधान गीत सुनवाते हैं. इसके मुखड़े के बोल
ही ऐसे हैं कि लगता है सूचना दी जा रही हो. अपने ज़माने में
आम श्रोता और बाद के ज़माने में ओर्केस्ट्रा के कलाकारों और
श्रोताओं का पसंदीदा ये गीत है फिल्म ब्रह्मचारी से. गीत लिखा है
शैलेन्द्र ने और इसे गाया है रफ़ी और सुमन कल्याणपुर ने. इस
गीत का संगीत तो आप पहचान ही गए होंगे नहीं? तो, आपको
पोस्ट के अंत में बतायेंगे.

आपको इसका विवरण ऐसे सुनाते हैं जैसे किसी किरकिट के मैच
की कमेंट्री सुनाई जाती है. - साड़े पांच इंच की मुस्कान के साथ
एक गिटार भांजता युवक गीत में सर्वप्रथम दिखाई देता है. इसके
बाद प्रश्नसूचक अंदाज़ में नायक नायिका की ओर कदम बढ़ा कर
उससे कुछ करने की इच्छा जाहिर करता है इशारों में जिसे नायिका
शायद अभी समझ नहीं पाई है. और जैसे ही नायक उसका हाथ
पकड़ कर एक चक्कर उसको खिलाता है नायिका खुशी से दायें बाएं
होती हुई हाथ झटकते हुए नाचना शुरू कर देती है मानो किसी
खिलौने को चाबी दे दी गई हो. उसके बाद नायक बड़ी टांगने की
पेटी(हारमोनियम)जैसे दिखने वाले किसी वाद्य को बजाना शुरू कर
देता है. मजे की बात ये है कि वो एक कोर्ड(chord)के सेट पर
उँगलियाँ जमाए है और बाकी का काम बाजा खुद कर रहा है.

अब एक विलन से दिखने वाले नौजवान को देखिये सफ़ेद शेरवानी
पहने, इनका नाम प्राण है. नायक नायिका का गर्दन हिलाने का
कार्यक्रम भी जारी है. हमारे स्टेटीशीयन थोड़ी देर में बतलायेंगे
कितनी बार गर्दन हिल गयी और कितनी बार शरीर के बाकी
भाग.

और लीजिए इसी के साथ नायक ने गाना शुरू कर दिया है. और
मैंने भी गीत के बोल लिखना शुरू कर दिया है. नायिका "अच्छा,
तो क्या" जुमले बोलने के बाद जो नायक गा रहा है वही दोहराना
शुरू कर देती है जैसे कोई ट्यूशन लेता हुआ बच्चा मास्टरजी के
पहाडा को याद करते वक्त करता है-दो एकं दो, दो दूनी चार . इसके
बाद नायक एक अंग्रेजी बाजा जिसको हम सेक्सोफोन कहते हैं, बजाना
शुरू कर देता है एक आल राउंडर की तरह. ऐसे होनहार युवकों की
खेल जगत में बहुत ज़रूरत है जो कि समय आने पर किरकिट का
बल्ला छोड़ होकी, फुटबाल वगैरह खेल सकें, ज़रूरत पढ़ने पर नाव का
चप्पू भी चला सकें.

इसी बीच नायक नायिका का परिचय करवा दिया जाए जब तक
सेक्सोफोन की आवाज़ सुनाई देती है. नायक है शम्मी कपूर और
नायिका हैं मुमताज़. अगले ब्रेक में आपको गायक गायिकाओं के
बारे में बतलायेंगे. और लीजिए वही नृत्य फिर से चालू है अंग्रेजी के
ट्विस्ट नृत्य से प्रेरित और इसमें हाथ झटकने की देसी मिलावट है.
इसको करने के पहले बस इतना करना होता है ,हाथ पानी से धो ले
और उसे पोंछें नहीं. बस ट्विस्ट नृत्य करते करते हाथ झटकिये,
हाथ अपने आप सूख जायेंगे. शम्मी कपूर के सर हिलाने की ट्रेडमार्क
अदा को नायिका भी इस गीत में दोहरा रही हैं. इस अदा का फायदा
ये है कि अगर आपके सर पर आटे का खुला डब्बा गिर पड़े तो इस
प्रक्रिया को ३ मिनट तक करने से आपके बालों पर चिपका, गिरा
आटा एकदम झड कर अलग हो जायेगा.

सेक्सोफोन की आवाज़ बंद होते ही कैमरे ने भी झूम के अपना सर
घुमा लिया है और वो पार्टी में मौजूद लोगों की शक्लें पहचानने का
एक मौका दे रहा है.

नायिका उसी अंदाज़ में पंक्तियाँ दोहराती है जिस अंदाज़ में नायक
ने गाना शुरू किया था. नायक "तो क्या" बोलता हुआ बीच में कूद
पड़ता है जैसे किसी खिडकी से कूद कर अंदर आया हो.

बाकी की कमेंट्री चटके(कमेन्ट)लगने के पश्चात उपलब्ध कराई
जायेगी. ......



गीत के बोल:

आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर
सबको मालूम है और सबको खबर हो गयी
आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर
अच्छा !
सबको मालूम है और सबको खबर हो गयी
तो क्या
आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर
सबको मालूम है और सबको खबर हो गयी

हमने तो प्यार में ऐसा काम कर लिया
प्यार की राह में अपना नाम कर लिया
हमने तो प्यार में ऐसा काम कर लिया
प्यार की राह में अपना नाम कर लिया
प्यार की राह में अपना नाम कर लिया

आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर
अच्छा !
सबको मालूम है और सबको खबर हो गयी
तो क्या
आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर
सबको मालूम है और सबको खबर हो गयी

दो बदन एक दिन एक जान हो गए
मंज़िलें एक हुईं हमसफ़र बन गए
दो बदन एक दिन एक जान हो गए
मंज़िलें एक हुईं हमसफ़र बन गए
मंज़िलें एक हुईं हमसफ़र बन गए

आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर
अच्छा !
सबको मालूम है और सबको खबर हो गयी
तो क्या
आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर
सबको मालूम है और सबको खबर हो गयी

क्यों भला हम डरें दिल के मालिक हैं हम
हर जनम में तुझे अपना माना सनम
क्यों भला हम डरें दिल के मालिक हैं हम
हर जनम में तुझे अपना माना सनम
हर जनम में तुझे अपना माना सनम

आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर
अच्छा !
सबको मालूम है और सबको खबर हो गयी
तो क्या
आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर
सबको मालूम है और सबको खबर हो गयी
............................................................................
Ajkal tere mere pyar ke charche-Brahmachari 1968

Artists: Shammi Kapoor, Mumtaz

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Jan 19, 2010

मैं गाऊँ तुम सो जाओ-ब्रह्मचारी १९६८

ये एक लोरी है। पुरुष आवाज़ वाली लोरियां फिल्मों में कम हैं। इस फिल्म
में शम्मी कपूर का चरित्र उनकी छबि के विपरीत अलग सा है। उछल कूद
और गर्दन मटकाने वाले गीतों से जुदा गंभीर भूमिका है जिसमे नायक एक
अनाथ आश्रम के बच्चों की देखभाल करता है। काफी मर्मस्पर्शी गीत है ये
जिसे गाया है रफ़ी ने।

 बोल लिखे हैं शैलेन्द्र ने और धुन तैयार की है संगीतकार शंकर जयकिशन ने।
जिस कलाकार की चोटी पकड़ के शम्मी कपूर किचन में ले जाते हैं उनका नाम
है मोहन चोटी। नायिका राजश्री हैं परदे पर जो केवल दर्शक की तरह सारी
कार्रवाई देख रही हैं। गीत में एक लड़की है जिसका नाम बेबी फ़रीदा है।




गीत के बोल:

ला ला ला रा ला रा ला ला
ला ला ला रा ला रा ला ला
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
सुख सपनो में खो जाओ

मैं गाऊँ तुम सो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
सुख सपनो में खो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ

माना आज की रात है लम्बी
माना दिन था भरी
माना आज की रात है लम्बी
माना दिन था भरी
पर जग बदला, बदलेगी
एक दिन तकदीर हमारी
उस दिन के ख्वाब सजाओ

मैं गाऊँ तुम सो जाओ
सुख सपनो में खो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ

कल तुम जब ऑंखें खोलोगे
जब होगा उजियारा
कल तुम जब ऑंखें खोलोगे
जब होगा उजियारा
खुशियों का संदेसा लेकर
आएगा समय हरकारा
मत आस के दीप बुझाओ

मैं गाऊँ तुम सो जाओ
सुख सपनो में खो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
मैं गाऊँ तुम.. सो जाओ ना

जी करता है जीते जी
मैं यूँ ही गाता जाऊं
जी करता है जीते जी
मैं यूँ ही गाता जाऊं
गर्दिश में थके हारों का
माथा सहलाता जाऊं
फिर एक दिन तुम दोहराओ
फिर एक दिन तुम दोहराओ

सुख सपनो में खो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
..............................................................
Main gaaon tum so jao-Brahmachari 1968

Artists: Shammi Kapoor, Rajshri, Baby Farida

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