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May 23, 2021

ये है सनमखाना-धरतीपुत्र १९९३

कुछ शब्द जो प्रकृति से जुड़े हैं, सदा से हमें आकर्षित करते आये हैं.
पक्षियों के नाम वाले गाने हों या नदी झरने के विवरण वाले, स्मृति
पटल पर अपनी छाप अवश्य छोड़ते हैं.

पॉपुलर संगीत अपने चरम पर होता है जब उसमें ऐसे शब्द और
कैची किस्म की धुन का मिश्रण हो.

फ फ़िल्म धरतीपुत्र दक्षिण के स्टार मैमूटी की हिंदी में पहली फिल्म
थ थी. साथ में उनके जया प्रदा बतौर नायिका हैं.

फिल्म धरतीपुत्र के कुछ गीत आप सुन चुके हैं. अब सुनते हैं
कुछ अनयूज़ुअल शब्द वाला गीत. आपने बावर्चीखाना, पा...
ख खाना-खज़ाना जैसे शब्द सुने होंगे, मगर इसमें प्रयोग कुछ
अलग सा है.




गीत के बोल:

हर किसी का यहाँ पे है आना जाना
हर किसी का यहाँ पे है आना जाना
ये है सनमखाना
ये है सनमखाना
......................................................................
Ye hai sanamkhana-Dharti putra 1993

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Sep 17, 2015

ख़ामोशी है एक बजा है-धरती पुत्र १९९२

फिल्म धरती पुत्र से एक गीत सुनवाते हैं जो एक लोरी सा है.
मल्टीपरपज़ लोरी है ये. धरती पुत्र के कुछ गीत आप सुन चुके
हैं पहले. प्रस्तुत गीत में थोडा दर्द छुपा हुआ है. परदे पर ये
गीत दुःख वाले दृश्य समेटे हुए है.

इस गीत में ममूटी और जया प्रदा नामक कलाकारों के दर्शन होंगे
आपको. साथ में एक बच्चा भी है जिसे मैं पहचान नहीं पा रहा
हूँ. एक और अभिनेत्री हैं इसमें-नगमा.

गीत अलका याग्निक और कुमार सानू ने गाया है. इस गीत के
रचनाकार हैं समीर और इसे संगीत से संवारा है नदीम श्रवण ने.



   

गीत के बोल:

जागते रहो
जागते रहो

ख़ामोशी है एक बजा है
खली रास्ता बोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है
सो जा मेरे मुन्ने राजा
तू क्यूँ आँखें खोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है
सो जा मेरे मुन्ने राजा
तू क्यूँ आँखें खोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है

तू बता तुझको कैसे सुलाऊँ
कौन सी लोरी तुझको सुनाऊँ
तू बता तुझको कैसे सुलाऊँ
कौन सी लोरी तुझको सुनाऊँ
चांदनी ढल गयी
चाँद भी सो गया
देख तनहाइयों में जहाँ खो गया

न कोई झोंका आ रहा है
न कोई पत्ता डोल रहा है
न कोई झोंका आ रहा है
न कोई पत्ता डोल रहा है
सो जा मेरे मुन्ने राजा
तू क्यूँ आँखें खोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है
सो जा मेरे मुन्ने राजा
तू क्यूँ आँखें खोल रहा है
ख़ामोशी है एक बजा है
खाली रास्ता बोल रहा है
जागते रहो
जागते रहो जागते रहो
जागते रहो
………………………………………………………….
Khamoshi hai ek baja hai-Dharti putra 1992

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Jul 25, 2015

मेरा तोहफा तू कर ले कबूल-धरती पुत्र १९९३

एक बुलबुल वाला गीत फिल्म धरती पुत्र से सुन चुके हैं हम
पहले. अब इस फिल्म से दूसरा गीत सुना जाए. इसे ९० के
दशक की युगल गीत गाने वाली सबसे प्रसिद्ध जोड़ी ने गाया
है-कुमार सानू और अलका याग्निक. इकबाल दुर्रानी निर्देशित
इस फिल्म में ममूटी, ऋषि कपूर, फरहा और जया प्रदा हैं.
ममूटी दक्षिण भारत के नामचीन कलाकार हैं.

फिल्म के गीत समीर ने लिखे हैं और फिल्म के संगीतकार हैं
नदीम सैफी और श्रवण राठौड की जोड़ी. गौरतलब है इस जोड़ी
ने लगातार ३ साल तक फिल्मफेयर का पुरस्कार जीता था सन
९१ से सन ९३ तक. सन ९२ में तो उनके दो एल्बम के बीच
ही मुकाबला था-१ साजन एवं २ फूल और कांटे.

गाने कभी मौसम का हाल बताते हैं तो कभी महंगाई का. ये गीत
शायद उन दिनों की रचना है जब सोने के भावों को छू लगी थी
और भाव चढ़ना शुरू हुए थे. गाने में हास्य ज़रूर है. सोने की
जगह चांदी की बात तो समझ आई मगर लहंगे की जगह चुनरी
वाली बात कुछ ऐसी है जैसे कोई चड्डी की जगह बनियान ले
आया हो.





गीत के बोल:


मेरा तोहफा तू कर ले कबूल माफ करना हुई मुझसे भूल
क्यूंकि सोने पे छाई महंगाई मैं चांदी ले आई
क्यूंकि सोने पे छाई महंगाई मैं चांदी ले आई
मेरा तोहफा तू कर ले कबूल माफ करना हुई मुझसे भूल
क्यूंकि लहंगा हुआ बड़ा महंगा मैं चुनरी ले आया
क्यूंकि लहंगा हुआ बड़ा महंगा मैं चुनरी ले आया
मेरा तोहफा तू कर ले कबूल माफ करना हुई मुझसे भूल
क्यूंकि सोने पे छाई महंगाई मैं चांदी ले आई
क्यूंकि सोने पे छाई महंगाई मैं चांदी ले आई

चैन दिल को मेरे यार दे दे ओ मुझको तोहफा नहीं प्यार दे दे
दिलो के बदले तुझे दिल दिया है प्यार मैंने तो तुझसे किया है
छोड़ दे इन बातों को भूल जा सौगातों को
भूल न पायेगा दिल इन हसीन मुलाकातों को
मेरा तोहफा तू कर ले कबूल माफ करना हुई मुझसे भूल
क्यूंकि लहंगा हुआ बड़ा महंगा मैं चुनरी ले आया
क्यूंकि सोने पे छाई महंगाई मैं चांदी ले आई

यहाँ जिसको मिली है मोहब्बत मिल गयी उसको दुनिया की दौलत
रे प्यार किसको है दौलत से मिलता ना साथी है किस्मत से मिलता
छोड़ दूंगा ये जहाँ साथ ना तेरा छोडूंगा
है किया वादा मैंने ये कसम ना तोडूंगा

मेरा तोहफा तू कर ले कबूल माफ करना हुई मुझसे भूल
क्यूंकि सोने पे छाई महंगाई मैं चांदी ले आई
क्यूंकि सोने पे छाई महंगाई मैं चांदी ले आई
मेरा तोहफा तू कर ले कबूल माफ करना हुई मुझसे भूल
क्यूंकि लहंगा हुआ बड़ा महंगा मैं चुनरी ले आया
क्यूंकि लहंगा हुआ बड़ा महंगा मैं चुनरी ले आया
क्यूंकि सोने पे छाई महंगाई मैं चांदी ले आई
क्यूंकि लहंगा हुआ बड़ा महंगा मैं चुनरी ले आया
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Mera Tohfa Tu Karle Kabul-Dharti Putra 1993

Artists: Raj Kapoor Putra, Jaya Prada

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May 2, 2015

बुलबुल बोले अंगना मेरे-धरती पुत्र १९९२

इस फिल्म का नाम आपने बेशक ना सुना हो मगर इस गीत
को आपने एक न एक बार अवश्य सुना होगा. ये एक लोकप्रिय
गीत है अलका याग्निक का गाया हुआ. जितने भी गीत हैं शब्द
बुलबुल वाले, सभी लोकप्रिय हैं कुछ एक को छोड़ कर. इसकी
वजह नहीं समझ आई. पुराने गीत को ही ले लीजिए-क़ैद में है
बुलबुल सैय्याद मुस्कुराए-कितना लोकप्रिय हुआ. उससे पुराना
गीत-मेरा बुलबुल सो रहा है, शोरगुल न मचा आज भी लोकप्रिय
है.




गीत के बोल:

बुलबुल बोले
बुलबुल बोले अंगना मेरे
बुलबुल बोले अंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
पूछे मुझसे कंगना मेरे
पूछे मुझसे कंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे

बागों से कलियों से फिजाओं से पूछूं
खुशबू उडाती इन हवाओं से पूछूं
बागों से कलियों से फिजाओं से पूछूं
खुशबू उडाती इन हवाओं से पूछूं
मौसम मिलन का कब आएगा
कब तक मुझे वो तडपायेगा
मेरा परदेसी पिया कब आएगा
क्या पता क्या पता क्या पता
बुलबुल बोले अंगना मेरे
बुलबुल बोले अंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे

मेरे तो सपनों में है उसका चेहरा
जाने कब आएगा वो बाँध के सेहरा
मेरे तो सपनों में है उसका चेहरा
जाने कब आएगा वो बाँध के सेहरा
बनके दुल्हन मैं मुस्काऊंगी
सज के सजन घर जाऊंगी
सेज सजेगी कब बहकी बहारें
तू बता तू बता तू बता

बुलबुल बोले अंगना मेरे
बुलबुल बोले अंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
पूछे मुझसे कंगना मेरे
पूछे मुझसे कंगना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
तू कब आएगा बता सजना मेरे
.....................................................
Bulbul bole angna mere- Dharti putra 1992

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