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Sep 7, 2017

एक रात की ये प्रीत-फरार १९५५

सन ५५ की फिल्म फरार-देव आनंद इन गोवा से एक गीत
आपने उसना थे कुछ दिन प[एहले. दूसरा सुनिए गीत दत्त
का गाया हुआ.

इसे प्रेम धवन ने लिखा है और संगीतकार वही हैं-अनिल बिश्वास.






गीत के बोल:

एक रात की ये प्रीत एक रात का है गीत
कहीं तोड़ के ये सपने ये रात न जाए बीत

ऐ चाँद न जाना सो ऐ तारो न जाना खो
जो भी हो सो हो जग में एक भोर कभी न हो

ये ऊँचा आसमाँ इक बार जो कह दे हो
तो ये रात माँग लूँ दे के दोनों जहाँ
..........................................................
Ek raat ki ye preet-Faraar 1955

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Aug 29, 2017

जी भर के प्यार कर लो-फरार १९५५

गोवा की संस्कृति और संगीत की झलकें हमने कुछ हिंदी
फिल्मों में देखी हैं. आज सुनते हैं एक ऐसा ही गीत मगर
श्वेत श्याम युग से. ले दे के फिर वहीँ आ पहुंचे-प्यार, बुखार
और आम का अचार. हिंदी फिल्मों के ९५ फ़ीसदी गीत प्यार
इश्क और मुहब्बत को समर्पित हैं. बाकी के ५ फ़ीसदी जो
हैं वो जीवन दर्शन, कॉमेडी और हैप्पी बर्थडे टू सुनीता, टीना,
मीना इत्यादि हैं. इनमें हमने भेलपुरी मिक्स, कांक्रीट मिक्स,
छप्पर-फाड मिक्स इत्यादि नहीं शामिल किये है.

सुनते हैं एक प्यार की नसीहत वाला गीत फिल्म फरार से.
प्रेम धवन के लिखे गीत को गीता दत्त ने गाया है और इसका
संगीत अनिल बिश्वास द्वारा तैयार किया गया है. फरार फिल्म
का एक अंग्रेजी नाम भी है-देव आनंद इन गोवा. इस नाम से
अभिनेता देव आनंद या फिल्म बनाने वालों को क्या फायदा
हुआ इसकी जानकारी नहीं है मुझे.





गीत के बोल:

जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
सुनो ये रात नहीं है एक तीन चार की
सुनो ये रात है बस दो दिलों के प्यार की
जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
सुनो ये रात नहीं है एक तीन चार की
सुनो ये रात है बस दो दिलों के प्यार की

दिल है दीवाना समा सुहाना
दिल है दीवाना समा सुहाना
उफ़ ये जवानी उफ़ ये ज़माना
उफ़ ये जवानी उफ़ ये ज़माना
जब तक हैं झूम सको झूमते जाना
हाय रे झूमते जाना
जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
सुनो ये रात नहीं है एक तीन चार की
सुनो ये रात है बस दो दिलों के प्यार की

रंगीं फ़िज़ायें मस्त हवायें
रंगीं फ़िज़ायें मस्त हवायें
कल कौन जाने आये न आये
कल कौन जाने आये न आये

जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
सुनो ये रात नहीं है एक तीन चार की
सुनो ये रात है बस दो दिलों के प्यार की

उल्फ़त के प्याले पी ले पिला ले
उल्फ़त के प्याले पी ले पिला ले
कर दे ये दुनिया दिल के हवाले
कर दे ये दुनिया दिल के हवाले

जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
जी भर के प्यार कर लो अँखियाँ दो चार कर लो
सुनो ये रात नहीं है एक तीन चार की
सुनो ये रात है बस दो दिलों के प्यार की
……………………………………………………….
Jee bhar ke pyar kar lo-Faraar 1955

Artist: Geeta Bali

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Jul 19, 2017

दिल चुरा लूँ चुरा लूँ-फरार १९५५

श्वेत श्याम युग में कई फिल्मों के दो नाम हुआ करते थे.
हिंदी वाला और अंग्रेजी वाला, जिसके जो समझ आ जाए.
सन १९५५ की फिल्म फरार का एक और नाम है जो उस
समय के पोस्टरों पर भी होता था-देव आनंद इन गोवा.

इस फिल्म से प्रेम धवन का लिखा और गीता दत्त का गाया
एक गीत सुनते हैं. तर्ज़ अनिल बिश्वास की है. ये एक क्लब
सोंग है जो गीता बाली पर फिल्माया गया है.



गीत के बोल:

दिल चुरा लूँ चुरा लूँ दिल में छुपी बात
बड़े-बड़े दिल वाले भी रह जाएँ मलते हाथ
दिल चुरा लूँ चुरा लूँ दिल में छुपी बात
बड़े-बड़े दिल वाले भी रह जाएँ मलते हाथ
दिल चुरा लूँ

सुबह की अँगड़ाई हूँ मैं रात का हूँ मैं ख़्वाब
सुबह की अँगड़ाई हूँ मैं रात का हूँ मैं ख़्वाब
दुनिया की महफ़िल में हूँ मैं अपना आप जवाब
दुनिया की महफ़िल में हूँ मैं अपना आप जवाब
मुख देखे तो देखे तो चन्दा खाए मात
बड़े-बड़े दिल वाले भी रह जाएँ मलते हाथ
दिल चुरा लूँ चुरा लूँ दिल चुरा लूँ

मुस्कुरा के जिधर देखूँ खिलने लगे फूल
मुस्कुरा के जिधर देखूँ खिलने लगे फूल
आने जाने वाले राही रस्ता जाएँ भूल
आने जाने वाले राही रस्ता जाएँ भूल
मैं चाहूँ तो चाहूँ तो दिन को करूँ रात
बड़े-बड़े दिल वाले भी रह जाएँ मलते हाथ
दिल चुरा लूँ चुरा लूँ दिल चुरा लूँ

भोले-भाले सूरत वाले मतवाले दिलदार
भोले-भाले सूरत वाले मतवाले दिलदार
बच के रहना फिर न कहना किया न ख़बरदार
बच के रहना फिर न कहना किया न ख़बरदार
बड़ी है ज़ालिम है ज़ालिम इन नैनों की घात
बड़े-बड़े दिल वाले भी रह जाएँ मलते हाथ

दिल चुरा लूँ चुरा लूँ दिल में छुपी बात
बड़े-बड़े दिल वाले भी रह जाएँ मलते हाथ
दिल चुरा लूँ
……………………………………………
Dil chura loon-Faraar 1955

Artist: Geeta Bali

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Jan 13, 2011

लोग पीते हैं लड़खड़ाते हैं - फरार १९६५

फरार नाम से कई फ़िल्में बन चुकी हैं। १९५५ से लगा के
सन १९७५ तक हर दस साल के अंतर पर एक फिल्म बनी।
१९८५ में कोई नहीं बनी। चौथी फरार आई ९० के दशक
में। प्रस्तुत श्वेत श्याम युग के गीत को आदिरूप हेमंत कुमार
गीत कहा जा सकता है।

बंगला सिनेमा के अनिल चटर्जी पर इसे फिल्माया गया है।
कैफ़ी आज़मी के लिखे बोलों कि धुन भी हेमंत कुमार ने ही
बनाई है। इस तरह से वे गायक-संगीतकार दोनों ही हैं इस
गीत के। लोग पीते हैं तो लड़खड़ाते ही हैं मगर साथ साथ
वे क्या करते हैं ये हमें गीतों और गजलों के माध्यम से
आसानी से पता चल जाता है। हीरो दुखी क्यूँ है- क्या उसे
अंग्रेजी दारु की बोतल में देसी ठर्रा भर के परोस दिया गया है
या फिर कोई और वजह, जाने के लिए आपको देखना पड़ेगी
फिल्म फरार।




गीत के बोल:

लोग पीते हैं लड़खड़ाते हैं
दिल से दुनिया का ग़म मिटाते हैं
लोग पीते हैं लड़खड़ाते हैं
दिल से दुनिया का ग़म मिटाते हैं
एक हम हैं के तेरी महफ़िल में
प्यासे आते हैं प्यासे जाते हैं

खुश हैं सब और ख़ुशी नहीं मिलती
जिंदा हैं ज़िन्दगी नहीं मिलती
जल रहे हैं चराग में धोखे
जल रहे हैं चराग में धोखे
और कहीं रौशनी नहीं मिलती
रौशनी का फरेब खाते हैं
रौशनी का फरेब खाते हैं
प्यासे आते हैं प्यासे जाते हैं

लोग पीते हैं लड़खड़ाते हैं

महकी महकी हुयी फ़ज़ा को सलाम
बहकी बहकी हुयी हवा को सलाम
इन बहारों से तो भली है खिज़ां
इन बहारों से तो भली है खिजां
इन बहारों की हर अदा को सलाम
जिनमें सौ ज़ख्म मुस्कुराते हैं
जिनमें सौ ज़ख्म मुस्कुराते हैं
प्यासे आते हैं प्यासे जाते हैं

लोग पीते हैं लड़खड़ाते हैं
दिल से दुनिया का ग़म मिटाते हैं
एक हम हैं के तेरी महफ़िल में
प्यासे आते हैं प्यासे जाते हैं

..........................................
Log peete hain ladkhadate hain-Faraar 1955

Artist: Anil Chatterji

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Jan 7, 2011

हूँ मैं एक नया तराना-फरार १९५५

'नया' थीम और शब्द के ऊपर आपको नए साल कई शुरुआत में एक गीत
सुनवाया
था। एक और गीत सुनिए जिसमे नए तराने के जिक्र है। एक
क्लब
सॉन्ग है ये। एक दाढ़ी वाला स्टेज पर गिटार भांज रहा है। गीता
बाली नृत्य कर रही हैं और परदे पर इसे गा रही हैं। गायिका गीता दत्त ने
पार्श्व गायन किया है। प्रेम धवन के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है संगीतज्ञ
अनिल बिश्वास ने।



गीत के बोल:

हर इक नज़र इधर उधार
है बेक़रार मेरे लिए
महफ़िल का दिल धड़क रहा है बार बार
मेरे लिए

हूँ मैं इक नया तराना इक नया फ़साना
इक नई कहानी हूँ मैं
इक रंग रंगीली इक छैल छबीली
मद मस्त जवानी हूँ मैं
हूँ मैं इक नया तराना इक नया फ़साना
इक नई कहानी हूँ मैं
इक रंग रंगीली इक छैल छबीली
मद मस्त जवानी हूँ मैं
हूँ मैं इक नया तराना

रूप की रानी नाम है मेरा
दिल तडपाना काम है मेरा
रूप की रानी नाम है मेरा
दिल तडपाना काम है मेरा
कोई कहे मतवाली
कोई कहे भोली भाली
कोई कहे दीवानी हूँ मैं
इक रंग रंगीली इक छैल छबीली
मद मस्त जवानी हूँ मैं
हूँ मैं इक नया तराना

मेरी अदाएं मेरे बहाने
कोई ना समझे कोई ना जाने
मेरी अदाएं मेरे बहाने
कोई ना समझे कोई ना जाने
इक पवन झकोला इक उड़न खटोला
इक याद खाली(??) हूँ मैं
इक रंग रंगीली इक छैल छबीली
मद मस्त जवानी हूँ मैं

हूँ मैं इक नया तराना
इक नया फ़साना इक नई कहानी हूँ मैं
इक रंग रंगीली एक छैल छबीली
मदमस्त जवानी हूँ मैं

हूँ मैं एक नया तराना
हूँ मैं

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