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Jan 18, 2018

ओ कन्हैया ओ कन्हैया-कन्हैया १९५९

नूतन पर फिल्माया गया आशा का गाया एक गीत आपने
सुना दो दिन पहले फिल्म सोने की चिड़िया से. आज एक
गीत सुनेंगे जिसे लता मंगेशकर ने गाया है और इस गीत
का संगीत शंकर जयकिशन द्वारा तैयार किया गया है.

सॉफ्ट धुन है गीत की और फिल्म की कहानी में नायक
एक बेवड़ा है उसका भी नाम कन्हैया है जिसके लिए सपने
में आने की इच्छा की जा रही है. ऐसे वाकये आपको फिल्मों
में ही देखने को मिलेंगे.

गीत के पहले मोहक नृत्य है. इसे आप फ़िल्मी भजन
समझ के सुनेंगे तो ज्यादा आनंद आएगा.



गीत के बोल:

ओ कन्हैया ओ कन्हैया आज आना ख़्वाब में
ओ कन्हैया ओ कन्हैया आज आना ख़्वाब में
अपनी राधा को गले से तू लगाना ख़्वाब में

नैन हमारे तेरा मंदिर और ये दिल आरती
और ये दिल आरती
ले गई है दिल हमारा तेरी सूरत साँवरी
तेरी सूरत साँवरी
कह रही है गुनगुना कर मन की कोयल बावरी

ओ कन्हैया ओ कन्हैया आज आना ख़्वाब में
अपनी राधा को गले से तू लगाना ख़्वाब में

जब सुहानी शाम आए याद आए शाम की
याद आए शाम की
जप रही हूँ प्रेम माला मैं तुम्हारे नाम की
मैं तुम्हारे नाम की
तुम नहीं तो मेरी व्याकुल ज़िन्दगी किस काम की

ओ कन्हैया ओ कन्हैया आज आना ख़्वाब में
अपनी राधा को गले से तू लगाना ख़्वाब में

आज पलकों के झरोखों में बुला लूँगी तुझे
मैं बुला लूँगी तुझे
दिल के सिंहासन पे मोहन मैं बिठा लूँगी तुझे
मैं बिठा लूँगी तुझे
दोनों आँखें मींच लूँगी और छुपा लूँगी तुझे

ओ कन्हैया ओ कन्हैया आज आना ख़्वाब में
अपनी राधा को गले से तू लगाना ख़्वाब में
ओ कन्हैया ओ कन्हैया आज आना ख़्वाब में
…………………………………………………………
O Kanhaiya-Kanhaiya 1959

Artist: Nutan

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Sep 1, 2016

रुक जा ओ जाने वाली रुक जा-कन्हैया १९५९

आइये सन १९५९ की फिल्म कन्हैया से अगला गीत सुनें. मुकेश
का गाया ये गीत अन्ताक्षरी कार्यक्रमों का पसंदीदा गीत रहा है
सालों से. अन्ताक्षरी में सबसे पहले वही गीत याद आते हैं जो
लोकप्रियता के शिखर पर होते हैं.

राज कपूर और नूतन पर इसे फिल्माया गया है. अपने ज़माने का
टपोरी गीत है ये. मनचलों के बीच ये गीत काफी लोकप्रिय रहा है.
ठरकी नायक शराब की बोतल लेकर इतना सधा हुआ गीत गा
रहा है कि होश वाले भी शरमा जाएँ.

प्रस्तुत गीत शैलेन्द्र ने लिखा है और इसकी धुन शंकर जयकिशन
ने बनाई है. इसमें ढोलक का सुन्दर प्रयोग हुआ है और गीत के
अंत में मैंडोलिन पर इसी की धुन से समापन होता है.




गीत के बोल:

रुक जा ओ जाने वाली रुक जा
मैं तो राही तेरी मंज़िल का
नज़रों में तेरी मैं बुरा सही
आदमी बुरा नहीं मैं दिल का
आदमी बुरा नहीं मैं दिल का

देखा ही नहीं तुझको
सूरत भी न पहचानी
तू आ के चली छम से
यूँ डूब के दिन पानी
देखा ही नहीं तुझको
सूरत भी न पहचानी
तू आ के चली छम से
यूँ डूब के दिन पानी


रुक जा
रुक जा ओ जाने वाली रुक जा
मैं तो राही तेरी मंज़िल का
नज़रों में तेरी मैं बुरा सही
आदमी बुरा नहीं मैं दिल का
आदमी बुरा नहीं मैं दिल का

मुद्दत से मेरे दिल के
सपनों की तू रानी है
अब तक न मिले लेकिन
पहचान पुरानी है
मुद्दत से मेरे दिल के
सपनों की तू रानी है
अब तक न मिले लेकिन
पहचान पुरानी है

रुक जा
रुक जा ओ जाने वाली रुक जा
मैं तो राही तेरी मंज़िल का
नज़रों में तेरी मैं बुरा सही
आदमी बुरा नहीं मैं दिल का
आदमी बुरा नहीं मैं दिल का

आ प्यार की राहों में
बाहों का सहारा ले
दुनिया जिसे गाती है
उस गीत को दोहरा ले
आ प्यार की राहों में
बाहों का सहारा ले
दुनिया जिसे गाती है
उस गीत को दोहरा ले

रुक जा
रुक जा ओ जाने वाली रुक जा
मैं तो राही तेरी मंज़िल का
नज़रों में तेरी मैं बुरा सही
आदमी बुरा नहीं मैं दिल का
आदमी बुरा नहीं मैं दिल का
...................................................................
Ruk ja o jaane wali-Kanhaiya 1959

Artists: Raj Kapoor, Nutan

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Aug 31, 2016

मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिये-कन्हैया १९५९

आइये एक गीत सुनें सन १९५९ की कन्हैया से. मुकेश का गाया
ये सैड सॉंग काफी फेमस है. हिंगलिश फ़िल्में देख देख के और
उनके अर्ध-अंग्रेजी अर्ध हिंदी बोलों को सुनते सुनते थोड़े कीटाणु
हमारे दिमाग में भी घुस गए हैं. पिछली कुछ पोस्ट में आपने
देखा होगा अंग्रेजी के शब्द आलेख में प्रविष्ट होने लगे हैं. टाइम
की डिमांड का ध्यान रखना बहुत नैसेसरी है.

प्रस्तुत गीत शैलेन्द्र ने लिखा है और इसकी धुन शंकर जयकिशन
द्वारा निर्मित है. मुकेश इसे गा रहे हैं राज कपूर के लिए. बढ़िया
सितार और सरोद के टुकड़ों से गीत शुरू होता है.



गीत के बोल:


मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिये
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मेरा दिल अगर कोई दिल न था
उसे मेरे सामने तोड़ दो
उसे मेरे सामने तोड़ दो

मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिये

मैं ये भूल जाऊँगा ज़िंदगी
कभी मुस्कुराई थी प्यार में
मैं ये भूल जाऊँगा ज़िंदगी
कभी मुस्कुराई थी प्यार में
मैं ये भूल जाऊँगा मेरा दिल
कभी खिल उठा था बहार में
जिन्हें इस जहाँ ने भुला दिया
मेरा नाम उन में ही जोड़ दो
मेरा नाम उन में ही जोड़ दो

मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिये
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिये

तुम्हें अपना कहने की चाह में
कभी हो सके न किसी के हम
तुम्हें अपना कहने की चाह में
कभी हो सके न किसी के हम
यही दर्द मेरे जिगर में है
मुझे मार डालेगा बस ये ग़म
मैं वो गुल हूँ जो न खिला कभी
मुझे क्यूँ न शाख़ से तोड़ दो
मुझे क्यूँ न शाख़ से तोड़ दो

मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिये
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिये
..............................................................................
Mujhe tumse kuchh bhi naa chahiye-Kanhaiya 1959

Artists:Raj Kapoor, Nutan

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